Tag: FIH Hockey World Cup

  • एमपी के लाल विवेक सागर पर फिर देश को भरोसा, हॉकी विश्व कप 2026 के लिए भारतीय टीम में मिली जगह

    एमपी के लाल विवेक सागर पर फिर देश को भरोसा, हॉकी विश्व कप 2026 के लिए भारतीय टीम में मिली जगह


    मध्यप्रदेश । मध्यप्रदेश के लिए एक बार फिर गर्व का अवसर आया है। प्रदेश हॉकी अकादमी के एसोसिएट खिलाड़ी और भारतीय टीम के स्टार मिडफील्डर विवेक सागर प्रसाद का चयन एफआईएच हॉकी विश्व कप 2026 के लिए भारतीय पुरुष टीम में किया गया है। बेल्जियम और नीदरलैंड की संयुक्त मेजबानी में 15 से 30 अगस्त तक आयोजित होने वाले इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट में विवेक एक बार फिर मिडफील्ड की जिम्मेदारी संभालते हुए टीम इंडिया की जीत की उम्मीदों को मजबूती देंगे।

    भारतीय हॉकी टीम इस बार अनुभवी और युवा खिलाड़ियों के संतुलित मिश्रण के साथ विश्व कप में उतर रही है। टीम की कप्तानी अनुभवी डिफेंडर हरमनप्रीत सिंह के हाथों में होगी जबकि वरिष्ठ खिलाड़ी मनप्रीत सिंह भी टीम का अहम हिस्सा हैं। मुख्य कोच क्रेग फुल्टन ने विश्व कप के लिए ऐसी टीम चुनी है जिसमें अनुभव और युवा जोश का बेहतरीन तालमेल देखने को मिलेगा।

    विश्व कप में भारत को पूल डी में रखा गया है जहां उसका मुकाबला इंग्लैंड पाकिस्तान और वेल्स जैसी मजबूत टीमों से होगा। भारतीय टीम अपने अभियान की शुरुआत 15 अगस्त को वेल्स के खिलाफ करेगी। इसके बाद 17 अगस्त को इंग्लैंड से भिड़ेगी जबकि 19 अगस्त को चिर प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान के खिलाफ बहुप्रतीक्षित मुकाबला खेला जाएगा। इन मुकाबलों पर देशभर के हॉकी प्रेमियों की खास नजर रहेगी।

    विवेक सागर प्रसाद पिछले कई वर्षों से भारतीय हॉकी टीम के भरोसेमंद मिडफील्डर के रूप में अपनी पहचान बना चुके हैं। अपनी तेज रफ्तार शानदार बॉल कंट्रोल और सटीक पासिंग के दम पर उन्होंने कई अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भारत की सफलता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। बड़े मुकाबलों में दबाव के बीच संयम बनाए रखने की उनकी क्षमता उन्हें टीम का अहम खिलाड़ी बनाती है।

    मध्यप्रदेश हॉकी अकादमी के लिए भी विवेक का चयन बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। खेल विभाग का कहना है कि प्रदेश की खेल अकादमियां लगातार ऐसे प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को तैयार कर रही हैं जो राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। इससे प्रदेश के युवा खिलाड़ियों को भी प्रेरणा मिल रही है और हॉकी के प्रति उनका रुझान लगातार बढ़ रहा है।

    प्रदेश के खेल प्रेमियों और हॉकी प्रशंसकों ने विवेक सागर प्रसाद के चयन पर खुशी जताई है और उम्मीद जताई है कि वह विश्व कप में शानदार प्रदर्शन कर भारत को खिताब की दौड़ में मजबूत दावेदार बनाएंगे। स्वतंत्रता दिवस के दिन विश्व कप अभियान की शुरुआत करने वाली भारतीय टीम से पूरे देश को बेहतर प्रदर्शन और ऐतिहासिक सफलता की उम्मीद रहेगी।

  • एफआईएच हॉकी वर्ल्ड कप के लिए टीम इंडिया घोषित, हरमनप्रीत कप्तान; पाकिस्तान से 19 अगस्त को महामुकाबला

    एफआईएच हॉकी वर्ल्ड कप के लिए टीम इंडिया घोषित, हरमनप्रीत कप्तान; पाकिस्तान से 19 अगस्त को महामुकाबला


    नई दिल्ली । एफआईएच पुरुष हॉकी विश्व कप 2026 के लिए भारतीय टीम का ऐलान हो गया है। हॉकी इंडिया ने बेल्जियम और नीदरलैंड में 15 से 30 अगस्त तक आयोजित होने वाले इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट के लिए 20 सदस्यीय टीम की घोषणा की है। अनुभवी डिफेंडर हरमनप्रीत सिंह को एक बार फिर टीम की कप्तानी सौंपी गई है। चयनित टीम में अनुभवी खिलाड़ियों और उभरती युवा प्रतिभाओं का संतुलित मिश्रण देखने को मिलता है, जिससे भारतीय हॉकी प्रशंसकों की उम्मीदें और बढ़ गई हैं।

    मुख्य कोच क्रेग फुल्टन ने टीम चयन के बाद भरोसा जताया कि मौजूदा भारतीय टीम के पास इतिहास रचने का सुनहरा अवसर है। उन्होंने कहा कि टीम में शामिल हर खिलाड़ी ने अपनी जगह प्रदर्शन के दम पर बनाई है। उनके अनुसार यह टीम दबाव में बेहतर प्रदर्शन करने, तेज जवाबी हमला करने और अनुशासित खेल दिखाने में सक्षम है। फुल्टन ने स्पष्ट किया कि टीम का पूरा फोकस एक-एक मैच पर रहेगा और खिलाड़ी भविष्य की बजाय वर्तमान मुकाबलों पर ध्यान देंगे।

    भारतीय टीम गोलकीपिंग में मोहित एचएस और सूरज करकेरा पर भरोसा करेगी। रक्षा पंक्ति की जिम्मेदारी कप्तान हरमनप्रीत सिंह के साथ अमित रोहिदास, जरमनप्रीत सिंह, जुगराज सिंह, संजय, सुमित और यशदीप सिवाच जैसे अनुभवी खिलाड़ियों के हाथों में होगी। मिडफील्ड में मनप्रीत सिंह, हार्दिक सिंह और विवेक सागर प्रसाद टीम की रीढ़ होंगे, जबकि युवा खिलाड़ी राजिंदर सिंह, आदित्य अर्जुन लालागे और नीलाकांता शर्मा भी अपनी ऊर्जा और कौशल से टीम को मजबूती देंगे।

    आक्रमण की कमान मनदीप सिंह, दिलप्रीत सिंह, सुखजीत सिंह, अभिषेक और शिलानंद लाकड़ा संभालेंगे। इन खिलाड़ियों से तेज़ और आक्रामक हॉकी की उम्मीद की जा रही है, जो विरोधी टीमों की रक्षा पंक्ति को लगातार चुनौती दे सकते हैं।

    भारत को विश्व कप में पूल-डी में इंग्लैंड, पाकिस्तान और वेल्स जैसी मजबूत टीमों के साथ रखा गया है। भारतीय टीम अपने अभियान की शुरुआत 15 अगस्त को वेल्स के खिलाफ करेगी। इसके बाद 17 अगस्त को इंग्लैंड से भिड़ंत होगी, जबकि 19 अगस्त को चिर प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान के खिलाफ मुकाबला खेला जाएगा। भारत-पाकिस्तान मैच पर दुनियाभर के हॉकी प्रेमियों की विशेष नजर रहेगी और इसे पूल चरण का सबसे बड़ा मुकाबला माना जा रहा है।

    भारतीय हॉकी के लिए यह विश्व कप इसलिए भी खास है क्योंकि टीम पिछले पांच दशकों से विश्व कप पदक का इंतजार कर रही है। भारत ने 1971 में कांस्य, 1973 में रजत और 1975 में कुआलालंपुर में विश्व कप का स्वर्ण पदक जीता था। इसके बाद से भारतीय टीम विश्व कप में कोई पदक नहीं जीत सकी है। ऐसे में हरमनप्रीत सिंह की अगुवाई वाली यह टीम 50 साल के लंबे इंतजार को खत्म कर इतिहास रचने के इरादे से मैदान में उतरेगी।

    मुख्य कोच क्रेग फुल्टन का मानना है कि इस टीम में अनुभव, फिटनेस, अनुशासन और युवा जोश का बेहतरीन तालमेल है। यदि खिलाड़ी अपनी रणनीति के अनुसार प्रदर्शन करते हैं तो भारत एक बार फिर विश्व हॉकी में अपनी खोई हुई चमक हासिल कर सकता है।

  • एफआईएच हॉकी विश्व कप क्वालीफायर 2026: भारत ने सेमीफाइनल में इटली को 1-0 से हराया, फाइनल में इंग्लैंड से भिड़ंत

    एफआईएच हॉकी विश्व कप क्वालीफायर 2026: भारत ने सेमीफाइनल में इटली को 1-0 से हराया, फाइनल में इंग्लैंड से भिड़ंत


    हैदराबाद।
    भारतीय महिला हॉकी टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए एफआईएच हॉकी विश्व कप क्वालीफायर 2026 के सेमीफाइनल में इटली को 1-0 से हराकर फाइनल में जगह बना ली। हैदराबाद के जी. एम. सी. बालयोगी हॉकी ग्राउंड (गाचीबौली हॉकी कॉम्प्लेक्स) में खेले गए मुकाबले में मनीषा चौहान ने 40वें मिनट में निर्णायक गोल दागकर भारत को जीत दिलाई। अब फाइनल में भारत का सामना इंग्लैंड से होगा।

    मुकाबले के पहले क्वार्टर में दोनों टीमों के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिली और गेंद का नियंत्रण लगातार बदलता रहा। भारत ने शुरुआती मिनटों में कुछ अच्छे सर्किल एंट्री बनाए, लेकिन इटली ने भी आक्रामक खेल दिखाते हुए गोल पर कुछ अच्छे मौके तैयार किए।

    दूसरे क्वार्टर में भारतीय टीम ने खेल पर पकड़ बनानी शुरू की। मेजबान टीम ने फ्लैंकों का उपयोग करते हुए लगातार हमले किए और महत्वपूर्ण सर्किल एंट्री बनाई। 18वें मिनट में भारत को पहला पेनल्टी कॉर्नर मिला, लेकिन नवनीत कौर का शॉट इटली की गोलकीपर लूसिया इनेस कारुसो ने बेहतरीन तरीके से रोक दिया।

    27वें मिनट में भारत को एक और पेनल्टी कॉर्नर मिला, जिसमें टीम ने दिलचस्प वेरिएशन खेला। गेंद वापस इंजेक्टर और कप्तान सलीमा टेटे के पास पहुंची, लेकिन उनका शॉट इटली के अंतिम डिफेंडर ने गोल लाइन पर ही रोक दिया। 29वें मिनट में भारत को एक और पेनल्टी कॉर्नर मिला, लेकिन इस बार नवनीत कौर का शॉट निशाने से चूक गया।

    तीसरे क्वार्टर की शुरुआत में इटली ने तेज हमला बोला। एमिलिया मुनिटिस गोल के करीब पहुंच गई थीं, लेकिन भारतीय गोलकीपर बिचु देवी खारीबाम ने आगे बढ़कर शानदार बचाव किया। 40वें मिनट में भारत को एक और पेनल्टी कॉर्नर मिला और इस बार टीम ने मौका भुनाया। मनीषा चौहान ने दमदार ड्रैगफ्लिक लगाते हुए गेंद को सीधे गोल में पहुंचाकर भारत को 1-0 की बढ़त दिला दी।

    अंतिम क्वार्टर में भारत ने बढ़त बढ़ाने के लिए लगातार दबाव बनाया और दो शुरुआती पेनल्टी कॉर्नर हासिल किए, लेकिन इटली की रक्षापंक्ति मजबूती से डटी रही। मैच के 59वें मिनट में इटली को अहम पेनल्टी कॉर्नर मिला, मगर भारतीय टीम ने उसे गोल में तब्दील नहीं होने दिया और 1-0 से जीत दर्ज की।

    अब भारतीय टीम 14 मार्च को शाम 7:30 बजे होने वाले फाइनल मुकाबले में इंग्लैंड का सामना करेगी।