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  • देश की खुदरा महंगाई दर फरवरी में बढ़कर 3.2 फीसदी के स्तर पर आई

    देश की खुदरा महंगाई दर फरवरी में बढ़कर 3.2 फीसदी के स्तर पर आई


    नई दिल्ली।
    फरवरी महीने में खुदरा महंगाई दर बढ़कर 3.21 फीसदी पर पहुंच गई है, जबकि जनवरी महीने में यह 2.74 फीसदी के स्तर पर रही थी। महंगाई के यह आंकड़े आधार वर्ष 2024 वाली नई श्रृंखला पर आधारित हैं।फरवरी महीने में खुदरा महंगाई दर बढ़कर 3.21 फीसदी पर पहुंच गई है, जबकि जनवरी महीने में यह 2.74 फीसदी के स्तर पर रही थी। महंगाई के यह आंकड़े आधार वर्ष 2024 वाली नई श्रृंखला पर आधारित हैं।

    सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय ने गुरुवार को राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (एनएसओ) की ओर से जारी आंकड़ों में बताया कि खुदरा महंगाई दर में यह वृद्धि मुख्य रूप से खाद्य, पेय पदार्थ, और ईंधन की कीमतों में तेजी के कारण आई है, जो 2024 आधार वर्ष वाली नई श्रृंखला के तहत दर्ज की गई है। आंकड़ों के अनुसार फरवरी में ग्रामीण इलाकों में खुदरा महंगाई दर 3.37 फीसदी रही है, जो कि जनवरी महीने में 2.73 फीसदी थी। शहरी इलाकों में फरवरी में खुदरा महंगाई दर 3.02 फीसदी रही, जो कि शहरी इलाकों में 2.75 फीसदी रही थी।

    एनएसओ के मुताबिक खाद्य महंगाई दर फरवरी में 3.47 फीसदी रही है। इस दौरान ग्रामीण इलाकों में खाद्य महंगाई दर 3.46 फीसदी और शहरी इलाकों में 3.48 फीसदी रही है। मुख्य रूप से खाद्य पदार्थों (सब्जियों, मांस, मछली, अंडे) की कीमतों में बढ़ोतरी के कारण महंगाई में यह उछाल आया है। यह दर रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया की 2-6 फीसदी की लक्षित सीमा के भीतर है।

  • फरवरी में जीएसटी राजस्व संग्रह 8.1 फीसदी बढ़कर 1.83 लाख करोड़ रुपये

    फरवरी में जीएसटी राजस्व संग्रह 8.1 फीसदी बढ़कर 1.83 लाख करोड़ रुपये


    नई दिल्ली।
    देश का सकल माल एवं सेवा कर (जीएसटी) राजस्व संग्रह फरवरी में सालाना आधार पर 8.1 फीसदी बढ़कर 1.83 लाख करोड़ रुपये से अधिक रहा है। इससे पिछले महीने जनवरी में जीएसटी राजस्व संग्रह 1.71 लाख करोड़ रुपये रहा था। बीते वर्ष की समान अवधि में यह 1.69 लाख करोड़ रुपये था।

    जीएसटी महानिदेशालय ने रविवार को जारी आंकड़ों में बताया कि फरवरी महीने में सकल माल एवं सेवा कर (जीएसटी) जीएसटी राजस्व संग्रह में आयात से प्राप्त राजस्व में हुई उच्च वृद्धि का मुख्य योगदान रहा है। आंकड़ों के अनुसार फरवरी के कुल जीएसटी राजस्व संग्रह में केंद्रीय जीएसटी (सीजीएसटी) 37,473 करोड़ रुपये रहा है, राज्य जीएसटी (एसजीएसटी) 45,900 करोड़ रुपये रहा है। इस दौरान एकीकृत जीएसटी (आईजीएसटी) 1,00,236 करोड़ रुपये रहा।

    आंकड़ों के मुताबिक फरवरी महीने में शुद्ध जीएसटी राजस्व संग्रह 1.61 लाख करोड़ रुपये से अधिक रहा है जो पिछले साल की इसी अवधि की तुलना में 7.9 फीसदी अधिक है। शुद्ध उपकर राजस्व 5,063 करोड़ रुपये रहा है, जो पिछले साल फरवरी में 13,481 करोड़ रुपये रहा था। फरवरी में 22,595 करोड़ रुपये का रिफंड जारी किया गया, जो सलाना आधार पर 10.2 फीसदी की वृद्धि है।

    वित्त वर्ष 2025-26 की शुरुआत से लेकर अब तक (1 अप्रैल, 2025 से 1 फरवरी, 2026 तक) जीएसटी राजस्व संग्रह 20,27,033 करोड़ रुपये रहा है। इसमें सालाना आधार पर 8.3 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई है, जबकि पिछले साल की समान अवधि में जीएसटी राजस्व संग्रह 18,71,670 करोड़ रुपये था। फरवरी में महाराष्ट्र, गुजरात, तमिलनाडु और कर्नाटक में सबसे अधिक जीएसटी राजस्व संग्रह दर्ज किया गया है। लद्दाख, मिजोरम, नागालैंड और मणिपुर उन राज्यों में शामिल थे जहां सबसे कम जीएसटी राजस्व संग्रह हुआ है।

  • पांच फरवरी से आरंभ होंगे मांगलिक कार्यक्रम, बजेंगी शहनाईयां

    पांच फरवरी से आरंभ होंगे मांगलिक कार्यक्रम, बजेंगी शहनाईयां

    ग्वालियर । गत 14 जनवरी को सूर्य के मकर राशि में प्रवेश करने के साथ खरमास की समाप्ति हो गई है। अब आगामी 5 फरवरी से मांगलिक कार्य आरंभ हो जाएंगे और एक बार फिर से शहनाईयां गूंज उठेंगी।

    ज्योतिषाचार्य डॉ. सतीश सोनी ने बताया कि मकर संक्रांति के बाद शुभ और मांगलिक कार्य शुरू हो जाते है, लेकिन शुक्र के अस्त होने के कारण शादियों के मुहूर्त फरवरी के शुरुआती हफ्तों से शुरू होंगे, मुख्य रूप से 5 फरवरी से मांगलिक कार्यों का दौर शुरू होगा।

    उन्होंने बताया कि 23 जनवरी को बसंत पंचमी रहेगा अबूझ मुहूर्त: वसंत पंचमी का दिन शुभ होता है। इस दिन ज्ञान की देवी सरस्वती की पूजा करते हैं। वसंत पंचमी पर पूरे दिन अबूझ मुहूर्त रहता है, जिसकी वजह से इस दिन लोग विवाह, गृह प्रवेश, मुंडन, उपनयन, प्रॉपर्टी खरीद आदि करते हैं। इस दिन इन कार्यों को करने के लिए पंचांग देखने की जरूरत नहीं होती है। जो लोग अन्य मुहूर्त पर अपना शुभ कार्य नहीं कर पाते हैं, वे वसंत पंचमी पर अबूझ मुहूर्त में कर लेते हैं। लेकिन इस बार आप वसंत पंचमी पर कोई शुभ कार्य करने की सोच रहे हैं तो बसंत पंचमी के दिन कर सकते है।