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  • फिटनेस का नया फॉर्मूला: बिना बाहर निकले रोजाना 10,000 कदम चलने का आसान रूटीन

    फिटनेस का नया फॉर्मूला: बिना बाहर निकले रोजाना 10,000 कदम चलने का आसान रूटीन

    नई दिल्ली । आधुनिक जीवनशैली में व्यस्तता इतनी बढ़ गई है कि लोगों के लिए नियमित व्यायाम और शारीरिक गतिविधियों के लिए समय निकालना चुनौती बनता जा रहा है। लंबे समय तक बैठकर काम करना, सीमित शारीरिक गतिविधि और अनियमित दिनचर्या कई स्वास्थ्य समस्याओं का कारण बन सकती है। ऐसे में स्वास्थ्य विशेषज्ञ और फिटनेस प्रशिक्षक अक्सर लोगों को रोजाना अधिक चलने-फिरने की सलाह देते हैं। इसी क्रम में प्रतिदिन 10,000 कदम चलने का लक्ष्य लंबे समय से फिटनेस जगत में लोकप्रिय माना जाता रहा है। माना जाता है कि यह आदत शरीर को सक्रिय रखने और समग्र स्वास्थ्य को बेहतर बनाने में मदद कर सकती है।

    विशेषज्ञों के अनुसार नियमित रूप से पर्याप्त कदम चलना हृदय स्वास्थ्य को मजबूत बनाने में सहायक होता है। इसके अलावा यह शरीर में रक्त संचार को बेहतर करता है और अतिरिक्त कैलोरी खर्च करने में मदद करता है। रोजाना सक्रिय रहने से वजन नियंत्रित रखने, मांसपेशियों को मजबूत बनाने और मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाए रखने में भी सहायता मिल सकती है। यही कारण है कि कई लोग अपने दैनिक कदमों की संख्या को ट्रैक करने के लिए स्मार्टवॉच या फिटनेस बैंड का उपयोग करते हैं। हालांकि व्यस्त दिनचर्या, खराब मौसम, प्रदूषण या अन्य कारणों से कई लोगों के लिए बाहर जाकर नियमित वॉक करना संभव नहीं हो पाता।

    इसी समस्या को ध्यान में रखते हुए फिटनेस कोच रीत कौर ने एक ऐसा इनडोर रूटीन साझा किया है, जिसके जरिए घर के अंदर ही 10,000 कदम पूरे किए जा सकते हैं। उनके अनुसार यदि कोई व्यक्ति लगभग 65 मिनट तक लगातार सक्रिय रहते हुए हर मिनट करीब 167 कदम की औसत गति बनाए रखता है, तो वह अपना दैनिक लक्ष्य हासिल कर सकता है। इस तरह का इनडोर वॉकिंग रूटीन उन लोगों के लिए उपयोगी हो सकता है जो घर से काम करते हैं, जिनके पास पार्क या खुली जगह उपलब्ध नहीं है या जो मौसम की वजह से बाहर नहीं जा पाते।

    घर के अंदर चलने को अधिक रोचक बनाने के लिए लोग अलग-अलग गतिविधियों को भी शामिल कर सकते हैं। जैसे संगीत सुनते हुए चलना, टीवी देखते समय वॉक करना या घर के विभिन्न हिस्सों में निर्धारित समय तक लगातार घूमना। इससे एक ही स्थान पर चलने से होने वाली बोरियत कम हो सकती है और नियमितता बनाए रखना आसान हो सकता है। साथ ही छोटे-छोटे अंतराल में दिनभर चलने की आदत भी कुल कदमों की संख्या बढ़ाने में मदद करती है।

    फिटनेस विशेषज्ञ यह भी मानते हैं कि केवल कदमों की संख्या ही स्वास्थ्य का एकमात्र पैमाना नहीं है। संतुलित आहार, पर्याप्त नींद, नियमित व्यायाम और तनाव प्रबंधन भी स्वस्थ जीवनशैली के महत्वपूर्ण हिस्से हैं। फिर भी नियमित रूप से अधिक चलना एक ऐसी आदत है जिसे लगभग हर आयु वर्ग का व्यक्ति अपनी दिनचर्या में शामिल कर सकता है। यही कारण है कि दैनिक वॉकिंग को फिटनेस बनाए रखने के सबसे सरल और प्रभावी उपायों में गिना जाता है।

    रोजाना 10,000 कदम चलने का लक्ष्य लोगों को अधिक सक्रिय जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित कर सकता है। चाहे बाहर खुली हवा में वॉक हो या घर के भीतर किया गया इनडोर रूटीन, नियमित शारीरिक गतिविधि लंबे समय में बेहतर स्वास्थ्य और फिटनेस की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।

  • सुबह या शाम कब करें वॉकिंग? गर्मियों में हेल्थ एक्सपर्ट्स की अहम सलाह

    सुबह या शाम कब करें वॉकिंग? गर्मियों में हेल्थ एक्सपर्ट्स की अहम सलाह

    नई दिल्ली । गर्मी के मौसम में स्वास्थ्य को बनाए रखने के लिए वॉकिंग को सबसे आसान और प्रभावी व्यायामों में से एक माना जाता है, लेकिन इसका लाभ तभी मिलता है जब इसे सही समय पर किया जाए। गलत समय पर की गई वॉकिंग शरीर पर विपरीत प्रभाव डाल सकती है और कई बार यह गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का कारण भी बन सकती है।

    विशेषज्ञों के अनुसार गर्मी के दौरान दिन के समय तापमान काफी अधिक हो जाता है, जिससे शरीर जल्दी थक जाता है और पानी की कमी यानी डिहाइड्रेशन का खतरा बढ़ जाता है। इसलिए वॉकिंग के लिए समय का सही चयन बेहद जरूरी माना जाता है। आमतौर पर सुबह और शाम का समय सबसे सुरक्षित और फायदेमंद होता है।

    सुबह के समय, खासकर 5 बजे से 7 बजे के बीच का समय वॉकिंग के लिए सबसे उपयुक्त माना जाता है। इस समय वातावरण अपेक्षाकृत ठंडा होता है और हवा भी साफ होती है, जिससे शरीर को ताजगी मिलती है। इस दौरान की गई वॉक न केवल शरीर को ऊर्जा देती है बल्कि मानसिक तनाव को भी कम करने में मदद करती है। इसके अलावा सुबह के समय प्रदूषण का स्तर भी कम होता है, जिससे सांस लेने में आसानी रहती है और फेफड़ों पर दबाव कम पड़ता है।

    अगर किसी कारणवश सुबह वॉक करना संभव न हो, तो शाम का समय एक अच्छा विकल्प माना जाता है। शाम 6:30 बजे के बाद तापमान धीरे-धीरे कम होने लगता है और धूप का असर भी खत्म हो जाता है। इस समय की गई वॉक शरीर को रिलैक्स करने में मदद करती है और दिनभर की थकान को कम करती है। हालांकि बहुत देर रात तक वॉक करने से बचना चाहिए क्योंकि इससे नींद का पैटर्न प्रभावित हो सकता है।

    दिन के समय, खासकर 11 बजे से 4 बजे के बीच वॉकिंग करना स्वास्थ्य के लिए जोखिम भरा हो सकता है। इस दौरान तेज धूप और गर्म हवाएं शरीर के तापमान को तेजी से बढ़ा सकती हैं, जिससे हीट स्ट्रोक, सिरदर्द, चक्कर और कमजोरी जैसी समस्याएं हो सकती हैं। बुजुर्गों और बच्चों के लिए यह समय और भी अधिक खतरनाक माना जाता है, इसलिए इस अवधि में बाहर निकलने से बचना चाहिए।

    गर्मी में वॉकिंग के दौरान शरीर से पसीना अधिक निकलता है, जिससे शरीर में पानी की कमी हो सकती है। इसलिए वॉक से पहले और बाद में पर्याप्त मात्रा में पानी पीना जरूरी है। नारियल पानी और नींबू पानी जैसे पेय शरीर को हाइड्रेट रखने में मदद कर सकते हैं और इलेक्ट्रोलाइट संतुलन बनाए रखते हैं।

    इसके अलावा वॉकिंग के दौरान हल्के और ढीले कपड़े पहनना भी जरूरी माना जाता है। हल्के रंग के कपड़े शरीर को ठंडक प्रदान करते हैं और गर्मी का असर कम महसूस होता है। धूप से बचाव के लिए टोपी और सनग्लासेस का उपयोग भी फायदेमंद हो सकता है।

  • गर्मियों में हेल्दी रहने के लिए बदलें खानपान, हाई-प्रोटीन फूड देगा एनर्जी और फिटनेस

    गर्मियों में हेल्दी रहने के लिए बदलें खानपान, हाई-प्रोटीन फूड देगा एनर्जी और फिटनेस

    नई दिल्ली । गर्मी का मौसम शुरू होते ही शरीर को स्वस्थ और फिट बनाए रखना कई लोगों के लिए मुश्किल हो जाता है। तेज धूप, पसीना और लगातार थकान के कारण शरीर जल्दी कमजोर महसूस करने लगता है। ऐसे समय में केवल व्यायाम या जिम पर ध्यान देना काफी नहीं होता, बल्कि सही डाइट सबसे अहम भूमिका निभाती है। विशेषज्ञों के अनुसार अगर खानपान संतुलित और पौष्टिक रखा जाए, तो गर्मियों में भी शरीर को एक्टिव, हल्का और फिट बनाए रखना आसान हो सकता है।

    दिन की शुरुआत हमेशा ऐसे भोजन से करनी चाहिए जो शरीर को पर्याप्त ऊर्जा दे और लंबे समय तक भूख महसूस न होने दे। सुबह के समय प्रोटीन और हेल्दी फैट से भरपूर चीजों का सेवन शरीर के लिए फायदेमंद माना जाता है। बादाम, अंडे और हल्के पौष्टिक खाद्य पदार्थ शरीर को जरूरी पोषण देने के साथ-साथ पूरे दिन एनर्जी बनाए रखने में मदद करते हैं। इससे मेटाबॉलिज्म बेहतर रहता है और बार-बार कुछ खाने की इच्छा भी कम होती है।

    दोपहर के भोजन में हल्का और आसानी से पचने वाला खाना लेना बेहतर माना जाता है। गर्मियों में ज्यादा तला-भुना या भारी भोजन शरीर को सुस्त बना सकता है। इसलिए हरी सब्जियां, सलाद और प्रोटीन से भरपूर भोजन को अधिक फायदेमंद माना जाता है। खीरा, टमाटर और पत्तेदार सब्जियां शरीर को हाइड्रेट रखने में मदद करती हैं, जबकि प्रोटीन शरीर की ताकत बनाए रखने का काम करता है। ऐसा भोजन दिनभर शरीर को फ्रेश और हल्का महसूस कराने में मदद करता है।

    शाम के समय अक्सर शरीर में थकान महसूस होने लगती है और ऊर्जा कम होने लगती है। ऐसे समय में हेल्दी स्नैक्स लेना जरूरी माना जाता है। दही, योगर्ट, चिया सीड्स या हल्के पौष्टिक विकल्प शरीर को तुरंत ऊर्जा देने के साथ-साथ पेट को भी स्वस्थ बनाए रखते हैं। गर्मियों में ऐसे खाद्य पदार्थ शरीर को अंदर से ठंडक पहुंचाने में मदद करते हैं और लंबे समय तक एक्टिव बनाए रखते हैं।

    रात के भोजन को हमेशा हल्का लेकिन पोषण से भरपूर रखना चाहिए। विशेषज्ञों के मुताबिक रात में ऐसा खाना लेना चाहिए जो जल्दी पच जाए और शरीर को जरूरी पोषक तत्व भी मिल सकें। प्रोटीन और फाइबर से भरपूर डिनर वजन नियंत्रण में मदद करता है और शरीर की मांसपेशियों को मजबूत बनाए रखने में भी सहायक होता है। इसके अलावा यह शरीर की थकान कम करने और अगले दिन के लिए ऊर्जा बनाए रखने में मदद करता है।

    फिटनेस बनाए रखने के लिए खानपान के साथ-साथ पर्याप्त पानी पीना भी बेहद जरूरी है। गर्मियों में शरीर में पानी की कमी जल्दी हो जाती है, इसलिए नियमित रूप से पानी और तरल पदार्थों का सेवन करना चाहिए। हल्की एक्सरसाइज, योग और रोजाना वॉक जैसी आदतें भी शरीर को स्वस्थ रखने में मदद करती हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि अगर लोग अपने डेली रूटीन में छोटे-छोटे हेल्दी बदलाव करें, तो गर्मियों में भी आसानी से फिट और ऊर्जावान बना रह सकते हैं।

  • वजन घटाने का सुपर ड्रिंक! चिया और सब्जा सीड्स का पानी तेजी से करेगा फैट बर्न

    वजन घटाने का सुपर ड्रिंक! चिया और सब्जा सीड्स का पानी तेजी से करेगा फैट बर्न

    नई दिल्ली। बढ़ता वजन आजकल हर उम्र के लोगों के लिए बड़ी समस्या बन चुका है। ऐसे में लोग तेजी से वजन कम करने के लिए डाइटिंग, जिम और कई तरह के हेल्थ ड्रिंक्स का सहारा लेते हैं। लेकिन अब एक बेहद आसान और नेचुरल तरीका तेजी से लोकप्रिय हो रहा है। हेल्थ रिपोर्ट्स के मुताबिक कई विशेषज्ञ और हार्वर्ड से जुड़े डॉक्टर सुबह खाली पेट चिया और सब्जा सीड्स का पानी पीने की सलाह देते हैं। माना जाता है कि यह ड्रिंक मेटाबॉलिज्म को तेज करने और वजन घटाने में काफी मदद करता है।
    चिया सीड्स और सब्जा सीड्स दोनों में फाइबर, प्रोटीन और एंटीऑक्सीडेंट भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं। जब इन्हें पानी में भिगोया जाता है तो ये जेल जैसी बनावट ले लेते हैं, जिससे पेट लंबे समय तक भरा हुआ महसूस होता है। इससे बार-बार भूख नहीं लगती और ओवरईटिंग की समस्या कम हो सकती है। यही वजह है कि वजन घटाने वाले लोग इसे अपनी मॉर्निंग रूटीन में शामिल कर रहे हैं।
    विशेषज्ञों के अनुसार, चिया और सब्जा सीड्स का पानी शरीर को हाइड्रेट रखने में भी मदद करता है। गर्मियों में यह ड्रिंक शरीर को ठंडक पहुंचाने और एनर्जी बनाए रखने में फायदेमंद माना जाता है। इसके अलावा इसमें मौजूद फाइबर पाचन तंत्र को बेहतर बनाने और कब्ज जैसी समस्याओं से राहत दिलाने में मदद कर सकता है।
    इसे बनाने का तरीका भी बेहद आसान है। एक गिलास पानी में एक चम्मच चिया सीड्स और एक चम्मच सब्जा सीड्स डालकर 20 से 30 मिनट तक भिगो दें। इसके बाद इसमें नींबू और शहद मिलाकर पिया जा सकता है। कुछ लोग स्वाद बढ़ाने के लिए इसमें पुदीना या फल भी मिलाते हैं।
    हालांकि हेल्थ एक्सपर्ट्स यह भी सलाह देते हैं कि किसी भी चीज का जरूरत से ज्यादा सेवन नुकसानदायक हो सकता है। जिन लोगों को एलर्जी, पाचन संबंधी समस्या या कोई गंभीर बीमारी हो, उन्हें डॉक्टर की सलाह के बाद ही इसे नियमित रूप से लेना चाहिए। सिर्फ इस ड्रिंक पर निर्भर रहने के बजाय संतुलित आहार और नियमित एक्सरसाइज भी जरूरी है।
  • स्वस्थ रहने का राज: गर्मियों में इम्यून सिस्टम मजबूत करने के असरदार तरीके

    स्वस्थ रहने का राज: गर्मियों में इम्यून सिस्टम मजबूत करने के असरदार तरीके


    नई दिल्ली ।  गर्मी का मौसम जहां एक तरफ तेज धूप और गर्म हवाएं लेकर आता है, वहीं दूसरी ओर यह शरीर के लिए कई तरह की स्वास्थ्य चुनौतियां भी खड़ा करता है। इस दौरान सर्दी-जुकाम, वायरल संक्रमण, पेट की समस्याएं और डिहाइड्रेशन जैसी दिक्कतें आम हो जाती हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, इसका सबसे बड़ा कारण कमजोर इम्यूनिटी यानी शरीर की रोगों से लड़ने की क्षमता का कम होना है।
    हेल्थ एक्सपर्ट्स का कहना है कि अगर इम्यून सिस्टम मजबूत हो, तो शरीर कई तरह की बीमारियों से खुद ही लड़ सकता है। इसके लिए दवाओं पर निर्भर रहने के बजाय रोजमर्रा की जीवनशैली में छोटे-छोटे बदलाव करना सबसे प्रभावी तरीका माना जाता है।
    संतुलित आहार से बढ़ाएं शरीर की ताकत
    इम्यूनिटी को मजबूत बनाने की शुरुआत आपकी थाली से होती है। स्वस्थ और संतुलित आहार शरीर की रक्षा प्रणाली को मजबूत करता है। रोजाना के भोजन में फल, हरी सब्जियां, दालें, अनाज, नट्स और दही को शामिल करना बेहद जरूरी है। ये सभी चीजें विटामिन, मिनरल्स और एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर होती हैं, जो शरीर को अंदर से मजबूत बनाती हैं।वहीं, ज्यादा चीनी, जंक फूड और तले-भुने खाने से दूरी बनाना जरूरी है क्योंकि ये चीजें इम्यून सिस्टम को कमजोर कर सकती हैं।

    पूरी नींद है मजबूत इम्यूनिटी की कुंजी
    शरीर को स्वस्थ रखने के लिए पर्याप्त नींद लेना बेहद जरूरी है। हेल्थ एक्सपर्ट्स के अनुसार रोजाना 7 से 8 घंटे की गहरी नींद इम्यून सिस्टम को एक्टिव और मजबूत बनाए रखती है। नींद के दौरान शरीर अपनी मरम्मत करता है और नई ऊर्जा तैयार करता है। अगर नींद पूरी नहीं होती, तो शरीर की रोगों से लड़ने की क्षमता धीरे-धीरे कमजोर हो सकती है, जिससे बीमार पड़ने की संभावना बढ़ जाती है।

    नियमित व्यायाम से बढ़ेगा स्टैमिना और इम्यून पावर
    हर दिन कम से कम 30 से 45 मिनट तक हल्का व्यायाम, योग या वॉक करना शरीर के लिए बेहद फायदेमंद होता है। इससे ब्लड सर्कुलेशन बेहतर होता है और शरीर में सूजन कम होती है। नियमित शारीरिक गतिविधि न सिर्फ शरीर को फिट रखती है, बल्कि इम्यून सिस्टम को भी मजबूत बनाती है, जिससे संक्रमण से लड़ने की क्षमता बढ़ जाती है।

     तनाव को करें कंट्रोल, इम्यूनिटी रहेगी मजबूत
    ज्यादा तनाव लेना शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता पर सीधा असर डालता है। तनाव हार्मोन शरीर की इम्यूनिटी को कमजोर कर सकते हैं। इसलिए मानसिक स्वास्थ्य का ध्यान रखना भी उतना ही जरूरी है जितना शारीरिक स्वास्थ्य का। ध्यान, प्राणायाम, संगीत सुनना या अपनी पसंदीदा गतिविधियों में समय बिताना तनाव कम करने के बेहतरीन तरीके हैं। शांत मन शरीर को अंदर से मजबूत बनाता है।

     शरीर को हाइड्रेट रखना है बेहद जरूरी
    गर्मी के मौसम में शरीर को हाइड्रेटेड रखना सबसे जरूरी माना जाता है। पर्याप्त मात्रा में पानी पीने से शरीर के टॉक्सिन बाहर निकलते हैं और कोशिकाएं बेहतर तरीके से काम करती हैं। इसके साथ ही नींबू पानी, छाछ और हर्बल टी का सेवन भी शरीर को ठंडक देता है और इम्यून सिस्टम को सपोर्ट करता है।

    छोटी आदतें, बड़ा स्वास्थ्य लाभ
    गर्मी में बीमारियों से बचने के लिए इम्यूनिटी को मजबूत रखना बेहद जरूरी है। संतुलित आहार, अच्छी नींद, नियमित व्यायाम, तनाव नियंत्रण और पर्याप्त हाइड्रेशन जैसी आदतें अपनाकर शरीर को प्राकृतिक रूप से मजबूत बनाया जा सकता है। ये आसान उपाय न सिर्फ मौसमी बीमारियों से बचाते हैं, बल्कि लंबे समय तक स्वस्थ जीवन जीने में भी मदद करते हैं।

  • मात्र 10 रुपये में मिलेगा भरपूर प्रोटीन, शरीर को लोहे जैसा मजबूत बनाने के लिए वैज्ञानिकों ने बताया सबसे सस्ता तरीका।

    मात्र 10 रुपये में मिलेगा भरपूर प्रोटीन, शरीर को लोहे जैसा मजबूत बनाने के लिए वैज्ञानिकों ने बताया सबसे सस्ता तरीका।

    नई दिल्ली। फिटनेस और बॉडीबिल्डिंग के प्रति बढ़ते रुझान के बीच आज हर कोई एक सुडौल और ताकतवर शरीर की चाहत रखता है। आमतौर पर यह माना जाता है कि बेहतर मसल्स बनाने के लिए अंडे, चिकन या महंगे सप्लीमेंट्स ही एकमात्र विकल्प हैं, लेकिन पोषण विशेषज्ञों ने एक ऐसी सस्ती और सुलभ चीज को ‘प्रोटीन का पावरहाउस’ माना है जो इन सभी को कड़ी टक्कर दे रही है।

    हम बात कर रहे हैं सोयाबीन की, जिसे सोया चंक्स के रूप में भी जाना जाता है। शाकाहारियों के लिए यह किसी वरदान से कम नहीं है, क्योंकि यह न केवल शरीर की प्रोटीन की जरूरत को पूरा करता है, बल्कि बेहद कम खर्च में आपको एक एथलीट जैसी फिटनेस प्रदान करने की क्षमता रखता है।

    वैज्ञानिक दृष्टिकोण से देखें तो सोयाबीन में मौजूद पोषण इसे दुनिया के सबसे प्रभावी सुपरफूड्स की श्रेणी में खड़ा करता है। इसके प्रति 100 ग्राम में लगभग 36.5 ग्राम उच्च गुणवत्ता वाला प्रोटीन होता है, जो पनीर या किसी भी मांसाहारी आहार की तुलना में काफी अधिक है।

    सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि सोयाबीन में सभी आवश्यक अमीनो एसिड पाए जाते हैं, जो कठिन वर्कआउट के बाद मांसपेशियों की मरम्मत (Muscle Recovery) और उनके विकास के लिए अनिवार्य होते हैं। यही कारण है कि अब दुनिया भर के फिटनेस प्रेमी अपनी डाइट में सोया चंक्स, टोफू और सोया दूध को प्रमुखता से शामिल कर रहे हैं।

    सोयाबीन के फायदे केवल मांसपेशियों तक ही सीमित नहीं हैं। इसमें प्रचुर मात्रा में मौजूद फाइबर, आयरन, कैल्शियम और ओमेगा-3 फैटी एसिड शरीर के संपूर्ण विकास में सहायक होते हैं। यह हड्डियों को मजबूती देने के साथ-साथ हृदय की धमनियों को भी स्वस्थ रखता है और कोलेस्ट्रॉल के स्तर को नियंत्रित करने में मदद करता है।

    वजन कम करने के इच्छुक लोगों के लिए भी सोयाबीन एक आदर्श विकल्प है; इसमें प्रोटीन की अधिकता के कारण इसे खाने के बाद लंबे समय तक पेट भरा हुआ महसूस होता है, जिससे अनावश्यक कैलोरी लेने की इच्छा कम हो जाती है और शरीर की अतिरिक्त चर्बी तेजी से घटने लगती है।

    इसे अपनी दैनिक जीवनशैली का हिस्सा बनाना भी बेहद आसान है। सोया चंक्स का उपयोग स्वादिष्ट सब्जी, पुलाव या सलाद के रूप में किया जा सकता है। इसके अलावा, सोया मिल्क उन लोगों के लिए एक बेहतरीन विकल्प है जो डेयरी उत्पादों से परहेज करते हैं।

    हालांकि, स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सलाह है कि किसी भी आहार का लाभ तभी मिलता है जब उसका सेवन संतुलित मात्रा में किया जाए। सीमित और नियमित रूप से सोयाबीन को अपनी थाली में जगह देकर आप न केवल अपनी शारीरिक ताकत बढ़ा सकते हैं, बल्कि बिना जेब पर बोझ डाले एक ‘फौलादी’ व्यक्तित्व के मालिक बन सकते हैं।

  • Muscle Loss से बचना है तो 35 के बाद बदलें डाइट और टाइमिंग, न्यूट्रिशनिस्ट ने बताए असरदार नियम

    Muscle Loss से बचना है तो 35 के बाद बदलें डाइट और टाइमिंग, न्यूट्रिशनिस्ट ने बताए असरदार नियम


     नई दिल्ली।  उम्र बढ़ने के साथ शरीर में कई तरह के बदलाव आने लगते हैं और अक्सर 30 से 35 साल के बाद लोग महसूस करने लगते हैं कि पहले जैसी ताकत और ऊर्जा नहीं रही। मांसपेशियां धीरे धीरे ढीली होने लगती हैं और शरीर की फिटनेस कम होने लगती है। मेडिकल भाषा में इस स्थिति को सार्कोपेनिया कहा जाता है। इसमें उम्र बढ़ने के साथ मसल्स मास कम होने लगता है।

    मशहूर न्यूट्रिशनिस्ट लवनीत बत्रा के अनुसार यदि सही डाइट और सही समय पर भोजन की आदत अपनाई जाए तो उम्र बढ़ने के बावजूद शरीर को लंबे समय तक मजबूत और फिट रखा जा सकता है। उनका कहना है कि मसल्स बनाने के लिए केवल अच्छा खाना ही पर्याप्त नहीं है बल्कि भोजन का समय भी उतना ही महत्वपूर्ण होता है।

    उनके अनुसार जब भी कोई व्यक्ति वर्कआउट करता है तो उसके बाद मांसपेशियों को रिपेयर और मजबूत होने के लिए प्रोटीन की आवश्यकता होती है। इसलिए एक्सरसाइज के एक से दो घंटे के भीतर 20 से 30 ग्राम हाई क्वालिटी प्रोटीन लेना जरूरी माना जाता है। इससे मसल्स की रिकवरी बेहतर होती है और शरीर की ताकत भी बढ़ती है।

    प्रोटीन के लिए कई अच्छे विकल्प उपलब्ध हैं। अंडे और डेयरी प्रोडक्ट जैसे दूध पनीर और दही शरीर को अच्छा प्रोटीन देते हैं। इसके अलावा चिकन और मछली जैसे लीन मीट भी मसल्स के लिए लाभदायक होते हैं। शाकाहारी लोगों के लिए टोफू और दालें प्रोटीन के अच्छे स्रोत माने जाते हैं।न्यूट्रिशनिस्ट के अनुसार वर्कआउट से पहले भी शरीर को थोड़ी ऊर्जा देना जरूरी होता है। एक्सरसाइज से 30 से 60 मिनट पहले हल्का स्नैक लेना फायदेमंद माना जाता है। इसके लिए ग्रीक योगर्ट या एक मुट्ठी ड्राई फ्रूट जैसे बादाम और अखरोट अच्छे विकल्प हो सकते हैं। इससे वर्कआउट के दौरान मसल्स को नुकसान कम होता है और शरीर बेहतर प्रदर्शन कर पाता है।

    अक्सर लोग वजन कम करने के लिए कार्बोहाइड्रेट और फैट को पूरी तरह छोड़ देते हैं लेकिन ऐसा करना सही नहीं माना जाता। कार्बोहाइड्रेट शरीर को ऊर्जा देने का काम करते हैं। फल सब्जियां और साबुत अनाज शरीर में ग्लाइकोजन स्टोर को भरते हैं जिससे शरीर जल्दी थकता नहीं है।इसी तरह हेल्दी फैट भी शरीर के लिए जरूरी होते हैं। एवोकाडो जैतून का तेल और बादाम जैसे हेल्दी फैट्स हार्मोन को संतुलित रखने में मदद करते हैं और मांसपेशियों को सुरक्षित रखते हैं।स्वस्थ शरीर के लिए पानी का सही मात्रा में सेवन भी बेहद जरूरी है। पर्याप्त पानी पीने से शरीर की परफॉर्मेंस बेहतर होती है और वर्कआउट के बाद रिकवरी भी तेजी से होती है।

    न्यूट्रिशनिस्ट का सुझाव है कि दिन भर में तीन से पांच छोटे मील्स लेना चाहिए और हर मील में प्रोटीन जरूर शामिल होना चाहिए। इससे शरीर को लगातार अमीनो एसिड मिलते रहते हैं और मांसपेशियों की मरम्मत और विकास बेहतर तरीके से होता है।लवनीत बत्रा ने पनीर से जुड़ी एक आसान और स्वादिष्ट रेसिपी भी साझा की है। उन्होंने बताया कि घर में मौजूद पनीर की मदद से बिना किसी प्रोटीन पाउडर के लगभग 25 ग्राम प्रोटीन वाला पौष्टिक मील आसानी से तैयार किया जा सकता है।यदि सही डाइट सही समय और नियमित एक्सरसाइज को जीवनशैली का हिस्सा बना लिया जाए तो 35 साल की उम्र के बाद भी शरीर को मजबूत स्वस्थ और फिट बनाए रखना संभव है।

  • मांस नहीं, पौधों से बनेगी ताकत: जानिए प्लांट-बेस्ड प्रोटीन के फायदे और इसे डाइट में शामिल करने के आसान तरीके

    मांस नहीं, पौधों से बनेगी ताकत: जानिए प्लांट-बेस्ड प्रोटीन के फायदे और इसे डाइट में शामिल करने के आसान तरीके

    नई दिल्ली। शरीर को सुचारू रूप से चलाने मांसपेशियों को मजबूत रखने और ऊर्जा बनाए रखने के लिए प्रोटीन बेहद जरूरी पोषक तत्व है। खासतौर पर जिम में कसरत करने वाले लोगों के लिए प्रोटीन मसल रिकवरी और ग्रोथ का आधार माना जाता है। आम धारणा यह है कि पर्याप्त प्रोटीन सिर्फ अंडा चिकन या मांसाहारी भोजन से ही मिल सकता है लेकिन यह सोच पूरी तरह सही नहीं है।आज के समय में प्लांट-बेस्ड प्रोटीन न सिर्फ शाकाहारी लोगों के लिए बल्कि हेल्दी लाइफस्टाइल अपनाने वालों की पहली पसंद बनता जा रहा है। भारत ही नहीं बल्कि दुनियाभर में लोग मांसाहारी प्रोटीन छोड़कर पौधों से मिलने वाले प्रोटीन की ओर तेजी से रुख कर रहे हैं।

    क्यों बेहतर है प्लांट-बेस्ड प्रोटीन?
    पौधों से मिलने वाला प्रोटीन शरीर के लिए ज्यादा सुरक्षित और पचने में आसान माना जाता है। जहां मांसाहारी प्रोटीन के साथ कोलेस्ट्रॉल और सैचुरेटेड फैट की मात्रा ज्यादा होती है वहीं प्लांट-बेस्ड प्रोटीन में कोलेस्ट्रॉल बिल्कुल नहीं होता। यही वजह है कि यह दिल की सेहत के लिए बेहतर विकल्प माना जाता है।दूध और डेयरी प्रोडक्ट्स से जहां कैल्शियम मिलता है वहीं बहुत से लोगों को लैक्टोज इन्टॉलरेंस की समस्या भी होती है जिससे गैस पेट दर्द और अपच जैसी परेशानियां हो सकती हैं। इसके विपरीत बादाम तिल और हरी सब्जियां कैल्शियम के बेहतरीन प्लांट-बेस्ड स्रोत हैं।

    फाइबर और एनर्जी का डबल फायदा
    प्लांट-बेस्ड प्रोटीन की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसके साथ शरीर को भरपूर फाइबर भी मिलता है। फाइबर पाचन को दुरुस्त रखता है शरीर से विषैले तत्वों को बाहर निकालता है और लंबे समय तक ऊर्जा बनाए रखने में मदद करता है। यही कारण है कि ऐसे लोग जो पौधों से प्रोटीन लेते हैं उनमें मोटापा और हृदय रोग का खतरा कम देखा जाता है।

    किन चीजों से लें प्लांट-बेस्ड प्रोटीन?
    आप अपनी रोज़मर्रा की डाइट में इन चीजों को शामिल कर सकते हैं-

    दालें मूंग मसूर अरहर
    सोया टोफू और सोया चंक्स

    राजमा चना और लोबिया

    सूखे मेवे और सीड्स बादाम कद्दू के बीज सूरजमुखी के बीज

    अंकुरित अनाज और साबुत अनाज

    हरी पत्तेदार सब्जियां

    कितना प्रोटीन है जरूरी?
    आम तौर पर शरीर के वजन के हिसाब से प्रोटीन की जरूरत तय की जाती है। यदि आपका वजन 50 किलोग्राम है तो रोजाना लगभग 50 ग्राम प्रोटीन लेना पर्याप्त माना जाता है। यह मात्रा आसानी से प्लांट-बेस्ड डाइट से पूरी की जा सकती है।

    डाइट में शामिल करने के आसान तरीके
    आप मूंग दाल को अंकुरित कर सलाद बना सकते हैं मूंग दाल या बेसन का चीला खा सकते हैं सब्जियों के साथ टोफू मिलाकर स्वादिष्ट भोजन बना सकते हैं या राजमा-बीन्स की टिक्की और कबाब ट्राय कर सकते हैं।कुल मिलाकर अगर आप बिना मांसाहार के भी मजबूत फिट और एनर्जेटिक रहना चाहते हैं तो प्लांट-बेस्ड प्रोटीन एक स्मार्ट और हेल्दी विकल्प है।

  • फिटनेस में सफलता पाने के लिए 'मतलबी' बनना है जरूरी जानिए क्यों

    फिटनेस में सफलता पाने के लिए 'मतलबी' बनना है जरूरी जानिए क्यों

    नई दिल्ली । आजकल की तेज़-तर्रार ज़िंदगी में हम अक्सर अपनी सेहत को नज़रअंदाज कर देते हैं लेकिन अगर आप फिट रहना चाहते हैं, तो कुछ आदतें हैं जिन्हें अपनाना जरूरी है। इन्हीं आदतों के बारे में हम बात करेंगे, जो न सिर्फ आपकी शारीरिक स्वास्थ्य को बल्कि मानसिक संतुलन को भी बेहतर बनाए रखने में मदद करती हैं

    खाने की टेबल पर ना कहना सीखें

    हम भारतीय अपनी मेहमाननवाजी के लिए प्रसिद्ध हैं और अक्सर खाना खाने के दौरान हमारे आसपास के लोग हमें कुछ अतिरिक्त खाने के लिए दबाव डालते हैं। अगर आप डाइट पर हैं या आपका पेट भर चुका है तो भी आपको हमेशा ‘ना’ कहना सीखना होगा। इससे लोग भले ही थोड़े नाराज़ हो जाएं, लेकिन जब वे आपकी फिटनेस देखेंगे तो यही वही लोग होंगे जो आपकी तारीफ करेंगे। आपके खाने की प्लेट पर क्या जाएगा, यह पूरी तरह से आपके नियंत्रण में होना चाहिए, न कि किसी और के। अगर आपको सचमुच कुछ नहीं चाहिए तो मुस्कुराते हुए और विनम्रता से मना कर दें। यह छोटी सी आदत आपकी फिटनेस को लंबे समय तक बनाए रखने में मदद करेगी।

    अपने मी टाइम से कोई समझौता न करें

    फिटनेस की दुनिया में सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि आप अपने वर्कआउट को सबसे पहले अपनी प्राथमिकता बनाएं। अक्सर हम किसी इमरजेंसी या सामाजिक कारणों की वजह से अपने फिटनेस रूटीन को छोड़ देते हैं लेकिन यह आदत धीरे-धीरे हमारी सेहत पर असर डालने लगती है। आपको यह समझना होगा कि जब आप अपने वर्कआउट का समय निकालते हैं, तो वह सिर्फ आपका है। उस समय को दुनिया की किसी भी चीज़ से समझौता न करें। अगर आप दिन में सिर्फ 45 मिनट या 1 घंटा अपने लिए निकालते हैं तो यह समय सिर्फ आपके शरीर और मानसिक स्थिति के लिए है। इस दौरान फोन को साइलेंट पर रखें, दूसरों से दूर रहें और अपने शरीर और मन को फिटनेस में समर्पित करें।

    अपनी ऊर्जा को बचाना सीखें

    फिटनेस का मतलब सिर्फ शारीरिक सेहत नहीं होता, बल्कि मानसिक सेहत भी बहुत मायने रखती है। अगर आप हर समय दूसरों की समस्याओ गॉसिप या नेगेटिव बातों में उलझे रहते हैं तो इसका असर आपके मानसिक स्वास्थ्य पर पड़ेगा। ज्यादा मानसिक तनाव का असर सीधे तौर पर आपके शरीर पर भी पड़ता है और यही तनाव पेट की चर्बी बढ़ाने का कारण बनता है। इसलिए यह जरूरी है कि आप अपनी ऊर्जा को सिर्फ अपने वर्कआउट और खुश रहने में लगाएं न कि दूसरों की समस्याओं या गॉसिप में। यह एक स्वस्थ मानसिकता अपनाने की आदत बनानी चाहिए। अपनी ऊर्जा को उन चीज़ों पर लगाएं जो आपको अच्छा महसूस कराती हैं न कि उन बातों पर जो आपकी सेहत पर नकारात्मक असर डालती हैं।

    थकान होने पर प्लान कैंसिल करें

    हमारे समाज में अक्सर यह होता है कि हम अपनी सेहत से ज्यादा दूसरों की भावनाओं को प्राथमिकता देते हैं। अगर आपका शरीर थका हुआ है और आपको आराम की जरूरत है तो बिना किसी झिझक के अपने सोशल प्लान्स को कैंसिल कर दें। यह ज़रूरी नहीं कि हर बार दोस्तों को खुश करने के लिए आप बाहर जाएं। कभी-कभी एक दिन घर पर रहकर रेस्ट करना आपके शरीर के लिए ज्यादा फायदेमंद हो सकता है। आराम से ही आप सही तरीके से रिकवर हो सकते हैं और फिर अगले दिन बेहतर प्रदर्शन कर सकते हैं। अपने शरीर की सुनें क्योंकि जब आप उसे आराम देंगे तो वह आपको वह परिणाम देगा जो आप चाहते हैं।

    फिटनेस एक संजीदा और निरंतर चलने वाली प्रक्रिया है। यह न सिर्फ शारीरिक स्वास्थ्य बल्कि मानसिक संतुलन भी बनाए रखने में मदद करती है। अपने खाने की आदतों, समय प्रबंधन और मानसिक ऊर्जा को सही दिशा में लगाने से आप अपनी फिटनेस को बेहतर बना सकते हैं। अगर आप इन चार महत्वपूर्ण आदतों को अपनी दिनचर्या में शामिल करते हैं तो आप न सिर्फ अपने शरीर को फिट रखेंगे बल्कि मानसिक रूप से भी स्वस्थ रहेंगे। अपनी सेहत का ध्यान रखें क्योंकि यह आपका सबसे बड़ा संपत्ति है।