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  • जबलपुर में सूर्या हाफ मैराथन का काउंटडाउन शुरू, 10 हजार से ज्यादा धावक दौड़कर देंगे फिटनेस और स्वच्छता का संदेश

    जबलपुर में सूर्या हाफ मैराथन का काउंटडाउन शुरू, 10 हजार से ज्यादा धावक दौड़कर देंगे फिटनेस और स्वच्छता का संदेश


    जबलपुर । जबलपुर में सूर्या हाफ मैराथन को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। आगामी 22 नवंबर को आयोजित होने वाली इस बड़ी खेल प्रतियोगिता से पहले रविवार सुबह धावकों ने ट्रायल रन में हिस्सा लिया। सुबह करीब 6 बजे पंडित रविशंकर शुक्ल स्टेडियम यानी राइट टाउन स्टेडियम से दौड़ की शुरुआत हुई। भारतीय सेना और नगर निगम के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित होने वाली इस मैराथन को लेकर शहर में उत्साह का माहौल है। ट्रायल रन के जरिए आयोजन से जुड़ी व्यवस्थाओं को परखने के साथ ही धावकों को दौड़ के मार्ग और तैयारियों से परिचित कराने का प्रयास किया गया।

    सूर्या हाफ मैराथन का उद्देश्य केवल एक खेल प्रतियोगिता आयोजित करना नहीं है बल्कि शहरवासियों को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करना भी है। इस आयोजन के माध्यम से खेल और फिटनेस के प्रति जागरूकता बढ़ाने के साथ स्वच्छता और अनुशासन का संदेश दिया जाएगा। आयोजकों को उम्मीद है कि 22 नवंबर को होने वाली मुख्य मैराथन में 10 हजार से अधिक धावक शामिल होंगे। इतनी बड़ी संख्या में प्रतिभागियों की मौजूदगी को देखते हुए आयोजन की तैयारियों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

    ट्रायल रन के दौरान आयोजन से जुड़े लोगों ने व्यवस्थाओं का जायजा लिया। धावकों की आवाजाही और दौड़ के दौरान सामने आने वाली संभावित चुनौतियों को समझने की कोशिश की गई। मुख्य आयोजन में किसी तरह की अव्यवस्था न हो इसके लिए सुरक्षा और सुविधाओं को लेकर पहले से योजना तैयार की जा रही है। खास तौर पर धावकों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी गई है ताकि दौड़ के दौरान किसी भी प्रतिभागी को परेशानी का सामना न करना पड़े।

    इसी सिलसिले में महापौर जगत बहादुर सिंह अन्नू की अध्यक्षता में तैयारियों की समीक्षा बैठक भी आयोजित की गई। बैठक में भारतीय सेना के कर्नल सीएस मैनी यातायात विभाग के डीएसपी शुक्ला और नगर निगम के अधिकारी मौजूद रहे। इस दौरान मैराथन के आयोजन से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की गई। अधिकारियों ने धावकों की सुरक्षा और आपातकालीन चिकित्सा सुविधाओं को लेकर आवश्यक इंतजाम करने पर जोर दिया। इसके अलावा दौड़ के मार्ग पर पेयजल की उपलब्धता और यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने की रणनीति पर भी विचार किया गया।

    मैराथन का आयोजन पंडित रविशंकर शुक्ल स्टेडियम से शुरू होकर शहर के प्रमुख मार्गों से गुजरेगा। निर्धारित रूट के अनुसार धावक अशोका होटल चौक तीनपत्ती चौक और महाराणा प्रताप चौक होते हुए नौदरा ब्रिज पहुंचेंगे। इसके बाद रसल चौक जबलपुर हॉस्पिटल ब्लूम चौक और नवभारत प्रेस से गुजरते हुए पंकज होटल तथा गौमाता चौक की ओर बढ़ेंगे। यहां से दौड़ वापस राइट टाउन स्टेडियम पहुंचेगी। इस मार्ग को लेकर यातायात प्रबंधन और सुरक्षा इंतजामों को व्यवस्थित करने की तैयारी की जा रही है।

    सूर्या हाफ मैराथन के आयोजन से जबलपुर को खेल और फिटनेस के क्षेत्र में नई पहचान मिलने की उम्मीद है। सेना और नगर निगम की संयुक्त पहल से शहर के युवाओं और आम नागरिकों को दौड़ने तथा नियमित व्यायाम के लिए प्रेरित करने का प्रयास किया जा रहा है। ट्रायल रन के बाद अब मुख्य आयोजन की तैयारियों पर ध्यान केंद्रित किया जा रहा है। 22 नवंबर को हजारों धावकों की भागीदारी के साथ जबलपुर की सड़कों पर खेल भावना और उत्साह का नजारा देखने को मिल सकता है।

  • विश्व साइकिल दिवस पर सड़कों पर उतरे ITBP जवान, फिट इंडिया का दिया संदेश

    विश्व साइकिल दिवस पर सड़कों पर उतरे ITBP जवान, फिट इंडिया का दिया संदेश


    मध्य प्रदेश । विश्व साइकिल दिवस के अवसर पर शिवपुरी में भारत-तिब्बत सीमा पुलिस बल (आईटीबीपी) के संचार एवं सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान (सीआईटीआई) द्वारा एक प्रेरणादायी साइकिल रैली का आयोजन किया गया। ‘फिट इंडिया मूवमेंट’ के तहत आयोजित इस रैली का उद्देश्य लोगों को स्वास्थ्य, फिटनेस और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक करना था। कार्यक्रम में संस्थान के अधिकारियों, अधीनस्थ अधिकारियों, जवानों और प्रशिक्षुओं ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर स्वस्थ जीवनशैली को अपनाने का संदेश दिया।

    रैली का शुभारंभ संस्थान के उप महानिरीक्षक (दूरसंचार) राजेश चौधरी ने हरी झंडी दिखाकर किया। इस अवसर पर उन्होंने उपस्थित अधिकारियों, जवानों और प्रशिक्षुओं को संबोधित करते हुए साइकिलिंग के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि आधुनिक जीवनशैली में बढ़ती शारीरिक निष्क्रियता और तनाव के बीच साइकिल चलाना स्वास्थ्य को बेहतर बनाए रखने का एक सरल, सस्ता और प्रभावी माध्यम है। नियमित साइकिलिंग न केवल शरीर को सक्रिय रखती है, बल्कि हृदय संबंधी बीमारियों के जोखिम को भी कम करने में सहायक होती है।

    राजेश चौधरी ने कहा कि साइकिल चलाने से शारीरिक क्षमता में वृद्धि होती है, शरीर की सहनशक्ति बढ़ती है और मोटापा, मधुमेह तथा उच्च रक्तचाप जैसी जीवनशैली से जुड़ी बीमारियों को नियंत्रित करने में मदद मिलती है। उन्होंने यह भी बताया कि साइकिलिंग मानसिक स्वास्थ्य के लिए भी लाभदायक है, क्योंकि यह तनाव और चिंता को कम करने में सहायक होती है तथा व्यक्ति को सकारात्मक ऊर्जा प्रदान करती है।

    कार्यक्रम के दौरान पर्यावरण संरक्षण के महत्व पर भी विशेष जोर दिया गया। डीआईजी ने कहा कि बढ़ते प्रदूषण और जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों के बीच साइकिल का उपयोग एक प्रभावी समाधान बन सकता है। साइकिल चलाने से ईंधन की बचत होती है, कार्बन उत्सर्जन कम होता है और स्वच्छ वातावरण के निर्माण में योगदान मिलता है। उन्होंने कहा कि यदि लोग छोटी दूरी के लिए मोटर वाहनों की बजाय साइकिल का उपयोग करें तो पर्यावरण संरक्षण की दिशा में बड़ा बदलाव लाया जा सकता है।

    इस अवसर पर उन्होंने सभी प्रतिभागियों को ‘संडे ऑन साइकिल’ अभियान से जुड़ने का आह्वान किया। उन्होंने सुझाव दिया कि प्रत्येक व्यक्ति सप्ताह में कम से कम एक दिन साइकिल चलाने की आदत विकसित करे, ताकि स्वास्थ्य और पर्यावरण दोनों को लाभ मिल सके। उन्होंने कहा कि फिट और स्वस्थ नागरिक ही एक मजबूत और विकसित राष्ट्र के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

    रैली में शामिल अधिकारियों, जवानों और प्रशिक्षुओं ने नियमित व्यायाम और साइकिलिंग को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाने का संकल्प लिया। पूरे आयोजन के दौरान प्रतिभागियों में उत्साह और ऊर्जा देखने को मिली। कार्यक्रम का समापन स्वास्थ्य, फिटनेस और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जनजागरूकता बढ़ाने के संदेश के साथ हुआ। यह आयोजन न केवल शारीरिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता का माध्यम बना, बल्कि समाज को स्वच्छ और स्वस्थ भविष्य की दिशा में प्रेरित करने वाला एक सकारात्मक प्रयास भी साबित हुआ।