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  • रफ्तार के दम पर आसमान पर राज! दुनिया के सबसे तेज लड़ाकू विमानों में रूस का दबदबा, अमेरिका भी पीछे

    रफ्तार के दम पर आसमान पर राज! दुनिया के सबसे तेज लड़ाकू विमानों में रूस का दबदबा, अमेरिका भी पीछे



    नई दिल्ली। हाइपरस्पीड फाइटर जेट्स की दुनिया में रूस ने अपनी अलग पहचान बनाई है। MiG-25 और MiG-31 जैसे विमान आज भी दुनिया के सबसे तेज ऑपरेशनल फाइटर जेट्स माने जाते हैं, जबकि अमेरिका ने F-22 और F-15 जैसे एडवांस विमान बनाकर तकनीक और स्टील्थ में बढ़त हासिल की है।

    आधुनिक हवाई युद्ध अब सिर्फ मिसाइलों और स्टील्थ तकनीक तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि रफ्तार भी जीत का बड़ा हथियार बन चुकी है। यही वजह है कि दुनिया की बड़ी सैन्य ताकतें ऐसे लड़ाकू विमान तैयार कर रही हैं, जो कुछ ही मिनटों में हजारों किलोमीटर की दूरी तय कर सकें। सबसे तेज फाइटर जेट्स की सूची में रूस का दबदबा साफ दिखाई देता है, क्योंकि सोवियत दौर से ही वहां लंबी दूरी और तेज प्रतिक्रिया वाले इंटरसेप्टर विमान विकसित किए जाते रहे हैं।

    इस सूची में सबसे ऊपर रूस का Mikoyan-Gurevich MiG-25 फॉक्सबैट आता है, जिसकी अधिकतम रफ्तार Mach 3.2 यानी करीब 3524 किमी प्रति घंटा है। इसे खास तौर पर अमेरिकी जासूसी विमानों और बमवर्षकों को रोकने के लिए डिजाइन किया गया था। इसकी रफ्तार इतनी खतरनाक थी कि अमेरिका को जवाब में F-15 Eagle विकसित करना पड़ा। हालांकि MiG-25 की कमजोरी यह रही कि कम ऊंचाई पर इसकी क्षमता सीमित थी और डॉगफाइट में यह उतना प्रभावी नहीं माना गया।

    दूसरे स्थान पर रूस का ही MiG-31 फॉक्सहाउंड है, जिसकी स्पीड Mach 2.83 यानी करीब 3000 किमी प्रति घंटा है। यह विमान सिर्फ इंटरसेप्टर नहीं बल्कि लंबी दूरी की निगरानी और मिसाइल हमलों के लिए भी जाना जाता है। इसके बाद अमेरिका का F-15 Eagle आता है, जिसकी अधिकतम रफ्तार Mach 2.5 है। F-15 को दुनिया के सबसे सफल एयर सुपीरियरिटी फाइटर जेट्स में गिना जाता है और इसका युद्ध रिकॉर्ड बेहद शानदार रहा है।

    रूस का Sukhoi Su-27 और MiG-23 भी इस सूची में शामिल हैं। Su-27 को लंबी दूरी के एयर सुपीरियरिटी मिशन के लिए तैयार किया गया था, जबकि MiG-23 को कठिन परिस्थितियों और सीमित संसाधनों वाले एयरबेस से ऑपरेट करने के लिए डिजाइन किया गया। दोनों विमान अपनी स्पीड और ताकत के लिए मशहूर रहे हैं।

    अमेरिका का F-14 Tomcat भी दुनिया के सबसे तेज लड़ाकू विमानों में शामिल है। यह दुनिया का पहला चौथी पीढ़ी का फाइटर जेट माना जाता है, जिसने वेरिएबल-स्वीप विंग तकनीक के जरिए एयरक्राफ्ट कैरियर ऑपरेशन में नई क्रांति ला दी थी। इसके अलावा पांचवीं पीढ़ी का अमेरिकी F-22 Raptor अपनी सुपरक्रूज क्षमता के लिए जाना जाता है, जो बिना आफ्टरबर्नर के भी सुपरसोनिक रफ्तार बनाए रख सकता है।

    इजरायल का IAI Kfir और अमेरिका का F-4 Phantom II भी इस सूची में अपनी जगह बनाए हुए हैं। F-4 Phantom II शीत युद्ध के दौर का बेहद भरोसेमंद फाइटर जेट रहा, जबकि Kfir को Mirage-5 प्लेटफॉर्म पर विकसित कर नई ताकत दी गई।

    रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि रूस में तेज रफ्तार वाले फाइटर जेट्स के विकास की सबसे बड़ी वजह उसका विशाल भूभाग रहा है। वहां हर क्षेत्र में एयरबेस बनाना आसान नहीं था, इसलिए ऐसे विमान तैयार किए गए जो बेहद कम समय में लंबी दूरी तय कर सकें। हालांकि आज के दौर में सिर्फ स्पीड ही सब कुछ नहीं है। इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर, स्टील्थ तकनीक, एयर-टू-एयर मिसाइल और नेटवर्क-सेंट्रिक युद्ध क्षमता भी उतनी ही अहम हो चुकी है। फिर भी दुनिया के सबसे तेज लड़ाकू विमानों की बात हो तो रूस का नाम आज भी सबसे ऊपर दिखाई देता है।

  • लारा दत्ता इमोशनल हुईं, बेटी के साथ दुबई में फंसीं: शूटिंग के दौरान धमाके और फाइटर जेट देखे

    लारा दत्ता इमोशनल हुईं, बेटी के साथ दुबई में फंसीं: शूटिंग के दौरान धमाके और फाइटर जेट देखे



    नई दिल्ली। एक्ट्रेस लारा दत्ता दुबई में अपनी बेटी सायरा के साथ वर्क ट्रिप पर थीं, जब अचानक वहां तनावपूर्ण स्थिति पैदा हो गई। लारा ने बताया कि 28 फरवरी को दुबई के एक स्टूडियो में शूटिंग के दौरान उन्हें ऊपर से तेज धमाके सुनाई दिए और आसमान में कई फाइटर जेट उड़ते दिखे। उन्होंने कहा कि हालात डराने वाले थे, लेकिन वह खुद को असुरक्षित महसूस नहीं कर रही थीं।

    लारा ने बताया कि धमाकों के समय उनका परिवार सुरक्षित विला में था, लेकिन खिड़कियां और दरवाजे हिल रहे थे। उन्होंने यूएई सरकार की तारीफ करते हुए कहा कि वहां हर व्यक्ति की सुरक्षा सुनिश्चित की जा रही है और लोग अपने सामान्य कामों में लगे हुए हैं। लारा ने कहा कि फ्लाइट्स सीमित हैं, लेकिन वे मुंबई लौटने की कोशिश कर रहे हैं ताकि उनकी बेटी और अन्य लोग इस तनावपूर्ण स्थिति से सुरक्षित रहें।

    एक्ट्रेस ने यह भी कहा कि किसी भी आम नागरिक को डर के माहौल में जीने का अधिकार नहीं है। उन्होंने उम्मीद जताई कि स्थिति जल्द सामान्य होगी और सही फैसले लिए जाएंगे।

    इस बीच दुबई में ईरान, अमेरिका और इजराइल के बीच बढ़ते तनाव के कारण कई उड़ानें रद्द हुईं और हजारों यात्री फंसे। लारा ने वीडियो में अपने अनुभव साझा किए और इमोशनल होते हुए कहा कि हालात पिछले कुछ दिनों में काफी तनावपूर्ण रहे।

  • बांग्लादेश के वायुसेना प्रमुख पहुंचे इस्लामाबाद… पाकिस्तान से फाइटर जेट खरीदने की तैयारी

    बांग्लादेश के वायुसेना प्रमुख पहुंचे इस्लामाबाद… पाकिस्तान से फाइटर जेट खरीदने की तैयारी


    इस्लामाबाद।
    बांग्लादेश (Bangladesh) अब पाकिस्तान (Pakistan) से फाइटर जेट (Fighter jet) खरीदने की फिराक में है। इसी सिलसिले में बांग्लादेश वायुसेना (Bangladesh Air Force) के एयर चीफ मार्शल हसन महमूद खान (Air Chief Marshal Hasan Mahmood Khan) ने इस्लामाबाद में पाकिस्तान वायुसेना के चीफ एयर चीफ मार्शल जहीर अहमद बाबर सिद्धू (Pakistan Air Force Chief Air Chief Marshal Zaheer Ahmed Babar Sidhu) से मुलाकात की। उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया और इसके बाद दोनों सैन्य नेताओं ने रक्षा सहयोग से संबंधित मामलों पर चर्चा की और समीक्षा की। पाकिस्तान और बांग्लादेश ने द्विपक्षीय रक्षा संबंधों को मजबूर करने की दिशा में बांग्लादेश द्वारा पाकिस्तान के जेएफ-17 थंडर फाइटर जेट की संभावित खरीद पर विस्तृत चर्चा की। पाकिस्तानी सेना के मीडिया विंग, इंटर-सर्विसेस पब्लिक रिलेशंस (आईएसपीआर) ने मंगलवार को एक बयान में यह जानकारी दी।

    आईएसपीआर के अनुसार बांग्लादेश वायुसेना के एयर चीफ मार्शल हसन महमूद खान ने इस्लामाबाद में पाकिस्तान वायुसेना के चीफ एयर चीफ मार्शल जहीर अहमद बाबर सिद्धू से मुलाकात की। उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया और इसके बाद दोनों सैन्य नेताओं ने रक्षा सहयोग से संबंधित मामलों पर चर्चा की और समीक्षा की। यह विमान, जो चीन और पाकिस्तान द्वारा संयुक्त रूप से निर्मित है, एक 4.5 जेनरेशन का मल्टी-रोल फाइटर एयरक्राफ्ट है, जिसमें आधुनिक चीनी एवियोनिक्स और हाई-रेंज हथियार हल्के एयरफ्रेम में एकीकृत हैं।

    बयान में आगे कहा गया कि बैठक में ऑपरेशनल सहयोग और संस्थागत सहयोग को मजबूत करने पर ध्यान केंद्रित किया गया, जिसमें प्रशिक्षण, क्षमता निर्माण और एयरोस्पेस उन्नति में सहयोग पर जोर दिया गया। पाकिस्तानी वायुसेना प्रमुख बाबर सिद्हू ने अपने बंगलादेशी समकक्ष हसन खान को जेएफ-17 ब्लॉक तृतीय के हालिया उन्नयन के बारे में जानकारी दी तथा बंगलादेश वायुसेना को बेसिक से एडवांस्ड फ्लाइंग और विशेष कोर्स तक व्यापक प्रशिक्षण फ्रेमवर्क के माध्यम से समर्थन देने की पाकिस्तानी वायुसेना की प्रतिबद्धता दोहराई।

    बयान में आगे कहा गया कि बांग्लादेशी वायुसेना प्रमुख ने पाकिस्तानी वायुसेना के कॉम्बैट रिकॉर्ड की सराहना की और इसके ऑपरेशनल विशेषज्ञता से लाभ उठाने की इच्छा व्यक्त की। उन्होंने बंगलादेश वायुसेना के पुराने बेड़े के रखरखाव समर्थन और हवाई निगरानी बढ़ाने के लिए एयर डिफेंस राडार सिस्टम के एकीकरण में सहायता मांगी।

    सैन्य मीडिया विंग के अनुसार बांग्लादेशी प्रतिनिधिमंडल ने पाकिस्तानी वायुसेना की प्रमुख सुविधाओं का दौरा किया, जिसमें नेशनल आईएसआर एंड इंटीग्रेटेड एयर ऑपरेशंस सेंटर, पाकिस्तानी वायुसेना साइबर कमांड और नेशनल एयरोस्पेस साइंस एंड टेक्नोलॉजी पार्क शामिल हैं।