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  • एमपी में ठंड का असर तेज, तापमान 10 डिग्री से नीचे, 8 फरवरी से बदलेगा मौसम

    एमपी में ठंड का असर तेज, तापमान 10 डिग्री से नीचे, 8 फरवरी से बदलेगा मौसम

    भोपाल । वेस्टर्न डिस्टरबेंस और साइक्लोनिक सर्कुलेशन सिस्टम का असर कम होने के कारण मध्य प्रदेश में ठंड बढ़ गई है। उत्तरी हवाओं के प्रभाव से दिन में ठिठुरन अधिक हो गई है और रात का तापमान कई शहरों में 10 डिग्री से नीचे चला गया है।

    मौसम विभाग के अनुसार, एक सप्ताह से प्रदेश में ओले और बारिश का दौर वेस्टर्न डिस्टरबेंस की वजह से जारी था, जो गुरुवार को थम गया। इस दौरान अधिकतम और न्यूनतम तापमान में गिरावट दर्ज की गई। बुधवार-गुरुवार की रात ग्वालियर समेत आठ शहरों में पारा 10 डिग्री से नीचे रहा। वहीं 30 से अधिक जिलों में कहीं हल्का तो कहीं घना कोहरा देखा गया।

    मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, प्रदेश में सबसे ठंडा राजगढ़ रहा, जहां न्यूनतम तापमान 7 डिग्री रहा। इसके अलावा रीवा 7.2, खजुराहो 8.2, दतिया 8.4, दमोह और सतना 9.6 और पचमढ़ी में 9.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

    बड़े शहरों में भोपाल और उज्जैन का तापमान 13 डिग्री, इंदौर 13.2 और जबलपुर 13.5 डिग्री था। ग्वालियर में पारा 9 डिग्री दर्ज किया गया। कोहरे के कारण दिल्ली से आने वाली ट्रेनों के समय में बदलाव आया, विशेषकर मालवा, सचखंड और शताब्दी एक्सप्रेस जैसी ट्रेनों पर असर पड़ा।

    आज सुबह हल्का कोहरा

    मौसम विभाग के अनुसार, शुक्रवार सुबह प्रदेश के कई हिस्सों में हल्का से मध्यम कोहरा रहा। ग्वालियर-चंबल, सागर, रीवा और उज्जैन संभाग के जिलों में इसका असर देखा गया।

    अगले दो दिन का मौसम

    7 फरवरी हल्का कोहरा, बारिश की संभावना नहीं, लेकिन ठंड का असर जारी। 8 फरवरी कई जिलों में हल्का से मध्यम कोहरा, बारिश का अलर्ट नहीं।पश्चिमी हिमालय में 8 फरवरी से नया वेस्टर्न डिस्टरबेंस एक्टिव होगा, जिसका असर फिर से प्रदेश में दिखेगा। 10 फरवरी से मावठा गिरने की संभावना है।

  • 15 साल की सबसे गर्म शुरुआत: फरवरी की ‘सर्द-गर्म’ से सावधान! इन 7 आसान उपायों से बचें फ्लू और बुखार से

    15 साल की सबसे गर्म शुरुआत: फरवरी की ‘सर्द-गर्म’ से सावधान! इन 7 आसान उपायों से बचें फ्लू और बुखार से


    नई दिल्ली। फरवरी का मौसम इस बार बेहद असामान्य है। जनवरी के बाद फरवरी की शुरुआत भी पिछले 15 सालों में सबसे गर्म रिकॉर्ड तोड़ रही है। दिन में तेज धूप और शाम को ठंडी हवा—इस ‘सर्द-गर्म’ के कारण शरीर की रोग-प्रतिरोधक क्षमता कमजोर हो रही है और लोग जल्दी बीमार पड़ रहे हैं। डॉक्टरों का कहना है कि धूप से लौटते ही पंखा/एसी चलाना या तुरंत ठंडा पानी पीना सर्द-गर्म का मुख्य कारण बन सकता है।

    फ्लू और सर्दी-जुकाम से बचने के लिए साफ-सफाई सबसे बड़ा हथियार है। विशेषज्ञों के अनुसार, हाथों को साबुन से धोना, खांसते/छींकते समय रुमाल का उपयोग और बार-बार नाक-आंख छूने से बचना जरूरी है। साथ ही घर का बना ताजा भोजन, हल्दी वाला दूध, गुनगुना पानी, और सही पहनावा इस मौसम में सेहत बनाए रखने में मददगार है।

    बच्चे और बुजुर्ग इस मौसम में ज्यादा प्रभावित होते हैं। अगर दो दिन से अधिक बुखार, कफ या कमजोरी बनी रहे तो इसे हल्के में न लें और डॉक्टर से तुरंत सलाह लें।

  • फरवरी की 'सर्द-गर्म' से रहें सावधान: 15 सालों में सबसे गर्म शुरुआत, बीमारियों से बचने के लिए अपनाएं ये जरूरी टिप्स

    फरवरी की 'सर्द-गर्म' से रहें सावधान: 15 सालों में सबसे गर्म शुरुआत, बीमारियों से बचने के लिए अपनाएं ये जरूरी टिप्स


    नई दिल्ली। फरवरी का महीना आते ही प्रकृति करवट बदलने लगती है। इस साल मौसम का मिजाज कुछ ज्यादा ही हैरान करने वाला है; जहाँ जनवरी पिछले छह सालों में सबसे गर्म रहा, वहीं फरवरी की शुरुआत ने भी पिछले 15 सालों का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। दिन में चुभती धूप और शाम होते ही सर्द हवाओं का यह ‘डबल अटैक’ शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता (Immunity) पर सीधा हमला करता है। ऐसे में थोड़ी सी भी लापरवाही आपको अस्पताल पहुँचा सकती है।

    धूप से आकर तुरंत न चलाएं पंखा दोपहर के वक्त बाहर से आने पर अक्सर शरीर का तापमान बढ़ जाता है और हम तुरंत पंखा चला लेते हैं या एसी की तलाश करते हैं। डॉक्टर चेतावनी देते हैं कि ऐसा करना ‘सर्द-गर्म’ का मुख्य कारण बनता है। जब आप बाहर से आएं, तो कम से कम 10-15 मिनट शांति से बैठें ताकि शरीर का तापमान प्राकृतिक रूप से सामान्य हो जाए। इसी तरह, तेज धूप से लौटकर तुरंत ठंडा पानी पीना गले के संक्रमण और तेज बुखार को न्योता देना है।

    साफ-सफाई: फ्लू से बचने का सबसे बड़ा हथियार बदलते मौसम में वायरस और बैक्टीरिया तेजी से पनपते हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, संक्रमण से बचने के लिए हाथों की स्वच्छता (Hand Hygiene) सबसे महत्वपूर्ण है। अपनी हथेलियों, उंगलियों और नाखूनों को नियमित रूप से साबुन से धोएं। खांसते या छींकते समय रुमाल का प्रयोग करें और हाथों से बार-बार नाक या आंखों को छूने से बचें।

    सेहत बनाए रखने के अचूक उपाय: इस संक्रमण काल में खुद को सुरक्षित रखने के लिए अपनी दिनचर्या में ये छोटे बदलाव जरूर करें:
    बाहर के खुले या जंक फूड से परहेज करें और घर का बना ताजा भोजन ही लें।
    रात को सोने से पहले एक गिलास हल्दी वाला दूध पिएं, यह प्राकृतिक एंटीबायोटिक का काम करता है।कफ या गले में खराश महसूस होने पर केवल गुनगुना पानी ही पिएं।

     सुबह और शाम की ठंड को हल्के में न लें; पूरी बाजू के कपड़े पहनें। पैरों में संक्रमण से बचने के लिए अब बंद जूतों की जगह खुली चप्पलों का चुनाव किया जा सकता है।

    डॉक्टर की सलाह कब लें? बदलते मौसम में बच्चे और बुजुर्ग सबसे जल्दी संक्रमण की चपेट में आते हैं। यदि आपको या परिवार में किसी को भी दो दिन से अधिक समय तक बुखार, लगातार कफ या शरीर में अत्यधिक कमजोरी महसूस हो, तो इसे ‘मौसमी असर’ मानकर नजरअंदाज न करें। तुरंत अपने नजदीकी डॉक्टर से परामर्श लें ताकि समय रहते सही उपचार शुरू हो सके।

    फरवरी में दिन की गर्मी और रात की ठंड के कारण ‘सर्द-गर्म’ की समस्या बढ़ रही है। 15 साल की सबसे गर्म शुरुआत के बीच सर्दी-जुकाम और फ्लू का खतरा है। बचाव के लिए धूप से आकर तुरंत ठंडा पानी न पिएं, स्वच्छता का ध्यान रखें और इम्यूनिटी बढ़ाने के लिए हल्दी वाले दूध का सेवन करें।

  • आपके लिए खतरनाक हो सकता है फरवरी का महीना, बदलते मौसम में ऐसे रखें अपना खयाल

    आपके लिए खतरनाक हो सकता है फरवरी का महीना, बदलते मौसम में ऐसे रखें अपना खयाल


    नई दिल्ली । फरवरी आते ही मौसम काफी तेजी में बदलने लगता है. दिन में हल्की गर्मी होती है तो रात के वक्त ठंडी हवा चलती है. ऐसे में जो लोग दोपर के वक्त बाहर से आते हैं उन्हें अचानक से गर्मी लगने लगती है. इस बदलते मौसम में अक्सर लोग बीमार पड़ जाते हैं. इसके कारण सर्द-गर्म जैसा एहसास होता है.

    जिसके चलते आपको बुखार भी महसूस हो सकता है. इसलिए इस मौसम जब भी बाहर जाए या आएं तो गर्मी महसूस हो तो पंखा न चलाएं बल्कि कुछ देर ऐसे ही आराम से बैठे. कुछ देर रिलैक्स होकर बैठने से आपके शरीर का टेंपरेचर खुद नॉर्मल हो जाएगा. दिन में इतनी तेज धूप हो रही है कि जैकेट,स्वेटर पहनना मुश्किल हो चुका है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि फरवरी में सर्द-गर्म शरीर के लिए कितना खतरनाक है. आज हम आपको इसके बारे में बताएंगे.

    साफ-सफाई का रखें खास ध्यान

    सर्दी-जुकाम के साथ-साथ फ्लू जैसी गंभीर बीमारियों से बचने के लिए खुद के साफ-सफाई का खास ध्यान रखें. जो लोग हमेशा गंदा रहते हैं या जो लोग खांसते या छींकते या पूरे टाइम नाक को हाथों से पोंछते हैं. ऐसे लोग जल्दी बीमारी पड़ते हैं. जो लोग अपने हाथों को साबुन से साफ नहीं करते हैं वो बार-बार बीमार पड़ते हैं. डॉक्टर का मानना है कि हथेली, उंगली और हाथों के पीछे का हिस्सा और नाखून को साबुन से धोएं.

    गर्मी की शुरूआत

    फरवरी महीने की शुरूआत को अभी सिर्फ दो दिन ही बीता है. लेकिन गर्मी जैसे अप्रैल का एहसास दिला रहा है. दिन के वक्त धूप इतनी तेज हो रही है कि आम इंसान धूप से आने के तुरंत बाद ठंडा पानी पी रहा है, जो नुकसान कर जा रहा है. क्या आप जानते हैं कि फरवरी में ठंडी-गर्मी के कारण शरीर पर इसका क्या असर पड़ता है. आज हम आपको बताएंगे कि आप कैसे सर्द-गर्म मौसम में खुद को सुरक्षित रख सकते हैं.

    जनवरी भी था गर्म महीना?

    बता दें कि इस साल 2025 में जनवरी का महीना भी गर्म था. जी हां, जनवरी का महीना बीते छह सालों में सबसे गर्म रहा है, वहीं फरवरी की शुरुआत भी 15 सालों में सबसे गर्म रही है. हालांकि अभी मौसम बदलने का अनुमान है. लेकिन सुबह के वक्त थोड़ी ठंडी और दिन के वक्त गर्मी का शरीर पर बुरा असर पड़ता है.

    ऐसे रखें सेहत का ख्याल

    ऐसे मौसम में खाना खाने से पहले हाथ अच्छे से धोना चाहिए.
    वहीं दिन में गर्मी और रात में ठंडी में से आकर तुरंत पानी मत पिएं.
    इस मौसम में बाहरी फूड ना खाएं, घर का बना भोजन ही करें.
    गर्मी बढ़ने के साथ खुली चप्पल पहनना चाहिए, जिससे पैरों में संक्रमण नहीं फैलेगा.
    इम्यूनिटी को मजबूत करने के लिए रोज रात हल्दी वाला दूध पीना चाहिए.
    इस मौसम में कफ होने पर गुनगुना पानी पीना चाहिए.
    वहीं सुबह के वक्त एक दम खुली ठंडी हवा में नहीं जाना चाहिए.

    डॉक्टर से संपर्क

    ठंड-गर्म के कारण इस मौसम में कई बार खासकर के बच्चे और बूढ़ें संक्रमित होते हैं. हेल्थ एक्सपर्ट के मुताबिक इस इस मौसम में अगर दो दिन से अधिक तक बुखार,कफ या अन्य कोई संक्रमण का खतरा महसूस होता है, तो तुरंत अपने निजी डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए, इस दौरान अपनी सारी समस्याओं के बारे में बताना चाहिए, जिससे उचित समय पर परामर्श मिल सके.