Tag: fitness routine

  • नाना बनने के बाद भी इतनी फिट बॉडी कैसे रखते हैं सुनील शेट्टी जानिए उनका डाइट और वर्कआउट रूटीन

    नाना बनने के बाद भी इतनी फिट बॉडी कैसे रखते हैं सुनील शेट्टी जानिए उनका डाइट और वर्कआउट रूटीन


    नई दिल्ली। बॉलीवुड अभिनेता सुनील शेट्टी 65 साल की उम्र में भी अपनी फिटनेस को लेकर लगातार चर्चा में रहते हैं। उम्र बढ़ने के साथ जहां ज्यादातर लोग अपनी शारीरिक सक्रियता कम कर देते हैं वहीं सुनील शेट्टी आज भी अपने वर्कआउट और डाइट को लेकर बेहद अनुशासित नजर आते हैं। नाना बनने के बाद भी उनकी फिट बॉडी और एनर्जी देखकर उनकी उम्र का अंदाजा लगाना मुश्किल होता है। अभिनेता लंबे समय से फिटनेस को अपनी जिंदगी का अहम हिस्सा बनाए हुए हैं और उनका मानना है कि स्वस्थ शरीर के लिए केवल एक्सरसाइज करना ही काफी नहीं है बल्कि खानपान पर भी बराबर ध्यान देना जरूरी है।

    सुनील शेट्टी ने बताया है कि उन्होंने कम उम्र से ही फिटनेस को गंभीरता से लेना शुरू कर दिया था। करीब 15 साल की उम्र में उनकी मुलाकात महान क्रिकेटर विवियन रिचर्ड्स से हुई थी। इसी मुलाकात के दौरान फिटनेस को लेकर उनके मन में एक अलग सोच विकसित हुई। इसके बाद से ही उन्होंने अपने शरीर को मजबूत और एक्टिव रखने पर ध्यान देना शुरू किया और समय के साथ यह उनकी जीवनशैली का हिस्सा बन गया।

    सुनील शेट्टी के फिटनेस रूटीन में वर्कआउट और संतुलित डाइट दोनों की अहम भूमिका है। अभिनेता सुबह जल्दी उठने की कोशिश करते हैं और आमतौर पर सुबह करीब 5 बजे एक्सरसाइज शुरू कर देते हैं। अगर किसी वजह से वह सुबह जल्दी वर्कआउट नहीं कर पाते हैं तो भी कोशिश रहती है कि सुबह 8 बजे तक उनकी कसरत पूरी हो जाए। उनके वर्कआउट में वेट लिफ्टिंग रनिंग वॉकिंग स्ट्रेंथ ट्रेनिंग और स्क्वॉट्स जैसी एक्सरसाइज शामिल रहती हैं। इसके अलावा वह मानसिक शांति और शरीर के संतुलन के लिए योग भी करते हैं।

    फिटनेस के साथ उनकी डाइट भी काफी अनुशासित है। सुनील शेट्टी ब्लैक कॉफी के साथ खजूर लेना पसंद करते हैं। उनके लंच और डिनर में प्रोटीन से भरपूर भोजन शामिल रहता है। दक्षिण भारतीय होने के कारण वह चावल खाना पसंद करते हैं लेकिन इसकी मात्रा सीमित रखते हैं। वह खाने में तेल की मात्रा बेहद कम रखने की कोशिश करते हैं। डेयरी प्रोडक्ट्स से एलर्जी होने के कारण वह दूध और दही जैसी चीजों से भी दूरी रखते हैं।

    उनकी डाइट का सबसे अहम हिस्सा वह दो चीजें हैं जिन्हें उन्होंने लगभग पूरी तरह छोड़ दिया है। सुनील शेट्टी चीनी से दूरी बनाए रखते हैं और जंक फूड को अपनी डाइट का हिस्सा नहीं बनाते। इसके अलावा वह तेल का इस्तेमाल भी धीरे-धीरे कम कर रहे हैं। अभिनेता ग्लूटेन का सेवन भी सीमित रखते हैं क्योंकि उनके मुताबिक इससे उन्हें सिरदर्द और पाचन संबंधी परेशानी हो सकती है।

    सुनील शेट्टी का फिटनेस मंत्र साफ है कि शरीर को फिट रखने के लिए नियमित एक्सरसाइज के साथ सही खानपान और अनुशासन बेहद जरूरी है। वह अपनी भूख और जरूरत के हिसाब से भोजन की मात्रा तय करने पर भी ध्यान देते हैं। यही वजह है कि 65 साल की उम्र में भी वह फिटनेस के मामले में कई युवा कलाकारों को कड़ी टक्कर देते नजर आते हैं।

  • फिटनेस में सफलता पाने के लिए 'मतलबी' बनना है जरूरी जानिए क्यों

    फिटनेस में सफलता पाने के लिए 'मतलबी' बनना है जरूरी जानिए क्यों

    नई दिल्ली । आजकल की तेज़-तर्रार ज़िंदगी में हम अक्सर अपनी सेहत को नज़रअंदाज कर देते हैं लेकिन अगर आप फिट रहना चाहते हैं, तो कुछ आदतें हैं जिन्हें अपनाना जरूरी है। इन्हीं आदतों के बारे में हम बात करेंगे, जो न सिर्फ आपकी शारीरिक स्वास्थ्य को बल्कि मानसिक संतुलन को भी बेहतर बनाए रखने में मदद करती हैं

    खाने की टेबल पर ना कहना सीखें

    हम भारतीय अपनी मेहमाननवाजी के लिए प्रसिद्ध हैं और अक्सर खाना खाने के दौरान हमारे आसपास के लोग हमें कुछ अतिरिक्त खाने के लिए दबाव डालते हैं। अगर आप डाइट पर हैं या आपका पेट भर चुका है तो भी आपको हमेशा ‘ना’ कहना सीखना होगा। इससे लोग भले ही थोड़े नाराज़ हो जाएं, लेकिन जब वे आपकी फिटनेस देखेंगे तो यही वही लोग होंगे जो आपकी तारीफ करेंगे। आपके खाने की प्लेट पर क्या जाएगा, यह पूरी तरह से आपके नियंत्रण में होना चाहिए, न कि किसी और के। अगर आपको सचमुच कुछ नहीं चाहिए तो मुस्कुराते हुए और विनम्रता से मना कर दें। यह छोटी सी आदत आपकी फिटनेस को लंबे समय तक बनाए रखने में मदद करेगी।

    अपने मी टाइम से कोई समझौता न करें

    फिटनेस की दुनिया में सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि आप अपने वर्कआउट को सबसे पहले अपनी प्राथमिकता बनाएं। अक्सर हम किसी इमरजेंसी या सामाजिक कारणों की वजह से अपने फिटनेस रूटीन को छोड़ देते हैं लेकिन यह आदत धीरे-धीरे हमारी सेहत पर असर डालने लगती है। आपको यह समझना होगा कि जब आप अपने वर्कआउट का समय निकालते हैं, तो वह सिर्फ आपका है। उस समय को दुनिया की किसी भी चीज़ से समझौता न करें। अगर आप दिन में सिर्फ 45 मिनट या 1 घंटा अपने लिए निकालते हैं तो यह समय सिर्फ आपके शरीर और मानसिक स्थिति के लिए है। इस दौरान फोन को साइलेंट पर रखें, दूसरों से दूर रहें और अपने शरीर और मन को फिटनेस में समर्पित करें।

    अपनी ऊर्जा को बचाना सीखें

    फिटनेस का मतलब सिर्फ शारीरिक सेहत नहीं होता, बल्कि मानसिक सेहत भी बहुत मायने रखती है। अगर आप हर समय दूसरों की समस्याओ गॉसिप या नेगेटिव बातों में उलझे रहते हैं तो इसका असर आपके मानसिक स्वास्थ्य पर पड़ेगा। ज्यादा मानसिक तनाव का असर सीधे तौर पर आपके शरीर पर भी पड़ता है और यही तनाव पेट की चर्बी बढ़ाने का कारण बनता है। इसलिए यह जरूरी है कि आप अपनी ऊर्जा को सिर्फ अपने वर्कआउट और खुश रहने में लगाएं न कि दूसरों की समस्याओं या गॉसिप में। यह एक स्वस्थ मानसिकता अपनाने की आदत बनानी चाहिए। अपनी ऊर्जा को उन चीज़ों पर लगाएं जो आपको अच्छा महसूस कराती हैं न कि उन बातों पर जो आपकी सेहत पर नकारात्मक असर डालती हैं।

    थकान होने पर प्लान कैंसिल करें

    हमारे समाज में अक्सर यह होता है कि हम अपनी सेहत से ज्यादा दूसरों की भावनाओं को प्राथमिकता देते हैं। अगर आपका शरीर थका हुआ है और आपको आराम की जरूरत है तो बिना किसी झिझक के अपने सोशल प्लान्स को कैंसिल कर दें। यह ज़रूरी नहीं कि हर बार दोस्तों को खुश करने के लिए आप बाहर जाएं। कभी-कभी एक दिन घर पर रहकर रेस्ट करना आपके शरीर के लिए ज्यादा फायदेमंद हो सकता है। आराम से ही आप सही तरीके से रिकवर हो सकते हैं और फिर अगले दिन बेहतर प्रदर्शन कर सकते हैं। अपने शरीर की सुनें क्योंकि जब आप उसे आराम देंगे तो वह आपको वह परिणाम देगा जो आप चाहते हैं।

    फिटनेस एक संजीदा और निरंतर चलने वाली प्रक्रिया है। यह न सिर्फ शारीरिक स्वास्थ्य बल्कि मानसिक संतुलन भी बनाए रखने में मदद करती है। अपने खाने की आदतों, समय प्रबंधन और मानसिक ऊर्जा को सही दिशा में लगाने से आप अपनी फिटनेस को बेहतर बना सकते हैं। अगर आप इन चार महत्वपूर्ण आदतों को अपनी दिनचर्या में शामिल करते हैं तो आप न सिर्फ अपने शरीर को फिट रखेंगे बल्कि मानसिक रूप से भी स्वस्थ रहेंगे। अपनी सेहत का ध्यान रखें क्योंकि यह आपका सबसे बड़ा संपत्ति है।