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  • दिवाली 2026 पर पटाखे खरीदना होगा महंगा, कच्चे माल की कीमतों और सप्लाई में देरी से 20% तक बढ़ सकते हैं दाम

    दिवाली 2026 पर पटाखे खरीदना होगा महंगा, कच्चे माल की कीमतों और सप्लाई में देरी से 20% तक बढ़ सकते हैं दाम

    नई दिल्ली । दिवाली का त्योहार नजदीक आने के साथ ही पटाखों की खरीदारी की तैयारियां शुरू हो गई हैं। हालांकि, इस बार आतिशबाजी के लिए लोगों को पहले के मुकाबले ज्यादा पैसे खर्च करने पड़ सकते हैं। कच्चे माल की कीमतों में बढ़ोतरी, जरूरी सामग्री की आपूर्ति में देरी और पटाखा फैक्ट्रियों में सुरक्षा जांच के कारण बाजार में पटाखों के दाम 15 से 20 प्रतिशत तक बढ़ने की आशंका है। इसका सीधा असर त्योहार के लिए खरीदारी करने वाले ग्राहकों के बजट पर पड़ सकता है।

    भारत में पटाखा उत्पादन का प्रमुख केंद्र तमिलनाडु का शिवकाशी है। यहां बड़ी मात्रा में पटाखे तैयार किए जाते हैं और देश के अलग-अलग हिस्सों में उनकी आपूर्ति होती है। इस साल पटाखे बनाने में इस्तेमाल होने वाले रसायनों और अन्य जरूरी सामग्रियों की कीमतें बढ़ने से निर्माताओं की उत्पादन लागत पर दबाव पड़ा है। कारोबार से जुड़े लोगों के मुताबिक, बढ़ती लागत के कारण कंपनियों को अपने उत्पादों की कीमतों में बदलाव करना पड़ सकता है।

    पटाखों के निर्माण में इस्तेमाल होने वाले सल्फर की कीमतों में भी उल्लेखनीय उतार-चढ़ाव देखने को मिला है। इसकी कीमत एक समय 75 रुपये प्रति किलोग्राम से बढ़कर 140 रुपये प्रति किलोग्राम तक पहुंच गई थी। बाद में कीमत में कुछ गिरावट आई और यह लगभग 100 रुपये प्रति किलोग्राम रह गई। इसके बावजूद सल्फर की कीमत पहले के स्तर से अधिक बनी हुई है। इसके अलावा एल्युमिनियम, सोडियम नाइट्रेट और अन्य आवश्यक सामग्रियों की कीमतों में भी करीब 30 प्रतिशत तक बढ़ोतरी बताई गई है।

    कच्चे माल की महंगाई के साथ-साथ आपूर्ति में देरी भी पटाखा निर्माताओं के लिए परेशानी का कारण बनी हुई है। खाड़ी क्षेत्र में शिपिंग से जुड़ी बाधाओं के चलते सल्फर और चिपकाने वाले पदार्थों की आपूर्ति प्रभावित हुई है। जरूरी सामग्री समय पर नहीं पहुंचने से उत्पादन की प्रक्रिया में देरी होती है। इससे निर्माताओं को अतिरिक्त खर्च उठाना पड़ता है। कारोबारियों का अनुमान है कि इन परिस्थितियों के कारण पटाखे बनाने की लागत में लगभग 15 प्रतिशत तक इजाफा हो सकता है।

    पटाखा उद्योग पर सुरक्षा नियमों के पालन का दबाव भी बढ़ा है। पिछले 10 महीनों के दौरान पटाखा फैक्ट्रियों में हुए 24 हादसों में 41 लोगों की मौत हुई और 39 लोग घायल हुए। इन घटनाओं के बाद 700 से अधिक इकाइयों का निरीक्षण किए जाने की जानकारी सामने आई है। प्रशासन की ओर से फैक्ट्रियों में सुरक्षा व्यवस्था की जांच तेज की गई है। अधिकारियों का कहना है कि खतरनाक सामग्री से जुड़े कारोबार में निर्धारित सुरक्षा नियमों का पालन करना जरूरी है।

    बाजार में उपलब्ध पटाखों की कीमतों से भी ग्राहकों के खर्च का अंदाजा लगाया जा सकता है। अक्टूबर के दूसरे सप्ताह में 10 बड़े अनार वाले पटाखों के पैकेट की कीमत करीब 55 रुपये बताई गई थी। वहीं, 10 स्पेशल ग्राउंड स्पिनर के पैकेट की कीमत लगभग 80 रुपये और पांच दो-आवाज वाले रॉकेट की कीमत करीब 70 रुपये थी। ये कीमतें उस समय की बताई गई हैं और त्योहार के दौरान इनमें बदलाव हो सकता है।

    दिवाली के नजदीक आने पर पटाखों की मांग बढ़ने से कीमतों पर अतिरिक्त दबाव पड़ने की आशंका है। ऐसे में कच्चे माल की बढ़ी लागत, आपूर्ति में देरी और सुरक्षा संबंधी जांच का असर बाजार पर दिखाई दे सकता है। हालांकि, वास्तविक कीमतें अलग-अलग उत्पादों और बाजारों के अनुसार बदल सकती हैं। ग्राहकों को इस बार पटाखों की खरीदारी के लिए पहले से अधिक बजट रखने की जरूरत पड़ सकती है।

  • भोपाल में दिवाली से पहले पटाखा फैक्ट्री सील, तय सीमा से ज्यादा विस्फोटक सामग्री मिली

    भोपाल में दिवाली से पहले पटाखा फैक्ट्री सील, तय सीमा से ज्यादा विस्फोटक सामग्री मिली

    भोपाल जिले। में दिवाली से पहले पटाखा निर्माण और विस्फोटक सामग्री के भंडारण को लेकर प्रशासन ने जांच तेज कर दी है। इसी क्रम में बैरसिया क्षेत्र के ग्राम बांदीखेड़ी में संचालित एक पटाखा फैक्ट्री का जिला प्रशासन और पुलिस की संयुक्त टीम ने निरीक्षण किया। जांच के दौरान फैक्ट्री परिसर में लाइसेंस या निर्धारित क्षमता के मुकाबले अधिक विस्फोटक सामग्री रखी मिली। इसके साथ ही फैक्ट्री के संचालन और सुरक्षा व्यवस्था से जुड़ी कई अनियमितताएं भी अधिकारियों के सामने आईं।

    फैक्ट्री की जांच के लिए एसडीएम बैरसिया शिवांगी बघेल, एसडीओपी वैशाली सिंह, तहसीलदार दुर्गा पटले और गुनगा थाना प्रभारी रिंकू जाटव की संयुक्त टीम मौके पर पहुंची। अधिकारियों ने निरीक्षण के दौरान परिसर में रखी विस्फोटक सामग्री की स्थिति का जायजा लिया। इसके साथ ही फैक्ट्री में अपनाई जा रही सुरक्षा व्यवस्था और संचालन से संबंधित व्यवस्थाओं की भी जांच की गई। निरीक्षण के दौरान निर्धारित सीमा से अधिक विस्फोटक सामग्री रखे जाने की बात सामने आई।

    प्रशासन के अनुसार, फैक्ट्री परिसर में जितनी मात्रा में विस्फोटक सामग्री रखने की अनुमति निर्धारित थी, उससे अधिक सामग्री वहां मौजूद मिली। जांच के दौरान केवल भंडारण की मात्रा से जुड़ी अनियमितता ही सामने नहीं आई, बल्कि फैक्ट्री की सुरक्षा और संचालन व्यवस्था से संबंधित अन्य कमियां भी अधिकारियों ने पाईं। इन परिस्थितियों को देखते हुए संयुक्त टीम ने मौके पर ही फैक्ट्री को सील करने की कार्रवाई की।

    जिला प्रशासन के मुताबिक, निरीक्षण में सामने आई अनियमितताएं विस्फोटक अधिनियम, 1884 और विस्फोटक नियम, 2008 के प्रावधानों से संबंधित पाई गईं। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि विस्फोटक सामग्री के निर्माण, इस्तेमाल, रखरखाव और भंडारण के दौरान निर्धारित कानूनी और सुरक्षा प्रावधानों का पालन करना आवश्यक है। फैक्ट्री में तय सीमा से अधिक सामग्री पाए जाने के साथ सुरक्षा और संचालन व्यवस्था में मिली कमियों को भी इसी संदर्भ में देखा गया।

    अधिकारियों के अनुसार, पटाखों और अन्य विस्फोटक सामग्री से जुड़े प्रतिष्ठानों में सुरक्षा नियमों की अनदेखी जनसुरक्षा के लिए जोखिम पैदा कर सकती है। इसी वजह से निरीक्षण के दौरान सामने आई कमियों को गंभीरता से लेते हुए फैक्ट्री को सील किया गया। प्रशासन की ओर से यह भी स्पष्ट किया गया है कि जिन प्रतिष्ठानों में नियमों का उल्लंघन पाया जाएगा, उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। बांदीखेड़ी स्थित फैक्ट्री पर की गई कार्रवाई इसी जांच प्रक्रिया का हिस्सा है। दिवाली से पहले पटाखा निर्माण और भंडारण से जुड़े प्रतिष्ठानों की व्यवस्था की जांच के दौरान प्रशासन और पुलिस की संयुक्त टीम ने निर्धारित सीमा, सुरक्षा और संचालन से संबंधित प्रावधानों को ध्यान में रखते हुए निरीक्षण किया।

  • एक्ट्रेस डैजी शाह के घर के पास लगी आग, चुनावी प्रचार के दौरान पटाखों से हादसे का आरोप

    एक्ट्रेस डैजी शाह के घर के पास लगी आग, चुनावी प्रचार के दौरान पटाखों से हादसे का आरोप


    नई दिल्ली । बॉलीवुड अभिनेत्री डैजी शाह के घर के पास मंगलवार को आग लगने की एक गंभीर घटना सामने आई है, जिसने चुनावी प्रचार के दौरान सुरक्षा और जिम्मेदारी को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। यह हादसा मुंबई के बांद्रा ईस्ट इलाके में उस समय हुआ, जब क्षेत्र में चुनावी प्रचार गतिविधियां चल रही थीं। डैजी शाह ने इस आगजनी के लिए एक राजनीतिक पार्टी के प्रचार कार्यकर्ताओं को जिम्मेदार ठहराते हुए इसे घोर लापरवाही और गैर-जिम्मेदाराना व्यवहार बताया है।

    डैजी शाह के अनुसार, उनके घर से सटी एक इमारत के बाहर चुनाव प्रचार के दौरान पटाखे फोड़े गए, जिनसे आग भड़क उठी। घटना के तुरंत बाद एक्ट्रेस ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो साझा किया, जिसमें जलती हुई बिल्डिंग और आसपास अफरा-तफरी का माहौल साफ देखा जा सकता है। वीडियो में डैजी शाह गुस्से और चिंता के साथ यह कहते हुए नजर आती हैं कि ऐसी हरकतें बेहद खतरनाक हैं और इससे किसी की जान भी जा सकती थी।वीडियो में डैजी शाह कहती हैं कि प्रचार के दौरान सड़क पर और रिहायशी इमारत के बेहद करीब पटाखे जलाए गए, जबकि यह इलाका पूरी तरह से रेसिडेंशियल है। उन्होंने सवाल उठाया कि बिना किसी अनुमति और सुरक्षा व्यवस्था के इस तरह के पटाखे फोड़ने की इजाजत आखिर किसने दी। अभिनेत्री ने बताया कि आग जिस बिल्डिंग में लगी, वह उनके घर के बिल्कुल पास है और कुछ देर के लिए स्थिति काफी भयावह हो गई थी।

    डैजी शाह ने यह भी आरोप लगाया कि आग लगते ही प्रचार में शामिल लोग मौके से भाग गए। उनके मुताबिक, करीब 200 लोगों का एक समूह वहां मौजूद था, लेकिन जैसे ही आग भड़की, सभी वहां से गायब हो गए और स्थिति को संभालने की कोई कोशिश नहीं की गई। उन्होंने इस पूरे मामले में एक राजनीतिक पार्टी पर सीधा निशाना साधते हुए नागरिक समझ और जिम्मेदारी की कमी का आरोप लगाया।अपने पोस्ट के कैप्शन में डैजी शाह ने साफ किया कि उनका किसी भी राजनीतिक दल से कोई लेना-देना नहीं है। उन्होंने कहा कि यह मामला राजनीति का नहीं, बल्कि सार्वजनिक सुरक्षा का है। उन्होंने यह भी बताया कि उनकी बिल्डिंग कमेटी ने पहले ही प्रचार के लिए घर-घर जाकर कैंपेन करने की अनुमति देने से इनकार कर दिया था, जिससे एक बड़ा खतरा टल गया।

    स्थानीय लोगों के अनुसार, आग पर समय रहते काबू पा लिया गया और किसी के घायल या हताहत होने की सूचना नहीं है। हालांकि, इस घटना ने चुनावी प्रचार के दौरान सुरक्षा मानकों के पालन और जवाबदेही को लेकर गंभीर सवाल जरूर खड़े कर दिए हैं। फिलहाल प्रशासन की ओर से मामले की जांच की जा रही है।