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  • एफआईएच प्रो लीग का शानदार अंत भारत ने शूटआउट में इंग्लैंड को हराया वर्ल्ड कप से पहले बढ़ाया आत्मविश्वास

    एफआईएच प्रो लीग का शानदार अंत भारत ने शूटआउट में इंग्लैंड को हराया वर्ल्ड कप से पहले बढ़ाया आत्मविश्वास


    नई दिल्ली । एफआईएच प्रो लीग के अपने अंतिम मुकाबले में भारतीय पुरुष हॉकी टीम ने शानदार जुझारूपन और मजबूत डिफेंस का प्रदर्शन करते हुए मेजबान इंग्लैंड को पेनल्टी शूटआउट में 3-2 से हरा दिया। लंदन के ली वैली हॉकी एंड टेनिस सेंटर में खेले गए इस मुकाबले के निर्धारित 60 मिनट तक दोनों टीमें एक भी गोल नहीं कर सकीं और स्कोर 0-0 रहा। इसके बाद मैच का फैसला शूटआउट से हुआ जिसमें भारतीय खिलाड़ियों ने बेहतरीन संयम दिखाते हुए जीत अपने नाम कर ली। यह जीत इसलिए भी खास रही क्योंकि हॉकी विश्व कप से पहले भारत का यह आखिरी अंतरराष्ट्रीय मुकाबला था और टीम ने शानदार प्रदर्शन के साथ अपना आत्मविश्वास बढ़ाया।

    पूरे मुकाबले में इंग्लैंड ने शुरुआत से ही आक्रामक खेल दिखाया और पहले क्वार्टर में कई बार भारतीय गोल पर दबाव बनाया। शुरुआती पेनल्टी कॉर्नर पर इंग्लैंड के पास बढ़त लेने का अच्छा मौका था लेकिन भारतीय गोलकीपर मोहित शशिकुमार ने शानदार बचाव करते हुए टीम को शुरुआती झटका नहीं लगने दिया। उन्होंने पूरे मुकाबले में कई महत्वपूर्ण सेव किए और विपक्षी खिलाड़ियों को गोल करने का कोई मौका नहीं दिया। भारत की ओर से भी अभिषेक को पहले क्वार्टर में बेहतरीन अवसर मिला लेकिन वह उसे गोल में नहीं बदल सके।

    दूसरे क्वार्टर में भी मुकाबला पूरी तरह संतुलित रहा। इंग्लैंड ने लगातार भारतीय डी में प्रवेश करने की कोशिश की लेकिन भारतीय डिफेंस चट्टान की तरह खड़ा रहा। दूसरी ओर भारत ने भी जवाबी हमले किए। जरमनप्रीत सिंह ने शानदार मूव बनाते हुए गोल का प्रयास किया लेकिन इंग्लैंड के गोलकीपर ने बेहतरीन बचाव कर स्कोर बराबर बनाए रखा। पहले हाफ के अंत तक दोनों टीमें गोल करने में नाकाम रहीं।

    तीसरे क्वार्टर में भारतीय टीम ने आक्रमण की रफ्तार बढ़ा दी। कप्तान हार्दिक सिंह ने मिडफील्ड से शानदार दौड़ लगाकर कई मौके बनाए और टीम को पेनल्टी कॉर्नर भी दिलाया लेकिन अमनदीप लाकड़ा इस अवसर का फायदा नहीं उठा सके। इसी क्वार्टर में इंग्लैंड को पेनल्टी स्ट्रोक मिला लेकिन भारत ने वीडियो रेफरल लिया। रिप्ले में साफ हुआ कि भारतीय खिलाड़ी का टैकल पूरी तरह सही था जिसके बाद अंपायर ने अपना फैसला बदल दिया। यह पल मैच का सबसे बड़ा टर्निंग प्वाइंट साबित हुआ क्योंकि भारत ने संभावित गोल से खुद को बचा लिया।

    चौथे क्वार्टर में दोनों टीमों ने जीत के लिए पूरा दम लगा दिया। भारतीय गोलकीपर सूरज करकेरा ने भी कई शानदार बचाव किए और इंग्लैंड को बढ़त लेने का मौका नहीं दिया। भारत को भी लगातार पेनल्टी कॉर्नर मिले लेकिन मेजबान टीम का डिफेंस मजबूत रहा। आखिरकार निर्धारित समय तक कोई भी टीम गोल नहीं कर सकी और मुकाबला शूटआउट तक पहुंच गया।

    शूटआउट में भारत की ओर से अभिषेक शिलानंद लाकड़ा और कप्तान हार्दिक सिंह ने शानदार गोल किए जबकि भारतीय गोलकीपरों ने विपक्षी खिलाड़ियों को रोकते हुए टीम को 3-2 से जीत दिलाई। पूरे मुकाबले में शानदार रक्षात्मक प्रदर्शन करने वाले संजय को प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया। उनकी सूझबूझ भरी डिफेंडिंग और दबाव के क्षणों में शांत प्रदर्शन ने भारत की जीत में अहम भूमिका निभाई।

    विश्व कप से पहले मिली यह जीत भारतीय टीम के लिए मनोबल बढ़ाने वाली साबित होगी। मजबूत डिफेंस शानदार गोलकीपिंग और दबाव में संयम बनाए रखने की क्षमता ने यह संकेत दिया है कि टीम बड़े टूर्नामेंट के लिए पूरी तरह तैयार है।

  • हॉकी में भारत का जलवा बरकरार: पाकिस्तान को 4-3 से हराकर फिर लहराया तिरंगा

    हॉकी में भारत का जलवा बरकरार: पाकिस्तान को 4-3 से हराकर फिर लहराया तिरंगा


    नई दिल्ली ।एफआईएच प्रो लीग 2025-26 में भारत और पाकिस्तान के बीच खेला गया मुकाबला एक बार फिर हॉकी प्रेमियों के लिए यादगार बन गया। लंदन के ली वैली हॉकी एंड टेनिस सेंटर में खेले गए इस हाई-वोल्टेज मुकाबले में भारतीय टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए पाकिस्तान को 4-3 से शिकस्त दी। कप्तान Harmanpreet Singh की अगुवाई में टीम इंडिया ने न केवल जीत दर्ज की बल्कि पिछले एक दशक से जारी अपने दबदबे को भी बरकरार रखा।

    ओलंपिक चैंपियन Netherlands पर जीत के बाद आत्मविश्वास से भरी भारतीय टीम मैदान में उतरी थी। हालांकि मुकाबले की शुरुआत भारत के लिए उम्मीद के मुताबिक नहीं रही। पहले क्वार्टर के आठवें मिनट में पाकिस्तान के नदीम अहमद ने पेनल्टी कॉर्नर को गोल में बदलते हुए अपनी टीम को 1-0 की बढ़त दिला दी। शुरुआती झटके के बावजूद भारतीय खिलाड़ियों ने संयम नहीं खोया और लगातार पाकिस्तानी गोलपोस्ट पर दबाव बनाए रखा।

    दूसरे क्वार्टर में भारतीय टीम ने मैच का रुख पूरी तरह बदल दिया। 22वें मिनट में अभिषेक ने रिबाउंड पर गोल दागकर भारत को बराबरी दिलाई। इसके केवल दो मिनट बाद नीलकांत शर्मा ने शानदार फील्ड गोल करते हुए भारत को 2-1 की बढ़त दिला दी। हाफटाइम तक भारतीय टीम पूरी तरह लय में दिखाई दी और पाकिस्तान पर दबाव बढ़ाती रही।

    तीसरे क्वार्टर में भी भारत का आक्रमण जारी रहा। 40वें मिनट में सुखजीत सिंह ने बेहतरीन कौशल का प्रदर्शन करते हुए शानदार गोल दागा। उन्होंने गेंद को हवा में उछालकर ऐसा शॉट लगाया जिसे रोक पाना पाकिस्तानी गोलकीपर के लिए संभव नहीं था। इस गोल ने भारत की बढ़त 3-1 कर दी और मैच पर उसकी पकड़ मजबूत हो गई।

    चौथे क्वार्टर में मुकाबला और रोमांचक हो गया। 52वें मिनट में राजिंदर सिंह ने पेनल्टी कॉर्नर पर शानदार गोल करते हुए भारत को 4-1 की मजबूत बढ़त दिलाई। कप्तान हरमनप्रीत सिंह के सटीक पास का राजिंदर ने शानदार तरीके से फायदा उठाया। हालांकि पाकिस्तान ने हार नहीं मानी और अबू महमूद तथा मोइन शकील के गोलों की बदौलत स्कोर 4-3 तक पहुंचा दिया। अंतिम मिनटों में पाकिस्तान ने बराबरी की भरपूर कोशिश की लेकिन भारतीय डिफेंस ने मजबूती दिखाते हुए जीत सुनिश्चित कर ली।

    इस मुकाबले ने एक बार फिर साबित कर दिया कि हाल के वर्षों में भारत हॉकी में पाकिस्तान पर लगातार हावी रहा है। दोनों देशों के बीच अब तक खेले गए मुकाबलों में पाकिस्तान ने कुल 82 और भारत ने 68 जीत दर्ज की हैं लेकिन पिछले दस वर्षों में तस्वीर पूरी तरह बदल गई है। इस दौरान भारत पाकिस्तान के खिलाफ 18 मुकाबलों में अपराजित रहा है जिसमें 16 जीत और दो ड्रॉ शामिल हैं।

    इस जीत के साथ भारतीय टीम ने एफआईएच प्रो लीग अंक तालिका में अपनी स्थिति मजबूत की है। 13 मुकाबलों में तीन जीत के साथ भारत सातवें स्थान पर पहुंच गया है। वहीं पाकिस्तान की टीम लगातार 13 हार के साथ तालिका में सबसे नीचे बनी हुई है। अब भारतीय टीम की नजर अगले मुकाबलों पर होगी जहां उसे पाकिस्तान के खिलाफ एक और मैच तथा इंग्लैंड के खिलाफ दो महत्वपूर्ण मुकाबले खेलने हैं।

    यह जीत केवल अंक तालिका के लिहाज से ही नहीं बल्कि मनोबल के स्तर पर भी भारतीय टीम के लिए बेहद अहम मानी जा रही है। हरमनप्रीत ब्रिगेड ने एक बार फिर साबित कर दिया कि बड़े मुकाबलों में दबाव को कैसे अवसर में बदला जाता है।

  • भारत ने वर्ल्ड चैंपियन जर्मनी को 3-1 से रौंदा, एफआईएच प्रो लीग में दिखाया दम

    भारत ने वर्ल्ड चैंपियन जर्मनी को 3-1 से रौंदा, एफआईएच प्रो लीग में दिखाया दम


    नई दिल्ली । एफआईएच हॉकी प्रो लीग 2025-26 में भारतीय पुरुष हॉकी टीम ने एक बार फिर अपनी ताकत का शानदार प्रदर्शन करते हुए मौजूदा विश्व चैंपियन जर्मनी को 3-1 से शिकस्त दे दी। रॉटरडैम में खेले गए इस मुकाबले में भारत ने शुरुआत से ही आक्रामक और संतुलित खेल दिखाया तथा जर्मनी को पूरे मैच में दबाव में बनाए रखा। इस जीत ने न केवल भारतीय टीम के आत्मविश्वास को नई ऊंचाई दी, बल्कि यह भी साबित कर दिया कि टीम बड़े मुकाबलों में किसी भी दिग्गज को चुनौती देने की क्षमता रखती है।

    मैच की शुरुआत से ही भारतीय खिलाड़ियों ने गेंद पर नियंत्रण बनाए रखा और जर्मन टीम को खुलकर खेलने का मौका नहीं दिया। इसका फायदा भारत को सातवें मिनट में मिला, जब मनदीप सिंह ने शानदार मूव बनाते हुए गेंद को गोलपोस्ट में पहुंचा दिया। इस गोल के बाद भारतीय टीम का आत्मविश्वास और बढ़ गया। पहले क्वार्टर के अंतिम क्षणों में शिलानंद लाकड़ा ने बेहतरीन स्ट्राइक लगाकर भारत की बढ़त को दोगुना कर दिया। 13वें मिनट में आए इस गोल ने जर्मनी को पूरी तरह बैकफुट पर धकेल दिया और स्कोर 2-0 हो गया।

    दूसरे क्वार्टर में जर्मनी ने वापसी की कोशिश की और भारतीय हाफ में लगातार हमले किए। हालांकि भारतीय डिफेंस चट्टान की तरह मजबूती से खड़ा रहा। जर्मनी को मिले पेनल्टी कॉर्नर भी भारतीय रक्षा पंक्ति और गोलकीपर मोहित की सतर्कता के सामने बेअसर साबित हुए। अमित रोहिदास ने भी महत्वपूर्ण मौके पर शानदार ब्लॉक लगाकर टीम को बढ़त बनाए रखने में मदद की। पहले हाफ के अंत तक भारत 2-0 से आगे रहा।

    तीसरे क्वार्टर में भारत ने अपनी आक्रामक रणनीति जारी रखी। 35वें मिनट में नीलकांत शर्मा ने शानदार व्यक्तिगत कौशल का प्रदर्शन करते हुए कई जर्मन डिफेंडरों को छकाया और शानदार गोल दागकर भारत को 3-0 की मजबूत बढ़त दिला दी। यह गोल मैच का सबसे आकर्षक क्षणों में से एक रहा। हालांकि तीसरे क्वार्टर के अंत में जर्मनी के राफेल हार्टकोफ ने गोल कर अंतर कम करने की कोशिश की, लेकिन तब तक भारत मैच पर पूरी तरह पकड़ बना चुका था।

    अंतिम क्वार्टर में जर्मनी ने वापसी के लिए हरसंभव प्रयास किया, लेकिन भारतीय खिलाड़ियों ने अनुशासित और संयमित खेल दिखाया। काउंटर-प्रेसिंग और विंग्स से तेज हमलों के जरिए भारत ने जर्मनी को दबाव में रखा। मैच के अंतिम मिनटों में जर्मनी को एक और पेनल्टी कॉर्नर मिला, लेकिन भारतीय डिफेंस ने उसे भी नाकाम कर दिया और 3-1 की यादगार जीत अपने नाम कर ली।

    इस मुकाबले का एक और ऐतिहासिक पहलू रहा। अनुभवी खिलाड़ी मनप्रीत सिंह ने अपना 413वां अंतरराष्ट्रीय मैच खेलते हुए दिलीप टिर्की का 412 मैचों का रिकॉर्ड तोड़ दिया और भारत के लिए सबसे ज्यादा अंतरराष्ट्रीय मैच खेलने वाले खिलाड़ी बन गए। वहीं मिडफील्ड में शानदार प्रदर्शन करने वाले हार्दिक सिंह को ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ चुना गया। भारत की यह जीत टीम की बढ़ती ताकत और आगामी बड़े टूर्नामेंटों के लिए उसके मजबूत इरादों का संकेत मानी जा रही है।