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  • कौशाम्बी में पटाखा फैक्टरी में भीषण विस्फोट, मनौरी बाजार दहला, 5 की मौत, कई की हालत नाजुक

    कौशाम्बी में पटाखा फैक्टरी में भीषण विस्फोट, मनौरी बाजार दहला, 5 की मौत, कई की हालत नाजुक

    कौशाम्बी। पिपरी थाना क्षेत्र के मनौरी बाजार में सोमवार दोपहर पटाखा फैक्टरी में भीषण आग लगने के बाद लगातार कई धमाके हुए। करीब 12 बजे हुए विस्फोटों से पूरा इलाका दहल उठा। धमाकों की आवाज दो से तीन किलोमीटर दूर तक सुनाई दी। फैक्टरी के आसपास बने 15 से ज्यादा मकान धराशायी हो गए। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक हादसे में पांच लोगों की मौत हो गई है, जबकि दर्जनभर से अधिक लोग गंभीर रूप से झुलसे हैं। इनमें कई की हालत बेहद नाजुक बताई जा रही है।

    विस्फोट के बाद उठे धुएं के गुबार ने आसपास के इलाके को ढक लिया। बाजार में भगदड़ जैसी स्थिति बन गई और लोग घरों से बाहर निकल आए। धमाका इतना तेज था कि मकानों की ईंट और मलबा करीब 250 मीटर दूर स्थित रेलवे पुल तक जा पहुंचा। मलबे में कई लोगों के दबे होने की आशंका है।

    फैक्टरी में मौजूद थे करीब दर्जनभर लोग
    बताया जा रहा है कि बस्ती से कुछ दूरी पर एक मकान में पटाखा फैक्टरी संचालित हो रही थी। हादसे के समय फैक्टरी के अंदर करीब दर्जनभर लोगों के मौजूद होने की सूचना है। अचानक मकान से धुआं उठने के बाद पटाखों में विस्फोट शुरू हो गया। इसके बाद एक के बाद एक कई धमाके हुए।

    आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे, लेकिन लगातार हो रहे विस्फोटों के कारण फैक्टरी के अंदर जाना मुश्किल था। मकान के ऊपर से बिजली के तार भी गुजर रहे थे। आग और विस्फोट की वजह अभी स्पष्ट नहीं हो सकी है।

    जेसीबी से मलबा हटाकर तलाशे जा रहे लोग
    हादसे की सूचना मिलते ही कौशाम्बी और प्रयागराज जिले के पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंच गए। दो थानों की पुलिस फोर्स के साथ राहत और बचाव दल को लगाया गया है। जेसीबी और अन्य संसाधनों की मदद से मलबा हटाकर उसमें दबे लोगों की तलाश की जा रही है।

    घायलों को एंबुलेंस से अस्पताल भेजा गया। गंभीर रूप से झुलसे लोगों को प्रयागराज के एसआरएन अस्पताल रेफर किया गया है। कौशाम्बी के डीएम डॉ. अमित पाल ने मेडिकल कॉलेज अस्पताल पहुंचकर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। डॉक्टरों को अलर्ट मोड पर रखा गया है।

    सेना और एयरफोर्स के जवान भी रेस्क्यू में जुटे
    हादसे की गंभीरता को देखते हुए सेना के जवानों को भी मौके पर बुलाया गया है। एयरफोर्स के जवान राहत और बचाव अभियान में शामिल होकर मलबे में फंसे लोगों को निकालने में जुटे हैं।

    प्रयागराज के एडीजी, आईजी, डीआईजी और अपर पुलिस आयुक्त के अलावा कौशाम्बी के डीएम और एसपी समेत दोनों जिलों के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर मौजूद हैं। एडीएम सिटी प्रयागराज और एसीपी डॉ. अजय पाल शर्मा भी बचाव अभियान की निगरानी कर रहे हैं।

    आसपास के इलाकों में दहशत
    लगातार हुए धमाकों से मनौरी बाजार और आसपास के इलाकों में दहशत फैल गई। कई मकानों के शीशे टूट गए और बड़ी संख्या में लोग सुरक्षित स्थानों की ओर चले गए। प्रशासन ने इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी है।

    फिलहाल प्राथमिकता मलबे में दबे लोगों को बाहर निकालने और घायलों को तत्काल उपचार उपलब्ध कराने की है। फैक्टरी में आग लगने और उसके बाद हुए भीषण विस्फोट का वास्तविक कारण जांच के बाद ही सामने आएगा।

  • मध्य प्रदेश में बड़ा हादसा: पटाखा फैक्ट्री विस्फोट में 5 की मौत, यूपी-बिहार के मजदूर थे शिकार

    मध्य प्रदेश में बड़ा हादसा: पटाखा फैक्ट्री विस्फोट में 5 की मौत, यूपी-बिहार के मजदूर थे शिकार


    नई दिल्ली । मध्यप्रदेश के देवास जिले के टोंककलां इलाके में गुरुवार सुबह हुए भीषण पटाखा फैक्ट्री ब्लास्ट ने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया। सुबह करीब 11:30 बजे हुए इस धमाके में अब तक 5 मजदूरों की मौत हो चुकी है, जबकि 20 से ज्यादा लोग गंभीर रूप से घायल हैं। हादसा इतना भयावह था कि शवों के टुकड़े 20 से 25 फीट दूर तक जा गिरे और फैक्ट्री की दीवारें पूरी तरह धराशायी हो गईं। आसपास के मकानों तक धमाके की कंपन महसूस की गई। मृतक मजदूर उत्तर प्रदेश और बिहार के बताए जा रहे हैं।

    प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, ब्लास्ट के बाद फैक्ट्री परिसर में अफरा-तफरी मच गई। झुलसे हुए मजदूर बदहवास हालत में बाहर भागते नजर आए। कई लोगों के कपड़े शरीर की त्वचा से चिपक गए थे। फैक्ट्री के बाहर जले हुए अवशेष, बाल और विस्फोटक सामग्री बिखरी पड़ी मिली। हादसे के बाद भी लंबे समय तक पटाखे फूटने की आवाजें आती रहीं।

    प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि फैक्ट्री में दो केमिकल मिलाकर बारूद तैयार किया जा रहा था। आशंका है कि केमिकल का अनुपात बिगड़ने या मैग्नीशियम पाउडर के पानी के संपर्क में आने से विस्फोट हुआ। श्रम विभाग की शुरुआती रिपोर्ट में यह भी संभावना जताई गई कि बारूद की हैंडलिंग के दौरान स्टैटिक चार्ज बनने से ‘सेल्फ इग्निशन’ हुआ होगा। एफएसएल टीम ने घटनास्थल से केमिकल के सैंपल जुटाए हैं।

    सबसे बड़ा खुलासा यह हुआ कि जिस फैक्ट्री में विस्फोट हुआ, उसका निर्माण कार्य अभी पूरा भी नहीं हुआ था। बावजूद इसके वहां बड़े स्तर पर पटाखा निर्माण किया जा रहा था। रिपोर्ट के मुताबिक, सुरक्षा मानकों की अनदेखी कर निर्माणाधीन यूनिट में ही विस्फोटक सामग्री का उत्पादन शुरू कर दिया गया था। फैक्ट्री के पास विस्फोटक लाइसेंस तो था, लेकिन फैक्ट्री एक्ट के तहत जरूरी पंजीकरण और सुरक्षा अनुमतियां नहीं ली गई थीं।

    पुलिस ने फैक्ट्री संचालक अनिल मालवीय को गिरफ्तार कर लिया है। उसके समेत चार लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। प्रशासन ने फैक्ट्री को सील कर दिया है। वहीं, उज्जैन संभाग कमिश्नर ने मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दिए हैं। जांच में फैक्ट्री के लाइसेंस, सुरक्षा इंतजाम और नियमों के पालन की पड़ताल की जाएगी।

    देवास कलेक्टर ऋतुराज सिंह ने बताया कि घायलों का इलाज देवास, इंदौर के एमवाय, चोइथराम और अमलतास अस्पतालों में चल रहा है। कई मजदूर 80 से 90 प्रतिशत तक झुलस गए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने घायलों से मुलाकात कर मृतकों के परिजनों को 4-4 लाख रुपए की आर्थिक सहायता और घायलों के मुफ्त इलाज की घोषणा की है।

    स्थानीय लोगों का आरोप है कि फैक्ट्री में पहले भी मार्च 2026 में विस्फोट हो चुका था, लेकिन प्रशासन ने कोई सख्त कार्रवाई नहीं की। ग्रामीणों के मुताबिक, यहां 400 से 500 मजदूर काम करते थे और रोज करीब 18 लाख रुपए का माल तैयार होता था।

  • आंध्र प्रदेश में भीषण हादसा: पटाखा फैक्ट्री में धमाके से दहल उठा काकीनाडा, 20 की मौत, दूर-दूर तक बिखरे शव

    आंध्र प्रदेश में भीषण हादसा: पटाखा फैक्ट्री में धमाके से दहल उठा काकीनाडा, 20 की मौत, दूर-दूर तक बिखरे शव


    नई दिल्ली । काकीनाडा, आंध्र प्रदेश: शनिवार की दोपहर आंध्र प्रदेश का काकीनाडा जिला एक ऐसे हृदयविदारक हादसे का गवाह बना, जिसने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया है। जिले के वेटलापलेम गांव स्थित एक पटाखा निर्माण इकाई में हुए भीषण विस्फोट ने हंसते खेलते परिवारों की खुशियां पल भर में मातम में बदल दीं। इस दर्दनाक हादसे में अब तक 20 लोगों की जान जा चुकी है, जबकि 6 अन्य कर्मचारी जीवन और मृत्यु के बीच संघर्ष कर रहे हैं।

    धमाका दोपहर करीब 2 बजे उस वक्त हुआ जब फैक्ट्री के भीतर 20 से अधिक कर्मचारी अपने काम में मशगूल थे। विस्फोट की तीव्रता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इसकी गूंज 5 किलोमीटर के दायरे में सुनाई दी। स्थानीय निवासियों के अनुसार, धमाका इतना जोरदार था कि आसपास की धरती डोल गई और आसमान में धुएं का गुबार छा गया। जैसे ही ग्रामीण मौके पर पहुंचे, वहां का मंजर किसी डरावने सपने जैसा था। फैक्ट्री का ढांचा पूरी तरह जमींदोज हो चुका था और चारों ओर चीख पुकार मची थी।

    पुलिस और चश्मदीदों ने बताया कि धमाके के दबाव के कारण कर्मचारियों के शव पास के धान के खेतों में जाकर गिरे। हरे भरे खेतों के बीच बिखरे हुए अंग और जली हुई लाशें सुरक्षा मानकों की अनदेखी की भयावह कहानी बयां कर रही थीं। स्थिति इतनी विकट थी कि स्थानीय लोगों को शवों को इकट्ठा करने के लिए ‘बाराकालू’ खाद की बोरियों से बनी चादरें का सहारा लेना पड़ा। पुलिस प्रशासन ने खेतों में दूर तक छिटके शरीर के हिस्सों को खोजने के लिए अत्याधुनिक ड्रोन कैमरों की मदद ली है, ताकि शिनाख्त की प्रक्रिया पूरी की जा सके।

    काकीनाडा सरकारी अस्पताल के सुपरिटेंडेंट के अनुसार, अस्पताल लाए गए घायल 90 से 100 प्रतिशत तक झुलस चुके हैं, जिससे उनकी स्थिति अत्यंत नाजुक बनी हुई है। डॉक्टरों की टीम उन्हें बचाने का भरसक प्रयास कर रही है, लेकिन गृह मंत्री वंगालपुडी अनीता ने आशंका जताई है कि हताहतों की संख्या अभी और बढ़ सकती है।

    मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने इस त्रासदी पर गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने तत्काल संबंधित मंत्रियों और वरिष्ठ अधिकारियों को घटनास्थल पर पहुंचने और राहत कार्यों की व्यक्तिगत रूप से निगरानी करने के निर्देश दिए हैं। प्रशासन ने मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं ताकि यह स्पष्ट हो सके कि फैक्ट्री के पास आवश्यक लाइसेंस थे या नहीं और वहां सुरक्षा मानकों का पालन किया जा रहा था या नहीं। फिलहाल, पूरा गांव शोक में डूबा है और अपनों को खोने वाले परिवारों का रो रोकर बुरा हाल है।