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  • तेल की कीमतों में उछाल से हवाई यात्रा पर संकट चीन की एयरलाइंस ने उड़ानें रोकीं

    तेल की कीमतों में उछाल से हवाई यात्रा पर संकट चीन की एयरलाइंस ने उड़ानें रोकीं


    नई दिल्ली ।
    पश्चिम एशिया में जारी तनाव और होर्मुज संकट का सीधा असर अब वैश्विक हवाई यात्रा पर दिखाई देने लगा है। तेल की कीमतों में लगातार हो रही बढ़ोतरी के कारण एयरलाइंस की परिचालन लागत बढ़ गई है जिससे कई अंतरराष्ट्रीय उड़ानें प्रभावित हो रही हैं। इसी क्रम में चीन की कई प्रमुख एयरलाइन कंपनियों ने अपने अंतरराष्ट्रीय रूट्स पर उड़ानों को रद्द करना शुरू कर दिया है जिससे यात्रियों में असमंजस और परेशानी का माहौल है।

    रिपोर्ट्स के अनुसार चीनी एयरलाइनों द्वारा अचानक की गई फ्लाइट कैंसिलेशन से दक्षिण पूर्व एशिया और ऑस्ट्रेलिया जैसे क्षेत्रों की यात्रा करने वाले यात्री सबसे अधिक प्रभावित हुए हैं। कई यात्रियों ने बताया कि उन्हें आखिरी समय पर टेक्स्ट संदेश के जरिए उड़ान रद्द होने की सूचना दी गई जिससे उनकी यात्रा योजनाएं पूरी तरह बिगड़ गईं।

    ऑस्ट्रेलिया के मेलबर्न में छुट्टियां मना रही एक यात्री ली हुओयू ने बताया कि उनकी वापसी की फ्लाइट जो सिचुआन एयरलाइंस द्वारा संचालित थी अप्रैल के अंत में अचानक रद्द कर दी गई। उन्होंने कहा कि उनकी योजना अगले दिन काम पर लौटने की थी लेकिन अब उन्हें अनिश्चितता का सामना करना पड़ रहा है। इसी तरह हेबेई प्रांत की एक छात्रा ऊना हान ने बताया कि बीजिंग से थाईलैंड जाने वाली उनकी फ्लाइट रद्द कर दी गई जिससे उनकी पहली अंतरराष्ट्रीय यात्रा की योजना प्रभावित हुई।

    विशेषज्ञों के अनुसार होर्मुज संकट के चलते अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में उछाल आया है जिसका सीधा असर एविएशन फ्यूल पर पड़ता है। ईंधन लागत बढ़ने के कारण एयरलाइंस अपने रूट्स और फ्लाइट शेड्यूल में कटौती करने को मजबूर हो रही हैं। यही कारण है कि कई कंपनियां घाटे से बचने के लिए उड़ानों को रद्द या पुनर्निर्धारित कर रही हैं।

    मीडिया रिपोर्ट्स में यह भी सामने आया है कि चीन का सबसे व्यस्त ट्रैवल सीजन माने जाने वाला गोल्डन वीक भी इस फैसले से प्रभावित हो सकता है। इस दौरान लाखों यात्री अंतरराष्ट्रीय यात्रा करते हैं लेकिन फ्लाइट कैंसिलेशन से उनकी योजनाएं बाधित हो रही हैं।

    हालांकि अब तक किसी भी चीनी एयरलाइन ने इस मुद्दे पर विस्तृत सार्वजनिक बयान जारी नहीं किया है लेकिन कुछ कंपनियों ने नीति समायोजन और परिचालन कारणों का हवाला देते हुए उड़ानें रद्द करने की पुष्टि की है। फिलहाल वैश्विक स्तर पर बढ़ती तेल कीमतों और क्षेत्रीय तनाव के कारण हवाई यात्रा उद्योग पर दबाव लगातार बढ़ रहा है और आने वाले दिनों में स्थिति और चुनौतीपूर्ण हो सकती है।

  • लारा दत्ता इमोशनल हुईं, बेटी के साथ दुबई में फंसीं: शूटिंग के दौरान धमाके और फाइटर जेट देखे

    लारा दत्ता इमोशनल हुईं, बेटी के साथ दुबई में फंसीं: शूटिंग के दौरान धमाके और फाइटर जेट देखे



    नई दिल्ली। एक्ट्रेस लारा दत्ता दुबई में अपनी बेटी सायरा के साथ वर्क ट्रिप पर थीं, जब अचानक वहां तनावपूर्ण स्थिति पैदा हो गई। लारा ने बताया कि 28 फरवरी को दुबई के एक स्टूडियो में शूटिंग के दौरान उन्हें ऊपर से तेज धमाके सुनाई दिए और आसमान में कई फाइटर जेट उड़ते दिखे। उन्होंने कहा कि हालात डराने वाले थे, लेकिन वह खुद को असुरक्षित महसूस नहीं कर रही थीं।

    लारा ने बताया कि धमाकों के समय उनका परिवार सुरक्षित विला में था, लेकिन खिड़कियां और दरवाजे हिल रहे थे। उन्होंने यूएई सरकार की तारीफ करते हुए कहा कि वहां हर व्यक्ति की सुरक्षा सुनिश्चित की जा रही है और लोग अपने सामान्य कामों में लगे हुए हैं। लारा ने कहा कि फ्लाइट्स सीमित हैं, लेकिन वे मुंबई लौटने की कोशिश कर रहे हैं ताकि उनकी बेटी और अन्य लोग इस तनावपूर्ण स्थिति से सुरक्षित रहें।

    एक्ट्रेस ने यह भी कहा कि किसी भी आम नागरिक को डर के माहौल में जीने का अधिकार नहीं है। उन्होंने उम्मीद जताई कि स्थिति जल्द सामान्य होगी और सही फैसले लिए जाएंगे।

    इस बीच दुबई में ईरान, अमेरिका और इजराइल के बीच बढ़ते तनाव के कारण कई उड़ानें रद्द हुईं और हजारों यात्री फंसे। लारा ने वीडियो में अपने अनुभव साझा किए और इमोशनल होते हुए कहा कि हालात पिछले कुछ दिनों में काफी तनावपूर्ण रहे।

  • फ्लाइट कैंसिलेशन और देरी के बाद एयरलाइन पर सवाल, DGCA की कार्रवाई पर यात्रियों की राय मिली-जुली

    फ्लाइट कैंसिलेशन और देरी के बाद एयरलाइन पर सवाल, DGCA की कार्रवाई पर यात्रियों की राय मिली-जुली


    नई दिल्ली। दिसंबर 2025 की शुरुआत में इंडिगो एयरलाइंस द्वारा बड़े पैमाने पर फ्लाइट कैंसिलेशन और लेटलतीफी ने देशभर के हवाई यात्रियों को भारी असुविधा में डाल दिया। 3 से 5 दिसंबर के बीच नए संचालन नियमों के कारण इंडिगो की 2,507 उड़ानें रद्द कर दी गईं, जबकि 1,852 फ्लाइट्स देरी से संचालित हुईं। इन घटनाओं से करीब 3 लाख से अधिक  यात्री प्रभावित हुए।
    DGCA ने एयरलाइन पर कुल ₹22.20 करोड़ का जुर्माना लगाया। इसमें मूल जुर्माना ₹1.80 करोड़ और फ्लाइट ड्यूटी टाइम लिमिटेशन FDTLनियमों का 68 दिनों तक पालन न करने पर प्रतिदिन ₹30 लाख के हिसाब से अतिरिक्त ₹20.40 करोड़ की पेनाल्टी शामिल थी।

    हालांकि लोकलसर्कल्स के ताजा सर्वे में यह सामने आया है कि देश के 292 जिलों से 31,000 से अधिक हवाई यात्रियों ने हिस्सा लिया। इसमें 61% यात्रियों का मानना था कि यह जुर्माना भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए पर्याप्त नहीं है और एयरलाइन की जवाबदेही तय नहीं करता। वहीं 21% यात्रियों ने DGCA की कार्रवाई को सही ठहराया, जबकि 18% ने कोई स्पष्ट राय नहीं दी।

    सर्वे में यात्रियों ने केवल फ्लाइट रद्द होने तक की परेशानी ही नहीं बताई, बल्कि एयरलाइन के व्यवहार पर भी सवाल उठाए। कई यात्रियों का आरोप था कि फ्लाइट कैंसिल होने के बाद उन्हें नियमों के तहत मिलने वाला कैश रिफंड नहीं दिया गया, बल्कि ट्रैवल वाउचर थमाए गए। यात्रियों का कहना है कि वाउचर उनकी तत्काल जरूरतों को पूरा नहीं करते और सभी के लिए उपयोगी नहीं हैं।इंडिगो एयरलाइंस ने कहा कि वह DGCA के सभी निर्देशों का पालन करेगी और हालिया घटनाओं के बाद आंतरिक स्तर पर संचालन, सिस्टम और प्रक्रियाओं की विस्तृत समीक्षा की जा रही है, ताकि भविष्य में ऐसी स्थिति से बचा जा सके।

    एविएशन एक्सपर्ट्स का मानना है कि केवल आर्थिक जुर्माने से समस्या का स्थायी समाधान संभव नहीं है। जब तक यात्रियों के अधिकारों को सख्ती से लागू नहीं किया जाता और नियामक निगरानी मजबूत नहीं होती, तब तक ऐसी घटनाएं दोहराई जा सकती हैं।यह मामला एयरलाइन संचालन और नियामक जवाबदेही के बीच संतुलन की जरूरत को रेखांकित करता है, साथ ही हवाई यात्रियों के अधिकारों और सुरक्षा को सुनिश्चित करने की दिशा में सुधार की मांग को भी उजागर करता है।

  • फ्लाइट कैंसिलेशन से इंडिगो को झटका, नवंबर में घटा मार्केट शेयर; एअर इंडिया और स्पाइसजेट को फायदा

    फ्लाइट कैंसिलेशन से इंडिगो को झटका, नवंबर में घटा मार्केट शेयर; एअर इंडिया और स्पाइसजेट को फायदा


    नई दिल्ली।देश की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो के लिए नवंबर 2025 चुनौतियों से भरा रहा। लगातार फ्लाइट कैंसिलेशन और देरी के कारण कंपनी का घरेलू मार्केट शेयर घटकर 63.6% पर आ गया जो अक्टूबर में 65.6% था। इस गिरावट के चलते एयरलाइन उद्योग में प्रतिस्पर्धा और बढ़ गई है जबकि एअर इंडिया और स्पाइसजेट जैसी एयरलाइंस ने इस अवसर का लाभ उठाया।

    नागर विमानन महानिदेशालय DGCA द्वारा जारी ताजा आंकड़ों के अनुसार, इंडिगो की मार्केट हिस्सेदारी में लगभग 2% की गिरावट दर्ज की गई। इस दौरान टाटा समूह की एअर इंडिया का संयुक्त मार्केट शेयर अक्टूबर के 25.7% से बढ़कर नवंबर में 26.7% पहुंच गया। वहीं, आर्थिक संकट से उबरने की कोशिश कर रही स्पाइसजेट की हिस्सेदारी 2.6% से बढ़कर 3.7% हो गई।नवंबर और दिसंबर की शुरुआत में इंडिगो को बड़े पैमाने पर ऑपरेशनल समस्याओं का सामना करना पड़ा। DGCA द्वारा पायलटों की ड्यूटी और आराम से जुड़े नए फ्लाइट ड्यूटी टाइम लिमिट FDTL नियम लागू किए गए थे। इंडिगो इन नए नियमों के अनुसार समय पर अपने क्रू रोस्टर और संसाधनों का प्रबंधन नहीं कर सकी। इसका नतीजा यह हुआ कि नवंबर के अंतिम सप्ताह और दिसंबर के पहले हफ्ते में लगभग 5,000 उड़ानें या तो रद्द हुईं या तय समय से देरी से संचालित हुईं।

    लगातार उड़ान बाधित होने से यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा और एयरलाइन की विश्वसनीयता पर असर पड़ा। हालात बिगड़ने के बाद DGCA ने सख्त कदम उठाते हुए इंडिगो को अपने विंटर शेड्यूल में 10% कटौती करने का निर्देश दिया। इसके साथ ही जांच समिति ने अपनी रिपोर्ट मंत्रालय को सौंप दी है जिसमें एयरलाइन की योजना और प्रबंधन से जुड़ी खामियों का उल्लेख होने की संभावना है।विशेषज्ञों का मानना है कि इंडिगो के पास मजबूत नेटवर्क और बेड़े की क्षमता है, लेकिन नियामकीय बदलावों के अनुरूप तेजी से ढलना अब उसकी प्राथमिक चुनौती होगी। लगातार फ्लाइट कैंसिलेशन और देरी से यात्रियों में असंतोष बढ़ा है। नवंबर में घरेलू उड़ानों में 1.53 करोड़ यात्रियों ने सफर किया जो पिछले साल की तुलना में करीब 7% अधिक था। इसी अवधि में कुल 1,196 शिकायतें दर्ज की गईं, जिनमें आधे से अधिक उड़ान में देरी और कैंसिलेशन से संबंधित थीं, जबकि बैगेज और रिफंड की शिकायतें भी प्रमुख रही।

    इंडिगो के लिए यह समय रणनीतिक दृष्टि से चुनौतीपूर्ण है, क्योंकि बाजार में बढ़ती प्रतिस्पर्धा के बीच ग्राहकों की संतुष्टि बनाए रखना बेहद महत्वपूर्ण है। दूसरी ओर, एअर इंडिया और स्पाइसजेट जैसी एयरलाइंस के लिए यह अवसर है कि वे अपनी सेवाओं को बेहतर करके मार्केट में स्थायी बढ़त हासिल कर सकें। एअर इंडिया ने पिछले महीनों में अपने बेड़े और मार्ग नेटवर्क का विस्तार किया है, जबकि स्पाइसजेट ने नए रूट और प्रतिस्पर्धी कीमतें पेश कर अपनी स्थिति मजबूत की है विश्लेषकों का कहना है कि इंडिगो को भविष्य में नियामक बदलावों और ऑपरेशनल चुनौतियों से निपटने के लिए नई रणनीति अपनानी होगी। यात्रियों का भरोसा और समय पर उड़ान संचालन कंपनी की दीर्घकालिक सफलता के लिए अहम होंगे। एयरलाइन उद्योग में यह संकेत देता है कि बड़े ऑपरेटरों को भी समय-समय पर अपने प्रबंधन और संसाधन प्रबंधन में सुधार करना होगा, ताकि मार्केट में उनका प्रभुत्व बरकरार रहे।

  • इंडिगो ऑपरेशन संकट: DGCA ने 4 निरीक्षकों को सस्पेंड किया, एयरलाइन पर कड़ी निगरानी शुरू

    इंडिगो ऑपरेशन संकट: DGCA ने 4 निरीक्षकों को सस्पेंड किया, एयरलाइन पर कड़ी निगरानी शुरू


    नई दिल्ली। इंडिगो एयरलाइन में बढ़ती अव्यवस्था और लगातार उड़ान रद्द होने के बाद नागर विमानन महानिदेशालय (DGCA) ने बड़ा कदम उठाते हुए चार फ्लाइट ऑपरेशन इंस्पेक्टरों को तत्काल सस्पेंड कर दिया है। इन अधिकारियों पर सुरक्षा मानकों और परिचालन नियमों का उल्लंघन करने का आरोप है। खासकर 5 दिसंबर को एक ही दिन में इंडिगो ने 1,600 से ज्यादा फ्लाइट रद्द की थीं, जिससे हजारों यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा और एयरलाइन के परिचालन में गंभीर संकट आ गया।

    सुरक्षा मानकों की अनदेखी, DGCA ने कड़ी कार्रवाई की
    DGCA के अधिकारियों ने बताया कि जिन चार निरीक्षकों को सस्पेंड किया गया है, वे सुरक्षा और परिचालन नियमों के पालन को सुनिश्चित करने के लिए जिम्मेदार थे। जांच में यह सामने आया कि इंडिगो ने पायलट और क्रू मेंबर्स की ड्यूटी टाइम लिमिट का पालन नहीं किया, जिसके कारण उड़ान सेवाएं बाधित हुईं और यात्रियों को भारी असुविधा हुई। इसके साथ ही टूरिज्म सेक्टर को भी करोड़ों का नुकसान हुआ।

    मुख्यालय से सख्त निगरानी की शुरुआत
    इंडिगो में आई इस परिचालन संकट के बाद DGCA ने एयरलाइन के मुख्यालय से रियल-टाइम निगरानी शुरू कर दी है। अधिकारियों को हर दिन विस्तृत रिपोर्ट तैयार करने का निर्देश दिया गया है, ताकि उड़ान संचालन, रिफंड प्रक्रिया, मुआवजे की स्थिति और यात्रियों की शिकायतों का सही समय पर निवारण किया जा सके। इस कदम का उद्देश्य यात्रियों को होने वाली असुविधा को कम करना और एयरलाइन को नियमों के तहत सुरक्षित और समयबद्ध संचालन सुनिश्चित करना है।

    सीईओ को DGCA के सामने पेश होने का आदेश
    इस संकट के बीच DGCA ने इंडिगो के सीईओ, पीटर एल्बर्स को शुक्रवार को तलब किया है। इसका उद्देश्य एयरलाइन के संचालन में आई गड़बड़ियों की जड़ तक पहुंचना और जिम्मेदारी तय करना है। DGCA ने इंडिगो में उत्पन्न समस्याओं के समाधान के लिए एक चार सदस्यीय पैनल भी गठित किया है, जो उच्च स्तर पर जांच करेगा और सुधारात्मक कदम सुझाएगा।

    देशभर में तेज़ निरीक्षण, 24 घंटे में रिपोर्ट की मांग
    इंडिगो के संचालन में आए संकट के बाद DGCA ने देशभर के 11 प्रमुख घरेलू हवाई अड्डों पर निरीक्षण शुरू किया है। इन अधिकारियों को अगले 2-3 दिनों में अपनी रिपोर्ट DGCA मुख्यालय में सौंपनी होगी। साथ ही, इंडिगो के कॉरपोरेट कार्यालय में भी कड़ी निगरानी रखी जा रही है, ताकि रद्द उड़ानों के रिफंड, समय पर उड़ान संचालन और यात्रियों को मुआवजे की प्रक्रिया को सख्ती से सुनिश्चित किया जा सके।

    स्थिति अब सुधार की ओर, लेकिन DGCA की निगरानी जारी
    इंडिगो की उड़ान सेवाओं में 5 दिसंबर के बाद भारी व्यवधान आया था, लेकिन अब एयरलाइन का कहना है कि स्थिति धीरे-धीरे सामान्य हो रही है। हालांकि, DGCA ने एयरलाइन पर कड़ी निगरानी बनाए रखी है और सुनिश्चित किया है कि आगे से ऐसे परिचालन संकट न आएं।

  • इंडिगो का बड़ा फैसला: रद्द उड़ानों के यात्रियों को 10 हजार तक मुआवजा, अतिरिक्त 10 हजार का ट्रैवल वाउचर भी मिलेगा

    इंडिगो का बड़ा फैसला: रद्द उड़ानों के यात्रियों को 10 हजार तक मुआवजा, अतिरिक्त 10 हजार का ट्रैवल वाउचर भी मिलेगा


    नई दिल्ली। दिसंबर की शुरुआत में इंडिगो की बड़ी संख्या में उड़ानें रद्द होने के बाद यात्रियों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। लगातार शिकायतों और DGCA की कार्रवाई के बाद अब एयरलाइन ने प्रभावित यात्रियों के लिए राहत की घोषणा की है। कंपनी ने बताया कि 3, 4 और 5 दिसंबर को रद्द हुई फ्लाइट्स के यात्रियों को सरकार के नियमों के अनुसार 5,000 से 10,000 रुपये तक का मुआवजा दिया जाएगा।

    इंडिगो ने कहा कि दिसंबर के पहले हफ्ते में फ्लाइट कैंसिलेशन के कारण कई यात्रियों को आर्थिक नुकसान हुआ और यात्रा योजनाएं बाधित हुईं। इस स्थिति को देखते हुए कंपनी ने सबसे ज्यादा प्रभावित यात्रियों को 10,000 रुपये तक के अतिरिक्त ट्रैवल वाउचर देने का भी फैसला किया है। ऐसे यात्रियों में वे लोग शामिल हैं जिनकी फ्लाइट बार-बार रीशेड्यूल हुई, जिनकी यात्रा कई बार बदली गई या जिन्हें एयरपोर्ट पर लंबा इंतजार करना पड़ा।

    कंपनी के अनुसार, ट्रैवल वाउचर अगले 12 महीनों तक वैध रहेगा और यात्री इसे किसी भी घरेलू या अंतरराष्ट्रीय इंडिगो फ्लाइट में इस्तेमाल कर सकते हैं। मुआवजा राशि DGCA की गाइडलाइन्स के आधार पर दी जाएगी, जिसमें फ्लाइट की दूरी, टिकट श्रेणी और यात्री को हुई परेशानी को ध्यान में रखा जाएगा।

    इंडिगो ने यात्रियों से अपील की है कि वे अपने रजिस्टर्ड ईमेल और मोबाइल नंबर पर भेजे गए मैसेज चेक करें। मुआवजा और वाउचर क्लेम करने से संबंधित सभी जरूरी जानकारी वहीं भेजी गई है, जिससे पूरी प्रक्रिया आसान हो सके।