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  • साइकिल चलाओ फिट रहो देश को मजबूत बनाओ मांडविया और गंभीर ने युवाओं को दिया फिटनेस मंत्र

    साइकिल चलाओ फिट रहो देश को मजबूत बनाओ मांडविया और गंभीर ने युवाओं को दिया फिटनेस मंत्र


    नई दिल्लीनई दिल्ली में रविवार को आयोजित फिट इंडिया संडे ऑन साइकिल इवेंट में फिटनेस और खेलों को लेकर लोगों में खास उत्साह देखने को मिला। जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में आयोजित इस कार्यक्रम में केंद्रीय युवा मामले और खेल मंत्री मनसुख मांडविया के साथ भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व बल्लेबाज और मौजूदा मुख्य कोच गौतम गंभीर भी शामिल हुए। कार्यक्रम का उद्देश्य लोगों को नियमित शारीरिक गतिविधियों के लिए प्रेरित करना और फिटनेस को रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा बनाने के प्रति जागरूकता पैदा करना रहा। बड़ी संख्या में बच्चों युवाओं और अलग अलग उम्र के लोगों ने इसमें हिस्सा लिया और साइकिलिंग के साथ कई अन्य खेल गतिविधियों में भी भागीदारी की।

    केंद्रीय मंत्री मनसुख मांडविया ने इस दौरान युवाओं को खास तौर पर मोबाइल और कंप्यूटर स्क्रीन से दूरी बनाने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि संडे ऑन साइकिल का यह 88वां संस्करण है और देशभर में अब तक 25 हजार से ज्यादा स्थानों पर इसका आयोजन किया जा चुका है। उनके मुताबिक साइकिल चलाने को लेकर देश में लोगों का उत्साह लगातार बढ़ रहा है और यह अभियान धीरे धीरे एक जुनून और पैशन का रूप ले रहा है। उन्होंने साइकिलिंग को व्यायाम का बेहतरीन माध्यम बताते हुए कहा कि इससे व्यक्ति खुद को फिट रखने के साथ पर्यावरण और यातायात से जुड़ी चुनौतियों को कम करने में भी योगदान दे सकता है।

    मांडविया ने युवाओं से अपील की कि वे रोजाना कम से कम एक घंटे मोबाइल और कंप्यूटर स्क्रीन से दूर रहने की कोशिश करें। इस समय को साइकिल चलाने या किसी अन्य खेल गतिविधि में लगाने से शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर रखने में मदद मिल सकती है। उनका संदेश खास तौर पर ऐसे समय में महत्वपूर्ण है जब बच्चों और युवाओं के बीच स्क्रीन टाइम तेजी से बढ़ रहा है और शारीरिक गतिविधियों के लिए समय कम होता जा रहा है।

    कार्यक्रम में गौतम गंभीर ने भी फिटनेस को लेकर अपनी बात रखी। उन्होंने फिट इंडिया अभियान को सरकार की एक बेहतरीन पहल बताते हुए कहा कि जिस तरह देश के लोग स्वस्थ होंगे उसी तरह देश मजबूत और आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे बढ़ेगा। गंभीर ने फिटनेस को किसी एक दिन या आयोजन तक सीमित रखने के बजाय इसे व्यापक अभियान के रूप में देखने की जरूरत बताई। उन्होंने युवाओं और इस अभियान से जुड़े लोगों से अपील की कि वे फिटनेस का संदेश ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचाएं और समाज में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने में अपनी भूमिका निभाएं।

    गंभीर ने इस बात पर जोर दिया कि स्वस्थ नागरिक किसी भी मजबूत देश की नींव होते हैं। उनके अनुसार फिटनेस को केवल खेल खेलने या व्यायाम करने तक सीमित नहीं समझना चाहिए बल्कि इसे जीवनशैली का हिस्सा बनाना जरूरी है। नियमित खेल गतिविधियां व्यक्ति को सक्रिय रखने के साथ अनुशासन और आत्मविश्वास बढ़ाने में भी मदद करती हैं।

    जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में हुए इस आयोजन में ब्रिक्स देशों के प्रतिनिधियों ने भी भाग लिया। आयोजकों ने कार्यक्रम में शामिल प्रतिनिधियों और अतिथियों का सम्मान किया। मुख्य अतिथि गौतम गंभीर के अलावा पहलवान और अभिनेता संग्राम सिंह तथा अभिनेत्री मुधरिमा तुली भी कार्यक्रम में मौजूद रहे। अतिथियों का फूल और बुके देकर स्वागत किया गया।

    साइकिलिंग के अलावा कार्यक्रम में कई अन्य खेल गतिविधियां भी आयोजित की गईं। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक अलग अलग आयु वर्ग के लोगों की भागीदारी ने इसे सामूहिक फिटनेस उत्सव का रूप दिया। आयोजन के जरिए यह संदेश देने की कोशिश की गई कि फिट रहना केवल व्यक्तिगत जिम्मेदारी नहीं बल्कि स्वस्थ समाज और मजबूत राष्ट्र के निर्माण से भी जुड़ा विषय है। मांडविया और गंभीर की अपील ने युवाओं को खेल और नियमित शारीरिक गतिविधियों से जोड़ने के अभियान को नई ऊर्जा दी।

  • रोज योग करते हैं फिर भी नहीं दिख रहा असर तो अपनाइए सही नियम बढ़ेगी ऊर्जा मिलेगा बेहतर स्वास्थ्य

    रोज योग करते हैं फिर भी नहीं दिख रहा असर तो अपनाइए सही नियम बढ़ेगी ऊर्जा मिलेगा बेहतर स्वास्थ्य


    नई दिल्ली। योग भारत की प्राचीन जीवन पद्धति है जो केवल शरीर को स्वस्थ रखने तक सीमित नहीं है बल्कि मानसिक शांति आत्मिक संतुलन और सकारात्मक जीवनशैली का भी आधार मानी जाती है। आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में लाखों लोग योग को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बना रहे हैं लेकिन कई लोग सही नियमों की जानकारी के बिना योग करते हैं जिसकी वजह से उन्हें अपेक्षित लाभ नहीं मिल पाता। योग का वास्तविक फायदा तभी मिलता है जब इसे सही समय सही स्थान और सही विधि से किया जाए।

    योग करने का सबसे उपयुक्त समय सुबह ब्रह्म मुहूर्त या सूर्योदय के आसपास माना जाता है। इस समय वातावरण शुद्ध रहता है और शरीर तथा मन दोनों अधिक सक्रिय होते हैं। यदि सुबह समय न मिल पाए तो शाम को भी योग किया जा सकता है लेकिन भोजन के कम से कम तीन से चार घंटे बाद ही अभ्यास करना चाहिए। भरे पेट योग करने से शरीर पर अनावश्यक दबाव पड़ सकता है और कई बार पाचन संबंधी समस्याएं भी हो सकती हैं।

    योग हमेशा शांत स्वच्छ और हवादार स्थान पर करना चाहिए। खुली हवा में किया गया योग शरीर को अधिक ऑक्सीजन उपलब्ध कराता है जिससे फेफड़े बेहतर तरीके से काम करते हैं। योग करते समय ढीले और आरामदायक सूती कपड़े पहनना सबसे अच्छा माना जाता है ताकि शरीर की गतिविधियों में किसी तरह की रुकावट न आए।

    योग शुरू करने से पहले कुछ मिनट गहरी सांस लेकर शरीर और मन को शांत करना चाहिए। इसके बाद हल्के वार्मअप से मांसपेशियों को तैयार करें ताकि चोट लगने की संभावना कम हो जाए। किसी भी आसन को जल्दबाजी में करने की बजाय धीरे धीरे और पूरी एकाग्रता के साथ करना चाहिए। योग प्रतियोगिता नहीं बल्कि संतुलन और संयम का अभ्यास है इसलिए अपनी क्षमता से अधिक शरीर पर दबाव नहीं डालना चाहिए।

    योग के दौरान सांसों का विशेष महत्व होता है। प्रत्येक आसन में सांस लेने और छोड़ने की सही प्रक्रिया का पालन करना आवश्यक है क्योंकि प्राणायाम और नियंत्रित श्वास शरीर में ऊर्जा का संचार करती है। यदि सांसों पर नियंत्रण सही रहेगा तो योग का प्रभाव कई गुना बढ़ जाता है और मानसिक तनाव भी तेजी से कम होता है।

    किसी भी गंभीर बीमारी उच्च रक्तचाप हृदय रोग गर्भावस्था या हाल ही में हुई सर्जरी की स्थिति में विशेषज्ञ की सलाह लेकर ही योग करना चाहिए। कुछ कठिन आसनों का अभ्यास प्रशिक्षित योग शिक्षक की देखरेख में करना अधिक सुरक्षित माना जाता है। गलत तरीके से किया गया योग लाभ की जगह नुकसान भी पहुंचा सकता है।

    योग करने के बाद तुरंत भारी भोजन नहीं करना चाहिए। पहले कुछ मिनट शवासन में आराम करें ताकि शरीर सामान्य अवस्था में लौट सके। इसके बाद हल्का गुनगुना पानी या पौष्टिक आहार लिया जा सकता है। योग के साथ संतुलित भोजन पर्याप्त नींद और सकारात्मक सोच भी जरूरी है क्योंकि स्वस्थ जीवन केवल आसनों से नहीं बल्कि अच्छी दिनचर्या से बनता है।

    विशेषज्ञों का मानना है कि नियमित और अनुशासित तरीके से किया गया योग शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाता है मानसिक तनाव कम करता है पाचन सुधारता है हृदय को स्वस्थ रखता है और जीवन में नई ऊर्जा का संचार करता है। यदि योग को रोजमर्रा की आदत बना लिया जाए और उसके मूल नियमों का पालन किया जाए तो यह केवल बीमारी से बचाने का माध्यम नहीं बल्कि संपूर्ण स्वस्थ और संतुलित जीवन की मजबूत नींव बन सकता है।