Tag: Festivals 2026

  • चैत्र अमावस्या 18 मार्च, फिर 15 दिन महोत्सवों की भरमार, नवरात्र से हनुमान जयंती तक उत्सवों का दौर

    चैत्र अमावस्या 18 मार्च, फिर 15 दिन महोत्सवों की भरमार, नवरात्र से हनुमान जयंती तक उत्सवों का दौर



    नई दिल्ली। हिंदू नववर्ष की शुरुआत करीब है। हर साल चैत्र शुक्ल प्रतिपदा से नए विक्रम संवत की शुरुआत होती है। इस साल 18 मार्च को चैत्र अमावस्या है और इसके अगले दिन, 19 मार्च 2026 से विक्रम संवत 2083 का नया वर्ष प्रारंभ होगा, जिसे रौद्र संवत्सर के नाम से जाना जाएगा।

    गुड़ी पड़वा और चैत्र नवरात्र

    19 मार्च से हिंदू नववर्ष का स्वागत गुड़ी पड़वा पर्व के रूप में महाराष्ट्र में किया जाएगा, जबकि कर्नाटक, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में इसे युगादी के रूप में मनाया जाएगा। इस दिन से मां दुर्गा की आराधना का 9 दिवसीय पर्व, चैत्र नवरात्र, भी शुरू होगा। नवरात्र के पहले दिन घटस्थापना का आयोजन किया जाएगा।

    मार्च में प्रमुख व्रत-त्योहार

    20 मार्च 2026 (शुक्रवार): सिंधी समुदाय का प्रमुख पर्व झूलेलाल जयंती।

    21 मार्च 2026 (शनिवार): मत्स्य जयंती, गौरी पूजा और राजस्थान में धूमधाम से मनाया जाने वाला गणगौर पर्व।

    26 मार्च 2026 (गुरुवार): चैत्र नवरात्र की अष्टमी तिथि, हवन और कन्या पूजन का आयोजन।

    27 मार्च 2026 (शुक्रवार): रामनवमी का पर्व और नवरात्र का समापन, ज्वारों का विसर्जन भी इसी दिन।

    29 मार्च 2026 (रविवार): कामदा एकादशी व्रत।

    31 मार्च 2026 (मंगलवार): जैन धर्मावलंबियों का महापर्व महावीर जयंती।

    2 अप्रैल 2026 (गुरुवार): हनुमान जयंती और चैत्र पूर्णिमा व्रत। इस दिन चैत्र मास का समापन भी होगा।

  • हिंदू पंचांग 2026: मकर संक्रांति से दिवाली तक, जानें सालभर के प्रमुख पर्व और व्रत

    हिंदू पंचांग 2026: मकर संक्रांति से दिवाली तक, जानें सालभर के प्रमुख पर्व और व्रत


    नई दिल्ली।साल 2026 की शुरुआत के साथ ही लोगों में व्रत और त्योहारों की तारीखों को लेकर उत्सुकता बढ़ गई है। हिंदू धर्म में व्रत और पर्व न केवल धार्मिक अनुष्ठानों का हिस्सा हैं, बल्कि ये सामाजिक और सांस्कृतिक एकता के प्रतीक भी माने जाते हैं। मकर संक्रांति, होली, दिवाली जैसी प्रमुख खुशियों से जुड़ी तिथियों का जानना इसलिए जरूरी होता है, ताकि पारिवारिक आयोजनों और धार्मिक अनुष्ठानों की योजना पहले से बनाई जा सके।हिंदू पंचांग के अनुसार अधिकांश त्योहार सूर्य और चंद्रमा की गति पर आधारित होते हैं। इसी वजह से हर साल इनकी तिथियों में बदलाव होता है।

    मकर संक्रांति 2026

    साल 2026 में मकर संक्रांति 14 जनवरी, बुधवार को मनाई जाएगी। इस दिन सूर्य मकर राशि में प्रवेश करता है। मकर संक्रांति को विशेष रूप से दान-पुण्य और उत्सव के रूप में माना जाता है। इसी दिन पोंगल, उत्तरायण और षटतिला एकादशी भी पड़ रही हैं। यह पर्व किसानों और सूर्य के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का अवसर होता है।

    होली 2026

    फाल्गुन मास की पूर्णिमा पर मनाई जाने वाली होली इस साल 4 मार्च, बुधवार को है। होली से एक दिन पहले, 3 मार्च को होलिका दहन होगा। यह पर्व रंगों का उत्सव और सामाजिक समरसता का प्रतीक है। पूरे देश में इस दिन लोग एक-दूसरे को रंग लगाकर और मिठाई बांटकर भाईचारे और प्रेम का संदेश देते हैं।

    दिवाली 2026

    दीपों का त्योहार दिवाली इस साल 8 नवंबर को है। इसके अगले दिन 9 नवंबर को दिवाली अमावस्या पड़ रही है। दिवाली से जुड़ी अन्य प्रमुख तिथियां इस प्रकार हैं: 6 नवंबर – धनत्रयोदशी, 10 नवंबर – बलिपद्यमी। यह त्योहार अंधकार पर प्रकाश की जीत और घर में खुशहाली लाने का प्रतीक माना जाता है।

    नवरात्रि और राम नवमी

    चैत्र नवरात्रि 2026 की शुरुआत 19 मार्च से होगी। इसी दिन घटस्थापना, उगाड़ी और गुड़ी पड़वा भी मनाए जाएंगे। 26 मार्च को राम नवमी और 27 मार्च को नवरात्रि पारणा होगी। वहीं शारदीय नवरात्रि 11 अक्टूबर से शुरू होकर 20 अक्टूबर को दशहरा के साथ समाप्त होगी।

    महाशिवरात्रि और अन्य प्रमुख व्रत

    साल 2026 में महाशिवरात्रि 15 फरवरी को मनाई जाएगी। इसके अलावा पूरे साल नियमित रूप से एकादशी, प्रदोष व्रत, संकष्टी चतुर्थी और पूर्णिमा-अमावस्या पड़ेंगे। ये व्रत न केवल धार्मिक जीवन में महत्वपूर्ण हैं, बल्कि परिवार और समाज में पारंपरिक और सांस्कृतिक पहचान को मजबूत करने में मददगार हैं।धार्मिक विशेषज्ञों के अनुसार व्रत और त्योहार हमारे जीवन में आस्था, अनुशासन और सामाजिक संबंधों को बनाए रखने का मार्ग दिखाते हैं। इसलिए साल 2026 की व्रत-त्योहार सूची हर परिवार के लिए बेहद उपयोगी साबित होगी।