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  • PoK में सस्ते आटा-चावल के लिए सड़क पर उतरे लोग…. Pak सेना ने की फायरिंग, 16 की मौत

    PoK में सस्ते आटा-चावल के लिए सड़क पर उतरे लोग…. Pak सेना ने की फायरिंग, 16 की मौत


    रावलकोट ।
    पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) (Pakistan-occupied Kashmir (PoK) में सस्ता आटा-चावल, किफायती बिजली और बुनियादी अधिकारों की मांग को लेकर सड़कों पर उतरे आम लोगों को एक बार फिर पाकिस्तानी सेना (Pakistan Army) का कहर झेलना पड़ा। रावलकोट के ईदगाह मैदान में गुरुवार को उस समय भयानक मंजर नजर आया जब सैनिकों ने बिना चेतावनी गोलियां बरसानी शुरू कर दीं, जिसमें कम से कम 16 निहत्थे प्रदर्शनकारी मारे गए और 37 अन्य घायल हो गए।

    रावलकोट में आर्थिक तंगी से जूझ रहे करीब 60 से 70 हजार लोग प्रदर्शन कर रहे हैं। इसमें पुरुष, महिलाएं और युवा सभी शामिल हैं। ईदगाह मैदान में शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे लोगों पर पाकिस्तानी सेना और रेंजर्स की गोलियों की बरसात से अचानक हर तरफ भगदड़ मच गई। थोड़ी ही देर में पूरे इलाके में मंजर एकदम दिल दहला देने वाला था। खून से सनी सड़कों और खेतों में अपनों को ढूंढ़ते दुखी परिवार हक की आवाज उठाने की मानवीय कीमत चुकाने की निशानी बन गए हैं। पीओके में शुक्रवार से जारी विरोध प्रदर्शनों के दौरान इस तरह की दमनकारी कार्रवाई में अब तक 53 लोगों की जान जा चुकी है। पाकिस्तानी सेना यहां जितनी दमनकारी कार्रवाई कर रही है, सड़कों पर उतरे लोगों का हौसला उससे कहीं ज्यादा बुलंद है। इस खूनी कहर के बावजूद सैकड़ों की संख्या में प्रदर्शनकारी अब भी अपनी मांगों से पीछे हटने को तैयार नहीं हैं।


    आर-पार के मूड में जनता

    गोलीबारी के बाद भीड़ को संबोधित करते हुए आंदोलन के नेता सरदार अमन खान ने कहा कि संघर्ष अब एक निर्णायक दौर में पहुंच गया है और संकल्प लिया कि जान-माल के नुकसान के बावजूद यह आंदोलन जारी रहेगा। सड़कों पर मौजूद लोग कोई हथियार नहीं लिए हैं। वे बस सस्ते भोजन, सस्ती बिजली और सम्मानजनक जीवन की मांग कर रहे हैं। फिर भी, उन्हें जवाब में गोलियां मिली हैं।

  • पटना में खान सर कोचिंग सेंटर पर हमला: फायरिंग और तोड़फोड़ के बाद 3 आरोपी गिरफ्तार, पुलिस ने बढ़ाई सुरक्षा

    पटना में खान सर कोचिंग सेंटर पर हमला: फायरिंग और तोड़फोड़ के बाद 3 आरोपी गिरफ्तार, पुलिस ने बढ़ाई सुरक्षा


    नई दिल्ली।
    बिहार की राजधानी पटना में स्थित चर्चित शिक्षक खान सर के कोचिंग संस्थान पर हुए हमले और कथित फायरिंग की घटना ने पूरे राज्य में चर्चा का विषय बना दिया है। इस मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। गिरफ्तार किए गए लोगों में एक कोचिंग संस्थान का संचालक भी शामिल बताया जा रहा है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि घटना की गंभीरता को देखते हुए जांच कई स्तरों पर की जा रही है और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे भी कार्रवाई जारी रहेगी। प्रशासन का दावा है कि मामले में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और कानून के अनुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

    जानकारी के अनुसार, यह घटना मंगलवार रात पटना के मुसल्लहपुर हाट इलाके में हुई, जहां खान सर का कोचिंग संस्थान स्थित है। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, देर शाम कुछ लोग समूह बनाकर कोचिंग परिसर के बाहर पहुंचे और वहां हंगामा शुरू कर दिया। आरोप है कि हमलावरों ने संस्थान के बाहर और अंदर तोड़फोड़ की, पोस्टर और प्रचार सामग्री को नुकसान पहुंचाया तथा कार्यालय परिसर में भी अव्यवस्था फैलाने की कोशिश की। घटना के दौरान ईंट-पत्थर चलने की भी सूचना सामने आई है। इस हमले में संस्थान में तैनात एक सुरक्षा गार्ड घायल हो गया, जिसे तत्काल उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया। डॉक्टरों के अनुसार उसकी स्थिति स्थिर बताई जा रही है।

    घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और हालात को नियंत्रित करने का प्रयास किया। क्षेत्र में बढ़ते तनाव को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई। पुलिस ने आसपास के इलाकों में गश्त बढ़ा दी है और कोचिंग संस्थान के बाहर सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया गया है। प्रशासन का कहना है कि किसी भी तरह की अवांछित गतिविधि को रोकने के लिए लगातार निगरानी रखी जा रही है। घटना के बाद इलाके में कुछ समय के लिए अफरा-तफरी का माहौल रहा और बड़ी संख्या में छात्र तथा स्थानीय लोग वहां एकत्रित हो गए।

    इस मामले में खान सर ने कुछ प्रतिस्पर्धी कोचिंग संस्थानों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि कम फीस और बेहतर शैक्षणिक परिणामों के कारण उनका संस्थान छात्रों के बीच तेजी से लोकप्रिय हुआ है, जिससे कुछ लोग असहज महसूस कर रहे थे। उन्होंने दावा किया कि उन्हें पहले भी कई बार धमकियां मिल चुकी थीं और हाल के दिनों में संस्थान को नुकसान पहुंचाने की चेतावनी भी दी गई थी। हालांकि पुलिस ने अभी तक इन आरोपों की पुष्टि नहीं की है और जांच पूरी होने तक किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से बच रही है। अधिकारियों का कहना है कि सभी दावों और आरोपों की निष्पक्ष जांच की जाएगी।

    पुलिस की प्रारंभिक जांच में पोस्टर और प्रचार सामग्री को लेकर विवाद की बात सामने आई है। अधिकारियों ने घटनास्थल और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज जब्त कर ली है और उसकी गहन जांच की जा रही है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि घटना पूर्व नियोजित थी या किसी विवाद के बाद अचानक हुई। कथित फायरिंग की बात को लेकर भी जांच जारी है और पुलिस वैज्ञानिक साक्ष्यों तथा प्रत्यक्षदर्शियों के बयानों के आधार पर तथ्य जुटा रही है। फिलहाल अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही इस संबंध में स्पष्ट जानकारी दी जा सकेगी।

    घटना के बाद छात्रों और अभिभावकों के बीच चिंता का माहौल देखने को मिला। कई छात्रों ने शिक्षा संस्थानों की सुरक्षा को लेकर सवाल उठाए हैं और प्रशासन से सुरक्षित शैक्षणिक वातावरण सुनिश्चित करने की मांग की है। वहीं संस्थान प्रबंधन ने स्थिति सामान्य होने तक कुछ दिनों के लिए कक्षाएं स्थगित रखने का निर्णय लिया है। पुलिस का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखना उनकी प्राथमिकता है और दोषियों को जल्द से जल्द न्याय के दायरे में लाया जाएगा। पूरे मामले पर प्रशासन की नजर बनी हुई है और जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। फिलहाल पटना का यह मामला शिक्षा जगत और राजनीतिक हलकों दोनों में चर्चा का विषय बना हुआ है।

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  • मुजफ्फरनगर में बर्थडे पार्टी के दौरान सनसनीखेज वारदात, करोड़पति दामाद ने ससुराल में की अंधाधुंध फायरिंग, 3 महिलाएं गंभीर घायल

    मुजफ्फरनगर में बर्थडे पार्टी के दौरान सनसनीखेज वारदात, करोड़पति दामाद ने ससुराल में की अंधाधुंध फायरिंग, 3 महिलाएं गंभीर घायल



    नई दिल्ली। मुजफ्फरनगर के पॉश इलाके पंचशील कॉलोनी में सोमवार रात उस समय हड़कंप मच गया जब एक बर्थडे पार्टी के दौरान करोड़पति दामाद ने अपने ही ससुराल में अंधाधुंध फायरिंग कर दी। इस घटना में सास, सरहज और चाची सास समेत तीन महिलाएं गंभीर रूप से घायल हो गईं। वारदात के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई और लोग जान बचाकर इधर-उधर भागने लगे।

    सूचना पर पहुंची पुलिस ने आरोपी को मौके से ही पकड़ लिया। वह हाथ में लाइसेंसी रिवॉल्वर लेकर वहीं खड़ा था। पुलिस ने हथियार जब्त कर आरोपी को हिरासत में ले लिया और घायल महिलाओं को अस्पताल पहुंचाया, जहां से गंभीर हालत में उन्हें मेरठ रेफर कर दिया गया।

    पुलिस के मुताबिक आरोपी अनंत मित्तल देहरादून का रहने वाला है और अपनी पत्नी से तलाक व बच्चे की कस्टडी को लेकर चल रहे विवाद के चलते ससुराल आया था। बर्थडे पार्टी के दौरान पुराने विवाद को लेकर कहासुनी हुई, जो देखते ही देखते हिंसक हो गई।

    जानकारी के अनुसार आरोपी ने करीब 12 मिनट में 5 राउंड फायरिंग की। इस दौरान एक गोली सास के कंधे में, दूसरी सरहज के पेट में लगी, जबकि बीच-बचाव करने आई चाची सास भी गोली लगने से घायल हो गईं। पुलिस ने मौके से 8 जिंदा कारतूस भी बरामद किए हैं।

    एसएसपी के अनुसार, फायरिंग के दौरान रिवॉल्वर जाम हो गई, जिससे बड़ी अनहोनी टल गई। घटना के बाद पुलिस ने एफएसएल टीम की मदद से मौके से साक्ष्य जुटाए हैं और मामले की गहन जांच जारी है।

  • भारत-बांग्लादेश सीमा पर बढ़ा तनाव: असम से बंगाल तक BSF-BGB में टकराव, ग्रामीणों को लेकर स्थिति संवेदनशील

    भारत-बांग्लादेश सीमा पर बढ़ा तनाव: असम से बंगाल तक BSF-BGB में टकराव, ग्रामीणों को लेकर स्थिति संवेदनशील




    नई दिल्ली। भारत और बांग्लादेश की 4,096 किलोमीटर लंबी सीमा पर तनाव लगातार तीसरे हफ्ते भी जारी है। असम से लेकर पश्चिम बंगाल तक फैले सीमावर्ती इलाकों में बीएसएफ (BSF) और बॉर्डर गार्ड बांग्लादेश (BGB) के बीच झड़प और टकराव की घटनाएं सामने आ रही हैं, जिससे हालात संवेदनशील बने हुए हैं।

    जानकारी के अनुसार, 6 मई के बाद से सीमा पर तनाव बढ़ा है और पिछले लगभग 17 दिनों में आठ से अधिक बार दोनों देशों की सुरक्षा बलों के बीच झड़प की घटनाएं दर्ज की गई हैं। कई जगहों पर अवैध घुसपैठ रोकने और सीमा पार गतिविधियों को लेकर स्थिति तनावपूर्ण बनी रही है।

    कई इलाकों में झड़प और आरोप-प्रत्यारोप
    बांग्लादेशी पक्ष का दावा है कि बीएसएफ की कार्रवाई के दौरान कुछ नागरिकों को सीमा पार धकेलने की कोशिश की गई, जबकि भारतीय पक्ष का कहना है कि वह अवैध घुसपैठ और तस्करी रोकने के लिए कार्रवाई कर रहा है। इस दौरान कई स्थानों पर गोलीबारी और टकराव की स्थिति भी बनी।करीमगंज (असम) और ब्राह्मणबारिया (बांग्लादेश) जैसे सीमावर्ती क्षेत्रों में हालात ज्यादा तनावपूर्ण बताए जा रहे हैं। वहीं, ‘जीरो पॉइंट’ नियमों के उल्लंघन को लेकर भी दोनों देशों के बीच आरोप-प्रत्यारोप जारी हैं।

    BGB का जन-जागरूकता अभियान
    तनाव के बीच बॉर्डर गार्ड बांग्लादेश (BGB) ने सीमावर्ती इलाकों में लाउडस्पीकर के जरिए जन-जागरूकता अभियान शुरू किया है। इसमें स्थानीय लोगों को अवैध घुसपैठ, मानव तस्करी और सीमा पार अपराधों से दूर रहने की अपील की जा रही है।

    BGB की 60वीं बटालियन ने इस अभियान की शुरुआत ब्राह्मणबारिया क्षेत्र से की है, जिसका उद्देश्य ग्रामीणों को सतर्क करना और सीमा सुरक्षा में सहयोग बढ़ाना बताया गया है।

    ग्रामीणों की भूमिका पर भी सवाल
    रिपोर्ट्स के मुताबिक, कई सीमावर्ती इलाकों में स्थानीय ग्रामीणों की भूमिका को लेकर भी विवाद सामने आया है। कुछ स्थानों पर ग्रामीणों के सुरक्षा बलों के साथ आगे बढ़ने और टकराव के दौरान ढाल की तरह इस्तेमाल होने के आरोप भी लगाए जा रहे हैं।

    जानकारों की राय
    विशेषज्ञों का मानना है कि सीमा पर यह तनाव केवल बाड़ या घुसपैठ तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके पीछे तस्करी और स्थानीय विवाद भी एक बड़ा कारण हो सकते हैं। कई बार सीमा पार गतिविधियों को रोकने के दौरान स्थिति अचानक हिंसक रूप ले लेती है।

    फिलहाल दोनों देशों की सुरक्षा एजेंसियां स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं और सीमावर्ती क्षेत्रों में गश्त और निगरानी बढ़ा दी गई है।

  • अमृतसर में कपिल शर्मा के घर के बाहर फायरिंग से हड़कंप: परिवार बाल-बाल बचा, सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट

    अमृतसर में कपिल शर्मा के घर के बाहर फायरिंग से हड़कंप: परिवार बाल-बाल बचा, सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट


    नई दिल्ली। 
    देश के चर्चित कॉमेडियन और अभिनेता Kapil Sharma से जुड़ी एक चौंकाने वाली घटना ने मनोरंजन जगत और उनके प्रशंसकों के बीच चिंता बढ़ा दी है। अमृतसर स्थित उनके पैतृक घर के बाहर देर रात हुई फायरिंग की खबर ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी। अचानक गोलियों की आवाज सुनते ही आसपास के लोगों में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। घटना की सबसे गंभीर बात यह रही कि उस समय परिवार के सदस्य घर के भीतर मौजूद थे। हालांकि राहत की बात यह रही कि इस पूरी घटना में किसी के घायल होने की सूचना सामने नहीं आई।

    बताया जा रहा है कि घटना देर रात हुई, जब कुछ अज्ञात लोग घर के बाहर पहुंचे और अचानक फायरिंग कर मौके से फरार हो गए। इस घटना के बाद इलाके में दहशत का माहौल बन गया और सुरक्षा एजेंसियां तुरंत सक्रिय हो गईं। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और जांच टीमों ने मौके पर पहुंचकर इलाके को सुरक्षा घेरे में ले लिया और जांच प्रक्रिया शुरू कर दी। शुरुआती स्तर पर घटनास्थल से सबूत जुटाने और आसपास की गतिविधियों की पड़ताल पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

    घटना के समय अभिनेता अपने पेशेवर कार्यों के सिलसिले में दूसरे शहर में मौजूद बताए जा रहे थे। वहीं परिवार के सदस्य घर के अंदर होने के कारण इस घटना ने सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल भी खड़े कर दिए हैं। जिस क्षेत्र में यह घटना हुई, उसे सुरक्षित और संवेदनशील इलाकों में गिना जाता है। ऐसे में इस प्रकार की घटना ने स्थानीय लोगों के बीच भी चिंता बढ़ा दी है।

    जांच एजेंसियां अब मामले के हर पहलू को ध्यान में रखकर आगे बढ़ रही हैं। आसपास लगे कैमरों की फुटेज की जांच की जा रही है और संदिग्ध गतिविधियों की कड़ियों को जोड़ने का प्रयास जारी है। अधिकारी फिलहाल मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए सीमित जानकारी साझा कर रहे हैं। वहीं सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए अतिरिक्त कदम उठाए जाने की चर्चा भी तेज हो गई है।

    इस घटना के बाद अभिनेता के प्रशंसकों और मनोरंजन जगत में चिंता का माहौल दिखाई दे रहा है। फिलहाल सभी की नजरें जांच के परिणामों पर टिकी हैं। उम्मीद की जा रही है कि जांच एजेंसियां जल्द ही घटना से जुड़े तथ्यों तक पहुंचेंगी और पूरे मामले की सच्चाई सामने आएगी।

  • मध्यप्रदेश में सनसनीखेज वारदात: जमीन विवाद में एक दर्जन से अधिक लोगों ने चलाई गोलियां

    मध्यप्रदेश में सनसनीखेज वारदात: जमीन विवाद में एक दर्जन से अधिक लोगों ने चलाई गोलियां

    मध्यप्रदेश के डबरा क्षेत्र से एक गंभीर और सनसनीखेज घटना सामने आई है, जहां जमीनी विवाद ने हिंसक रूप ले लिया और गांव में अचानक गोलियों की गूंज से दहशत फैल गई। पिछोर थाना क्षेत्र के ग्राम सहोना में हुई इस घटना ने पूरे इलाके को स्तब्ध कर दिया है, जहां एक पक्ष के एक दर्जन से अधिक लोगों ने गांव में घुसकर ताबड़तोड़ फायरिंग की।

    जानकारी के अनुसार यह विवाद लंबे समय से जमीन के स्वामित्व को लेकर चल रहा था, जो समय के साथ इतना बढ़ गया कि स्थिति पूरी तरह हिंसक हो गई। घटना वाले दिन आरोप है कि हथियारों से लैस कई लोग गांव में पहुंचे और बिना किसी चेतावनी के फायरिंग शुरू कर दी। अचानक हुई गोलीबारी से गांव में अफरा-तफरी मच गई और लोग अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे।

    फायरिंग के दौरान कई घरों को भी निशाना बनाया गया, जिससे लगभग 10 से 15 मकानों की दीवारों पर गोलियों के निशान देखे गए हैं। इस हमले में कई लोगों को छर्रे लगे हैं, जबकि कुछ लोग गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं। घटना में एक राजनीतिक रूप से सक्रिय व्यक्ति भी घायल हुआ है, जिससे मामले ने और गंभीर रूप ले लिया है।

    प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हमलावर पूरी तैयारी के साथ गांव में आए थे और उन्होंने सीधे तौर पर निशाना बनाकर गोलियां चलाईं। अचानक हुई इस घटना से गांव में भय का माहौल बन गया है और लोग अपने घरों से बाहर निकलने से डर रहे हैं। बच्चों और महिलाओं में विशेष रूप से दहशत का माहौल देखा जा रहा है।

    घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और हालात को नियंत्रण में लिया। पूरे क्षेत्र को घेरकर जांच शुरू कर दी गई है। शुरुआती जांच में कुछ नाम सामने आए हैं, जिन पर फायरिंग करने का आरोप लगाया जा रहा है। पुलिस ने इनमें से एक व्यक्ति को हिरासत में लिया है, जबकि अन्य की तलाश जारी है।

    पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए हर पहलू की जांच की जा रही है। जमीन विवाद से जुड़ी पुरानी रंजिशों को भी खंगाला जा रहा है ताकि घटना के पीछे की असली वजह सामने आ सके। साथ ही गांव में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है ताकि किसी भी प्रकार की अप्रिय स्थिति दोबारा न बने।

    इस घटना ने एक बार फिर ग्रामीण इलाकों में जमीन विवादों के बढ़ते तनाव और उसके हिंसक रूप लेने की समस्या को उजागर कर दिया है। स्थानीय लोगों की मांग है कि दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो और क्षेत्र में शांति बहाल हो सके।

  • US: ट्रंप के कॉरेस्पोंडेंट डिनर कार्यक्रम में अंधाधुंध फायरिंग… एक हमलावर गिरफ्तार

    US: ट्रंप के कॉरेस्पोंडेंट डिनर कार्यक्रम में अंधाधुंध फायरिंग… एक हमलावर गिरफ्तार


    वॉशिंगटन।
    वाशिंगटन हिल्टन होटल में शनिवार की रात 8:45 बजे (अमेरिकी समय के अनुसार) के करीब कॉरेस्पोंडेंट डिनर कार्यक्रम (Correspondent Dinner Program) के दौरान जोरदार फायरिंग की आवाज सुनाई दी। इस कार्यक्रम में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (American President Donald Trump) , उनकी पत्नी मेलानिया ट्रंप (Melania Trump) और उपराष्ट्रपति जेडी वेंस (Vice President J.D. Vance) भी शामिल हुए थे। इस घटना की जानकारी मिलते ही राष्ट्रपति सुरक्षा की जिम्मेदारी संभाल रहे सीक्रेट सर्विस के एजेंट ने तुरंत मोर्चा संभाल लिया और अमेरिकी राष्ट्रपति को सुरक्षित वहां से बाहर निकाल लिया। एसोसिएटेड प्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, फिलहाल किसी के घायल होने की कोई सूचना नहीं है।

    इस घटना पर राष्ट्रपति ट्रंप की भी प्रतिक्रिया सामने आई है। इस घटना के करीब एक घंटे बाद उन्होंने ट्रुथ सोशल पर पोस्ट किया कि एक शूटर को पकड़ लिया गया है। ट्रंप ने आगे कहा, “डीसी में आज की शाम काफी गहमागहमी भरी रही। सीक्रेट सर्विस और कानून प्रवर्तन एजेंसियों ने शानदार काम किया है।”

    रॉयटर्स के लिए काम करने वाले एक फ्रीलांस फोटोग्राफर ने आंखोदेखा हाल बताते हुए कहा कि होटल के भीतर फायरिंग की चार से छह राउंड आवाज सुनाई दी। हालांकि ये आवाजें मुख्य डाइनिंग हॉल के बिल्कुल पास नहीं थीं, लेकिन इनकी तीव्रता ने सभी को चौंका दिया। कई मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि होटल परिसर के भीतर एक सशस्त्र हमलावर देखा गया था, जिसके बाद सुरक्षा बलों ने मोर्चा संभाल लिया। जैसे ही आवाजें सुनाई दीं, मेहमानों ने चिल्लाना शुरू कर दिया। “गेट डाउन, गेट डाउन!” हॉल में मौजूद लगभग 2,600 मेहमान अपनी मेजों के नीचे छिप गए।

    इस घटना के बाद डोनाल्ड ट्रंप की पत्नी और अमेरिका की पर्स्ट लेडी मेलानिया ट्रंप और उपराष्ट्रपति जेडी वेंस को भी कार्यक्रम स्थल से सुरक्षित निकाल लिया गया। सुरक्षाकर्मियों द्वारा मंच से हटाए जाने से कुछ ही देर पहले मेलानिया ने भीड़ में किसी बात पर प्रतिक्रिया दी और उनके चेहरे पर चिंता के भाव दिखाई दिए।

    प्रेस पूल ने सीक्रेट सर्विस के हवाले से बताया कि ट्रंप के डिनर के दौरान हुई कथित गोलीबारी के बाद एक संदिग्ध को हिरासत में ले लिया गया। यह सुरक्षा घटना उस कमरे के बाहर हुई, जहां राष्ट्रपति ट्रंप और अन्य अधिकारी डिनर कर रहे थे। सीक्रेट सर्विस और अन्य अधिकारी बैंक्वेट हॉल पहुंचे। सैकड़ों मेहमान मेजों के नीचे छिपकर अपनी जान बचाने की कोशिश करने लगे।

    क्या होता है कॉरेस्पोंडेंट डिनर?
    वाशिंगटन डीसी में हर साल कॉरेस्पोंडेंट्स डिनर का आयोजन किया जाता है, जिसकी मेज़बानी वाइट हाउस कॉरेस्पोंडेंट्स एसोसिएशन करता है। इस समारोह में पत्रकार, राजनेता और हॉलीवुड की मशहूर हस्तियां एक साथ जुटती हैं। यह समारोह प्रेस की आजादी का जश्न मनाता है, पत्रकारिता की पढ़ाई के लिए छात्रवृत्तियां जुटाता है और इसमें हल्के-फुल्के अंदाज में राजनेताओं की रोस्टिंग (व्यंग्या) किया जाता है। अक्सर इसमें अमेरिका के राष्ट्रपति भी शामिल होते हैं।

  • Pakistan के बलूचिस्तान में सेना और विद्रोहियों में हुई भारी गोलीबारी, सैकड़ों घायल

    Pakistan के बलूचिस्तान में सेना और विद्रोहियों में हुई भारी गोलीबारी, सैकड़ों घायल


    इस्लामाबाद ।
    पाकिस्तान (Pakistan) के बलूचिस्तान प्रांत (Balochistan Province) में सेना व बलोच विद्रोहियों (Army and Baloch rebels) में भीषण गोलीबारी चल रही है। स्थिति यह है कि सैन्य अभियानों के बीच खारान, खुजदार और मस्तुंग सहित कई जिलों में हिंसा से विद्रोह और व्यापक हो गया है। सेना-विद्रोहियों में सशस्त्र झड़पों के बीच बड़ी संख्या में सैकड़ों की संख्या में आम नागरिक हताहत हुए हैं। हालांकि, सीमित पहुंच के कारण इन खबरों पर पाकिस्तानी सेना और सुरक्षा बल खामोशी बनाए हैं। जबकि खारान में नया सैन्य अभियान शुरू होने का दावा निवासियों ने किया। सेना ने अलमार्क और किसान जैसे इलाकों में तड़के एक अभियान शुरू कर दिया।

    इस अभियान के दौरान, कुछ अज्ञात हथियारबंद लोगों ने सेना के दस वाहनों के काफिले पर घात लगाकर हमला किया और दोनों पक्षों में गोलीबारी शुरू हो गई। स्थानीय लोगों ने अपने ऊपर ड्रोन उड़ने की भी जानकारी दी, लेकिन हताहतों या अभियान के नतीजों के बारे में कोई भी पुष्ट जानकारी सामने नहीं आई है। अधिकारी इन घटनाक्रमों पर चुप्पी साधे हैं। इसके बाद सोहिंदा में काफी देर तक गोलीबारी होती रही। यह झड़प कई घंटों तक चली। इस दौरान क्षेत्र में ड्रोन उड़ते भी देखे गए।

    बलूचिस्तान के बरखान जिल में अंधाधुंध सैन्य गोलीबारी में आम नागरिकों के हताहत होने की खबरें सामने आई हैं। यहां बलोच यकजेहती कमेटी (बीवाईसी) ने हाल ही में हुई बमबारी और गोलाबारी की निंदा कर इसे सामूहिक सजा का कृत्य बताया है। इस अभियान में कई गैर-लड़ाकों की मौत हो गई, जिनमें महिलाएं, बच्चे और बुज़ुर्ग शामिल हैं। बीवाईसी ने घटना को बेहद दुखद और निंदनीय त्रासदी बताया।

  • सीमा पर चीन की ‘साइलेंट स्ट्रैटेजी’, PoK के करीब नई काउंटी; वैश्विक तनाव के बीच बढ़ी हलचल

    सीमा पर चीन की ‘साइलेंट स्ट्रैटेजी’, PoK के करीब नई काउंटी; वैश्विक तनाव के बीच बढ़ी हलचल


    नई दिल्ली। ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव ने जहां दुनिया का ध्यान पश्चिम एशिया की ओर खींच रखा है, वहीं इसी बीच चीन ने अपने सीमावर्ती इलाके में एक अहम प्रशासनिक कदम उठाकर नई भू-राजनीतिक चर्चा छेड़ दी है। चीन ने पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) और अफगानिस्तान से सटे शिनजियांग क्षेत्र में “सेनलिंग” नाम से नई काउंटी का गठन किया है।
    रिपोर्ट्स के अनुसार, यह नई प्रशासनिक इकाई काराकोरम पर्वतमाला के पास स्थित है और रणनीतिक रूप से बेहद संवेदनशील मानी जा रही है। खासकर वाखान कॉरिडोर की निगरानी और क्षेत्र में उइगर गतिविधियों पर नियंत्रण को लेकर इसे चीन की बड़ी तैयारी के रूप में देखा जा रहा है।

    सीमावर्ती इलाकों पर लगातार फोकस
    चीन पिछले एक साल में शिनजियांग में “हेआन” और “हेकांग” के बाद यह तीसरी नई काउंटी बना चुका है। विश्लेषकों का मानना है कि यह कदम सीमा क्षेत्रों में प्रशासनिक पकड़ मजबूत करने और सुरक्षा तंत्र को स्थानीय स्तर पर सुदृढ़ करने की दीर्घकालिक नीति का हिस्सा है।

    भारत की आपत्ति बरकरार
    भारत ने इस तरह के बदलावों पर पहले भी कड़ा विरोध दर्ज कराया है। भारत का कहना है कि इन नई इकाइयों के कुछ हिस्से उसके केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख में आते हैं।

    विशेष रूप से अक्साई चिन को लेकर भारत ने अपनी संप्रभुता दोहराते हुए चीन के कदमों को अस्वीकार्य बताया है।

    काशगर से जुड़ा प्रशासनिक नियंत्रण
    नई काउंटी को काशगर प्रशासन के तहत रखा जाएगा, जो ऐतिहासिक रूप से सिल्क रूट का प्रमुख केंद्र रहा है। यही क्षेत्र चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारा (CPEC) का शुरुआती बिंदु भी है, जिससे इसकी रणनीतिक अहमियत और बढ़ जाती है।

    सुरक्षा और रणनीति का मिश्रण
    विशेषज्ञों के मुताबिक, यह कदम केवल प्रशासनिक पुनर्गठन नहीं, बल्कि सीमा क्षेत्रों में सुरक्षा और निगरानी मजबूत करने की व्यापक रणनीति है। वाखान कॉरिडोर—करीब 74 किलोमीटर लंबा यह क्षेत्र—चीन के लिए संवेदनशील इसलिए भी है क्योंकि यह ताजिकिस्तान और PoK के बीच स्थित है।

    चीन को आशंका रही है कि ईस्ट तुर्किस्तान इस्लामिक मूवमेंट से जुड़े उइगर लड़ाके इस रास्ते का इस्तेमाल कर सकते हैं। ऐसे में नई काउंटी के जरिए स्थानीय प्रशासन, खुफिया निगरानी और सुरक्षा तंत्र को और मजबूत करने की कोशिश की जा रही है।

    आगे क्या?
    विशेषज्ञों का मानना है कि भारत की चेतावनियों के बावजूद चीन के इस कदम से क्षेत्रीय तनाव और बढ़ सकता है। आने वाले समय में यह मुद्दा कूटनीतिक और सामरिक स्तर पर और अहम हो सकता है, जिस पर पूरी दुनिया की नजर बनी रहेगी।

  • J&K: फायरिंग में बाल-बाल बचे फारूक अब्दुल्ला… उमर बोले- 'अल्लाह रहमदिल है…

    J&K: फायरिंग में बाल-बाल बचे फारूक अब्दुल्ला… उमर बोले- 'अल्लाह रहमदिल है…


    जम्मू।
    नेशनल कॉन्फ्रेंस (National Conference) के अध्यक्ष और जम्मू-कश्मीर (Jammu and Kashmir) के पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला (Farooq Abdullah) पर बुधवार देर रात फायरिंग की गई. इस घटना में वह बाल-बाल बच गए. उनके बेटे उमर अब्दुल्ला (Omar Abdullah) ने इस घटना पर प्रतिक्रिया दी है.

    जम्मू कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर ने सोशल मीडिया पोस्ट कर कहा कि अल्लाह रहमदिल है. मेरे पिता बहुत बड़े खतरे से बाल-बाल बचे हैं. फिलहाल पूरी जानकारी साफ नहीं है लेकिन इतना पता चला है कि एक शख्स भरी हुई पिस्तौल के साथ बेहद करीब पहुंच गया था और उसने नजदीक से गोली चला दी. क्लोज प्रोटेक्शन टीम की सतर्कता की वजह से गोली का रुख मोड़ दिया गया और हत्या की कोशिश नाकाम हो गई।

    उन्होंने कहा कि इस समय सवाल-जवाबों से ज्यादा है. सबसे बड़ा सवाल यह है कि जेड प्लस और एनएसजी सुरक्षा में रहने वाले एक पूर्व मुख्यमंत्री के इतने करीब कोई व्यक्ति आखिर कैसे पहुंच गया।

    बता दें कि फारूक अब्दुल्ला बुधवार रात को जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में स्थित होटल रॉयल पार्क में एक शादी समारोह में शामिल होने गए था. इस समारोह में जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री सुरिंदर चौधरी समेत कई नेता मौजूद थे. इसी दौरान एक व्यक्ति ने चुपचाप फारूक अब्दुल्ला के बेहद करीब जाकर गोली चला दी. लेकिन गनीमत रही कि वह इस हमले में बाल-बाल बच गए।

    फायरिंग में उपमुख्यमंत्री सुरिंदर चौधरी को छर्रे लगने से मामूली चोटें जरूरी आई हैं. इस घटना से हर तरफ हड़कंप मच गया. मौके पर मौजूद सुरक्षाकर्मियों ने हमलावर को तुरंत पकड़ लिया. इसके बाद उसे पुलिस के हवाले कर दिया गया।

    पुलिस अब इस मामले की बारीकी से जांच कर रही है. घटना से जुड़े तथ्यों को समझने के लिए आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंघाली जा रही है. बताया जा रहा है कि आरोपी कमल सिंह जम्वाल खनन के कारोबार से जुड़ा हुआ है. हाल के दिनों में जम्मू-कश्मीर में खनन गतिविधियों पर कड़ी कार्रवाई की गई है, जिससे वह नाराज बताया जा रहा है।