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  • जबलपुर की पारले-जी बिस्कुट फैक्ट्री में भीषण आग, आठ से ज्यादा दमकल गाड़ियां मौके पर, कारणों की जांच शुरू

    जबलपुर की पारले-जी बिस्कुट फैक्ट्री में भीषण आग, आठ से ज्यादा दमकल गाड़ियां मौके पर, कारणों की जांच शुरू


    मध्य प्रदेश: के जबलपुर स्थित रिछाई औद्योगिक क्षेत्र में सोमवार दोपहर पारले-जी बिस्कुट फैक्ट्री में भीषण आग लग गई। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और दमकल विभाग की टीमें मौके पर पहुंच गईं। आग पर काबू पाने के लिए आठ से अधिक दमकल गाड़ियों को लगाया गया है। घटनास्थल पर आग बुझाने के साथ बचाव अभियान भी चलाया जा रहा है। शुरुआती जानकारी के अनुसार, फिलहाल किसी की मौत या गंभीर रूप से घायल होने की सूचना नहीं है।

    यह घटना आधारताल थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले रिछाई औद्योगिक क्षेत्र में हुई। फैक्ट्री में आग लगने की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। दमकलकर्मी लगातार आग बुझाने के प्रयास में जुटे हैं। आग की स्थिति को देखते हुए बचाव अभियान भी जारी रखा गया है। फिलहाल आग पर पूरी तरह काबू पाने और घटनास्थल की स्थिति सामान्य करने के प्रयास किए जा रहे हैं।

    पुलिस के मुताबिक, आग लगने का वास्तविक कारण अभी स्पष्ट नहीं हुआ है। घटनास्थल पर मौजूद लोगों से मिली शुरुआती जानकारी में शॉर्ट सर्किट की आशंका जताई गई है। हालांकि, इसे आग लगने की पुष्ट वजह नहीं माना गया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि वास्तविक कारणों का पता जांच पूरी होने के बाद ही चल सकेगा।

    अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मनीष भारद्वाज ने बताया कि फिलहाल घटना में किसी की मौत या गंभीर रूप से घायल होने की जानकारी सामने नहीं आई है। आग लगने की वजह की पुष्टि के लिए जांच जरूरी है। इसके लिए फॉरेंसिक साइंस लैब यानी एफएसएल की टीम की जांच और आकलन महत्वपूर्ण होगा। जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि आग किन परिस्थितियों में लगी और इसके पीछे क्या कारण रहे।

    फैक्ट्री में आग लगने की घटना के बाद वहां हुए नुकसान का आकलन भी किया जाना बाकी है। आग से भवन, मशीनों, कच्चे माल और तैयार उत्पादों को कितना नुकसान पहुंचा है, इसकी विस्तृत जानकारी फिलहाल उपलब्ध नहीं है। दमकलकर्मियों के आग पर पूरी तरह काबू पाने के बाद ही नुकसान की स्थिति का सही आकलन किया जा सकेगा।

    औद्योगिक क्षेत्र में हुई इस घटना के बाद फिलहाल प्राथमिकता आग बुझाने और बचाव कार्य पूरा करने की है। पुलिस और दमकल की टीमें मौके पर मौजूद हैं। आग के कारणों की जांच के साथ यह भी स्पष्ट किया जाएगा कि घटना किस तरह शुरू हुई और किन परिस्थितियों में फैली। शुरुआती स्तर पर शॉर्ट सर्किट की आशंका सामने आई है, लेकिन जांच से पहले किसी निष्कर्ष पर पहुंचना संभव नहीं है।

    फिलहाल, जबलपुर की पारले-जी बिस्कुट फैक्ट्री में आग बुझाने का अभियान जारी है। पुलिस के अनुसार, अभी तक किसी की मौत या गंभीर रूप से घायल होने की सूचना नहीं मिली है। आग पर पूरी तरह नियंत्रण, संभावित नुकसान और घटना के वास्तविक कारणों को लेकर स्थिति जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

  • भोपाल के न्यू मार्केट में छोले-भटूरे की दुकान में भीषण आग, 25 फीट तक उठीं लपटें, 5-6 दुकानें चपेट में

    भोपाल के न्यू मार्केट में छोले-भटूरे की दुकान में भीषण आग, 25 फीट तक उठीं लपटें, 5-6 दुकानें चपेट में

    भोपाल। के न्यू मार्केट में गुरुवार दोपहर छोले-भटूरे की एक दुकान में अचानक भीषण आग लग गई। आग इतनी तेजी से फैली कि इसकी चपेट में आसपास की 5-6 दुकानें भी आ गईं। आग की लपटें करीब 25 फीट तक ऊपर उठती दिखाई दीं, जबकि धुएं का गुबार करीब 2 किलोमीटर दूर तक नजर आया। आग लगने की जानकारी मिलते ही पूरे मार्केट में अफरा-तफरी की स्थिति बन गई।

    दुकान में मौजूद लोग आग से बचने के लिए तुरंत बाहर की ओर भागने लगे। आग बढ़ने के साथ आसपास की कुछ दुकानें भी इसकी चपेट में आ गईं। घटना की जानकारी मिलने पर फायर ब्रिगेड की गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और आग बुझाने का काम शुरू किया। दमकलकर्मियों ने आग को आसपास के हिस्सों में फैलने से रोकने के लिए प्रयास शुरू किए।

    प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, दोपहर के समय दुकान पर भटूरे बनाए जा रहे थे। इसी दौरान अचानक आग भड़क उठी। दुकान के कर्मचारियों ने शुरुआती स्तर पर आग बुझाने की कोशिश की, लेकिन आग तेजी से फैलती चली गई। कुछ ही देर में आग की लपटें काफी ऊंची उठने लगीं और आसपास के हिस्से में धुआं भर गया।

    बताया गया कि संबंधित दुकान मंदिर के ठीक पीछे स्थित है। आग बढ़ने के बाद लपटें करीब 25 फीट तक पहुंच गईं। धुएं का गुबार भी इतना अधिक था कि वह करीब 2 किलोमीटर दूर से दिखाई दे रहा था। आग की तेज लपटें देखकर मार्केट में मौजूद लोगों की भीड़ मौके पर जुटने लगी।

    आग तेजी से फैलने के कारण आसपास की कई दुकानें भी इसकी चपेट में आ गईं। घटना के बाद बाजार में मौजूद लोगों के बीच अफरा-तफरी मच गई। दुकान में लगे पर्दों की वजह से आग के तेजी से फैलने की बात सामने आई है। हालांकि, आग से कितना नुकसान हुआ है, इसकी पूरी जानकारी अभी सामने नहीं आई है।

    घटना की सूचना मिलने के बाद फायर ब्रिगेड की टीमें मौके पर पहुंचीं और आग पर काबू पाने की कार्रवाई शुरू की। दमकलकर्मी लगातार आग को नियंत्रित करने और इसे मार्केट के दूसरे हिस्सों तक फैलने से रोकने में जुटे हैं। आग की स्थिति को देखते हुए आसपास के हिस्सों में भी सतर्कता बरती जा रही है।

    फिलहाल आग लगने की वजह की पूरी जानकारी सामने नहीं आई है। यह भी स्पष्ट नहीं हुआ है कि आग से दुकानों में कितना सामान और संपत्ति प्रभावित हुई है। फायर ब्रिगेड की टीमें आग बुझाने के साथ स्थिति को नियंत्रित करने में लगी हैं। आग पर पूरी तरह काबू पाने के बाद ही नुकसान और घटना के कारणों से जुड़ी विस्तृत जानकारी सामने आने की स्थिति बनेगी।

  • माता वैष्णो देवी हेलीपैड टर्मिनल में तड़के लगी आग, टिकट और डोनेशन काउंटर समेत कॉफी शॉप का सामान जलकर राख

    माता वैष्णो देवी हेलीपैड टर्मिनल में तड़के लगी आग, टिकट और डोनेशन काउंटर समेत कॉफी शॉप का सामान जलकर राख

    नई दिल्ली । जम्मू-कश्मीर के रियासी जिले में स्थित माता वैष्णो देवी के बेस कैंप कटड़ा स्थित हेलीपैड टर्मिनल में कल तड़के करीब 3:15 बजे आग लग गई। इसकी चपेट में आने से टिकट बुकिंग काउंटर, डोनेशन काउंटर और एक कॉफी शॉप का सारा सामान जल गया। घटना के समय टर्मिनल बंद था और यात्रियों की आवाजाही नहीं थी, जिससे कोई जनहानि नहीं हुई।

    त्रिकुटा पहाड़ियों पर स्थित विश्व प्रसिद्ध माता वैष्णो देवी मंदिर के दर्शनार्थ आने वाले श्रद्धालुओं के लिए हेलीपैड टर्मिनल एक बेहद महत्वपूर्ण सुविधा केंद्र है। यह एक ट्रांजिट पॉइंट है और यहां से श्रद्धालु माता के दर्शन के लिए मंदिर की ओर रवाना होते हैं। हेलिकॉप्टर सेवा से संबंधित टिकटों की बुकिंग, यात्रियों का पंजीकरण, सुरक्षा जांच और अन्य आवश्यक प्रक्रियाएं इस ट्रांजिट पॉइंट पर पूरी की जाती हैं।

    आग की सूचना मिलते ही हेलीपैड के कर्मचारी, वहां मौजूद सुरक्षा कर्मी और फायर एंड इमरजेंसी सर्विसेज की टीम तुरंत हरकत में आ गई। त्वरित कार्रवाई के चलते 30 मिनट में आग पर पूरी तरह से काबू पा लिया गया। दमकल कर्मियों ने आग को टर्मिनल के अन्य संवेदनशील हिस्सों में फैलने से रोक लिया, अन्यथा नुकसान कहीं अधिक हो सकता था। घटना के बाद संबंधित विभागों के अधिकारियों ने मौके का मुआयना कर स्थिति का जायजा लिया है। अधिकारियों ने कहा कि नुकसान का आकलन किया जा रहा है।

    महत्वपूर्ण दस्तावेज, टिकट काउंटर के कुछ कंप्यूटर जले

    आधिकारिक जानकारी के अनुसार प्रारंभिक जांच में आग लगने का मुख्य कारण शॉर्ट सर्किट बताया जा रहा है। आग की लपटें इतनी तेज थीं कि महत्वपूर्ण दस्तावेज, टिकट काउंटर के कुछ कंप्यूटर और अन्य सामान कुछ ही देर में जलकर राख हो गए। आग से टर्मिनल को आंशिक रूप से नुकसान पहुंचा है। आग के चलते सुबह हेलीकॉप्टर भी करीब डेढ़ घंटे देरी से शुरू हो सका। सामान्य परिस्थितियों में हेलीकॉप्टर सुबह सात बजे से उड़ान भरने लगते हैं।

  • Mumbai : गोरेगांव ईस्ट मेट्रो स्टेशन के नीचे पर्यटक बस में लगी आग, सभी यात्री सुरक्षित

    Mumbai : गोरेगांव ईस्ट मेट्रो स्टेशन के नीचे पर्यटक बस में लगी आग, सभी यात्री सुरक्षित


    मुंबई।
    मुंबई (Mumbai) में शुक्रवार शाम एक पर्यटक बस (Tourist bus) में अचानक आग (Fire) लग गई. हादसा गोरेगांव ईस्ट मेट्रो स्टेशन (Goregaon East Metro Station) के नीचे हुआ. आग लगते ही बस से धुआं निकलने लगा और कुछ ही देर में पूरा वाहन आग की लपटों में घिर गया। घटना के वक्त बस गुजरात की ओर जा रही थी. राहत की बात रही कि बस में सवार सभी पांच यात्री और ड्राइवर सुरक्षित हैं. हादसे में किसी के घायल होने या जान जाने की खबर नहीं है।

    जानकारी के मुताबिक, घटना शुक्रवार शाम करीब 6.15 बजे चेकनाका सिग्नल के पास हुई. यह जगह ओबेरॉय गार्डन सिटी मेट्रो स्टेशन के नीचे है. आग लगने वाली बस की पहचान महादेव ट्रैवलर के रूप में हुई है. इसका रजिस्ट्रेशन नंबर MJ 01 AN 1695 बताया गया है. बस में पांच यात्री सवार थे. ड्राइवर निजार कपाड़िया भी बस में मौजूद थे।


    किडनी इंफेक्शन के बाद अन्ना हजारे का हेल्थ अपडेट

    अचानक बस में आग भड़क उठी. देखते ही देखते आग ने पूरे वाहन को अपनी चपेट में ले लिया. मौके से सामने आए वीडियो में बस धू-धूकर जलती नजर आ रही है. आग से निकलता घना धुआं भी काफी दूर तक दिखाई दिया. घटना के कारण सड़क पर कुछ समय के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया।


    फायर ब्रिगेड और पुलिस मौके पर पहुंची

    बस में आग की सूचना मिलते ही मुंबई फायर ब्रिगेड की टीम को मौके पर भेजा गया. पुलिस भी घटनास्थल पर पहुंची. इसके अलावा 108 एंबुलेंस सेवा और मेट्रो प्रशासन की टीमों को भी मौके पर बुलाया गया। फायर ब्रिगेड के कर्मचारियों ने तुरंत आग बुझाने का काम शुरू किया. काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पा लिया गया. इसके बाद सड़क से जली हुई बस को हटाया गया. प्रभावित हिस्से को साफ किया गया. इसके बाद वहां ट्रैफिक फिर से शुरू हो गया।

    शुरुआती जांच में बस में आग लगने की वजह तकनीकी खराबी बताई जा रही है. हालांकि अभी आग लगने का सही कारण साफ नहीं हुआ है. पुलिस और फायर विभाग मामले की जांच कर रहे हैं. अधिकारियों की ओर से बस की विस्तृत जांच की जाएगी. इसके बाद पता चलेगा कि आग किस वजह से लगी. फिलहाल इस घटना में किसी के घायल होने की सूचना नहीं है. पुलिस और दमकल विभाग की शुरुआती जांच पूरी होने के बाद मामले में और जानकारी सामने आने की उम्मीद है।

  • बीरभूम के तारापीठ में होटल अग्निकांड से मचा हड़कंप, सात की मौत और कई घायल, सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल

    बीरभूम के तारापीठ में होटल अग्निकांड से मचा हड़कंप, सात की मौत और कई घायल, सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल

    नई दिल्ली । पश्चिम बंगाल के बीरभूम जिले के तारापीठ में सोमवार को एक होटल में लगी भीषण आग ने बड़ा हादसा कर दिया। आग की चपेट में आने से सात लोगों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य लोग घायल बताए जा रहे हैं। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और दमकल की टीमें मौके पर पहुंचीं और राहत तथा बचाव अभियान शुरू किया गया। शुरुआती जांच में आग लगने की संभावित वजह शॉर्ट सर्किट बताई जा रही है।

    बताया गया कि आग लगने के समय होटल के अंदर कई लोग मौजूद थे। आग और धुएं के कारण उन्हें बाहर निकलने में परेशानी का सामना करना पड़ा। घटनास्थल पर पहुंची पुलिस और दमकल कर्मियों ने काफी सावधानी के साथ बचाव अभियान चलाया। इस दौरान होटल में फंसे 22 लोगों को सीढ़ी की मदद से सुरक्षित बाहर निकाला गया।

    बचाव अभियान के बाद 11 लोगों को उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया। अधिकारियों के अनुसार इनमें से दो लोगों की हालत सुस्त बताई गई, जबकि एक व्यक्ति को प्राथमिक उपचार के बाद अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। हादसे में सात लोगों की मौत की पुष्टि की गई है। मृतकों की पहचान और घटना से जुड़े अन्य विवरणों की प्रक्रिया भी आगे बढ़ाई जा रही है।

    पुलिस के अनुसार घटनास्थल पर शुरुआती स्थिति ऐसी थी कि होटल के बाहर से धुआं या आग की लपटें स्पष्ट रूप से दिखाई नहीं दे रही थीं। इसके बावजूद अंदर आग फैलने के बाद स्थिति गंभीर हो गई। दमकल कर्मियों और पुलिस की संयुक्त टीम ने होटल के अलग-अलग हिस्सों की जांच कर फंसे लोगों को बाहर निकाला।

    आग लगने के कारणों को लेकर फिलहाल शॉर्ट सर्किट की आशंका जताई जा रही है। हालांकि पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि आग वास्तव में किस वजह से लगी तथा होटल में अग्नि सुरक्षा से जुड़े पर्याप्त इंतजाम मौजूद थे या नहीं। जांच के दौरान बिजली व्यवस्था, आग बुझाने के उपकरण और आपातकालीन निकासी व्यवस्था जैसे पहलुओं को भी देखा जा सकता है।

    हादसे के बाद होटल की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय स्तर पर तारापीठ रामपुरहाट डेवलपमेंट अथॉरिटी की कार्यप्रणाली और बड़े भवनों में अग्निशमन सुविधाओं को लेकर चर्चा तेज हुई है। विधायक ध्रुबा साहा ने व्यवस्था में बदलाव की जरूरत बताते हुए कहा कि इतनी बड़ी इमारत तैयार की गई, लेकिन आग पर नियंत्रण के लिए पर्याप्त इंतजाम नहीं दिखाई दिए।

    पुलिस ने होटल संचालक के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर उसे हिरासत में लिया है। उससे होटल में मौजूद सुरक्षा इंतजामों, आग लगने की परिस्थितियों और घटना के दौरान अपनाई गई व्यवस्थाओं को लेकर पूछताछ की जा रही है। पुलिस मामले से जुड़े सभी पहलुओं की जांच में जुटी है।

    तारापीठ पश्चिम बंगाल का प्रमुख धार्मिक स्थल है, जहां देश के अलग-अलग हिस्सों से श्रद्धालु पहुंचते हैं। ऐसे में यहां होटल और अन्य ठहरने वाले स्थानों में अग्नि सुरक्षा की पर्याप्त व्यवस्था बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती है। इस घटना के बाद होटल परिसरों की सुरक्षा व्यवस्था और आपातकालीन तैयारियों की समीक्षा की जरूरत भी सामने आई है। फिलहाल पुलिस की जांच और आगे की कार्रवाई पर सभी की नजर बनी हुई है।

  • फ्रांस के जंगल में लगी भीषण आग के बाद मिले वर्ल्ड वॉर-2 के 400 से ज्यादा गोले और अन्य विस्फोट

    फ्रांस के जंगल में लगी भीषण आग के बाद मिले वर्ल्ड वॉर-2 के 400 से ज्यादा गोले और अन्य विस्फोट


    पेरिस
    । फ्रांस (France) के दक्षिण-पश्चिम (South-west) में बसे ले पोर्ज (Le Porge) गांव में जंगल की भीषण आग के बाद एक बड़ा खुलासा हुआ है. यहां 400 से ज्यादा वर्ल्ड वॉर 2 (World War II) के गोले और दूसरे विस्फोटक मिले हैं. जुलाई में लगी आग के दौरान गांव के करीब 3,500 लोगों को अपने घर छोड़ने पड़े थे. आग शांत होने के बाद जब अधिकारी इलाके की जांच कर रहे थे, तब जमीन के नीचे दबा यह गोला-बारूद मिला. अधिकारियों का कहना है कि आग की तेज गर्मी की वजह से कुछ गोले फट गए और तभी उनके बारे में पता चला।

    आग लगने के दौरान गांव के पास कई धमाकों की आवाज भी सुनाई दी थी. इसके बाद बम निरोधक टीम मौके पर पहुंची. पहले एक खेत से 75 गोले मिले. फिर पूरे इलाके की जांच की गई, जिसमें 400 से ज्यादा गोले और दूसरे विस्फोटक बरामद हुए. लोगों की सुरक्षा को देखते हुए कुछ समय के लिए इस इलाके में आने-जाने पर रोक लगा दी गई।


    आग की गर्मी से मिला सुराग

    अधिकारियों के मुताबिक, मिले गोलों में फ्रांस और जर्मनी दोनों के मोर्टार शेल शामिल हैं. माना जा रहा है कि ये वर्ल्ड वॉर 2 के समय के हैं. ये गोले कई सालों से जमीन के नीचे दबे थे. जंगल की आग के दौरान जमीन बहुत ज्यादा गर्म हो गई. इसी गर्मी की वजह से कुछ गोले फट गए और अधिकारियों को उनका पता चल गया।

    अधिकारियों ने कहा कि इन पुराने गोलों में अब भी धमाका होने का खतरा था. अगर इनमें विस्फोट होता, तो इनके टुकड़े काफी दूर तक जा सकते थे और लोगों को नुकसान पहुंचा सकते थे. इसलिए पहले पूरे इलाके को सुरक्षित किया गया. इसके बाद बम निरोधक टीम ने सभी गोले और दूसरे विस्फोटकों को हटाया। जांच पूरी होने के बाद लोगों को अपने घर लौटने की इजाजत दे दी गई।


    इस साल फ्रांस में रिकॉर्ड जंगल की आग

    इस साल फ्रांस में जंगल की आग ने 1.6 लाख हेक्टेयर (160,000 हेक्टेयर) से ज्यादा जमीन जला दी है. यह देश में अब तक की सबसे बड़ी जंगल की आग मानी जा रही है. वैज्ञानिकों का कहना है कि क्लाइमेट चेंज की वजह से यूरोप में जंगल की आग पहले से ज्यादा बड़ी और तेजी से फैल रही है. बढ़ती गर्मी, लंबे समय तक सूखा और तेज हवाएं ऐसी आग को और खतरनाक बना रही हैं।

    वर्ल्ड वॉर 2 खत्म हुए 80 साल से ज्यादा हो चुके हैं. इसके बाद भी यूरोप के कई इलाकों में आज भी पुराने बम और गोले जमीन के नीचे दबे मिल जाते हैं. कई बार निर्माण का काम, सूखा या जंगल की आग जैसी घटनाओं के बाद ये सामने आ जाते हैं. हाल ही में हंगरी में डेन्यूबे नदी का पानी कम होने पर भी वर्ल्ड वॉर 2 के कई बम दिखाई दिए थे।

  • Bihar के सिमरी बख्तियारपुर स्टेशन पर पैसेंजर ट्रेन के इंजन में लगी आग…. मची भगदड़

    Bihar के सिमरी बख्तियारपुर स्टेशन पर पैसेंजर ट्रेन के इंजन में लगी आग…. मची भगदड़


    सहरसा।
    बिहार (Bihar) के सहरसा जिले के सिमरी बख्तियारपुर रेलवे स्टेशन (Simri Bakhtiyarpur Station) पर सोमवार तड़के बड़ा रेल हादसा टल गया। समस्तीपुर से सहरसा जा रही पैसेंजर ट्रेन (Passenger Train) (संख्या 63344) के इंजन (Engine) और उससे सटी एक बोगी में अचानक आग (Massive Fire) लग गई। घटना सुबह करीब 3 बजे की है। अंधेरे में ट्रेन से उठती लपटों और धुएं को देखकर स्टेशन परिसर में हड़कंप मच गया और यात्रियों के बीच अफरातफरी फैल गई।

    जानकारी के अनुसार, ट्रेन जैसे ही सिमरी बख्तियारपुर स्टेशन पहुंची, उसके इंजन से धुआं निकलने लगा। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और लपटें पास की एक बोगी तक पहुंच गईं। उस समय अधिकांश यात्री नींद में थे। आग और धुएं का पता चलते ही बोगी में चीख-पुकार मच गई और यात्री जान बचाने के लिए बाहर निकलने लगे। स्थानीय लोगों और रेलवे कर्मचारियों की मुस्तैदी से सभी यात्रियों को समय रहते सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। इस घटना में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है।

    सूचना मिलते ही आरपीएफ, स्थानीय पुलिस और दमकल विभाग की टीम मौके पर पहुंची। आग पर काबू पाने में दमकल कर्मियों को करीब ढाई घंटे तक मशक्कत करनी पड़ी। सुबह लगभग 5:30 बजे आग पूरी तरह बुझा दी गई। इसके बाद सुबह 6 बजे के बाद रेल यातायात सामान्य हो सका।

    सिमरी बख्तियारपुर के स्टेशन अधीक्षक संजय कुमार सज्जन ने बताया कि घटना के कारण रेल परिचालन प्रभावित हुआ। इसके चलते कोसी एक्सप्रेस (सहरसा–पटना), जानकी एक्सप्रेस (मनिहारी–जयनगर), सहरसा–समस्तीपुर पैसेंजर और श्रावणी स्पेशल (सहरसा–देवघर) निर्धारित समय से देरी से चलीं। प्रारंभिक जांच में आग लगने की वजह शॉर्ट सर्किट की आशंका जताई जा रही है। रेलवे और स्थानीय प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंचकर राहत एवं बचाव कार्य की निगरानी करते रहे। रेलवे ने घटना के वास्तविक कारणों की जांच शुरू कर दी है।

  • भारत में आग बरसा रहा सुपर अल नीनो….IMD ने दी इस राज्य में भारी बारिश की चेतावनी

    भारत में आग बरसा रहा सुपर अल नीनो….IMD ने दी इस राज्य में भारी बारिश की चेतावनी


    नई दिल्ली।
    मौसम के बदलते मिजाज (Changing Weather patterns) और रिकॉर्ड तोड़ गर्मी (Record Breaking Heat) ने इस साल चिंताएं बढ़ा दी हैं। इसका सबसे बड़ा कारण ‘अल नीनो’ (Super El Nino) का वह खतरनाक रूप है, जो इस साल पूरी दुनिया के मौसम चक्र को प्रभावित कर रहा है। प्रशांत महासागर के भूमध्यरेखीय हिस्से में समुद्र की सतह का पानी जब असामान्य रूप से गर्म हो जाता है, तो उस मौसमी घटना को ‘अल नीनो’ कहते हैं। इसका असर भारत (India) पर अभी से देखने को मिल रहा है।

    हालांकि दक्षिणी राज्य केरल के लिए अच्छी खबर है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने केरल के कई हिस्सों में आगामी दिनों में भारी बारिश की चेतावनी देते हुए अगले 5 दिनों का विस्तृत मौसम पूर्वानुमान जारी किया है। मौसम में हो रहे अचानक बदलाव को देखते हुए अधिकारियों ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।


    इन जिलों में जारी हुआ ‘येलो अलर्ट’

    IMD के 5-दिवसीय पूर्वानुमान के अनुसार, 29 अप्रैल, 2026 के लिए केरल के चार प्रमुख जिलों में येलो अलर्ट घोषित किया गया है:- पथानामथिट्टा, इडुक्की, कुन्नूर, कासरगोड।

    मौसम विभाग के अनुसार, ‘येलो अलर्ट’ का अर्थ है कि लोगों को सतर्क रहना चाहिए क्योंकि इन क्षेत्रों में 24 घंटों के भीतर 64.5 मिमी से 115.5 मिमी के बीच भारी बारिश होने की पूरी संभावना है।


    ‘सुपर अल नीनो’ क्या है?

    जब समुद्र की सतह का तापमान अपने दीर्घकालिक औसत से 2°C (या उससे अधिक) ऊपर चला जाता है, तो यह एक असाधारण और विनाशकारी रूप ले लेता है, जिसे वैज्ञानिक ‘सुपर अल नीनो’ कहते हैं। विश्व मौसम विज्ञान संगठन (WMO) और कई ग्लोबल क्लाइमेट मॉडल्स ने चेतावनी दी है कि 2026 में मई-जुलाई तक यह स्थिति हावी हो सकती है। कुछ विशेषज्ञ इसे पिछले 140 सालों के सबसे ताकतवर चक्रों में से एक मान रहे हैं। इसका सीधा असर वैश्विक तापमान में वृद्धि और मौसम के चरम रूप के तौर पर सामने आता है।

    मॉनसून और अल नीनो (El Nino) से इसका संबंध

    गर्मियों के मौसम में अचानक होने वाली यह भारी बारिश जलवायु परिवर्तन और विशेष रूप से अल नीनो प्रभाव का परिणाम है, जिसका सीधा असर भारत के मॉनसून चक्र पर पड़ता है। इसे ऐसे समझा जा सकता है।

    प्री-मॉनसून गतिविधियां: अल नीनो में प्रशांत महासागर के पानी का तापमान सामान्य से अधिक गर्म हो जाता है। भले ही अल नीनो आमतौर पर भारत में मुख्य ‘दक्षिण-पश्चिम मॉनसून’ (जून से सितंबर) को कमजोर कर देता है, लेकिन मॉनसून से ठीक पहले (प्री-मॉनसून) के चरण में यह बहुत ही अस्थिर मौसम उत्पन्न कर सकता है।

    ला नीना से अल नीनो का संक्रमण: साल 2026 की शुरुआत में ‘ला नीना’ का प्रभाव कमजोर हुआ है और यह ‘अल नीनो’ की तरफ बढ़ रहा है। समुद्र के बढ़ते तापमान और स्थानीय वायुमंडलीय दबाव के इस जटिल टकराव के कारण ही केरल में एकाएक बेमौसम भारी बारिश और तूफान देखने को मिल रहे हैं।

    मॉनसून के मौसम पर ‘छाया’: यह अप्रत्याशित बारिश इस बात का संकेत है कि इस साल मुख्य मॉनसून चक्र में काफी उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकते हैं। मॉनसून की शुरुआत से पहले ही कहीं अचानक तीव्र बारिश तो कहीं लू (हीटवेव) चलने जैसी स्थितियां बन रही हैं।


    भारत में अभी से इतनी ‘आग’ क्यों बरस रही है?

    अप्रैल 2026 में ही उत्तर प्रदेश (बांदा, फतेहपुर, इटावा जैसे जिले), मध्य प्रदेश और कई अन्य हिस्सों में तापमान 45-46°C को पार कर गया है। इसके पीछे कई भौगोलिक और मौसमी कारण एक साथ काम कर रहे हैं। साल की शुरुआत में ला नीना (ठंडा चरण) खत्म हो गया है और पृथ्वी तेजी से ‘अल नीनो’ के गर्म चरण में जा रही है। इससे वायुमंडल में गर्माहट काफी तेजी से बढ़ रही है।

    उत्तर और मध्य भारत के ऊपर बादलों का कोई कवर नहीं है। साफ आसमान के कारण सूरज की किरणें बिना किसी रुकावट के सीधे धरती पर पड़ रही हैं, जिससे हवा का एक ‘गर्म गुंबद’ बन गया है जो गर्मी को बाहर नहीं निकलने दे रहा। उत्तर-पश्चिमी मैदानी इलाकों की मिट्टी पूरी तरह सूख चुकी है। हवा में नमी न के बराबर है और वहां से आने वाली सूखी महाद्वीपीय हवाएं तापमान को सीधे बढ़ा रही हैं, जिससे शहरों का माहौल किसी भट्टी जैसा हो गया है।


    इस साल कैसा रहेगा मॉनसून और कब होगी बारिश?

    भारत में कृषि और अर्थव्यवस्था की धुरी माने जाने वाले मॉनसून पर इस साल ‘अल नीनो’ की स्पष्ट छाया मंडरा रही है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 13 अप्रैल 2026 को जारी अपने लंबी अवधि के पूर्वानुमान में यह तस्वीर साफ कर दी है। IMD के अनुसार, इस साल दक्षिण-पश्चिम मॉनसून (जून से सितंबर) के “सामान्य से नीचे” रहने की संभावना सबसे अधिक है। देश भर में इस बार औसतन मात्र 92% बारिश (LPA का) होने का अनुमान है।

    कब आएगा मॉनसून?

    आमतौर पर मॉनसून 1 जून को केरल तट से टकराता है। हालांकि मानसून अपने समय पर दस्तक दे सकता है, लेकिन जुलाई-अगस्त तक अल नीनो पूरी तरह हावी हो जाएगा। इससे मॉनसून की रफ्तार धीमी पड़ सकती है और बारिश के वितरण में भारी असमानता देखने को मिल सकती है। बारिश कम होने और तापमान अधिक रहने से धान, दलहन और गन्ने जैसी खरीफ फसलों की पैदावार प्रभावित हो सकती है, जो एक बड़ी आर्थिक चिंता का विषय है।

  • Telangana: हैदराबाद से चेन्नई जा रही चारमीनार एक्सप्रेस में लगी आग

    Telangana: हैदराबाद से चेन्नई जा रही चारमीनार एक्सप्रेस में लगी आग


    हैदराबाद।
    तेलंगाना (Telangana) के यादद्री भुवनगिरी ज़िले (Yadadri Bhuvanagiri district) में स्थित अलेर रेलवे स्टेशन के पास चारमीनार एक्सप्रेस (Charminar Express) में आग लग गई. प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, यह घटना ट्रेन के S5 कोच में हुई, जहां अचानक धुआं उठता देखा गया और कुछ ही देर में आग की लपटें दिखाई देने लगीं।

    प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार ट्रेन जैसे ही अलेर स्टेशन के नज़दीक पहुंची, यात्रियों ने कोच के अंदर धुआं देखा. स्थिति को भांपते हुए यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई और कई लोग तत्काल कोच से बाहर निकलने की कोशिश करने लगे. बताया जा रहा है कि ट्रेन को तुरंत रोका गया, जिससे यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकलने का मौका मिला. शुरुआती रिपोर्ट्स में किसी के हताहत होने की जानकारी सामने नहीं आई है. हालांकि अभी इस घटना पर रेलवे की तरफ से कोई बयान नहीं जारी किया गया है।

    आग कैसे लगी, जांच के बाद ही होगा साफ
    घटना की सूचना मिलते ही रेलवे कर्मचारी और स्थानीय राहत दल मौके पर पहुंचे. आग पर काबू पाने के प्रयास किए गए और स्थिति को नियंत्रण में लाने की कोशिश जारी है. कुछ सूत्रों का कहना है कि आग संभवतः शॉर्ट सर्किट या किसी तकनीकी खराबी के कारण लगी हो सकती है, लेकिन इसकी पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।

    ट्रेन में आग की घटना के कई वीडियो भी वायरल हो रहे हैं. जिनमें कोच से धुआं और आग निकलती दिखाई दे रही है. वहीं ट्रेन में यात्रा कर रहे एक अन्य यात्री ने बताया कि ट्रेन में अचानक आग लग गई. जिससे कोच धुएं से भर गया. घबराए यात्रियों ने चेन खींच दी और ट्रेन रुक गई. हालांकि, ट्रेन रुकने से पहले ही कई यात्री कूद गए थे।

  • ऑस्ट्रेलिया में तेल रिफाइनरी हादसा सरकार बोली सप्लाई पर नहीं पड़ेगा बड़ा असर

    ऑस्ट्रेलिया में तेल रिफाइनरी हादसा सरकार बोली सप्लाई पर नहीं पड़ेगा बड़ा असर


    नई दिल्ली। ऑस्ट्रेलिया में तेल रिफाइनरी में लगी आग के बाद ईंधन आपूर्ति को लेकर उठी चिंताओं के बीच प्रधानमंत्री एंथनी अल्बानीज ने स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा है कि इस घटना का देश की फ्यूल सप्लाई पर बहुत कम असर पड़ेगा। उन्होंने बताया कि रिफाइनरी में लगी आग गंभीर जरूर थी, लेकिन उत्पादन काफी हद तक सामान्य बना हुआ है।

    प्रधानमंत्री अल्बानीज अपने ब्रुनेई और मलेशिया के आधिकारिक दौरे को बीच में छोड़कर वापस लौटे और Viva Energy की रिफाइनरी का निरीक्षण किया। यह रिफाइनरी जिलॉन्ग शहर के पास स्थित है, जो मेलबर्न से करीब 65 किलोमीटर दक्षिण-पश्चिम में है।

    बताया गया कि बुधवार रात उपकरण में खराबी के कारण रिफाइनरी में आग लग गई थी, जिसे गुरुवार दोपहर तक काबू में कर लिया गया। घटना के समय को लेकर प्रधानमंत्री ने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है क्योंकि उसी समय मिडिल ईस्ट में चल रहे तनाव के कारण वैश्विक तेल आपूर्ति पहले से प्रभावित है, लेकिन ऑस्ट्रेलिया की स्थिति नियंत्रण में है।

    रिफाइनरी के दौरे के दौरान मीडिया से बातचीत में अल्बानीज ने बताया कि डीजल और एविएशन फ्यूल का लगभग 80 प्रतिशत उत्पादन जारी है। वहीं पेट्रोल उत्पादन, जो देश की कुल सप्लाई का लगभग 10 प्रतिशत हिस्सा देता है, फिलहाल 60 प्रतिशत क्षमता पर चल रहा है और आने वाले दिनों में इसके बढ़ने की उम्मीद है।

    सरकार ने भरोसा दिलाया है कि ईंधन की उपलब्धता बनाए रखने के लिए सभी जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं। साथ ही शनिवार को फ्यूल स्टॉकपाइल के स्तर को लेकर नियमित साप्ताहिक अपडेट भी जारी किया जाएगा, जिससे स्थिति पर नजर रखी जा सके।

    गौरतलब है कि यह रिफाइनरी ऑस्ट्रेलिया की केवल दो सक्रिय रिफाइनरियों में से एक है, इसलिए इस तरह की घटना का प्रभाव महत्वपूर्ण माना जाता है। हालांकि शुरुआती आशंकाओं के विपरीत, उत्पादन पर सीमित असर की खबर ने राहत दी है। फायर और रेस्क्यू अधिकारियों के अनुसार, आग लगने की वजह तकनीकी खराबी थी और घटना की जांच जारी है। फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है और सप्लाई चेन को सुचारु बनाए रखने पर ध्यान दिया जा रहा है।