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  • रूखे और बेजान बालों को मुलायम बनाने के लिए आजमाएं मेथी का हेयर मास्क, घर पर आसानी से तैयार करें यह उपाय

    रूखे और बेजान बालों को मुलायम बनाने के लिए आजमाएं मेथी का हेयर मास्क, घर पर आसानी से तैयार करें यह उपाय


    नई दिल्ली ।
    रूखे और बेजान बाल अक्सर अपनी प्राकृतिक चमक खो देते हैं और उन्हें संभालना भी मुश्किल हो जाता है। बदलते मौसम, धूल, प्रदूषण, बार बार शैंपू करने और बालों पर अलग अलग तरह के उत्पादों के इस्तेमाल से बालों की नमी कम हो सकती है। ऐसे में घर में आसानी से मिलने वाली मेथी बालों की देखभाल के लिए इस्तेमाल की जाने वाली पारंपरिक सामग्री है। मेथी के दानों से तैयार हेयर मास्क बालों को मुलायम और बेहतर महसूस कराने में मदद कर सकता है।

    मेथी के बीजों में प्रोटीन और कई अमीनो एसिड पाए जाते हैं। बालों की संरचना मुख्य रूप से केराटिन नामक प्रोटीन से बनी होती है। हालांकि बालों पर मेथी लगाने से शरीर में प्रोटीन की कमी पूरी नहीं होती, लेकिन इसका पेस्ट बालों की सतह को कंडीशन करने में मदद कर सकता है। इसलिए रूखे बालों की देखभाल के लिए इसे घरेलू हेयर मास्क के रूप में इस्तेमाल किया जाता है।

    मेथी की एक खास विशेषता पानी में भिगोने के बाद दिखाई देती है। इसके दाने फूलने लगते हैं और उनमें मौजूद घुलनशील फाइबर के कारण एक हल्का चिपचिपा पदार्थ बनता है। यही हिस्सा मेथी के पेस्ट को बालों पर फैलने में मदद करता है। बालों पर इसकी एक पतली परत बन सकती है, जिससे बाल कुछ समय के लिए अधिक चिकने और मुलायम महसूस हो सकते हैं।

    मेथी में आयरन, कैल्शियम और कुछ अन्य पोषक तत्व भी पाए जाते हैं। हालांकि इन पोषक तत्वों की मौजूदगी का मतलब यह नहीं है कि मेथी का पेस्ट सिर पर लगाने से शरीर में पोषण की कमी दूर हो जाएगी। बालों के स्वास्थ्य के लिए संतुलित आहार लेना ज्यादा महत्वपूर्ण है। विशेष रूप से आयरन की कमी होने पर केवल बाहरी हेयर मास्क पर निर्भर नहीं रहना चाहिए।

    मेथी का हेयर मास्क बनाने के लिए सबसे पहले एक या दो चम्मच मेथी के दानों को रातभर पानी में भिगोया जा सकता है। सुबह अतिरिक्त पानी निकालकर नरम हुए दानों को पीस लें। जरूरत के अनुसार थोड़ा पानी मिलाकर गाढ़ा पेस्ट तैयार किया जा सकता है। इस पेस्ट को बाल धोने से पहले बालों की लंबाई पर लगाया जा सकता है।

    पेस्ट को लगभग 20 से 30 मिनट तक बालों पर रखने के बाद सामान्य तरीके से बाल धोए जा सकते हैं। इसे बहुत देर तक सिर पर रखने की जरूरत नहीं है। बालों से पेस्ट निकालते समय अच्छी तरह पानी का इस्तेमाल करना चाहिए, ताकि मेथी के कण बालों में न रह जाएं।

    अगर बाल ज्यादा रूखे हैं तो मेथी के पेस्ट में थोड़ी मात्रा में नारियल तेल मिलाने का विकल्प भी अपनाया जा सकता है। नारियल तेल बालों को कंडीशन करने और उन्हें मुलायम महसूस कराने में मदद कर सकता है। हालांकि हर व्यक्ति के बाल और सिर की त्वचा अलग होती है, इसलिए किसी भी घरेलू नुस्खे का असर सभी पर एक जैसा होना जरूरी नहीं है।

    मेथी का इस्तेमाल करने से पहले सावधानी बरतना भी जरूरी है। पहली बार इसे सिर या बालों पर लगाने से पहले त्वचा के छोटे हिस्से पर थोड़ी मात्रा लगाकर प्रतिक्रिया देखना बेहतर है। यदि खुजली, जलन, लालिमा या किसी तरह की एलर्जी दिखाई दे तो इसका इस्तेमाल बंद कर देना चाहिए।

  • बालों की देखभाल के लिए घर पर बनाएं चावल, मेथी और लौंग का हेयर रिंस, जानें बनाने और लगाने का आसान तरीका

    बालों की देखभाल के लिए घर पर बनाएं चावल, मेथी और लौंग का हेयर रिंस, जानें बनाने और लगाने का आसान तरीका

    नई दिल्ली । बालों की देखभाल के लिए बाजार में कई तरह के प्रोडक्ट उपलब्ध हैं, लेकिन कुछ लोग घर में मौजूद सामान्य सामग्री से तैयार किए गए नुस्खों को भी अपने हेयर केयर रूटीन में शामिल करते हैं। चावल, मेथी और लौंग से तैयार किया जाने वाला हेयर रिंस भी ऐसा ही एक घरेलू विकल्प है, जिसे बनाना आसान है और इसके लिए ज्यादा सामग्री की जरूरत नहीं पड़ती।

    इस होममेड हेयर रिंस को तैयार करने के लिए चावल, मेथी दाना, लौंग और पानी की जरूरत होती है। इसे बनाने से पहले सभी सामग्रियों को अच्छी तरह साफ कर लेना चाहिए। घरेलू नुस्खों का इस्तेमाल करते समय यह ध्यान रखना भी जरूरी है कि किसी भी मिश्रण को बाल झड़ने या स्कैल्प की समस्या का निश्चित इलाज नहीं माना जा सकता।

    रिंस बनाने के लिए सबसे पहले एक कप पानी में करीब चार बड़े चम्मच चावल, एक से दो चम्मच मेथी दाना और कुछ लौंग डालें। इन सभी चीजों को साफ पानी से धोने के बाद एक बर्तन में डालकर करीब छह से आठ घंटे के लिए भिगोकर रखा जा सकता है। इसे रातभर भिगोकर रखने का विकल्प भी अपनाया जा सकता है।

    अगले चरण में इसी मिश्रण को धीमी आंच पर करीब 10 से 15 मिनट तक उबालना होता है। उबालने के बाद गैस बंद कर दें और मिश्रण को सामान्य तापमान पर पूरी तरह ठंडा होने दें। इसके बाद इसे साफ कपड़े या छन्नी की सहायता से अच्छी तरह छान लें, ताकि पानी में किसी सामग्री के टुकड़े न रह जाएं।

    तैयार किए गए रिंस को साफ स्प्रे बोतल में भरकर रखा जा सकता है। हालांकि इसे तैयार करने और स्टोर करने के दौरान साफ-सफाई का ध्यान रखना जरूरी है। घर पर बनाए गए किसी भी मिश्रण को लंबे समय तक रखने के बजाय कम मात्रा में तैयार करके ताजा इस्तेमाल करना बेहतर माना जाता है।

    बाल धोने के बाद इस रिंस को स्कैल्प और बालों की लंबाई पर हल्के हाथों से लगाया जा सकता है। इसे कुछ समय बालों पर रहने देने के बाद साफ पानी से धो लें। पहली बार इस्तेमाल करने वाले लोगों को सीधे ज्यादा मात्रा लगाने के बजाय थोड़ी मात्रा से शुरुआत करनी चाहिए।

    मेथी, चावल और लौंग जैसे घरेलू ingredients को लेकर अलग-अलग पारंपरिक हेयर केयर तरीके प्रचलित हैं, लेकिन इनके प्रभाव व्यक्ति के बालों और स्कैल्प की स्थिति के अनुसार अलग हो सकते हैं। इसलिए इसे बालों की सामान्य देखभाल के विकल्प के तौर पर ही देखना चाहिए।

    अगर इस रिंस के इस्तेमाल के बाद स्कैल्प में खुजली, जलन, लालिमा या किसी अन्य तरह की परेशानी महसूस होती है, तो इसका इस्तेमाल तुरंत बंद कर देना चाहिए। किसी भी घरेलू मिश्रण को लगाने से पहले संवेदनशील त्वचा वाले लोगों को अतिरिक्त सावधानी बरतनी चाहिए।

    बालों का लगातार या सामान्य से काफी अधिक झड़ना किसी अन्य कारण से भी जुड़ा हो सकता है। ऐसी स्थिति में केवल घरेलू नुस्खों पर निर्भर रहने के बजाय समस्या के कारण का पता लगाना जरूरी है। स्कैल्प से जुड़ी परेशानी लंबे समय तक बनी रहे तो विशेषज्ञ की सलाह लेना उचित रहेगा।

  • बालों की देखभाल के लिए घर पर बनाएं चावल, मेथी और लौंग का हेयर रिंस, जानें बनाने और लगाने का आसान तरीका

    बालों की देखभाल के लिए घर पर बनाएं चावल, मेथी और लौंग का हेयर रिंस, जानें बनाने और लगाने का आसान तरीका

    नई दिल्ली । बालों की देखभाल के लिए बाजार में कई तरह के प्रोडक्ट उपलब्ध हैं, लेकिन कुछ लोग घर में मौजूद सामान्य सामग्री से तैयार किए गए नुस्खों को भी अपने हेयर केयर रूटीन में शामिल करते हैं। चावल, मेथी और लौंग से तैयार किया जाने वाला हेयर रिंस भी ऐसा ही एक घरेलू विकल्प है, जिसे बनाना आसान है और इसके लिए ज्यादा सामग्री की जरूरत नहीं पड़ती।

    इस होममेड हेयर रिंस को तैयार करने के लिए चावल, मेथी दाना, लौंग और पानी की जरूरत होती है। इसे बनाने से पहले सभी सामग्रियों को अच्छी तरह साफ कर लेना चाहिए। घरेलू नुस्खों का इस्तेमाल करते समय यह ध्यान रखना भी जरूरी है कि किसी भी मिश्रण को बाल झड़ने या स्कैल्प की समस्या का निश्चित इलाज नहीं माना जा सकता।

    रिंस बनाने के लिए सबसे पहले एक कप पानी में करीब चार बड़े चम्मच चावल, एक से दो चम्मच मेथी दाना और कुछ लौंग डालें। इन सभी चीजों को साफ पानी से धोने के बाद एक बर्तन में डालकर करीब छह से आठ घंटे के लिए भिगोकर रखा जा सकता है। इसे रातभर भिगोकर रखने का विकल्प भी अपनाया जा सकता है।

    अगले चरण में इसी मिश्रण को धीमी आंच पर करीब 10 से 15 मिनट तक उबालना होता है। उबालने के बाद गैस बंद कर दें और मिश्रण को सामान्य तापमान पर पूरी तरह ठंडा होने दें। इसके बाद इसे साफ कपड़े या छन्नी की सहायता से अच्छी तरह छान लें, ताकि पानी में किसी सामग्री के टुकड़े न रह जाएं।

    तैयार किए गए रिंस को साफ स्प्रे बोतल में भरकर रखा जा सकता है। हालांकि इसे तैयार करने और स्टोर करने के दौरान साफ-सफाई का ध्यान रखना जरूरी है। घर पर बनाए गए किसी भी मिश्रण को लंबे समय तक रखने के बजाय कम मात्रा में तैयार करके ताजा इस्तेमाल करना बेहतर माना जाता है।

    बाल धोने के बाद इस रिंस को स्कैल्प और बालों की लंबाई पर हल्के हाथों से लगाया जा सकता है। इसे कुछ समय बालों पर रहने देने के बाद साफ पानी से धो लें। पहली बार इस्तेमाल करने वाले लोगों को सीधे ज्यादा मात्रा लगाने के बजाय थोड़ी मात्रा से शुरुआत करनी चाहिए।

    मेथी, चावल और लौंग जैसे घरेलू ingredients को लेकर अलग-अलग पारंपरिक हेयर केयर तरीके प्रचलित हैं, लेकिन इनके प्रभाव व्यक्ति के बालों और स्कैल्प की स्थिति के अनुसार अलग हो सकते हैं। इसलिए इसे बालों की सामान्य देखभाल के विकल्प के तौर पर ही देखना चाहिए।

    अगर इस रिंस के इस्तेमाल के बाद स्कैल्प में खुजली, जलन, लालिमा या किसी अन्य तरह की परेशानी महसूस होती है, तो इसका इस्तेमाल तुरंत बंद कर देना चाहिए। किसी भी घरेलू मिश्रण को लगाने से पहले संवेदनशील त्वचा वाले लोगों को अतिरिक्त सावधानी बरतनी चाहिए।

    बालों का लगातार या सामान्य से काफी अधिक झड़ना किसी अन्य कारण से भी जुड़ा हो सकता है। ऐसी स्थिति में केवल घरेलू नुस्खों पर निर्भर रहने के बजाय समस्या के कारण का पता लगाना जरूरी है। स्कैल्प से जुड़ी परेशानी लंबे समय तक बनी रहे तो विशेषज्ञ की सलाह लेना उचित रहेगा।

  • हाई कोलेस्ट्रॉल को कहें अलविदा, इन सरल टिप्स से दिल और लिवर दोनों रहेंगे मजबूत

    नई दिल्ली: आज की आधुनिक जीवनशैली में शारीरिक गतिविधि काफी कम हो गई है और ज्यादातर लोग दिनभर एक ही जगह बैठकर काम करते हैं, इस वजह से शरीर धीरे-धीरे कई बीमारियों की चपेट में आने लगता है, खासकर बढ़ता हुआ कोलेस्ट्रॉल आज एक गंभीर स्वास्थ्य चुनौती बन गया है, 30 की उम्र के बाद युवाओं में लिवर और हृदय से जुड़ी दिक्कतें तेजी से देखने को मिल रही हैं, आमतौर पर डॉक्टर इसके लिए दवाएं देते हैं, जो रक्त को पतला करने और हृदय को सुरक्षित रखने में मदद करती हैं, लेकिन आयुर्वेद में भी इस समस्या को नियंत्रित करने के लिए कई प्राकृतिक और असरदार उपाय बताए गए हैं, जिन्हें अपनाकर बिना ज्यादा दवाओं के भी कोलेस्ट्रॉल को संतुलित रखा जा सकता है

    कोलेस्ट्रॉल बढ़ना शरीर में कई खतरों को न्योता देता है, इससे स्ट्रोक और दिल का दौरा पड़ने का जोखिम बढ़ जाता है, शुरुआती स्टेज में इसके लक्षण कम दिखाई देते हैं, लेकिन कुछ संकेत मिल सकते हैं जैसे पलकों पर धब्बे होना, सीने में भारीपन या दर्द महसूस होना, सांस लेने में तकलीफ, थकान और पैरों में ऐंठन की समस्या, अगर समय रहते उपाय किए जाएं तो यह गंभीर नहीं बनता और हृदय स्वास्थ्य को लंबे समय तक सुरक्षित रखा जा सकता है

    सुबह की शुरुआत मेथी के पानी से करना बेहद लाभकारी है, इसके लिए रात को मेथी के दानों को पानी में भिगो दें और इसमें एक कली लहसुन डाल दें, सुबह इसे छानकर पीने से रक्त में जमा कोलेस्ट्रॉल धीरे-धीरे कम होने लगता है और शरीर में कोलेस्ट्रॉल बनने की प्रक्रिया भी धीमी पड़ती है, यदि पसंद हो तो लहसुन को हल्का भूनकर भी सुबह सेवन किया जा सकता है, यह उपाय न केवल हृदय को मजबूत बनाता है बल्कि लिवर की कार्य क्षमता को भी सुधारता है

    नाश्ते में ओट्स का सेवन करने से भी कोलेस्ट्रॉल नियंत्रित रहता है, ओट्स में मौजूद बीटा-ग्लूकन और अलसी का ओमेगा-3 खराब कोलेस्ट्रॉल को बाहर निकालने में मदद करता है और दिल पर पड़ने वाले दबाव को कम करता है, साथ ही राजमा और दालों को अपने आहार में शामिल करें, ये प्रोटीन और फाइबर का बेहतरीन स्रोत हैं, जो कोलेस्ट्रॉल के अवशोषण को रोकते हैं और हृदय को सुरक्षित रखते हैं

    आहार में रिफाइंड तेल का त्याग करना भी बेहद जरूरी है क्योंकि यह कोलेस्ट्रॉल बढ़ने का प्रमुख कारण है, इसके स्थान पर घी, तिल का तेल या जैतून का तेल इस्तेमाल किया जा सकता है, इसके अलावा पानी की पर्याप्त मात्रा लेना और हल्की एक्सरसाइज जैसे चलना या योग करना भी शरीर में खराब कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित करने में मदद करता है, इसके साथ ही तनाव को कम करना और पर्याप्त नींद लेना भी आवश्यक है

    इन उपायों को नियमित दिनचर्या में शामिल करके आप बिना दवा के अपने कोलेस्ट्रॉल को संतुलित रख सकते हैं, इससे न केवल हृदय मजबूत रहेगा बल्कि लिवर भी स्वस्थ रहेगा, सही आहार और प्राकृतिक उपायों के संयोजन से आप अपने स्वास्थ्य को लंबे समय तक सुरक्षित रख सकते हैं और गंभीर बीमारियों के खतरे को कम कर सकते हैं