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  • मप्र: नरसिंहपुर में हाईवे पर सड़क हादसे में नहीं गई थी 5 लोगों की जान, कारोबारी रंजिश में हुई थी हत्या

    मप्र: नरसिंहपुर में हाईवे पर सड़क हादसे में नहीं गई थी 5 लोगों की जान, कारोबारी रंजिश में हुई थी हत्या


    नरसिंहपुर।
    मध्य प्रदेश के नरसिंहपुर जिले में एक सप्ताह पहले जबलपुर-भोपाल राष्ट्रीय राजमार्ग-45 पर एक सड़क हादसे में हुई पांच लोगों की मौत के मामले में पुलिस ने रविवार को बड़ा खुलासा किया है। पुलिस की जांच में सामने आया कि यह हादसा नहीं, बल्कि रेत के अवैध कारोबार में वर्चस्व की लड़ाई में रची गई सुनियोजित हत्या थी।

    रेत कारोबारी राजेंद्र लोधी को रास्ते से हटाने के लिए कथित तौर पर उसकी गाड़ी को पहले से सड़क के दोनों ओर खड़े हाईवा से कुचलकर हादसे का रूप दिया गया था। पुलिस ने जांच के बाद मुख्य आरोपी शहपुरा जनपद पंचायत सदस्य आनंद पटेल समेत आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया है। तीन आरोपी फिलहाल फरार हैं। पुलिस फरार आरोपियों की तलाश के साथ हत्या की साजिश से जुड़े अन्य तथ्यों की जांच में जुटी है।

    गौरतलब है कि नरसिंहपुर जिले के जबलपुर-भोपाल नेशनल हाईवे-45 पर गत 19 जुलाई को एक बेकाबू हाईवा ने सड़क किनारे अपनी कार खड़ी करके सेल्फी ले रहे 6 युवकों को कुचल दिया था। इस हादसे में जबलपुर के पावला निवासी राजेंद्र लोधी (28) की मौके पर मौत हो गई थी, जबकि वीरेंद्र लोधी (20), राजपाल लोधी (21), जयपाल लोधी (30) और नीरज लोधी (30) ने अस्पताल पहुंचने से पहले रास्ते में दम तोड़ दिया था। वहीं, एक युवक गंभीर रूप से घायल है, जिसका इलाज जबलपुर में चल रहा है।

    पुलिस के अनुसार, जांच में सामने आया कि राजेंद्र लोधी और आरोपी आनंद पटेल दोनों बेलखेड़ा क्षेत्र में अवैध रेत खनन और परिवहन के कारोबार से जुड़े थे। दोनों के बीच अवैध रेत कारोबार में वर्चस्व और आर्थिक हितों को लेकर विवाद था। जबलपुर के डॉ. अमित खरे की भी राजेंद्र से रुपये के लेनदेन को लेकर रंजिश थी, इसीलिए आनंद और डॉ. अमित खरे ने हत्या की साजिश रची। जबलपुर स्थित स्मार्ट सिटी अस्पताल के संचालक डॉ. अमित खरे ने मुख्य आरोपी को घटना को हादसा दिखाने व साक्ष्य छिपाने के तरीके बताए। घटना वाले दिन आरोपी राजा, अरविंद और भरत पटेल लगातार राजेंद्र लोधी की लोकेशन मुख्य आरोपी आनंद पटेल तक पहुंचा रहे थे। राजेंद्र साथियों के साथ जैसे ही वहां पहुंचा, हाईवा से उनकी गाड़ी को कुचल दिया।

    नरसिंहपुर के पुलिस अधीक्षक ऋषिकेश मीणा ने बताया कि वर्चस्व की लड़ाई को लेकर मुख्य आरोपी आनंद राजपूत और मृतक राजेंद्र पटेल के बीच व्यापार की पुरानी रंजिश थी। इसी रंजिश में राजेंद्र पटेल सहित पांच युवकों को हाईवा से कुचलकर मौत के घाट उतार दिया गया। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज खंगाले तो हत्या में इस्तेमाल हाईवा हीरापुर-बंदरोहा के जंगल से बरामद हो गई। पूछताछ में राजा पटेल ने पूरी साजिश का खुलासा कर दिया। इसके बाद आरोपी भी पकड़े गए।

    पुलिस ने मामले का खुलासा करते हुए 8 आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि शुभम, प्रीतम और ऋतुराज फरार हैं, जिनकी तलाश जारी है। हत्या में इस्तेमाल हाईवा के अलावा थार और फॉर्च्यूनर गाड़ी भी जब्त की गई हैं। पुलिस ने बताया कि साजिश में जबलपुर के अस्पताल संचालक अमित खरे भी शामिल था। उसने आनंद पटेल को हत्या को हादसा दिखाने के तरीके बताए थे। वहीं, राजा पटेल ने राजेंद्र लोधी की रेकी कर उसकी लोकेशन आरोपियों तक पहुंचाई।

  • Kerala: 10 माह की बच्ची ने 5 लोगों को दी नई जिंदगी… हादसे में मौत के बाद पैरेंट्स ने किया अंगदान

    Kerala: 10 माह की बच्ची ने 5 लोगों को दी नई जिंदगी… हादसे में मौत के बाद पैरेंट्स ने किया अंगदान


    तिरुवनंतपुरम।
    केरल (Kerala) से एक बेहद भावुक करने वाली कहानी सामने आई है। यहां पर हादसे में 10 महीने की एक बच्ची (10 Months Girl) बुरी तरह से घायल हो गई। बाद में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। बेटी की मौत के बाद उसके पैरेंट्स ने एक ऐसा कदम उठाया, जिसके मुरीद प्रदेश के मुख्यमंत्री (Chief Minister) समेत तमाम सेलेब्स भी हो गए हैं। बच्ची के माता-पिता ने उसका अंगदान करने का फैसला किया। उनके इस फैसले की बदौलत पांच लोगों को नई जिंदगी मिली है। इस बच्ची का अंतिम संस्कार पूरे राजकीय सम्मान के साथ किया गया। इस दौरान केरल की स्वास्थ्य मंत्री वीना जॉर्ज और केंद्रीय मंत्री सुरेश गोपी भी मौजूद रहे।


    कौन थी आलिन शेरिन

    जिस बच्ची का अंगदान किया गया, उसका नाम आलिन शेरिन है। उसके माता-पिता का नाम अरुण अब्राहम और शेरिन एन जॉन है। यह लोग केरल के पाथनमथिट्टा जिले के रहने वाले हैं। पांच फरवरी को आलिन अपनी मां और दादा-दादी के साथ यात्रा कर रही थी। इसी दौरान गलत दिशा से आ रही कार ने उनके वाहन में टक्कर मार दी। इस हादसे में आलिन को बेहद गंभीर चोटें आईं। वहीं, उसकी मां और दादा-दादी भी गंभीर रूप से घायल हैं। शुरुआत में आलिन को स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया। लेकिन बाद में उसे बेहतर इलाज के लिए कोच्चि ले जाया गया। बहुत कोशिशों के बावजूद उसकी जान नहीं बचाई जा सकी और डॉक्टरों ने 12 फरवरी को उसे ब्रेन डेड घोषित कर दिया।


    बताया गया ग्रीन कॉरिडोर

    महज दस महीने की बेटी को खोकर आलिन के माता-पिता गहरे दुख में थे। लेकिन इसी दौरान उन्होंने एक ऐसा फैसला लिया, जो नजीर बन गया। दोनों ने तय किया कि वह अपनी बच्ची का अंगदान करेंगे। इसके बाद हेल्थकेयर सिस्टम, पुलिस और आम लोगों ने गजब का तालमेल दिखाया। चूंकि सिविल एविएशन रूल्स के चलते रात में हेलिकॉप्टर ट्रांसफर संभव नहीं था। इसलिए केरल सरकार ने एंबुलेंस के जरिए अंगों को भेजने का फैसला किया। आनन-फानन में कोच्चि से तिरुवनंतपुरम के बीच ग्रीन कॉरिडोर बनाया गया।


    किसे दिए गए अंग

    इसके लिए कड़े ट्रैफिक प्रतिबंध लागू किए गए। पूरे रास्ते में मैनुअल सिग्नलिंग की व्यवस्था की गई। इसके जरिए 230 किलोमीटर की दूरी मात्र 3 घंटे और 20 मिनट में तय हुई। इसके बाद सुरक्षित तरीके सभी अंग गंतव्य तक पहुंचे। यहां पर एक निजी अस्पताल में छह साल की बच्ची को लिवर ट्रांसप्लांट किया गया। वहीं, किडनी सरकारी मेडिकल कॉलेज में एक 10 साल के बच्चे को लगाया गया। हार्ट वॉल्व तिरुवनंतपुरम मेडिकल कॉलेज कैंपस को ट्रांसफर किया गया, जबकि कॉर्निया एक निजी अस्पताल के आई बैंक को डोनेट कर दिया गया।


    सबने की तारीफ

    महज 10 महीने की उम्र में बच्ची की दु:खद मौत और उसके माता-पिता द्वारा अंगदान के फैसले की केरल समेत तमाम जगहों पर तारीफ हुई। केरल के राज्यपाल विश्वनाथ आर्लेकर ने कहाकि वह बच्ची के माता-पिता के इस फैसले बहुत प्रभावित हुए हैं। उन्होंने एक ऐसा फैसला लिया, जिससे दूसरों को जीवन मिला है। अभिनेता कमल हासन ने भी पैरेंट्स को संबोधित एक भावुक संदेश लिखा। इस संदेश में उन्होंने लिखा कि बेबी आलिन पांच बच्चों को जिंदगी देकर गई है। अभिनेता मोहनलाल ने भी आलिन को लिटिल एंजेल कहा।

  • मप्र के छतरपुर में ट्रक और कार की जोरदार भिड़ंत, एक ही परिवार के 5 लोगों की मौत, दो घायल

    मप्र के छतरपुर में ट्रक और कार की जोरदार भिड़ंत, एक ही परिवार के 5 लोगों की मौत, दो घायल


    छतरपुर।
    मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले में सागर-कानपुर हाईवे नंबर 34 पर शुक्रवार की रात एक भीषण सड़क हादसे में एक ही परिवार के पांच लोगों की मौत हो गई। यहां बड़ामलहरा तहसील के मुंगवारी और चौपरिया सरकार गांव के पास एक तेज रफ्तार ट्रक और कार के बीच जोरदार भिड़ंत हो गई। इस हादसे में दो घायल हुए हैं, जिन्हें गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया है। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी है।

    गुलगंज थाना पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, सतना के नागौद निवासी प्रजापति परिवार के सात लोग शुक्रवार को सेंट्रो कार नंबर एमपी 19 सीए 0857 से सागर के शाहगढ़ के लिए जा रहे थे। रात करीब आठ बजे बड़ामलहरा तहसील के मुंगवारी और चौपरिया सरकार गांव के बीच तेज रफ्तार कार और ट्रक की टक्कर हो गई। कार की रफ्तार इतनी थी कि हादसे के बाद कार का अगला हिस्सा पूरी तरह नष्ट हो गया। हादसे में पांच लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। सूचना मिलते ही सागर आईजी हिमानी खन्ना सहित गुलगंज पुलिस मौके पर पहुंची। कार के गेट तोड़कर शवों को बाहर निकाला जा सका। हादसे में दो लोग घायल हुए हैं, जिनकी हालत गंभीर है। दोनों घायलों को इलाज के लिए जिला अस्पताल रिफर किया गया है, जहां वह आईसीयू में भर्ती हैं।

    गुलगंज थाना प्रभारी गुरुदत्त शेषा ने बताया कि एक तेज रफ्तार कार सामने से आ रहे ट्रक से टकरा गई थी, जिसमें पांच लोगों की मौत हो गई है। कार में सात लोग सवार थे। दो घायलों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। उन्होंने बताया कि मृतकों की पहचान महेंद्र प्रजापति (30), लक्ष्मण प्रजापति (40), दीपक प्रजापति (24), सुरेंद्र प्रजापति (26) और लालू प्रजापति (17) के रूप में हैं। दो लोग भूपेंद्र और जितेंद्र प्रजापति की हालत गंभीर है। हादसे के बाद ट्रक चालक वाहन को लेकर भाग निकला था। जिसे पुलिस ने पीछा कर बिजावर रोड पर पकड़ लिया। फिलहाल उससे पूछताछ की जा रही है।

    पुलिस के मुताबिक, सतना निवासी प्रजापति परिवार के लोग दो कारों में छतरपुर से शाहगढ़ जा रहे थे। सभी बहन को ससुराल से मायके लाने के लिए निकले थे। एक कार आगे निकल गई थी, जबकि पीछे चल रही सेंट्रो कार हादसे का शिकार हो गई।