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  • महंगाई की मार… आज से बुखार से लेकर शुगर-BP तक…900 से अधिक जरूरी दवाओं के दाम बढ़े

    महंगाई की मार… आज से बुखार से लेकर शुगर-BP तक…900 से अधिक जरूरी दवाओं के दाम बढ़े


    नई दिल्ली।
    आवश्यक दवाओं की कीमतों (Essential Medicines Prices.) में आज से वृद्धि लागू होने जा रही है। राष्ट्रीय औषधि मूल्य निर्धारण प्राधिकरण (एनपीपीए) (National Pharmaceutical Pricing Authority (NPPA)) के आदेश के तहत 900 से अधिक दवाओं के अधिकतम खुदरा मूल्य में संशोधन किया जाएगा। बुखार, दर्द, संक्रमण, एनीमिया और पोषण संबंधी आवश्यकताओं में उपयोग होने वाली दवाएं शामिल हैं। जीएसटी कटौती के बाद एक अप्रैल से मरीजों व तीमारदारों को 10 फीसदी और मंहगी दरों पर दवा खरीदनी होगी। 60 फीसदी फार्मा कंपनियों ने जनवरी में ही नई मैन्युफैक्चरिंग पर रेट बढ़ा दिए थे। बाजार में जनवरी 2026 से आने वाले दवाओं के नए बैच पर नई एमआरपी पड़ी है।

    थोक से लेकर रिटेल दवा मार्केट में आज बुधवार से दवा खरीदना मंहगा हो जाएगा। नियमित रूप से हम जिन दवाओं का इस्तेमाल करते हैं उसकी कीमतों में 10 से 12 फीसदी इजाफा होगा। थोक दवा दुकानदारों की मानें तो यह मुनाफा फार्मा कंपनियां सालाना अपने नियमों के तहत कर रही हैं। ईरान, इराक व अमेरिका के युद्ध से इन रेटों का कोई लेना देना नहीं है। थोक दवा फफाला मार्केट में दवाओं के नए स्टॉक भी आ रहे हैं, जिसमें नई एमआरपी पड़ी है।


    मार्केट में 80 फीसदी नया स्टॉक

    जिस दवा पर एमआरपी 80 रुपये थी उसकी 90 से 95 रुपये हो गई है। जिसकी कीमत 100 रुपये थी वह 110 से 115 रुपये हो गया है। थोक दवा कारोबारी भी नई एमआरपी के हिसाब से ही दवाओं की सेल कर रहे हैं। जो पुराना स्टॉक है उसकी एमआरपी कम करके दे रहे हैं। लेकिन बाजार में 80 फीसदी नया स्टॉक आ चुका है। फरवरी व मार्च से फार्मा कंपनियां नए स्टॉक को निकालने लगती हैं। दवा बाजार में कुल 900 से अधिक दवाओं की कीमतों में इजाफा होने वाला है।


    नए स्टॉक के अनुसार होगी बिक्री

    थोक दवा कारोबारी राजीव सिंह ने बताया कि युद्ध के कारण दवाओं के दाम नहीं बढ़े हैं। दवा कंपनियां रुटीन में अप्रैल से जो रेट बढ़ाती हैं उसी के दाम बढ़ेंगे। अप्रैल से अधिकांश दवाओं पर नई एमआरपी आती है। वहीं दूसरे थोक कारोबारी सुनील राणा का कहना है कि कुछ दवा कंपनियों ने पहले ही एमआरपी बढ़ा दी है और नया स्टॉक बाजार में आ गया है। नए स्टॉक के अनुसार ही बिक्री की जा रही है। कई फार्मा कंपनियों का नया स्टॉक अप्रैल के पहले सप्ताह में आ जाएगा।


    महंगी होने वाली दवाएं

    – पैरासिटामोल, एंटीबायोटिक्स, विटामिन और मिनरल सप्लीमेंट्स, एनीमिया की दवाएं, दर्द निवारक दवाएं, शुगर, ब्लडप्रेशर, लिवर, पेट, त्वचा संबंधित।

  • 15 साल की सबसे गर्म शुरुआत: फरवरी की ‘सर्द-गर्म’ से सावधान! इन 7 आसान उपायों से बचें फ्लू और बुखार से

    15 साल की सबसे गर्म शुरुआत: फरवरी की ‘सर्द-गर्म’ से सावधान! इन 7 आसान उपायों से बचें फ्लू और बुखार से


    नई दिल्ली। फरवरी का मौसम इस बार बेहद असामान्य है। जनवरी के बाद फरवरी की शुरुआत भी पिछले 15 सालों में सबसे गर्म रिकॉर्ड तोड़ रही है। दिन में तेज धूप और शाम को ठंडी हवा—इस ‘सर्द-गर्म’ के कारण शरीर की रोग-प्रतिरोधक क्षमता कमजोर हो रही है और लोग जल्दी बीमार पड़ रहे हैं। डॉक्टरों का कहना है कि धूप से लौटते ही पंखा/एसी चलाना या तुरंत ठंडा पानी पीना सर्द-गर्म का मुख्य कारण बन सकता है।

    फ्लू और सर्दी-जुकाम से बचने के लिए साफ-सफाई सबसे बड़ा हथियार है। विशेषज्ञों के अनुसार, हाथों को साबुन से धोना, खांसते/छींकते समय रुमाल का उपयोग और बार-बार नाक-आंख छूने से बचना जरूरी है। साथ ही घर का बना ताजा भोजन, हल्दी वाला दूध, गुनगुना पानी, और सही पहनावा इस मौसम में सेहत बनाए रखने में मददगार है।

    बच्चे और बुजुर्ग इस मौसम में ज्यादा प्रभावित होते हैं। अगर दो दिन से अधिक बुखार, कफ या कमजोरी बनी रहे तो इसे हल्के में न लें और डॉक्टर से तुरंत सलाह लें।