Tag: Firoz Khan Case

  • ₹150 करोड़ की जमीन डील में फिरोज खान से जुड़ा नया VIDEO, अस्पताल में भर्ती कस्तूरीबाई से परिजनों को मिलने से रोकने का आरोप

    ₹150 करोड़ की जमीन डील में फिरोज खान से जुड़ा नया VIDEO, अस्पताल में भर्ती कस्तूरीबाई से परिजनों को मिलने से रोकने का आरोप


    इंदौर । इंदौर में करोड़ों रुपये की संपत्ति से जुड़े मामले में हेड कॉन्स्टेबल फिरोज खान को लेकर एक नया वीडियो सामने आने के बाद जांच का दायरा बढ़ने की बात कही जा रही है। मामला मगरखेड़ी की कस्तूरीबाई की पारिवारिक जमीन से जुड़ा है जिसका करीब 150 करोड़ रुपये में सौदा होने की बात सामने आई थी। इस सौदे में फिरोज खान को गवाह बताया जा रहा है। अब अस्पताल से जुड़े एक कथित वीडियो ने पूरे मामले में नए सवाल खड़े कर दिए हैं। दावा किया जा रहा है कि बीमारी के दौरान अस्पताल में भर्ती कस्तूरीबाई से उनके परिवार के लोगों को मिलने से रोकने के लिए लिखित सूचना दी गई थी।

    जानकारी के मुताबिक जमीन के सौदे के कुछ दिन बाद कस्तूरीबाई की तबीयत बिगड़ गई थी जिसके बाद उन्हें इंदौर के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया। इसी दौरान कथित तौर पर अस्पताल को सूचना दी गई कि कस्तूरीबाई से किसी को मिलने न दिया जाए। इस घटनाक्रम को जमीन के सौदे से जोड़कर देखा जा रहा है। हालांकि मुलाकात पर रोक लगाने का निर्देश किसने दिया था और इसके पीछे क्या कारण था इसकी आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।

    सामने आए वीडियो को लेकर दावा किया जा रहा है कि अस्पताल में पुलिस सुरक्षा के बीच फिरोज खान का करीबी बताया जा रहा एक व्यक्ति मौजूद था। वीडियो में एक अन्य पुलिसकर्मी के नजर आने की बात भी कही गई है। आरोप है कि फिरोज खान के कहने पर अस्पताल को लिखित सूचना दी गई थी ताकि कस्तूरीबाई से उनके परिजन मुलाकात न कर सकें। लेकिन इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। वीडियो में दिखाई देने वाले लोगों की पहचान और उनकी वास्तविक भूमिका को लेकर भी अभी अंतिम निष्कर्ष सामने नहीं आया है।

    इस घटनाक्रम के बाद कई अहम सवाल उठ रहे हैं। यदि अस्पताल में मुलाकात पर रोक लगाने के लिए लिखित सूचना दी गई थी तो उसे किसने दिया था और उसका आधार क्या था। क्या यह कदम कस्तूरीबाई की चिकित्सा संबंधी जरूरतों के कारण उठाया गया था या इसके पीछे कोई अन्य वजह थी। क्या इस कथित रोक का जमीन के सौदे से कोई संबंध था। फिलहाल इन सवालों के जवाब सामने आना बाकी है और बिना जांच के किसी व्यक्ति की भूमिका को दोषपूर्ण मानना उचित नहीं होगा।

    मामले में लोकायुक्त पुलिस की जांच जारी होने की जानकारी दी गई है। जांच के दौरान जमीन के सौदे में फिरोज खान की बताई जा रही भूमिका अस्पताल में भर्ती रहने के दौरान हुए घटनाक्रम और कथित लिखित सूचना जैसे पहलुओं को खंगाला जा सकता है। साइबर सेल की मदद से वीडियो से जुड़े तथ्यों की जांच किए जाने की भी बात कही गई है। जांच में यह स्पष्ट करना महत्वपूर्ण होगा कि वीडियो कब और कहां बनाया गया था उसमें कौन लोग दिखाई दे रहे हैं और क्या उसमें सामने आ रहे दावों की पुष्टि करने वाले दस्तावेज उपलब्ध हैं।

    फिरोज खान के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति को लेकर भी लोकायुक्त की जांच चल रही है। इसी जांच से जुड़े अन्य तथ्यों में देवास के दो प्लॉट खरीदने के लिए उनकी पत्नी मां और बेटी द्वारा ऑनलाइन बोली लगाए जाने की बात सामने आई थी। दोनों प्लॉट की बोली करीब 92 लाख रुपये में तय होने और रजिस्ट्री सहित अन्य खर्च जोड़कर कुल लागत लगभग एक करोड़ रुपये होने का उल्लेख किया गया है। इन सभी मामलों में जांच के निष्कर्ष सामने आने के बाद ही आरोपों की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। फिलहाल कस्तूरीबाई से मुलाकात रोकने के कथित निर्देश और जमीन के सौदे के बीच संबंध जांच का अहम पहलू बना हुआ है।

  • हेड कॉन्स्टेबल की संपत्ति देख लोकायुक्त भी हैरान, जमीनों के सौदे से लेकर करोड़ों के बैंक ट्रांजैक्शन तक जांच के घेरे में फिरोज खान

    हेड कॉन्स्टेबल की संपत्ति देख लोकायुक्त भी हैरान, जमीनों के सौदे से लेकर करोड़ों के बैंक ट्रांजैक्शन तक जांच के घेरे में फिरोज खान

     
    इंदौर । इंदौर में पुलिस विभाग में हेड कॉन्स्टेबल ड्राइवर के पद पर तैनात फिरोज खान की संपत्तियों को लेकर बड़ा मामला सामने आया है। लोकायुक्त पुलिस उनकी आय और संपत्ति के स्रोतों की जांच कर रही है। शुरुआती पड़ताल में छह करोड़ पचास लाख रुपए से अधिक की संपत्ति सामने आने की जानकारी दी गई है। हालांकि संपत्तियों का अंतिम मूल्यांकन और आय के स्रोतों की जांच अभी बाकी है। देवास और इंदौर में कुल 15 ठिकानों पर दस्तावेजों और संपत्तियों की पड़ताल की गई है। जांच में कृषि भूमि मकान फ्लैट कारोबारी फर्मों और बैंक खातों में हुए लेन-देन की जानकारी जुटाई जा रही है ।

    इस पूरे मामले में सांवेर तहसील के ग्राम गुरान की करीब 21.75 बीघा कृषि भूमि का विवाद अहम कड़ी बनकर सामने आया है। किसान परिवार के सदस्य गौरव चौधरी के मुताबिक जमीन को लेकर उनके परिवार में विवाद चल रहा था। इसी दौरान फिरोज खान ने उनके पिता से संपर्क किया और 35 लाख रुपए प्रति बीघा की दर से जमीन का सौदा करने की बात सामने आई। आरोप है कि बाद में अदालत ने जमीन पर स्थगन दिया और परिवार में समझौता होने के बावजूद जमीन को ऊंचे दाम पर बेचने की कोशिश की गई। गौरव का दावा है कि उनके पिता पर दबाव बनाकर कोरे कागजों पर हस्ताक्षर कराए गए। इन आरोपों की जांच की जा रही है।

    शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि फिरोज खान विवादित जमीनों के सौदों में सक्रिय रहता था। बागली और राजोद की जमीनों से जुड़े मामले भी जांच के दायरे में हैं। आरोपों के अनुसार वह जमीन विवाद में उलझे परिवारों से संपर्क कर कम कीमत पर जमीन खरीदने का सौदा करता था और पुलिस विभाग में पदस्थ होने का प्रभाव दिखाकर दूसरे पक्ष पर दबाव बनाने की कोशिश करता था। इसके बाद जमीन परिचितों के नाम कराने और बाजार में अधिक कीमत पर बेचने के आरोप हैं। इन मामलों में जमीन की रजिस्ट्री और वास्तविक कब्जे की स्थिति की जांच की जा रही है।

    लोकायुक्त की पड़ताल में इंदौर की स्कीम नंबर 94 स्थित मनोरमा अपार्टमेंट में फिरोज की मां वहीदा खान के नाम दो फ्लैट और श्रीनगर कॉलोनी में एक अन्य फ्लैट की जानकारी सामने आई है। देवास में मकान और प्लॉट भी जांच के दायरे में हैं। मां और पत्नी के नाम साहिल ट्रेडिंग कंपनी का उल्लेख मिला है जिसके बैंक खातों में करोड़ों रुपए के लेन-देन की जानकारी सामने आई है। इसके अलावा रोशनी वर्मा के नाम रोशनी सेल्स एंड सर्विस और रियल एस्टेट निवेश से जुड़ी रॉयल ग्रीन रियल एस्टेट की गतिविधियों की भी जांच की जा रही है। अधिकारियों को यह पता लगाना है कि इन फर्मों का वास्तविक कारोबार क्या है और संपत्तियों की खरीद में इस्तेमाल रकम कहां से आई।

    जांच में देवास के आदर्श नगर सहित पुष्पकुंज कॉलोनी विजय नगर कॉलोनी इंदिरा गांधी नगर जेतपुरा और गद्दूखेड़ी की संपत्तियों का भी उल्लेख है। ग्राम गुरान गजीपुरा और बागली क्षेत्र की जमीनों के रिकॉर्ड खंगाले जा रहे हैं। कुछ जमीनों के राजस्व रिकॉर्ड में वर्ष 2023 से फिरोज या उनके परिचितों के नाम दर्ज होने की जानकारी सामने आई है। अब रजिस्ट्री नामांतरण और वास्तविक कब्जे का मिलान किया जाएगा। शिकायत में महंगी गाड़ियों और लकड़ी के कारोबार से जुड़े होने के आरोप भी लगाए गए हैं। स्कॉर्पियो सहित अन्य वाहनों की खरीद और भुगतान के स्रोतों की जांच होगी।

    फरवरी में फिरोज खान की बेटी की शादी इंदौर के ग्रैंड शेरेटन और रॉयल पैलेस होटल में होने की जानकारी सामने आई थी। समारोह में नोट उड़ाने के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुए थे। बेटी की पढ़ाई पर लाखों रुपए खर्च होने की बात भी कही गई लेकिन इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। महंगी जीवनशैली या शादी का खर्च अपने आप में आय से अधिक संपत्ति का प्रमाण नहीं है। हालांकि जांच में इन खर्चों का उपलब्ध वित्तीय रिकॉर्ड से मिलान किया जा सकता है।

    लोकायुक्त के डीएसपी सुनील तालान के मुताबिक फिरोज खान की संपत्तियों और जमीनों के कारोबार से जुड़े दस्तावेजों की पड़ताल जारी है। अन्य संपत्तियों की जानकारी भी जुटाई जा रही है। जांच पूरी होने के बाद ही कुल संपत्ति उसके वैध आय स्रोतों और कथित अनियमितताओं की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।