Tag: Financial Growth

  • शुक्रवार को अपनाएं ये आसान उपाय, धन लाभ और समृद्धि के बन सकते हैं योग

    शुक्रवार को अपनाएं ये आसान उपाय, धन लाभ और समृद्धि के बन सकते हैं योग


    नई दिल्ली: हिंदू धर्म में शुक्रवार का दिन धन, वैभव और समृद्धि की देवी मां लक्ष्मी को समर्पित माना गया है। शास्त्रों के अनुसार इस दिन विधिवत पूजा और कुछ सरल उपाय करने से मां लक्ष्मी की विशेष कृपा प्राप्त होती है। साथ ही कुंडली में शुक्र ग्रह की स्थिति मजबूत होती है, जिससे जीवन में आर्थिक प्रगति और सुख-शांति का संचार होता है।

    मां लक्ष्मी को चढ़ाएं एक रूपए का सिक्का
    शुक्रवार के दिन मां लक्ष्मी के सामने एक रूपए का सिक्का रखकर पूजा करना शुभ माना गया है। पूजा और आरती के बाद अगले दिन इस सिक्के को लाल कपड़े में बांधकर अपने पास रखने से धन संबंधी सकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है और सौभाग्य का योग बनता है।

    नीम के पेड़ में जल अर्पित करें
    नीम के पेड़ को मां दुर्गा का स्वरूप माना जाता है। शुक्रवार के दिन नीम के पेड़ में जल चढ़ाने से ग्रह दोषों में कमी आती है और घर में सुख-समृद्धि बढ़ती है। यह उपाय मानसिक शांति भी प्रदान करता है।

    मां लक्ष्मी की विधिवत पूजा और मंत्र जाप
    शुक्रवार को मां लक्ष्मी की पूजा के साथ लक्ष्मी चालीसा या विशेष मंत्रों का जाप अत्यंत शुभ माना गया है। इससे जीवन में सकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है और आर्थिक स्थिति मजबूत होती है।

    कमल का फूल अर्पित करना है शुभ
    मां लक्ष्मी को कमल का फूल अत्यंत प्रिय है। शुक्रवार के दिन सफेद या गुलाबी कमल अर्पित करने से मां लक्ष्मी प्रसन्न होती हैं और घर में सुख-समृद्धि का वास होता है।

    चींटियों को चीनी खिलाने का उपाय
    काली चींटियों को चीनी खिलाना शुक्रवार के दिन शुभ माना गया है। इससे रुके हुए कार्य पूरे होते हैं और सफलता के नए मार्ग खुलते हैं।

    सफेद वस्तुओं का दान करें
    शुक्रवार को दूध, दही, चीनी और आटे जैसी सफेद वस्तुओं का दान करना अत्यंत लाभकारी माना गया है। इससे घर में सकारात्मक ऊर्जा आती है और शुक्र ग्रह मजबूत होता है।

    शुक्र मंत्र का जाप है अत्यंत प्रभाव
    शुक्रवार के दिन इस मंत्र का जाप करने से विशेष लाभ मिलता है:

    “ॐ हिमकुन्दमृणालाभं दैत्यानां परमं गुरुम्‌
    सर्वशास्त्रप्रवक्तारं भार्गवं प्रणमाम्यहम्‌।”

    यह मंत्र जीवन में स्थिरता, सौभाग्य और आर्थिक उन्नति लाने वाला माना गया है।

    श्रद्धा और विश्वास के साथ यदि शुक्रवार के इन सरल उपायों को अपनाया जाए, तो जीवन में आर्थिक परेशानियां कम हो सकती हैं और मां लक्ष्मी की कृपा से सुख-समृद्धि का मार्ग प्रशस्त हो सकता है।

  • FY2026 में क्रेडिट ग्रोथ में उछाल: रिटेल और MSME सेक्टर बने सहारा

    FY2026 में क्रेडिट ग्रोथ में उछाल: रिटेल और MSME सेक्टर बने सहारा


    नई दिल्ली।  भारत में वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान बैंकिंग सेक्टर में क्रेडिट ग्रोथ ने जोरदार रफ्तार पकड़ी है। यस बैंक की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, देश में कुल कर्ज वितरण (क्रेडिट फ्लो) में 61 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। यह उछाल मुख्य रूप से रिटेल ग्राहकों और MSME सेक्टर की मजबूत मांग की वजह से आया है, जिसने अर्थव्यवस्था में नई जान फूंक दी है।

    रिपोर्ट के अनुसार, FY26 में कुल क्रेडिट फ्लो बढ़कर 25.1 लाख करोड़ रुपए तक पहुंच गया, जो लगभग 26.1 लाख करोड़ रुपए के डिपॉजिट के बराबर है। रिटेल, MSME और इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर में तेजी से बढ़ती मांग इस ग्रोथ का प्रमुख आधार रही। हालांकि, डिपॉजिट ग्रोथ की गति धीमी रहने से बैंकिंग सिस्टम में लिक्विडिटी पर हल्का दबाव भी देखने को मिला है।

    इसी के चलते क्रेडिट-डिपॉजिट (C/D) रेशियो बढ़कर 82.4 प्रतिशत तक पहुंच गया है, जो पिछले एक दशक का सबसे ऊंचा स्तर माना जा रहा है। यह संकेत देता है कि बैंक अब ज्यादा आक्रामक तरीके से कर्ज दे रहे हैं, जबकि जमा की रफ्तार उतनी तेज नहीं है।

    रिटेल लोन इस ग्रोथ का सबसे बड़ा इंजन बनकर उभरा है। पर्सनल लोन की हिस्सेदारी 29 प्रतिशत से बढ़कर 33 प्रतिशत हो गई है। टैक्स में राहत और GST से जुड़े फायदों के चलते लोगों की आय में बढ़ोतरी हुई है, जिससे उनकी कर्ज लेने की क्षमता भी मजबूत हुई है। खास बात यह है कि इस बार वाहन लोन ने हाउसिंग लोन को पीछे छोड़ दिया है और क्रेडिट ग्रोथ का सबसे बड़ा ड्राइवर बनकर सामने आया है।

    दूसरी ओर, लोन लेने के ट्रेंड में भी बदलाव देखने को मिला है। अब लोग अनसिक्योर्ड (बिना गारंटी) लोन की बजाय सिक्योर्ड लोन की ओर ज्यादा झुकाव दिखा रहे हैं, जिससे बैंकिंग सिस्टम में जोखिम भी कम हो सकता है।

    इंडस्ट्रियल क्रेडिट में भी सुधार दर्ज किया गया है, जिसमें MSME सेक्टर की अहम भूमिका रही है। यह सेक्टर अब कुल औद्योगिक कर्ज का करीब एक-तिहाई हिस्सा बन चुका है। सरकार की क्रेडिट गारंटी स्कीम और MSME की नई परिभाषा ने इस सेगमेंट को मजबूती दी है। माइक्रो और स्मॉल एंटरप्राइज ने 2.38 लाख करोड़ रुपए का कर्ज जोड़ा, जबकि मीडियम एंटरप्राइज ने 63,000 करोड़ रुपए का योगदान दिया।

    हालांकि, रिपोर्ट में भविष्य को लेकर थोड़ी चिंता भी जताई गई है। FY27 में क्रेडिट ग्रोथ की रफ्तार धीमी पड़ सकती है। इसके पीछे बढ़ती तेल कीमतें, कमजोर निर्यात और खाद्य महंगाई जैसे कारक जिम्मेदार हो सकते हैं। साथ ही, GST से मिलने वाले फायदों का असर कम होने से भी लोन की मांग प्रभावित हो सकती है।

  • सोने की तेजी से भारतीय परिवारों की संपत्ति में 2025 में रिकॉर्ड बढ़ोतरी, 117 लाख करोड़ रुपए का इजाफा

    सोने की तेजी से भारतीय परिवारों की संपत्ति में 2025 में रिकॉर्ड बढ़ोतरी, 117 लाख करोड़ रुपए का इजाफा


    नई दिल्ली। साल 2025 में सोने की कीमतों में आई जबरदस्त तेजी ने भारतीय परिवारों की संपत्ति को ऐतिहासिक स्तर तक बढ़ा दिया। एचडीएफसी म्यूचुअल फंड ईयरबुक 2026 के आंकड़ों के मुताबिक 2025 में भारतीय घरों की कुल संपत्ति में करीब 117 लाख करोड़ रुपए या लगभग 1.3 ट्रिलियन डॉलर का इजाफा हुआ। यह पिछले 25 वर्षों में सोने की कीमतों में हुई सबसे बड़ी वृद्धि है।

    रिपोर्ट के अनुसारसाल 2025 में 15 दिसंबर तक सोने की कीमत प्रति 10 ग्राम लगभग 57, 000 रुपए तक पहुंच गई। पिछले साल 2024 में भी सोने की कीमत में प्रति 10 ग्राम 14,000 रुपए की वृद्धि हुई थी। इस तेजी ने न केवल परिवारों की संपत्ति बढ़ाई बल्कि रिटेल लोन की मांग को भी बढ़ावा दिया क्योंकि सोने के बदले लिए जाने वाले लोन में उल्लेखनीय बढ़ोतरी देखने को मिली।जबकि शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव रहा सोना सुरक्षित निवेश बनकर उभरा। रिपोर्ट में बताया गया है कि 2025 भारतीय शेयर बाजार के लिए स्थिरता का साल रहा। वहीं वैश्विक स्तर पर सोना, उभरते बाजार, यूरोप और मैग्निफिसेंट 7 स्टॉक सबसे अच्छा प्रदर्शन करने वालों में शामिल रहे। दूसरी ओर ऑयल अमेरिकी डॉलर और बिटकॉइन जैसी संपत्तियों का प्रदर्शन कमजोर रहा।

    हालांकि भारत का प्रदर्शन वैश्विक बाजारों के मुकाबले कमजोर रहा। निफ्टी का प्रदर्शन वैश्विक और उभरते बाजारों के मुकाबले करीब 25 प्रतिशत कमजोर रहा जो पिछले लगभग 30 वर्षों का सबसे खराब प्रदर्शन माना जा रहा है। इस गिरावट के बावजूद भारतीय बाजार का वैल्यूएशन अब अपने लंबे समय के औसत स्तर के करीब आ गया है।रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि 2025 में स्मॉल-कैप और मिड-कैप शेयरों का प्रदर्शन लार्ज-कैप शेयरों के मुकाबले कमजोर रहा। करीब 30 प्रतिशत स्मॉल-कैप शेयर अपने 52 हफ्तों के उच्चतम स्तर से 30 प्रतिशत या उससे ज्यादा गिर चुके हैं। फिर भी लार्ज-कैप स्टॉक्स को निवेशकों के लिए अभी भी बेहतर विकल्प माना जा रहा है।

    निवेश को लेकर सलाह देते हुए एचडीएफसी म्यूचुअल फंड ने कहा कि नए निवेशकों को हाइब्रिड फंड्स पर विचार करना चाहिए। ऐसे फंड्स में इक्विटी डेट और सोने का मिश्रण होता है, जिससे बाजार में उतार-चढ़ाव के समय निवेशकों को बेहतर संतुलन और सुरक्षा मिलती है।इस तरह 2025 में सोने की तेजी ने भारतीय परिवारों की संपत्ति को नया आयाम दिया है। निवेशकों के लिए यह साल चुनौती और अवसर दोनों लेकर आया, जहां सोना सुरक्षित निवेश का सबसे भरोसेमंद विकल्प साबित हुआ।

  • तेजी से अमीर बनाते हैं ये 3 मूलांक! जानिए अंकशास्त्र के फास्ट अर्निंग नंबर…

    तेजी से अमीर बनाते हैं ये 3 मूलांक! जानिए अंकशास्त्र के फास्ट अर्निंग नंबर…


    नई दिल्ली ।अंकशास्त्र में हर मूलांक का स्वभाव, सोच और काम करने का तरीका अलग होता है। लेकिन कुछ मूलांक ऐसे माने जाते हैं जिनके लोगों में तेजी से पैसा कमाने की क्षमता स्वाभाविक रूप से अधिक होती है। विशेषज्ञों के अनुसार इन मूलांक वालों की ताकत किस्मत नहीं, बल्कि उनका दृष्टिकोण जोखिम उठाने का साहस और सही मौकों को पकड़ने की क्षमता होती है। आइए जानते हैं कौन-से मूलांक वाले लोग आर्थिक तरक्की की दौड़ में सबसे आगे रहते हैं।

    मूलांक 1 जन्म तिथि: 1, 10, 19, 28
    अंक 1 के जातक जन्मजात नेता माने जाते हैं। इनमें आत्मविश्वास भरपूर होता है और ये काम को शुरू करके दिखाने में यकीन रखते हैं। इनकी प्रमुख खूबियां: ,खुद पर मजबूत भरोसा,  तुरंत निर्णय लेने की क्षमता, पद, शक्ति और जिम्मेदारी पाने में तेज मूलांक 1 के लोग बिजनेस, मैनेजमेंट, मीडिया से लेकर राजनीति तक-हर जगह तेजी से नाम और पैसा कमाते हैं। इनकी तरक्की का आधार मेहनत और नेतृत्व कौशल होता है।

    मूलांक 3 जन्म तिथि: 3, 12, 21, 30

    मूलांक 3 वालों की सबसे बड़ी ताकत होती है-नेटवर्किंग और टाइमिंग। ये सही लोगों से सही समय पर जुड़ने की कला जानते हैं।  खासियत:  प्रभावी संपर्क   बनाना सही मौके  पर तुरंत कदम   उठाना प्लानिंग और रणनीति   में माहिर इनकी कमाई अक्सर अचानक बढ़ती है क्योंकि ये अवसरों को पहचानकर तुरंत फायदा उठाते हैं। शिक्षा, प्रशासन, मैनेजमेंट और सरकारी क्षेत्रों में इनकी पकड़ मजबूत होती है।

    अंकशास्त्र में मूलांक 5 को सबसे फास्ट मनी नंबर कहा जाता है। बुध ग्रह का प्रभाव इन्हें तेज सोच स्मार्ट वर्क और कम्युनिकेशन की ताकत देता है  इनकी तीन शक्तियां: जोखिम लेने में बिल्कुल नहीं डरते बाजार और ट्रेंड की तेज समझ  बदलावों के साथ तुरंत खुद को ढाल लेना  फाइनेंस, ट्रेडिंग, मार्केटिंग, सेल्स और बिजनेस-इन सभी क्षेत्रों में मूलांक 5 के लोग पैसा तेजी से कमाने के लिए जाने जाते हैं। लोगों से मजबूत रिश्ते बनाना इनकी आर्थिक सफलता का आधार होता है।

    मूलांक 6 जन्म तिथि: 6, 15, 24
    मूलांक 6 वाले लोगों में आकर्षण, रचनात्मकता और लोगों को प्रभावित करने की क्षमता बेहतरीन होती है। मुख्य खूबियां: आय के नए और रचनात्मक स्रोत खोजना  पार्टनरशिप में लाभ लोगों पर अच्छा प्रभाव यह मूलांक रियल एस्टेट, कला, फैशन, डिजाइनिंग, मीडिया और लाइफस्टाइल इंडस्ट्री में शानदार पैसा दिलाता है। इनके पास धन अक्सर सहजता से आता है।

    मूलांक 8 जन्म तिथि: 8, 17, 26
    मूलांक 8 की कमाई की शुरुआत धीमी रहती है, लेकिन एक बार लक्ष्य तय करने के बाद ये लोग गजब की स्थिर और भारी आर्थिक प्रगति करते हैं। इनकी खासियत: अनुशासन और कठोर मेहनत  लक्ष्य पर निरंतर फोकस 28 से 35 वर्ष के बाद आय में तेज वृद्धि लंबी अवधि में मूलांक 8 वाले बड़े धन का निर्माण करते हैं। प्रशासन, कानून, उद्योग और मैनेजमेंट से जुड़े क्षेत्रों में इनकी चमक ज्यादा दिखती है। अंकशास्त्र के अनुसार मूलांक 1, 3, 5, 6 और 8 वाले लोग सबसे तेज आर्थिक विकास करते हैं। हर मूलांक की सफलता की अपनी वजह है-

    मूलांक 1: नेतृत्व, मूलांक 3: नेटवर्किंग, मूलांक 5: जोखिम और स्मार्टनेस, मूलांक 6: प्रभाव और क्रिएटिविटी, मूलांक 8: मेहनत और स्थिर सफलता।  अंकशास्त्र मानता है कि इन मूलांक वालों में पैसा कमाने की क्षमता स्वभाव से ही अधिक होती है, और सही दिशा में प्रयास करें तो ये जीवन में तेजी से आर्थिक ऊंचाइयां छू लेते हैं।