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  • अमृतसर में गुरुद्वारे से बाहर निकलते ही ताबड़तोड़ फायरिंग, AAP सरपंच के बेटे तीरथ सिंह की मौत, चार आरोपियों की पहचान

    अमृतसर में गुरुद्वारे से बाहर निकलते ही ताबड़तोड़ फायरिंग, AAP सरपंच के बेटे तीरथ सिंह की मौत, चार आरोपियों की पहचान

    नई दिल्ली । पंजाब के अमृतसर में सोमवार रात गोलीबारी की एक घटना में आम आदमी पार्टी की सरपंच के बेटे तीरथ सिंह की मौत हो गई। घटना थाना चाटीविंड के अंतर्गत आने वाले चीते कलां गांव की है, जहां अज्ञात हमलावरों ने ताबड़तोड़ गोलियां चलाईं। इस वारदात में तीरथ सिंह का दोस्त रंजीत सिंह भी घायल हो गया। घटना के बाद इलाके में दहशत का माहौल है।

    जानकारी के मुताबिक, तीरथ सिंह अपने दोस्त के साथ गुरुद्वारे में मत्था टेकने गए थे। दर्शन करने के बाद जब दोनों बाहर निकले, तभी कुछ अज्ञात युवकों ने उन पर अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। गोली लगने से तीरथ सिंह गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें तत्काल अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इस दौरान उनके साथ मौजूद रंजीत सिंह भी गोलीबारी की चपेट में आकर घायल हो गए।

    मृतक तीरथ सिंह का परिवार स्थानीय राजनीति से जुड़ा हुआ है। उनकी मां गांव की सरपंच हैं, जबकि उनका भाई ब्लॉक समिति का सदस्य है। घटना के बाद परिवार और गांव में शोक का माहौल है। गुरुद्वारे से बाहर निकलने के दौरान हुई इस वारदात ने इलाके के लोगों की चिंता बढ़ा दी है।

    मामले की शिकायत सरपंच की ओर से दर्ज कराई गई है। पुलिस ने शिकायत के आधार पर प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। शुरुआती कार्रवाई के दौरान पुलिस ने चार आरोपियों की पहचान की है। इनमें गुरजंट, गोरा, हरकीरत उर्फ हॉकी और गुरदित्त सिंह के नाम शामिल हैं। पुलिस इन आरोपियों के खिलाफ नामजद प्राथमिकी दर्ज करने की प्रक्रिया में जुटी है।

    आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की अलग-अलग टीमें गठित कर छापेमारी की जा रही है। जांच के तहत घटना से जुड़े तथ्यों और हमलावरों की भूमिका का पता लगाने की कोशिश की जा रही है। फिलहाल, आरोपियों की गिरफ्तारी और गोलीबारी में इस्तेमाल किए गए हथियारों से संबंधित कोई अतिरिक्त जानकारी सामने नहीं आई है।

    अमृतसर देहात के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कवलप्रीत सिंह चहल ने शुरुआती जांच के आधार पर बताया कि मामला गैंगवार का नहीं, बल्कि आपसी रंजिश का प्रतीत होता है। पुलिस इसी पहलू को ध्यान में रखकर जांच आगे बढ़ा रही है। हालांकि, घटना के पीछे की वास्तविक वजह और गोलीबारी की पूरी परिस्थितियों का खुलासा जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगा।

    पंजाब के अलग-अलग इलाकों में हाल के दिनों में गोलीबारी की घटनाएं सामने आई हैं। 18 सितंबर से 26 अक्टूबर के बीच मोगा, अमृतसर, लुधियाना, तरनतारन और मानसा सहित विभिन्न क्षेत्रों में गोली चलने की 11 घटनाएं दर्ज होने की जानकारी सामने आई है। इन घटनाओं में आम नागरिकों के अलावा पुलिसकर्मी और नशे के खिलाफ अभियान चलाने वाले कार्यकर्ता भी निशाना बने हैं। कुछ मामलों में हमलावर बाइक या एसयूवी से पहुंचे, जबकि अन्य घटनाओं में विवाद के बाद गोलीबारी की बात सामने आई।

    चीते कलां गांव में हुई ताजा वारदात के बाद पुलिस के सामने आरोपियों को जल्द गिरफ्तार करने और घटना की वजह स्पष्ट करने की चुनौती है। फिलहाल, तीरथ सिंह की मौत और उनके दोस्त के घायल होने के मामले में जांच जारी है।

  • टाइगर श्रॉफ की कार पर फायरिंग मामले में नया दावा, सलमान खान की तारीफ से जुड़ रही हमले की वजह

    टाइगर श्रॉफ की कार पर फायरिंग मामले में नया दावा, सलमान खान की तारीफ से जुड़ रही हमले की वजह

    नई दिल्ली । बॉलीवुड अभिनेता टाइगर श्रॉफ की कार पर मुंबई के जुहू इलाके में हुई फायरिंग के मामले में जांच के दौरान एक नया दावा सामने आया है। गिरफ्तार आरोपी फूल सिंह ने पूछताछ में कथित तौर पर बताया कि अभिनेता को निशाना बनाने के पीछे सलमान खान की तारीफ से जुड़ी पुरानी बात हो सकती है। हालांकि, पुलिस ने इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं की है और मामले के सभी पहलुओं की जांच जारी है।

    पूछताछ में सामने आए दावे के मुताबिक, फूल सिंह ने जांचकर्ताओं को बताया कि उसे कथित साजिश की पूरी वजह की जानकारी नहीं थी। उसके अनुसार, मामले में वांछित आरोपी अनिल पंडित ने उसे बताया था कि लॉरेंस बिश्नोई गैंग टाइगर श्रॉफ से बदला लेना चाहता है। आरोपी के इस बयान के आधार पर पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि कथित रंजिश की बात कितनी विश्वसनीय है और फायरिंग की घटना के पीछे वास्तविक कारण क्या था।

    बताया जा रहा है कि इस दावे का संबंध वर्ष 2022 में फिल्म ‘हीरोपंती 2’ के प्रचार के दौरान टाइगर श्रॉफ के एक बयान से जोड़ा गया है। उस समय अभिनेता से फिल्म की ईद पर रिलीज को लेकर सवाल पूछा गया था। जवाब में उन्होंने सलमान खान की तारीफ करते हुए कहा था कि फिल्म इंडस्ट्री में असली ‘टाइगर’ सलमान खान हैं और उनके सामने वह खुद को बिल्ली की तरह मानते हैं।

    टाइगर का यह बयान उस समय चर्चा में आया था। अब फायरिंग मामले में आरोपी की ओर से इसे कथित रंजिश की वजह बताए जाने के बाद पुलिस इस पहलू की भी पड़ताल कर रही है। हालांकि, केवल इस बयान के आधार पर हमले का कारण तय नहीं किया गया है। जांच पूरी होने और तथ्यों की पुष्टि होने के बाद ही मामले की वास्तविक वजह स्पष्ट हो सकेगी।

    लॉरेंस बिश्नोई गैंग का नाम पहले भी सलमान खान से जुड़ी धमकियों के मामलों में सामने आता रहा है। वर्ष 1998 के काले हिरण शिकार मामले को लेकर सलमान खान से माफी मांगने की मांग किए जाने की खबरें भी सामने आई थीं। इसी पृष्ठभूमि में फिल्म जगत की अन्य हस्तियों को कथित तौर पर धमकियां दिए जाने की घटनाओं की भी जांच होती रही है।

    मामले से जुड़ी जानकारी के अनुसार, अनिल पंडित और गैंग के एक अन्य सदस्य हरमन संधू से जुड़े बताए गए ऑडियो संदेशों में सलमान खान के साथ काम करने वाले फिल्मी सितारों को निशाना बनाने की चेतावनी दिए जाने का दावा किया गया था। हालांकि, टाइगर श्रॉफ और उनके पिता जैकी श्रॉफ ने किसी तरह की धमकी मिलने से इनकार किया था। फिल्म निर्माता रोहित शेट्टी ने भी धमकी मिलने की बात से इनकार किया था। रणवीर सिंह, आमिर खान और आयुष शर्मा के नाम भी पहले कथित धमकियों के संदर्भ में चर्चा में आ चुके हैं।

    टाइगर श्रॉफ की कार पर फायरिंग की घटना 18 अक्टूबर की शाम मुंबई के जुहू इलाके में हुई थी। सामने आई जानकारी के मुताबिक, उनकी कार पर पांच से छह राउंड गोलियां चलाई गई थीं। इस घटना में टाइगर सुरक्षित बच गए, जबकि उनके ड्राइवर और एक व्लॉगर के घायल होने की जानकारी दी गई थी।

    घटना के बाद अनिल पंडित ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट के जरिए लॉरेंस बिश्नोई गैंग से संबंध होने का दावा करते हुए फायरिंग की जिम्मेदारी ली थी। पुलिस इस दावे और घटना में शामिल लोगों की भूमिका की जांच कर रही है। मामले में अब तक 10 आरोपियों को गिरफ्तार किए जाने की जानकारी दी गई है।

    जांच अधिकारी इस संभावना की भी पड़ताल कर रहे हैं कि गोलीबारी का उद्देश्य फिल्म जगत में भय पैदा करना या गैंग का प्रचार करना था। फिलहाल, सलमान खान की तारीफ को हमले की वजह बताए जाने वाला दावा जांच के दायरे में है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि घटना के पीछे व्यक्तिगत रंजिश थी या इसके तार किसी संगठित साजिश से जुड़े हैं।

  • फरीदाबाद में रिटायर्ड सब इंस्पेक्टर के घर तीन राउंड फायरिंग, बुलेट बाइक सवार दो बदमाश सीसीटीवी में कैद

    फरीदाबाद में रिटायर्ड सब इंस्पेक्टर के घर तीन राउंड फायरिंग, बुलेट बाइक सवार दो बदमाश सीसीटीवी में कैद

    नई दिल्ली । हरियाणा के फरीदाबाद में देर रात हरियाणा पुलिस के एक सेवानिवृत्त सब इंस्पेक्टर के घर पर गोलीबारी की घटना सामने आई है। नगला एनक्लेव पार्ट-2 में बुलेट मोटरसाइकिल पर पहुंचे दो युवकों ने मकान को निशाना बनाकर तीन राउंड फायरिंग की और मौके से फरार हो गए। घटना के समय परिवार घर के अंदर सो रहा था। गोलीबारी से मकान का शीशा टूट गया और दीवार पर भी गोली लगने के निशान मिले हैं। इस घटना में किसी के घायल होने की सूचना नहीं है।

    फायरिंग का शिकार हुए सेवानिवृत्त सब इंस्पेक्टर की पहचान सुरजीत बैंसला के रूप में हुई है। उन्होंने बताया कि वारदात के समय वह अपने परिवार के साथ घर के अंदर सो रहे थे। देर रात एक पड़ोसी ने उन्हें जानकारी दी कि उनके मकान पर गोलियां चलाई गई हैं। सूचना मिलने के बाद उन्होंने घर के बाहर लगे सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग देखी, जिसमें दो युवकों की गतिविधियां दिखाई दीं।

    फुटेज के अनुसार, दोनों युवक बुलेट मोटरसाइकिल पर सवार होकर मकान के पास पहुंचे थे। वहां रुकने के बाद उन्होंने पिस्तौल निकाली और घर की ओर गोलियां चलाईं। इसके बाद दोनों आरोपी उसी मोटरसाइकिल से घटनास्थल से भाग गए। बताया गया है कि वारदात के दौरान युवकों ने अपने चेहरे नहीं ढके हुए थे। ऐसे में पुलिस को उनकी पहचान करने के लिए सीसीटीवी रिकॉर्डिंग से मदद मिलने की उम्मीद है।

    गोलीबारी के दौरान एक गोली मकान के शीशे पर लगी, जिससे शीशा टूट गया। दूसरी गोली दीवार में जा लगी, जबकि तीसरी गोली हवा में चलाई गई। घटना के समय घर के भीतर परिवार के सदस्य मौजूद थे, लेकिन किसी के घायल होने की जानकारी सामने नहीं आई है। देर रात हुई इस वारदात से मकान को नुकसान पहुंचा और परिवार को घटना की जानकारी पड़ोसी के माध्यम से मिली।

    सुरजीत बैंसला ने बताया कि वह फायरिंग करने वाले दोनों युवकों को नहीं पहचानते। उन्हें यह भी जानकारी नहीं है कि आरोपियों ने उनके घर को निशाना क्यों बनाया। फिलहाल गोलीबारी के पीछे की वजह स्पष्ट नहीं हुई है। पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि घटना किसी पुरानी रंजिश, विवाद या किसी अन्य कारण से जुड़ी है या नहीं। हालांकि, जांच पूरी होने से पहले वारदात के उद्देश्य को लेकर कोई निष्कर्ष सामने नहीं आया है।

    घटना की सूचना मिलने के बाद सारण थाना पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस सीसीटीवी फुटेज की जांच कर दोनों संदिग्धों की पहचान करने में जुटी है। रिकॉर्डिंग में आरोपियों के मोटरसाइकिल से पहुंचने, पिस्तौल निकालने, गोलियां चलाने और फिर मौके से भागने की गतिविधियां दिखाई देने की बात कही गई है। पुलिस घटनास्थल से जुड़े साक्ष्यों की भी जांच कर रही है।

    सारण थाना प्रभारी हुक्म सिंह के अनुसार, शिकायत मिलने के बाद प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस फायरिंग के कारणों का पता लगाने के साथ आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी के प्रयास कर रही है। सीसीटीवी फुटेज तथा अन्य उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर मामले की पड़ताल की जा रही है। फिलहाल दोनों आरोपियों की पहचान और घटना के पीछे के कारणों को लेकर जांच जारी है।

  • शिवपुरी कोतवाली में कथित शराबखोरी और फायरिंग के मामले में टीआई रोहित दुबे लाइन अटैच, सात पुलिसकर्मी निलंबित

    शिवपुरी कोतवाली में कथित शराबखोरी और फायरिंग के मामले में टीआई रोहित दुबे लाइन अटैच, सात पुलिसकर्मी निलंबित

    शिवपुरी: में सिटी कोतवाली से जुड़े एक कथित घटनाक्रम के बाद पुलिस विभाग ने कार्रवाई की है। थाना प्रभारी टीआई रोहित दुबे को लाइन अटैच कर दिया गया है, जबकि उपनिरीक्षक प्रवीण त्रिवेदी समेत सात पुलिसकर्मियों को निलंबित किया गया है। यह मामला मंगलवार और बुधवार की दरमियानी रात का बताया जा रहा है, जब शहर में दुर्गा प्रतिमाओं के विसर्जन का सिलसिला चल रहा था। घटनाक्रम में थाने के भीतर कथित रूप से शराब पीने, ताश खेलने, पुलिसकर्मियों के बीच विवाद और गोली चलने की बात सामने आई है। हालांकि, घटना से जुड़े सभी तथ्यों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

    प्राप्त जानकारी के अनुसार, मंगलवार-बुधवार की रात करीब एक बजे सिटी कोतवाली परिसर में स्थित पुराने महिला थाने के कमरों में कुछ पुलिसकर्मियों के मौजूद होने की बात कही गई है। इनमें हवलदार विनय सिंह जाटव, कोतवाली के चालक शरद यादव और दो अन्य आरक्षकों के नाम सामने आए हैं। आरोप है कि इस दौरान पुलिसकर्मी शराब के नशे में ताश खेल रहे थे। इसी बीच ताश खेलने के दौरान कहासुनी हुई, जो बाद में विवाद में बदल गई।

    बताया जा रहा है कि विवाद के दौरान शरद यादव के साथ मारपीट की गई। इसके बाद गुस्से में आकर उन्होंने अपनी लाइसेंसी बंदूक से गोली चला दी। हालांकि, गोली किसी व्यक्ति को नहीं लगी और किसी के हताहत होने की सूचना सामने नहीं आई। घटना के बाद विनय सिंह जाटव समेत कुछ पुलिसकर्मियों के कोतवाली परिसर से चले जाने की बात कही गई है। यह भी दावा किया गया कि शरद यादव उन्हें तलाश करते हुए माधव चौक तक पहुंचे थे। इन विवरणों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।

    मामले को लेकर विनय सिंह जाटव से संपर्क किए जाने पर उन्होंने ऐसी किसी घटना से इनकार करते हुए इसे अफवाह बताया। इस विरोधाभास के कारण घटनाक्रम की वास्तविक स्थिति स्पष्ट नहीं है। थाने के पुराने महिला थाना क्षेत्र में लगे सीसीटीवी कैमरे की फुटेज को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। फुटेज की जांच से यह स्पष्ट हो सकता है कि संबंधित समय पर परिसर में क्या हुआ था। हालांकि, उपलब्ध जानकारी के अनुसार, फुटेज और निलंबन आदेश सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आए हैं।

    घटनाक्रम के दौरान टीआई रोहित दुबे की ड्यूटी माधव चौक पर बताई गई थी। आरोप है कि वह करीब दो घंटे तक निर्धारित स्थान पर मौजूद नहीं थे। मामले की जानकारी मिलने के बाद शिवपुरी की पुलिस अधीक्षक यांगचेन डोलकर भूटिया सिटी कोतवाली पहुंचीं और स्थिति का जायजा लिया। इसके बाद थाना प्रभारी को लाइन अटैच करने और सात पुलिसकर्मियों को निलंबित करने की कार्रवाई की गई। विभागीय कार्रवाई का विस्तृत आधार और आरोपों की अंतिम स्थिति उपलब्ध जानकारी से स्पष्ट नहीं है।

    निलंबित किए गए पुलिसकर्मियों में उपनिरीक्षक प्रवीण त्रिवेदी के अलावा गजेंद्र परिहार, देवेंद्र रावत, जितेंद्र रायपुरिया, विनय जाटव, शरद यादव और अवतार सिंह शामिल हैं। इस प्रकार कुल सात पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की गई है। थाना प्रभारी रोहित दुबे को लाइन अटैच करने के पीछे स्टाफ पर नियंत्रण रखने में कथित विफलता और ड्यूटी से अनुपस्थित रहने का मामला बताया गया है।

    रोहित दुबे का शिवपुरी में कोतवाली प्रभारी के रूप में यह दूसरा कार्यकाल बताया गया है। वह अशोकनगर से स्थानांतरित होकर शिवपुरी आए थे और तत्कालीन पुलिस अधीक्षक अमन सिंह राठौर के कार्यकाल में उन्हें सिटी कोतवाली की जिम्मेदारी दी गई थी। इससे पहले एक जन आंदोलन के दौरान विवाद में आने के बाद उन्हें इस थाने से हटाया गया था। बाद में उन्हें फिर से कोतवाली प्रभारी बनाया गया। अब ताजा घटनाक्रम के बाद उन्हें दोबारा लाइन अटैच किया गया है। मामले में आरोपों की पुष्टि और घटनाक्रम की पूरी स्थिति जांच के निष्कर्षों पर निर्भर करेगी।

  • टाइगर श्रॉफ पर फायरिंग के बाद बढ़ाई गई सुरक्षा, बॉडीगार्ड के साथ पुलिसकर्मी तैनात, तीन आरोपी गिरफ्तार

    टाइगर श्रॉफ पर फायरिंग के बाद बढ़ाई गई सुरक्षा, बॉडीगार्ड के साथ पुलिसकर्मी तैनात, तीन आरोपी गिरफ्तार


    नई दिल्ली ।
    बॉलीवुड अभिनेता टाइगर श्रॉफ पर फायरिंग की घटना के बाद उनकी सुरक्षा बढ़ा दी गई है। मुंबई पुलिस ने अभिनेता की सुरक्षा के लिए बॉडीगार्ड के साथ पुलिसकर्मियों को भी तैनात किया है। मामले में अब तक तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि अभिनेता को निशाना बनाने के पीछे क्या वजह थी और इस घटना में किन लोगों की भूमिका रही है।

    फायरिंग की घटना के बाद सुरक्षा व्यवस्था में किए गए बदलाव के तहत टाइगर श्रॉफ के साथ निजी सुरक्षा कर्मियों के अलावा पुलिसकर्मी भी तैनात किए गए हैं। उनके नजदीकी पुलिस थाने से एक अधिकारी और कुछ जवानों को सुरक्षा संबंधी जिम्मेदारी दी गई है। हालांकि, पुलिस ने अभी यह स्पष्ट नहीं किया है कि अभिनेता को किस स्तर की सुरक्षा उपलब्ध कराई गई है। जांच अधिकारी मामले से जुड़े विभिन्न पहलुओं की पड़ताल कर रहे हैं।

    प्रारंभिक जांच में पुलिस को आशंका है कि फायरिंग के पीछे लोगों के बीच डर पैदा करने और अभिनेता से पैसे वसूलने की कोशिश हो सकती है। जांच के दौरान लॉरेंस बिश्नोई गिरोह की संभावित भूमिका का पहलू भी सामने आया है। हालांकि, पुलिस ने अभी तक हमले के उद्देश्य या किसी गिरोह की संलिप्तता की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। अधिकारियों का कहना है कि जांच आगे बढ़ने के साथ ही घटना के पीछे की परिस्थितियां स्पष्ट हो सकेंगी।

    इस मामले में तीन आरोपियों की गिरफ्तारी पुलिस के लिए महत्वपूर्ण कड़ी मानी जा रही है। जानकारी के अनुसार, तीनों को सोमवार सुबह राजस्थान के कोटा रेलवे स्टेशन पर एक ट्रेन से पकड़ा गया। पुलिस ने करीब 15 मिनट तक चले अभियान के बाद उन्हें हिरासत में लिया। उस समय तीनों पुणे-जयपुर सुपरफास्ट एक्सप्रेस के सामान्य श्रेणी के डिब्बे में सफर कर रहे थे। ट्रेन सुबह 10 बजकर 17 मिनट पर कोटा स्टेशन पहुंची थी।

    कोटा की पुलिस अधीक्षक तेजस्वनी गौतम के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपियों में बिहार के बेगूसराय निवासी ऋतिक उर्फ रोशन और हरियाणा के सोनीपत निवासी रेहान शामिल हैं। उपलब्ध जानकारी में तीसरे आरोपी की पहचान का पूरा विवरण नहीं दिया गया है। पुलिस गिरफ्तारी के बाद आरोपियों से पूछताछ और मामले से जुड़े तथ्यों की जांच कर रही है।

    जांच का एक अहम पहलू यह पता लगाना है कि फायरिंग की योजना कैसे बनाई गई और आरोपियों के बीच क्या संपर्क था। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि घटना को अंजाम देने के पीछे आर्थिक मांग, धमकी या किसी अन्य कारण की भूमिका रही है या नहीं। फिलहाल इन संभावनाओं को जांच के स्तर पर देखा जा रहा है। किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले पुलिस सभी संबंधित साक्ष्यों और आरोपियों से मिली जानकारी का परीक्षण कर रही है।

    टाइगर श्रॉफ की सुरक्षा बढ़ाए जाने के बाद अब मामले की जांच और आरोपियों से पूछताछ पर ध्यान केंद्रित है। पुलिस यह स्पष्ट करने की कोशिश कर रही है कि फायरिंग की घटना में गिरफ्तार लोगों की क्या भूमिका थी और क्या इसके पीछे कोई संगठित गिरोह सक्रिय था। हमले के कारणों, संभावित साजिश और अन्य संबंधित लोगों के बारे में स्थिति जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

  • बिहार के भोजपुर में सुबह-सुबह सनसनीखेज वारदात, टहलने निकले 72 वर्षीय पूर्व कस्टम सुपरिंटेंडेंट की गोली मारकर हत्या, नकाबपोश हमलावर फरार

    बिहार के भोजपुर में सुबह-सुबह सनसनीखेज वारदात, टहलने निकले 72 वर्षीय पूर्व कस्टम सुपरिंटेंडेंट की गोली मारकर हत्या, नकाबपोश हमलावर फरार

    नई दिल्ली । बिहार के भोजपुर जिले के आरा में गुरुवार सुबह गोलीबारी की घटना से सनसनी फैल गई। जैन कॉलेज के पास कनकपुरी मोहल्ले में बाइक सवार नकाबपोश बदमाशों ने 72 वर्षीय पूर्व कस्टम सुपरिंटेंडेंट रामकुमार सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी। वारदात के बाद हमलावर मौके से फरार हो गए। घटना के बाद इलाके में दहशत और अफरा-तफरी का माहौल बन गया। सूचना मिलने पर पुलिस घटनास्थल पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी।
    मृतक रामकुमार सिंह मूल रूप से भोजपुर जिले के बिहिया थाना क्षेत्र के डुमरिया गांव के निवासी थे। वह लंबे समय से आरा के नवादा थाना क्षेत्र स्थित कनकपुरी मोहल्ले में मकान बनाकर रह रहे थे। सरकारी सेवा से सेवानिवृत्त होने के बाद वह सामाजिक कार्यों में भी सक्रिय थे। उनकी हत्या की खबर सामने आने के बाद इलाके में घटना को लेकर चर्चा शुरू हो गई है।
    जानकारी के अनुसार, रामकुमार सिंह गुरुवार सुबह रोजाना की तरह टहलने के लिए अपने घर से निकले थे। वह घर से लगभग डेढ़ सौ मीटर की दूरी पर पहुंचे ही थे कि पहले से घात लगाए बैठे बाइक सवार नकाबपोश हथियारबंद बदमाशों ने उन्हें घेर लिया। इसके बाद हमलावरों ने उन पर ताबड़तोड़ गोलियां चला दीं। बताया जा रहा है कि इस दौरान उन्हें करीब आठ गोलियां लगीं। गंभीर रूप से घायल होने के कारण उनकी घटनास्थल पर ही मौत हो गई।
    वारदात को अंजाम देने के बाद हमलावर बाइक से फरार हो गए। सुबह के समय गोलीबारी होने से आसपास के इलाके में हड़कंप मच गया। घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय लोगों के बीच हलचल बढ़ गई। इसके बाद नवादा थाने की पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का जायजा लिया। पुलिस ने मामले की जांच शुरू करते हुए हत्या से जुड़े तथ्यों का पता लगाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
    फिलहाल रामकुमार सिंह की हत्या के पीछे की वजह स्पष्ट नहीं हो सकी है। पुलिस इस बात की पड़ताल कर रही है कि हमलावरों ने उन्हें किस कारण निशाना बनाया। साथ ही यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि वारदात में शामिल लोग कौन थे और उन्होंने हत्या की योजना कैसे बनाई। आरोपियों की पहचान और उनकी गिरफ्तारी के संबंध में जांच जारी है।
    इस घटना में सबसे अहम सवाल हत्या की वजह और हमलावरों की पहचान को लेकर है। रामकुमार सिंह सरकारी सेवा से सेवानिवृत्त होने के बाद सामाजिक गतिविधियों में भी सक्रिय थे। ऐसे में पुलिस विभिन्न पहलुओं को ध्यान में रखकर मामले की जांच कर रही है। हालांकि, अभी तक हत्या के कारण को लेकर कोई स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है।
    सुबह टहलने के दौरान हुई इस वारदात ने आरा के कनकपुरी मोहल्ले में सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। बाइक सवार नकाबपोश बदमाशों द्वारा दिन की शुरुआत में ही गोलीबारी कर फरार हो जाना घटना की गंभीरता को दर्शाता है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है। फिलहाल यह स्पष्ट होना बाकी है कि रामकुमार सिंह की हत्या के पीछे व्यक्तिगत रंजिश थी या कोई अन्य कारण। जांच पूरी होने और आरोपियों की पहचान होने के बाद ही वारदात से जुड़े अन्य पहलुओं का खुलासा हो सकेगा।
  • ग्वालियर के डबरा में 8 करोड़ की जमीन के विवाद में गोलीबारी, संदीप परिहार की मौत, मौके से करीब 50 कारतूस बरामद

    ग्वालियर के डबरा में 8 करोड़ की जमीन के विवाद में गोलीबारी, संदीप परिहार की मौत, मौके से करीब 50 कारतूस बरामद

    मध्य प्रदेश: के ग्वालियर जिले के डबरा क्षेत्र में टेकनपुर के पास शुक्रवार शाम जमीन विवाद को लेकर दो पक्षों के बीच गोलीबारी हुई। करीब आधे घंटे तक चली इस घटना में संदीप परिहार की मौत हो गई। बताया गया है कि संदीप भाजपा नेता और जिला पंचायत सदस्य आलोक शर्मा के भाई नवीन शर्मा का कर्मचारी था। गोलीबारी के दौरान उसके पेट में चार गोलियां लगीं। पुलिस उसे घायल अवस्था में एक स्कूल के अंदर से बरामद कर अस्पताल लेकर पहुंची, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। दूसरे पक्ष के एक युवक के भी गोली लगने से घायल होने की जानकारी सामने आई है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। विवाद हाईवे से लगी चार बीघा जमीन को लेकर था, जिसकी कीमत करीब आठ करोड़ रुपये बताई जा रही है।

    यह जमीन टेकनपुर बस स्टैंड के पास पुरानी रोड पर स्थित है। इसे लेकर नवीन शर्मा और श्याम गुर्जर के बीच विवाद चल रहा था। जानकारी के मुताबिक, नवीन शर्मा का पिछले तीन वर्षों से इस जमीन पर कब्जा था। शुक्रवार को वहां बाउंड्री वॉल बनाने का काम चल रहा था। इसी दौरान श्याम गुर्जर पक्ष के लोग मौके पर पहुंच गए। इसके बाद दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए और विवाद बढ़ने पर गोलीबारी शुरू हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों और वहां से गुजर रहे लोगों के अनुसार, घटनास्थल पर लगातार गोलियां चलाई गईं। बताया गया कि करीब आधे घंटे तक चली फायरिंग में बड़ी संख्या में राउंड दागे गए। घटना के दौरान वहां मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई।

    जमीन के स्वामित्व को लेकर भी पहले से विवाद की स्थिति बनी हुई थी। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, करीब पांच महीने पहले जमीन की रजिस्ट्री श्याम गुर्जर और विनय गुर्जर के नाम कराई गई थी। रजिस्ट्री के बाद जमीन का नामांतरण भी हो गया था। इससे पहले करीब आठ महीने पूर्व जमीन का इकरारनामा किए जाने के समय भी दोनों पक्षों के बीच विवाद हुआ था। बताया गया है कि यह जमीन पहले डबरा निवासी हरीबाबू सेठ की थी, जिसे गुर्जर पक्ष ने खरीद लिया था। इसके बावजूद जमीन पर कब्जे और निर्माण को लेकर दोनों पक्षों के बीच तनाव बना हुआ था। शुक्रवार को बाउंड्री वॉल के निर्माण के दौरान यही विवाद गोलीबारी तक पहुंच गया।

    घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। तलाशी के दौरान संदीप परिहार स्कूल के अंदर घायल अवस्था में मिला। उसके पेट में चार गोलियां लगी थीं। पुलिस उसे ग्वालियर लेकर गई, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। घटनास्थल पर खड़ी थार गाड़ी पर भी गोलियों के निशान मिले हैं। पुलिस ने इस गाड़ी से करीब 50 कारतूस बरामद किए। घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक धर्मवीर सिंह यादव, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक देहात जयराज कुबेर और आसपास के थानों का पुलिस बल मौके पर पहुंचा। अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और मामले से जुड़े साक्ष्य जुटाए। दूसरे पक्ष के एक युवक के घायल होने की जानकारी की भी चर्चा रही, लेकिन पुलिस की ओर से इसकी पुष्टि नहीं की गई थी।

    मृतक संदीप परिहार के भाई ने विनय गुर्जर, सोनेराम गुर्जर, लालो गुर्जर, बाबा और अन्य लोगों पर गोली मारने का आरोप लगाया है। पुलिस इन आरोपों के आधार पर मामले की जांच कर रही है। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक देहात जयराज कुबेर ने बताया कि जमीन विवाद के दौरान गोली लगने से एक युवक की मौत हुई है। उन्होंने कहा कि आरोपियों को गिरफ्तार करने के प्रयास किए जा रहे हैं। घटना के समय तक मामले में प्राथमिकी दर्ज नहीं हुई थी। पुलिस की जांच में गोलीबारी की परिस्थितियों, बरामद कारतूसों और दोनों पक्षों के बीच जमीन को लेकर चले आ रहे विवाद से जुड़े तथ्यों की पड़ताल की जा रही है।

  • वाराणसी एयरपोर्ट पर हथियार जांच के दौरान यात्री की बंदूक से चली गोली, दो AAICLAS कर्मचारी घायल हुए

    वाराणसी एयरपोर्ट पर हथियार जांच के दौरान यात्री की बंदूक से चली गोली, दो AAICLAS कर्मचारी घायल हुए

    नई दिल्ली । वाराणसी के लाल बहादुर शास्त्री अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर रविवार सुबह हथियार की जांच के दौरान अचानक गोली चलने से अफरा तफरी मच गई। घटना में एयरपोर्ट पर सुरक्षा जांच से जुड़े दो AAICLAS स्क्रीनर्स घायल हो गए। दोनों को तत्काल उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया। घटना सुबह करीब 9:30 बजे की बताई जा रही है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और गोली चलने की परिस्थितियों का पता लगाया जा रहा है।

    जानकारी के अनुसार, एक यात्री अपनी पत्नी के साथ मुंबई जाने वाली फ्लाइट पकड़ने के लिए एयरपोर्ट पहुंचा था। यात्री के पास बंदूक थी और उसने विमान यात्रा के दौरान हथियार ले जाने की जानकारी संबंधित अधिकारियों को पहले ही दे दी थी। इसके बाद निर्धारित सुरक्षा प्रक्रिया के तहत हथियार की जांच की जा रही थी।

    बताया गया है कि हथियार की जांच के दौरान अचानक बंदूक से एक राउंड फायर हो गया। गोली चलने के बाद एयरपोर्ट परिसर में मौजूद लोगों के बीच कुछ समय के लिए अफरा तफरी का माहौल बन गया। घटना में सुरक्षा जांच का काम कर रहे दो AAICLAS स्क्रीनर्स घायल हो गए।

    घटना के तुरंत बाद दोनों घायल कर्मचारियों को न्यू लक्ष्मी ट्रॉमा सेंटर ले जाया गया, जहां उनका इलाज शुरू किया गया। घायलों की स्थिति को लेकर फिलहाल विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है। अधिकारियों की ओर से उनकी स्वास्थ्य स्थिति पर आगे जानकारी दी जा सकती है।

    जिस यात्री के हथियार से गोली चली, वह मुंबई जाने वाली IX-1810 फ्लाइट से यात्रा करने वाला था। वह अपनी पत्नी के साथ एयरपोर्ट पहुंचा था। हथियार साथ होने की जानकारी पहले से दिए जाने के बावजूद जांच के दौरान अचानक फायरिंग हो गई। इस कारण अब सुरक्षा प्रक्रिया और घटना की परिस्थितियों की जांच महत्वपूर्ण हो गई है।

    घटना की सूचना मिलने के बाद स्थानीय पुलिस को जानकारी दी गई। पुलिस ने मौके से जुड़े घटनाक्रम की जांच शुरू कर दी है। जांच के दौरान यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि बंदूक से गोली किस परिस्थिति में चली और हथियार की जांच के समय सुरक्षा संबंधी निर्धारित प्रक्रियाओं का किस तरह पालन किया जा रहा था।

    पुलिस और संबंधित अधिकारी यह भी समझने की कोशिश कर रहे हैं कि फायरिंग के समय हथियार की स्थिति क्या थी और जांच के दौरान किन परिस्थितियों में अचानक एक राउंड फायर हुआ। मामले में उपलब्ध जानकारी और घटनास्थल से जुड़े तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

    एयरपोर्ट जैसे संवेदनशील परिसर में हथियार की जांच के दौरान गोली चलने की घटना सुरक्षा व्यवस्था के लिहाज से महत्वपूर्ण मानी जा रही है। हालांकि, घटना के कारणों को लेकर किसी अंतिम निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले जांच पूरी होना जरूरी है। फिलहाल अधिकारियों का ध्यान घायलों के उपचार और घटना के वास्तविक कारणों का पता लगाने पर है।

    पुलिस की जांच पूरी होने के बाद यह स्पष्ट हो सकेगा कि फायरिंग किस वजह से हुई और इस दौरान सुरक्षा प्रक्रिया में किसी स्तर पर चूक हुई थी या नहीं। फिलहाल मामले से जुड़े तथ्यों को जुटाया जा रहा है और आगे की जानकारी जांच के आधार पर सामने आने की संभावना है।

  • चरखी दादरी में दिनदहाड़े 30 राउंड फायरिंग से सनसनी, स्कॉर्पियो सवार सात लोग घायल, सीसीटीवी से आरोपियों की तलाश

    चरखी दादरी में दिनदहाड़े 30 राउंड फायरिंग से सनसनी, स्कॉर्पियो सवार सात लोग घायल, सीसीटीवी से आरोपियों की तलाश

    नई दिल्ली । हरियाणा के चरखी दादरी में दिनदहाड़े हुई ताबड़तोड़ फायरिंग की घटना ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी। सिटी थाने के सामने एक काली स्कॉर्पियो को निशाना बनाकर अज्ञात हमलावरों ने लगातार गोलियां चलाईं, जिससे वाहन में सवार सात लोग घायल हो गए। घटना के बाद आसपास मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई और पूरे क्षेत्र में दहशत का माहौल बन गया। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया।

    प्रारंभिक जानकारी के अनुसार हमलावर एक बाइक पर सवार होकर आए थे। उन्होंने स्कॉर्पियो को बीच रास्ते में रुकवाया और अचानक फायरिंग शुरू कर दी। कुछ ही क्षणों में वाहन गोलियों से छलनी हो गया। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए। घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तत्काल इलाके की घेराबंदी कर दी और आसपास के क्षेत्रों में सतर्कता बढ़ा दी।

    हमले में घायल हुए लोगों की पहचान अंकित, कीर्तिमान, सूरज, सनी, कृष्ण, अमित और एक अन्य अंकित के रूप में हुई है। सभी घायलों को पहले स्थानीय सिविल अस्पताल ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए रोहतक स्थित पीजीआई रेफर कर दिया गया। चिकित्सकों की निगरानी में उनका इलाज जारी है और पुलिस लगातार उनकी स्थिति पर नजर बनाए हुए है।

    घटना की सूचना मिलते ही वरिष्ठ पुलिस अधिकारी, डीएसपी और अन्य अधिकारी घटनास्थल पर पहुंचे। फोरेंसिक विशेषज्ञों की टीम ने मौके से साक्ष्य जुटाने का काम शुरू किया। घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया गया और गोलियों के खोखे सहित अन्य महत्वपूर्ण सुराग एकत्र किए गए। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जांच के दौरान किसी भी संभावना को नजरअंदाज नहीं किया जाएगा और हर पहलू की गहन पड़ताल की जाएगी।

    हमलावरों की पहचान के लिए आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। पुलिस तकनीकी साक्ष्यों के साथ प्रत्यक्षदर्शियों से भी पूछताछ कर रही है ताकि आरोपियों की गतिविधियों और उनके भागने के रास्ते का पता लगाया जा सके। इसके अलावा आसपास के थाना क्षेत्रों को भी सतर्क कर दिया गया है और संदिग्ध वाहनों की जांच तेज कर दी गई है।

    घटना के पीछे की वजह फिलहाल स्पष्ट नहीं हो सकी है। पुलिस का कहना है कि आपसी रंजिश, पुराना विवाद और अन्य संभावित कारणों सहित सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। अधिकारियों ने भरोसा दिलाया है कि उपलब्ध साक्ष्यों और तकनीकी जांच के आधार पर आरोपियों तक जल्द पहुंचने का प्रयास किया जा रहा है। इस घटना के बाद क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था और पुलिस गश्त भी बढ़ा दी गई है ताकि कानून-व्यवस्था बनाए रखी जा सके और लोगों में सुरक्षा का भरोसा कायम रहे।

  • PoK में पाक सेना की फायरिंग में 40 लोगों की मौत… भारत की जांच की मांग

    PoK में पाक सेना की फायरिंग में 40 लोगों की मौत… भारत की जांच की मांग


    नई दिल्ली।
    पाक अधिकृत कश्मीर (Pakistan-occupied Kashmir- PoK) में प्रदर्शनकारियों पर पाकिस्तानी सेना (Pakistan Army) की फायरिंग में 40 लोगों की मौत पर भारत (India) ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय का ध्यान आकृष्ट कराते हुए जांच की मांग की है। भारत ने कहा कि इस प्रकरण में पाकिस्तान (Pakistan) ने स्वीकारा है कि वह भारत में खून बहाने के लिए मुजाहिदीन भेजता है।

    विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जैसवाल ने शुक्रवार को प्रेस कांफ्रेस में कहा कि प्रदर्शनकारियों पर फायरिंग में पीओके में 40 से ज्यादा लोग मारे गए हैं। पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ने इन लोगों को अपना दुश्मन बताया। राजनीतिक मामलों पर प्रधानमंत्री के विशेष सहायक ने खुले तौर पर माना कि जिन मुजाहिदीन को पाकिस्तान सरकार ने ट्रेनिंग और हथियार दिए और भारत में खून बहाने के लिए भेजा,अब वे इसका इस्तेमाल पाक के खिलाफ ही करने लगे हैं। जैसवाल ने कहा, इससे पाकिस्तान ने अपनी करतूतों की पुष्टि कर दी है।

    पीओके में निहत्थे लोगों पर हमला
    पीओके में पाक की बर्बरता के खिलाफ लोगों का गुस्सा बढ़ता जा रहा। आरोप है कि सुरक्षाबल निहत्थे लोगों पर सुरक्षाबल ताकत का इस्तेमाल कर रहे। लोग मारे जा रहे हैं, मीडिया पर प्रतिबंध लगा हुआ है। शुक्रवार को लोग पाक के खिलाफ सड़कों पर उतरे और जमकर विरोध प्रदर्शन किया। रावलकोट के रहने वाले सरदार अमन खान कश्मीरी और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर अकील ने बयान जारी कर बताया कि पाकिस्तान शांतिपूर्ण ढंग से प्रदर्शन कर रहे लोगों पर बल प्रयोग कर रहा। दोनों ने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मीडिया से स्थिति की जमीनी हकीकत के बारे में बताने की अपील की है।

    अमन खान ने पुलिस अधिकारियों पर आरोप लगाते हुए कहा कि शांतिपूर्ण ढंग से प्रदर्शन कर रहे लोगों को आतंकी बताया जा रहा। पाक रेंजर, फ्रंटियर कॉर्प्स और अन्य सुरक्षाबल घरों की छतों पर तैनात हैं और बेकसूर लोगों को निशाना बना रहे। अमन खान ने बताया कि सुरक्षाबल राष्ट्रीय सुरक्षा में इस्तेमाल होने वाले घातक हथियारों का इस्तेमाल निहत्थे लोगों पर कर रहे हैं। जब तक हमारी मांगें पूरी नहीं हो जातीं तब तक हम पीछे नहीं हटेंगे।

    एक प्रश्न के उत्तर में जैसवाल ने कहा कि रूसी सेना से अब तक 139 भारतीयों की रिहाई हो चुकी है। अभी 24 भारतीयों के वहां होने की खबर है। सरकार उनकी रिहाई की कोशिश कपीओके में पाक की बर्बरता के खिलाफ लोगों का गुस्सा बढ़ता जा रहा। आरोप है कि सुरक्षाबल निहत्थे लोगों पर सुरक्षाबल ताकत का इस्तेमाल कर रहे। लोग मारे जा रहे हैं, मीडिया पर प्रतिबंध लगा हुआ है।

    अमेरिकी समाचार पत्र द्वारा पीओके को पाकिस्तानी कश्मीर बताने वाली रिपोर्ट पर विदेश मंत्रालय ने कहा कि पीओके पर अंतरराष्ट्रीय संगठनों और मीडिया संस्थानों को कानूनी नामों का इस्तेमाल करना होगा। जम्मू- कश्मीर और लद्दाख भारत का अभिन्न अंग है, था और हमेशा रहेगा।