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  • भारतीय शेयर बाजार में गिरावट, सेंसेक्स 325 अंक टूटा और निफ्टी 24,100 के नीचे बंद हुआ, निवेशकों में सतर्कता बढ़ी

    भारतीय शेयर बाजार में गिरावट, सेंसेक्स 325 अंक टूटा और निफ्टी 24,100 के नीचे बंद हुआ, निवेशकों में सतर्कता बढ़ी

    नई दिल्ली ।भारतीय शेयर बाजार बुधवार को कारोबारी सत्र के अंत में लाल निशान में बंद हुआ। वैश्विक बाजारों में कमजोरी और प्रमुख आर्थिक घटनाक्रमों से पहले निवेशकों की सतर्कता का असर घरेलू इक्विटी बाजार पर दिखाई दिया। कारोबार समाप्त होने पर सेंसेक्स 325.78 अंक यानी 0.42 प्रतिशत की गिरावट के साथ 76,909.68 अंक पर बंद हुआ। वहीं निफ्टी 76.60 अंक यानी 0.32 प्रतिशत कमजोर होकर 24,078.30 अंक पर रहा।

    बाजार में बुधवार को व्यापक स्तर पर बिकवाली का दबाव देखने को मिला। प्रमुख सेक्टोरल सूचकांकों में निफ्टी इंडिया डिफेंस सबसे अधिक प्रभावित रहा और इसमें 1.49 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। इसके बाद निफ्टी एनर्जी 1.18 प्रतिशत कमजोर हुआ। मीडिया, पीएसई, इंफ्रास्ट्रक्चर और कमोडिटीज से जुड़े सूचकांक भी गिरावट के साथ बंद हुए।

    इसके अलावा निफ्टी एफएमसीजी, इंडिया मैन्युफैक्चरिंग, ऑयल एंड गैस, हेल्थकेयर, ऑटो, सर्विसेज, फार्मा और कंजप्शन सूचकांकों में भी कमजोरी रही। इससे संकेत मिला कि बाजार में दबाव केवल कुछ चुनिंदा शेयरों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि कई प्रमुख क्षेत्रों में निवेशकों ने बिकवाली की।

    हालांकि आईटी और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स सेक्टर ने बाजार की व्यापक कमजोरी के बीच कुछ राहत दी। दोनों सूचकांक हरे निशान में बंद हुए। कमजोर रुपये और कुछ शेयरों में वैल्यू बाइंग से आईटी कंपनियों को समर्थन मिलने की बात बाजार जानकारों ने कही।

    लार्जकैप शेयरों के अलावा मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी दबाव देखा गया। निफ्टी मिडकैप 100 सूचकांक 130.65 अंक यानी 0.21 प्रतिशत गिरकर 63,408.75 अंक पर बंद हुआ। निफ्टी स्मॉलकैप 100 में 101.70 अंक यानी 0.51 प्रतिशत की कमजोरी रही और यह 19,707.15 अंक पर रहा।

    सेंसेक्स में कुछ शेयरों ने बाजार की गिरावट को सीमित करने की कोशिश की। एचसीएल टेक, इटरनल, कोटक महिंद्रा बैंक, सन फार्मा, टाइटन, टीसीएस, इंफोसिस और ट्रेंट बढ़त के साथ बंद हुए। दूसरी ओर पावर ग्रिड, बजाज फाइनेंस, एलएंडटी, आईटीसी, हिंदुस्तान यूनिलीवर, बीईएल और इंडिगो में गिरावट दर्ज की गई।

    इसके अलावा एसबीआई, एक्सिस बैंक, एनटीपीसी, आईसीआईसीआई बैंक, टेक महिंद्रा, टाटा स्टील, भारती एयरटेल और एचडीएफसी बैंक भी कमजोर होकर बंद हुए। बैंकिंग, वित्तीय और औद्योगिक क्षेत्र के कई प्रमुख शेयरों में बिकवाली का दबाव बाजार की कमजोरी का एक कारण रहा।

    बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक अमेरिकी फेडरल रिजर्व की बैठक के मिनट्स जारी होने से पहले निवेशकों ने सतर्क रुख अपनाया। बाजार में यह चिंता बनी हुई है कि महंगाई को नियंत्रित करने के लिए अमेरिकी केंद्रीय बैंक मौद्रिक नीति को लेकर सख्त रुख बनाए रख सकता है। इससे वैश्विक स्तर पर जोखिम वाली परिसंपत्तियों पर दबाव बढ़ सकता है।

    इसके साथ ही अमेरिका और ईरान के बीच सीजफायर के बाद स्थायी कूटनीतिक समाधान को लेकर अनिश्चितता बनी रहने से कच्चे तेल की कीमतों और बॉन्ड यील्ड पर भी नजर बनी हुई है। ऊंचे क्रूड और बॉन्ड यील्ड का असर निवेशकों की धारणा पर पड़ रहा है। एशियाई बाजारों में कमजोरी ने भी भारतीय बाजार पर दबाव बढ़ाया।

    बाजार में गिरावट के बावजूद कुछ निवेशकों की ओर से चुनिंदा शेयरों में वैल्यू बाइंग देखने को मिली। कमजोर रुपये से आईटी कंपनियों को संभावित लाभ की उम्मीद ने इस क्षेत्र के कुछ शेयरों को समर्थन दिया। हालांकि वैश्विक संकेतों और आगामी अमेरिकी फेड मिनट्स को लेकर बाजार में सावधानी बनी हुई है। ऐसे में आने वाले कारोबारी सत्रों में वैश्विक बाजारों की दिशा, कच्चे तेल की कीमत और विदेशी निवेशकों की गतिविधियां भारतीय शेयर बाजार के लिए महत्वपूर्ण कारक रहेंगी।

  • सोना 1.54 लाख रुपये के पार, चांदी 2.35 लाख पर पहुंची, घरेलू बाजार में कीमती धातुओं की कीमतों में तेज उछा

    सोना 1.54 लाख रुपये के पार, चांदी 2.35 लाख पर पहुंची, घरेलू बाजार में कीमती धातुओं की कीमतों में तेज उछा

    नई दिल्ली । सोने और चांदी की कीमतों में सोमवार को मजबूत तेजी दर्ज की गई। घरेलू सराफा बाजार में दोनों कीमती धातुओं के भाव में करीब 1,800 रुपये तक की बढ़ोतरी हुई। इस तेजी के बाद 24 कैरेट सोने की कीमत 1.54 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के पार पहुंच गई, जबकि चांदी का भाव भी 2.35 लाख रुपये प्रति किलोग्राम से ऊपर चला गया। अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी दोनों धातुओं की कीमतों में बढ़त रही, जिसका असर घरेलू बाजार पर दिखाई दिया।

    घरेलू बाजार में 24 कैरेट सोने का भाव 1,804 रुपये बढ़कर 1,54,167 रुपये प्रति 10 ग्राम हो गया। इससे पहले सोना 1,52,363 रुपये प्रति 10 ग्राम पर कारोबार कर रहा था। एक ही कारोबारी सत्र में इतनी बढ़ोतरी से सोने की कीमत ने फिर ऊंचे स्तर की ओर रुख किया है। निवेशकों के साथ आभूषण बाजार की नजर भी अब आगे की कीमतों पर बनी हुई है।

    22 कैरेट सोने की कीमत में भी तेजी रही। इसका भाव 1,652 रुपये बढ़कर 1,41,217 रुपये प्रति 10 ग्राम हो गया, जबकि इससे पहले कीमत 1,39,565 रुपये थी। इसी तरह 18 कैरेट सोना 1,353 रुपये महंगा होकर 1,15,625 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया। पिछले कारोबारी स्तर पर इसकी कीमत 1,14,272 रुपये थी।

    चांदी ने भी सोमवार के कारोबार में मजबूती दिखाई। इसकी कीमत 1,800 रुपये बढ़कर 2,35,642 रुपये प्रति किलोग्राम हो गई। इससे पहले चांदी 2,33,842 रुपये प्रति किलोग्राम पर थी। चांदी में यह तेजी ऐसे समय में आई है, जब औद्योगिक मांग और निवेश से जुड़े कारकों के कारण वैश्विक बाजार में भी इस धातु की कीमतों पर लगातार नजर बनी हुई है।

    हाजिर बाजार के अलावा वायदा कारोबार में भी सोने और चांदी की कीमतों में तेजी रही। एमसीएक्स पर 5 अक्टूबर 2026 के सोने के अनुबंध में 1,419 रुपये यानी 0.92 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज हुई और भाव 1,55,925 रुपये प्रति 10 ग्राम पहुंच गया। इससे घरेलू वायदा बाजार में भी खरीदारी का रुख मजबूत रहने का संकेत मिला।

    चांदी के वायदा अनुबंध में भी बढ़त दर्ज की गई। 4 सितंबर 2026 का अनुबंध 2,419 रुपये यानी 1.03 प्रतिशत की तेजी के साथ 2,38,343 रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गया। हाजिर और वायदा दोनों बाजारों में एक साथ तेजी से कीमती धातुओं के कारोबार में मजबूती का संकेत मिला है।

    अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोने और चांदी की कीमतों में बढ़ोतरी देखी गई। कॉमेक्स पर सोना 0.83 प्रतिशत बढ़कर 4,474 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया। वहीं चांदी में 2.05 प्रतिशत की तेजी रही और इसका भाव 66.43 डॉलर प्रति औंस दर्ज किया गया। वैश्विक बाजार की यह मजबूती घरेलू कीमतों को भी समर्थन देती दिखाई दी।

    बाजार विशेषज्ञों की नजर अब अमेरिकी फेडरल रिजर्व की बैठक के मिनट्स पर है। निवेशकों को उम्मीद है कि इससे ब्याज दरों की आगे की दिशा और मौद्रिक नीति को लेकर संकेत मिल सकते हैं। ब्याज दरों से जुड़े संकेत वैश्विक स्तर पर सोने की मांग और कीमतों को प्रभावित कर सकते हैं। ऐसे में आने वाले दिनों में अंतरराष्ट्रीय बाजार, फेड के रुख और निवेशकों की गतिविधियां सोने तथा चांदी की अगली चाल के लिए महत्वपूर्ण रहेंगी।

  • अमेरिका-ईरान तनाव के बीच सोना-चांदी चमके, सुरक्षित निवेश की मांग बढ़ने से घरेलू बाजार में कीमतें उछलीं

    अमेरिका-ईरान तनाव के बीच सोना-चांदी चमके, सुरक्षित निवेश की मांग बढ़ने से घरेलू बाजार में कीमतें उछलीं

    नई दिल्ली ।अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव तथा वैश्विक बाजारों में सुरक्षित निवेश की मांग के बीच बुधवार को सोने और चांदी की कीमतों में मजबूती देखने को मिली। घरेलू व अंतरराष्ट्रीय बाजारों में कीमती धातुओं में खरीदारी बढ़ी, जबकि निवेशकों की नजर अमेरिका के महंगाई आंकड़ों पर बनी हुई है। इन आंकड़ों से आगे अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ब्याज दर नीति को लेकर संकेत मिलने की उम्मीद है।

    मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज यानी एमसीएक्स पर अक्टूबर डिलीवरी वाला गोल्ड फ्यूचर्स पिछले बंद भाव 1,53,765 रुपये की तुलना में 1,182 रुपये की बढ़त के साथ 1,54,947 रुपये प्रति 10 ग्राम पर खुला। कारोबार के दौरान सोना 1,54,950 रुपये के उच्चतम स्तर तक पहुंच गया। इसका निचला स्तर 1,54,323 रुपये रहा।

    कारोबार के दौरान सोने में 0.77 प्रतिशत तक की बढ़त दर्ज की गई। खबर लिखे जाने तक सोना 895 रुपये यानी 0.58 प्रतिशत की तेजी के साथ 1,54,660 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर कारोबार कर रहा था। हालांकि सोना इस वर्ष के 1,80,779 रुपये प्रति 10 ग्राम के रिकॉर्ड उच्च स्तर से अभी काफी नीचे है।

    चांदी में भी मजबूत तेजी देखने को मिली। एमसीएक्स पर सितंबर डिलीवरी वाला सिल्वर फ्यूचर्स 2,35,659 रुपये के पिछले बंद भाव के मुकाबले 2,314 रुपये की बढ़त के साथ 2,37,973 रुपये प्रति किलोग्राम पर खुला। कारोबार के दौरान चांदी 2,38,271 रुपये के उच्चतम स्तर तक पहुंची।

    चांदी का इंट्रा-डे उच्च स्तर पिछले बंद भाव से 1.10 प्रतिशत यानी 2,612 रुपये अधिक रहा। इसका निचला स्तर 2,36,500 रुपये दर्ज किया गया। खबर लिखे जाने तक चांदी 1,241 रुपये यानी 0.53 प्रतिशत की तेजी के साथ 2,36,900 रुपये प्रति किलोग्राम पर कारोबार कर रही थी।

    अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी कीमती धातुओं में मजबूती रही। कॉमेक्स पर सोना 4,430 डॉलर प्रति औंस पर खुलने के बाद 4,473.50 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच गया। यह पिछले बंद भाव की तुलना में 32.40 डॉलर की बढ़त को दर्शाता है।

    कॉमेक्स पर चांदी 64.87 डॉलर प्रति औंस पर खुली और कारोबार के दौरान 65.90 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच गई। वैश्विक बाजार में चांदी में करीब 0.97 डॉलर प्रति औंस की बढ़त दर्ज हुई। अंतरराष्ट्रीय बाजार की इस मजबूती का असर भारतीय वायदा बाजार में भी दिखाई दिया।

    बाजार में इस समय अमेरिकी उपभोक्ता मूल्य सूचकांक यानी सीपीआई के आंकड़ों को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। महंगाई के आंकड़े फेडरल रिजर्व की आगामी ब्याज दर नीति को प्रभावित कर सकते हैं। यदि महंगाई में नरमी के संकेत मिलते हैं तो ब्याज दरों को लेकर बाजार की उम्मीदों में बदलाव आ सकता है।

    हाल के कमजोर रोजगार आंकड़ों के बाद सितंबर में फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दर बढ़ाने की संभावना घटकर 48 प्रतिशत रह गई है। हालांकि अमेरिकी केंद्रीय बैंक के अधिकारियों के बीच महंगाई को लेकर मतभेद बने हुए हैं। शिकागो फेड के अध्यक्ष ऑस्टन गूल्सबी ने भी महंगाई को चिंता का विषय बताया है।

    सोने और चांदी की कीमतों को प्रभावित करने वाले अन्य प्रमुख कारकों में भू-राजनीतिक तनाव और कच्चे तेल की कीमतें भी शामिल हैं। अमेरिका-ईरान तनाव, होर्मुज जलडमरूमध्य में अनिश्चितता और समुद्री जहाजों से जुड़ी घटनाओं ने ऊर्जा आपूर्ति को लेकर चिंता बढ़ाई है। ऐसे माहौल में निवेशक जोखिम से बचने के लिए कीमती धातुओं की ओर रुख कर रहे हैं, जिससे सोने और चांदी की कीमतों को सहारा मिल रहा है।