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  • ‘FWICE कोई अदालत नहीं’, रणवीर सिंह विवाद पर भड़के राम गोपाल वर्मा, इंडस्ट्री पॉलिटिक्स पर साधा निशाना

    ‘FWICE कोई अदालत नहीं’, रणवीर सिंह विवाद पर भड़के राम गोपाल वर्मा, इंडस्ट्री पॉलिटिक्स पर साधा निशाना

    नई दिल्ली ।
    हिंदी सिनेमा के बेबाक डायरेक्टर्स में से एक राम गोपाल वर्मा ने हाल ही में रणवीर सिंह का खुलकर सपोर्ट किया. दरअसल, ‘डॉन 3’ से रणवीर के बाहर होने को लेकर जो विवाद चल रहा है, उस पर फिल्म इंडस्ट्री में लगातार चर्चा हो रही है. इसी बीच राम गोपाल वर्मा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक लंबा पोस्ट लिखकर फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न इंडिया सिने एम्प्लॉइज (FWICE) की जमकर आलोचना की. उनका ये ट्वीट अब तेजी से वायरल हो रहा है, जिसपर कई रिएक्शन भी आ रहे हैं.
    उन्होंने कहा कि रणवीर के खिलाफ जारी किया गया तथाकथित बैन आगे चलकर फेडरेशन के लिए ही मजाक बन जाएगा. राम गोपाल ने अपने पोस्ट में लिखा, FWICE कोई अदालत या सरकारी संस्था नहीं है, जो किसी के खिलाफ फैसला सुना सके. उनके मुताबिक ये एक ऐसा मंच है, जहां कुछ लोग अपने पर्सनल एजेंडे के तहत फैसले लेते हैं. उन्होंने दावा किया कि रणवीर सिंह की हालिया सफलता से कुछ लोग असहज हैं और इसी वजह से उनके खिलाफ माहौल बनाया जा रहा है. वर्मा ने फेडरेशन की वर्क प्रोसेस पर भी सवाल खड़े किए.
    रणवीर सिंह के सपोर्ट में उतरे राम गोपाल वर्मा
    फिल्ममेकर का कहना है कि ‘डॉन 3’ को लेकर जो विवाद है, उसे रणवीर सिंह और फरहान अख्तर के बीच ही सुलझाया जाना चाहिए. उन्होंने कहा कि इस मामले में बाकी लोगों को दखल देने की जरूरत नहीं है. राम गोपाल वर्मा ने ये भी कहा कि अगर रणवीर सिंह सिर्फ एक बार फिल्म के लिए हामी भर दें, तो अगले ही दिन उनके घर के बाहर कई निर्माता लाइन लगाकर खड़े हो जाएंगे और उनके साथ काम करने को तैयार होंगे. राम गोपाल ने लिखा, ‘ये रणवीर सिंह जैसे सितारे हैं जो सिनेमाघरों में दर्शकों को लाते हैं, न कि FWICE’.
    राम गोपाल ने FWICE को सुनाई खरी-खोटी
    उन्होंने आगे लिखा, ‘ऐसे कलाकारों की वजह से इंडस्ट्री चलती है और हजारों लोगों को रोजगार मिलता है. अगर बड़े सितारे नहीं होंगे तो इंडस्ट्री भी नहीं चलेगी’. उन्होंने सभी पक्षों को सलाह देते हुए कहा कि दो लोगों के बीच चल रहे पेशेवर विवाद में दूसरों को बेवजह हस्तक्षेप नहीं करना चाहिए. बता दें, रणवीर सिंह और फरहान अख्तर के बीच ‘डॉन 3’ को लेकर शुरू हुआ मतभेद अब बड़ा विवाद बन चुका है. शुरुआत में इसे सिर्फ कास्टिंग में बदलाव माना जा रहा था, लेकिन बाद में मामला कानूनी रूप लेता नजर आया.
    ‘डॉन 3’ को लेकर खड़ा हुआ ये विवाद
    खबरों के मुताबिक फरहान अख्तर की कंपनी एक्सेल एंटरटेनमेंट ने रणवीर से 45 करोड़ रुपये के मुआवजे की मांग की है. वहीं FWICE ने भी एक्टर के खिलाफ नॉन-कोऑपरेशन इंस्ट्रक्शन जारी कर दिया. कई मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि रणवीर सिंह ने क्रिएटिव मतभेदों की वजह से फिल्म छोड़ने का फैसला किया. ये भी कहा गया कि वे फिल्म की शूटिंग में लगातार हो रही देरी और फाइनल स्क्रिप्ट तैयार न होने से खुश नहीं थे. इसी वजह से उन्होंने प्रोजेक्ट से अलग होने का फैसला लिया. हालांकि, अभी तक सही वजह सामने नहीं आई.

    FWICE ने एक्टर के खिलाफ लिया ये फैसला

    रणवीर सिंह के फिल्म छोड़ने के बाद फरहान अख्तर ने FWICE से संपर्क किया था, जिसके बाद 25 मई को एक्टर के खिलाफ नॉन-कोऑपरेशन इंस्ट्रक्शन (गैर-सहयोग निर्देश) जारी किया गया. इस पूरे विवाद पर रणवीर सिंह की तरफ से भी बयान जारी किया गया. उनके प्रवक्ता ने कहा, ‘रणवीर सिंह इस मामले को लेकर चल रही अटकलों को और बढ़ाना नहीं चाहते. उनका मानना है कि पेशेवर मतभेद और पर्सनल संबंधों से जुड़े मुद्दों को सम्मान, समझदारी और परिपक्वता के साथ निजी तौर पर सुलझाया जाना चाहिए’.
  • डायरेक्टर अनीश के किडनैपिंग और मारपीट मामले में कन्नड़ एक्ट्रेस ऐश्वर्या समेत 11 लोग गिरफ्तार

    डायरेक्टर अनीश के किडनैपिंग और मारपीट मामले में कन्नड़ एक्ट्रेस ऐश्वर्या समेत 11 लोग गिरफ्तार

    नई दिल्ली। कन्नड़ फिल्म डायरेक्टर के साथ हुई किडनैपिंग और मारपीट की घटना में कन्नड़ एक्ट्रेस ऐश्वर्या समेत 11 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। अदुगोडी पुलिस स्टेशन में किडनैपिंग, हमला, जबरन वसूली जैसी धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया था। इसी मामले में पुलिस ने यह कार्रवाई की है।
    कौन हैं अनीश
    इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, मारपीट और किडनैपिंग का शिकार हुए डायरेक्टर का नाम अनीश है और वह मॉडलिंग व कास्टिंग एजेंसी भी चलाते हैं।

    क्या हुआ अनीश के साथ
    अनीश, जीवनदा भाषा फिल्म डायरेक्ट कर रहे थे और 9 फरवरी को बेंगलुरु में थे। इसी दौरान उनसे बताया गया कि एक व्यक्ति उनकी कार को खरीदना चाहता है। इसके बाद उन्हें इस बहाने से शहर से दूर ले जाया गया। यहां पर अचानक कुछ लोगों ने उन पर हमला कर दिया और फाइनेंस मामले से जुड़ी उनकी पहले की शिकायत को वापस लेने के लिए दबाव डालने लग गए। विवाद एक फिल्म में इन्वेस्टमेंट को लेकर था।

    आरोपियों ने कथित तौर पर डायरेक्टर के सोने के गहने भी लूट लिए और कई बार हमला किया। इसके बाद एटीएम से जबरदस्ती पैसे निकलवाए गए और फिर अस्पताल में एडमिट करवाया गया।

    पुराना है मामला
    पुलिस को जांच के दौरान यह शक था कि किसी जान पहचान वाले ने ही इन्हें बुलाया था। पुलिस ने सभी 11 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। शिकायत में बताया गया है कि साल 2024 में अनीश की पहचान आशी उर्फ आशीर्वाद से हुई। आशीर्वाद ने उससे ढाई लाख रुपये उधार लिए हुए थे। जब अनीश ने अपने पैसों की डिमांड की तो उसने मना कर दिया और धमकी दी। यह मामला पुलिस थाने तक पहुंचा।

    ऐश्वर्या कैसे इन्वॉल्व हुईं
    इसी दौरान, अनीश अपनी कार को बेचना चाहते थे। ऐश्वर्या से इस बारे में जब संपर्क हुआ तो उसने एक दोस्त शाहिद को खरीदार बताते हुए उससे मिलवाया। फिर 8 फरवरी को अनीश बेंगलुरु पहुंचे और जहां वह अन्य लोगों से मिले। अनीश को बताया गया कि वह डेढ़ लाख रुपये शाहिद के भाई के घर से रिसीव कर लें। जब वह उस जगह पर पहुंचे तो घर अंदर से बंद कर लिया और फिर उन पर हमला किया गया।
  • एआर रहमान के बयान पर सियासी बवाल: अर्जुन सिंह की टिप्पणी से भड़की बहस, अनूप जलोटा की प्रतिक्रियाओं ने बढ़ाई तीखी चर्चा

    एआर रहमान के बयान पर सियासी बवाल: अर्जुन सिंह की टिप्पणी से भड़की बहस, अनूप जलोटा की प्रतिक्रियाओं ने बढ़ाई तीखी चर्चा


    नई दिल्ली। संगीतकार एआर रहमान के हालिया बयान ने एक बार फिर सुर्खियों में उन्हें ला दिया है। रहमान ने एक इंटरव्यू में कहा था कि उन्हें अब पहले की तरह काम नहीं मिल रहा है और वह अपने करियर के वर्तमान दौर को लेकर असमंजस में हैं। इस बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में विवाद शुरू हो गया और पश्चिम बंगाल के BJP के पूर्व सांसद अर्जुन सिंह ने इस पर प्रतिक्रिया दी, जिससे मामला और बिगड़ गया।

    अर्जुन सिंह ने पहले रहमान की प्रतिभा की तारीफ की और कहा कि वह उनके संगीत का सम्मान करते हैं, लेकिन साथ ही उन्होंने एक विवादित दावा भी किया।

    उन्होंने कहा कि एआर रहमान ने फिल्म इंडस्ट्री में आगे बढ़ने के लिए हिंदू धर्म छोड़कर इस्लाम अपनाया था और अब उन्हें “सनातन धर्म में वापस लौटना चाहिए।” इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रियाएं आईं और कई लोगों ने इसे सांप्रदायिक टिप्पणी करार दिया।

    अर्जुन सिंह ने अपने बयान में बॉलीवुड की मौजूदा स्थिति पर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि आज हिंदी फिल्म इंडस्ट्री का प्रभाव घट रहा है, जबकि साउथ सिनेमा तेजी से बढ़ रहा है। उनके मुताबिक, साउथ फिल्मों की कहानी, प्रस्तुति और तकनीक बेहतर है, इसलिए लोग डब की गई साउथ फिल्मों को भी बड़ी संख्या में देख रहे हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि बॉलीवुड ने अपनी सांस्कृतिक जड़ों से दूरी बना ली है, जिसका असर अब इंडस्ट्री की दशा पर दिख रहा है।

    इस विवाद में अनूप जलोटा का नाम भी जुड़ गया। पहले उन्होंने एआर रहमान के बयान को “खतरनाक” बताया था और कहा था कि वह 50 साल से बॉलीवुड में हैं और वहां सांप्रदायिकता की जगह नहीं होनी चाहिए। लेकिन बाद में उन्होंने एक और बयान देकर चर्चा बढ़ा दी, जिसमें उन्होंने सुझाव दिया कि अगर रहमान “हिंदू बनकर देखें” तो उन्हें फिर से काम मिलने लगेगा। जलोटा ने कहा, “उन्हें यह मानना चाहिए कि हिंदू बनने से उन्हें दोबारा फिल्में मिलने लगेंगी। यही बात रहमान कहना चाहते हैं। इसलिए मेरा सुझाव है कि वे हिंदू बनकर देखें और जांचें कि क्या उन्हें फिर से फिल्में मिलती हैं या नहीं।”

    अनूप जलोटा की इस टिप्पणी को भी कई लोगों ने आलोचना की, क्योंकि यह धर्म को करियर से जोड़ने वाला बयान माना गया। कई सोशल मीडिया यूजर्स ने कहा कि कलाकारों के काम और पहचान को धर्म से जोड़कर देखा जाना गलत है,

    जबकि कुछ लोग इसे उनकी निजी राय मानकर ठीक भी बता रहे हैं।

    वहीं, इस पूरे विवाद के बीच एआर रहमान की तरफ से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। वह अपने संगीत और फिल्मों के लिए जाने जाते हैं और कई बार उन्होंने अपने काम को ही अपनी पहचान बताया है। इस विवाद ने फिर एक बार यह सवाल उठाया है कि क्या कला और कलाकारों को धर्म और राजनीति से जोड़ा जाना चाहिए या नहीं।

    फिलहाल, यह मामला सोशल मीडिया और राजनीतिक बहस का विषय बन चुका है, और लोगों के बीच अलग-अलग राय सामने आ रही है। कलाकारों के काम को लेकर बहस जारी है, लेकिन सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या किसी की धार्मिक पहचान को उनकी सफलता या असफलता से जोड़ा जा सकता है।

  • Toxic Teaser Controversy: CBFC को नहीं दी गई थी टीजर की जानकारी, विवादों में घिरी यश की फिल्म

    Toxic Teaser Controversy: CBFC को नहीं दी गई थी टीजर की जानकारी, विवादों में घिरी यश की फिल्म

    नई दिल्ली। यश की आने वाली फिल्म टॉक्सिक का बेसब्री से इंतजार हो रहा है। हाल में टीजर भी रिलीज किया गया जिसके बाद फिल्म मुश्किलों में आ गई है। करीब तीन मिनट के इस टीजर में यश और ब्रिज़लियन एक्ट्रेस बीट्रीज़ टोफेनबैक के बीच गाड़ी में एक इंटिमेट सीन दिखाया गया है। इस सीन को लेकर काफी विवाद हो गया है। आम आदमी पार्टी की महिला विंग ने यश और सीन पर आपत्ति जताई थी। विंग ने कर्नाटक स्टेट विमिन कमीशन से इस बारे में शिकायत दर्ज की थी।
    CBFC को इसलिए नहीं दी गई जानकारी
    कर्नाटक स्टेट विमिन कमीशन ने CBFC से लिखित में यश की फिक्म टॉक्सिक के टीजर के खिलाफ एक्शन लेने की मांग की थी। लेकिन इंडिया टुडे की एक रिपोर्ट के मुताबिक CBFC से जुड़े सूत्र ने पोर्टल को ये जानकारी दी है कि टॉक्सिक का टीजर को बोर्ड ने सर्टिफिकेट नहीं दिया है। क्योंकि ये टीजर ऑनलाइन रिलीज किया गया है। और ऑनलाइन रिलीज के लिए CBFC के सर्टिफिकेट की जरूरत नहीं होती।
    ऑनलाइन टीजर को सर्टिफिकेट की जरूरत नहीं
    अगर कोई भी टीजर या प्रोमो थिएटर में दिखाया जाता या किसी दूसरी फिल्म के सैट जुड़ा होता तब CBFC के सर्टिफिकेट की जरूरत होती।टॉक्सिक के मेकर्स ने ये करीब तीन मिनट का टीजर अपने यूट्यूब चैनल पर रिलीज किया है। इसलिए CBFC के सर्टिफिकेट की जरूरत नहीं होगी।
    इस सीन पर हुआ विवाद
    टॉक्सिक का टीजर रिलीज होते ही विवाद में घिर गया था। टीजर में दिखाया गया था कि शमशान भूमि पर किसी को दफनाया जा रहा है तभी यश के किरदार राया का इंट्रो सीन शुरू हो जाता है। वो एक गाड़ी में आता है। गेट के बाहर गाड़ी रोकी जाती है और एक तार से जोड़ दी जाती है। इंटिमेट सी की वजह से गाड़ी हिलने लगती है और शमशान भूमि पर ब्लास्ट हो जाता है। इस सीन को लेकर विवाद हुआ है। हालांकि, इस पर मेकर्स की तरफ से कोई रिएक्शन सामने नहीं आया है।

    टॉक्सिक रिलीज
    टॉक्सिक की बात करें तो फिल्म 19 मार्च को धुरंधर 2 के साथ रिलीज हो रही है। इस फिल्म की कास्ट शानदार है। फिल्म में नयनतारा, कियारा अडवानी, तारा सुतारिया, रुकमणी वसंत और हुमा कुरैशी जैसी पांच दमदार हीरोइन नजर आने वाली हैं। फिल्म को गीतू मोहनदास ने डायरेक्ट की है। अब बस रिलीज