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  • फ्लाइट कैंसिलेशन और देरी के बाद एयरलाइन पर सवाल, DGCA की कार्रवाई पर यात्रियों की राय मिली-जुली

    फ्लाइट कैंसिलेशन और देरी के बाद एयरलाइन पर सवाल, DGCA की कार्रवाई पर यात्रियों की राय मिली-जुली


    नई दिल्ली। दिसंबर 2025 की शुरुआत में इंडिगो एयरलाइंस द्वारा बड़े पैमाने पर फ्लाइट कैंसिलेशन और लेटलतीफी ने देशभर के हवाई यात्रियों को भारी असुविधा में डाल दिया। 3 से 5 दिसंबर के बीच नए संचालन नियमों के कारण इंडिगो की 2,507 उड़ानें रद्द कर दी गईं, जबकि 1,852 फ्लाइट्स देरी से संचालित हुईं। इन घटनाओं से करीब 3 लाख से अधिक  यात्री प्रभावित हुए।
    DGCA ने एयरलाइन पर कुल ₹22.20 करोड़ का जुर्माना लगाया। इसमें मूल जुर्माना ₹1.80 करोड़ और फ्लाइट ड्यूटी टाइम लिमिटेशन FDTLनियमों का 68 दिनों तक पालन न करने पर प्रतिदिन ₹30 लाख के हिसाब से अतिरिक्त ₹20.40 करोड़ की पेनाल्टी शामिल थी।

    हालांकि लोकलसर्कल्स के ताजा सर्वे में यह सामने आया है कि देश के 292 जिलों से 31,000 से अधिक हवाई यात्रियों ने हिस्सा लिया। इसमें 61% यात्रियों का मानना था कि यह जुर्माना भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए पर्याप्त नहीं है और एयरलाइन की जवाबदेही तय नहीं करता। वहीं 21% यात्रियों ने DGCA की कार्रवाई को सही ठहराया, जबकि 18% ने कोई स्पष्ट राय नहीं दी।

    सर्वे में यात्रियों ने केवल फ्लाइट रद्द होने तक की परेशानी ही नहीं बताई, बल्कि एयरलाइन के व्यवहार पर भी सवाल उठाए। कई यात्रियों का आरोप था कि फ्लाइट कैंसिल होने के बाद उन्हें नियमों के तहत मिलने वाला कैश रिफंड नहीं दिया गया, बल्कि ट्रैवल वाउचर थमाए गए। यात्रियों का कहना है कि वाउचर उनकी तत्काल जरूरतों को पूरा नहीं करते और सभी के लिए उपयोगी नहीं हैं।इंडिगो एयरलाइंस ने कहा कि वह DGCA के सभी निर्देशों का पालन करेगी और हालिया घटनाओं के बाद आंतरिक स्तर पर संचालन, सिस्टम और प्रक्रियाओं की विस्तृत समीक्षा की जा रही है, ताकि भविष्य में ऐसी स्थिति से बचा जा सके।

    एविएशन एक्सपर्ट्स का मानना है कि केवल आर्थिक जुर्माने से समस्या का स्थायी समाधान संभव नहीं है। जब तक यात्रियों के अधिकारों को सख्ती से लागू नहीं किया जाता और नियामक निगरानी मजबूत नहीं होती, तब तक ऐसी घटनाएं दोहराई जा सकती हैं।यह मामला एयरलाइन संचालन और नियामक जवाबदेही के बीच संतुलन की जरूरत को रेखांकित करता है, साथ ही हवाई यात्रियों के अधिकारों और सुरक्षा को सुनिश्चित करने की दिशा में सुधार की मांग को भी उजागर करता है।

  • ग्वालियर में रिकॉर्ड तोड़ ठंड का कहर: 25 साल का रिकॉर्ड ध्वस्त, न्यूनतम तापमान 5 डिग्री, जनजीवन बेहाल

    ग्वालियर में रिकॉर्ड तोड़ ठंड का कहर: 25 साल का रिकॉर्ड ध्वस्त, न्यूनतम तापमान 5 डिग्री, जनजीवन बेहाल


    ग्वालियर । ग्वालियर में कड़ाके की ठंड ने इस बार सारे पुराने रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं और जनजीवन पूरी तरह प्रभावित हो गया है। जनवरी में बीते 25 साल का रिकॉर्ड टूट गया, जब अधिकतम तापमान गिरकर सिर्फ 10.4 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया, जबकि न्यूनतम तापमान भी लुढ़ककर 5 डिग्री दर्ज किया गया।
    मौसम विभाग के अनुसार बीते 100 साल में यह दूसरी बार है जब जनवरी के महीने में ग्वालियर में इतनी गंभीर ठंड दर्ज की गई है। घने कोहरे और बर्फीली हवाओं के चलते सुबह से लेकर दिन तक ठंड का असर बना हुआ है और लोगों को दिन में भी रात जैसा एहसास हो रहा है।

    शुक्रवार सुबह करीब 9 बजे तक पूरा शहर कोहरे की मोटी चादर में लिपटा रहा। सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहा और लोग बेहद जरूरी काम होने पर ही घरों से बाहर निकले। पिछले आठ दिनों से सुबह देर तक और शाम को जल्दी घना कोहरा छा रहा है। दृश्यता घटकर 60 से 100 मीटर रह गई, जिससे वाहन चालकों को दिन में भी हेडलाइट जलाकर चलना पड़ा।

    ठंड के प्रकोप को देखते हुए जिला प्रशासन ने प्राइमरी और मिडिल स्कूलों की छुट्टियां 10 जनवरी तक बढ़ा दी हैं।

    मौसम विभाग ने बताया कि गुरुवार को अधिकतम तापमान सामान्य से 11.1 डिग्री कम रहने के कारण दिन को ‘कोल्ड सीवियर डे’ घोषित किया गया। इससे पहले साल 2019 में अधिकतम तापमान 8.3 डिग्री तक गिरा था। मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक 12.6 किलोमीटर की ऊंचाई पर 260 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल रही जेट स्ट्रीम हवाओं के कारण घना कोहरा बना हुआ है। वहीं कश्मीर की ओर से करीब 10 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से आ रही बर्फीली हवाएं हिमालय की बर्फबारी का असर मैदानी इलाकों तक ला रही हैं, जिससे ठंड और ज्यादा बढ़ गई है।

    ठंड से राहत दिलाने के लिए नगर निगम ने शहर के प्रमुख चौराहों पर अलाव जलवाए हैं, ताकि राहगीरों और बेसहारा लोगों व जानवरों को कुछ राहत मिल सके।

    इसके बावजूद धूप न के बराबर दिखाई दे रही है और सूरज के तेवर पूरी तरह ढीले पड़े हुए हैं। मौसम विभाग का कहना है कि फिलहाल ठंड से राहत की कोई उम्मीद नहीं है। अगले 48 घंटों में न्यूनतम तापमान और गिर सकता है और घना कोहरा भी बना रहेगा।

    कड़ाके की ठंड और कोहरे का असर परिवहन व्यवस्था पर भी साफ दिख रहा है। रेल यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ है और ग्वालियर आने वाली कई ट्रेनें 5 से 6 घंटे तक देरी से चल रही हैं। दिल्ली से आने वाली पंजाब मेल करीब 4 घंटे, शताब्दी एक्सप्रेस लगभग 2 घंटे और मंगला एक्सप्रेस करीब 5 घंटे लेट रही। वहीं भोपाल से आने वाली मंगला एक्सप्रेस भी साढ़े तीन घंटे की देरी से पहुंची, जबकि केरल और समता एक्सप्रेस भी अपने निर्धारित समय से काफी देर से चल रही हैं।

    हवाई यातायात पर भी कोहरे का असर पड़ा है। ग्वालियर एयरपोर्ट पर फ्लाइट्स 2 से 3 घंटे तक देरी से संचालित हो रही हैं। गुरुवार को इंडिगो की मुंबई और दिल्ली फ्लाइट्स और एयर इंडिया की बेंगलुरु फ्लाइट कोहरे के कारण देर से आईं और रवाना हुईं, जिससे यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। कुल मिलाकर ग्वालियर में ठंड ने अपना रौद्र रूप दिखा दिया है और आने वाले दिनों में हालात और ज्यादा चुनौतीपूर्ण हो सकते हैं।

  • मोहम्मद सिराज की फ्लाइट देरी पर नाराजगी, एअर इंडिया से की शिकायत

    मोहम्मद सिराज की फ्लाइट देरी पर नाराजगी, एअर इंडिया से की शिकायत

    नई दिल्‍ली । भारत और साउथ अफ्रीका के बीच गुवाहाटी में खेले गए दूसरे टेस्ट मैच में दक्षिण अफ्रीका ने 408 रनों से जीत हासिल कर सीरीज 2-0 से अपने नाम की। इस हार के बाद जब टीम इंडिया के तेज गेंदबाज मोहम्मद सिराज हैदराबाद लौटने के लिए एअर इंडिया की फ्लाइट में सवार हो रहे थे तो फ्लाइट में लगातार हो रही देरी ने उन्हें नाराज कर दिया।

    सिराज ने सोशल मीडिया पर अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि फ्लाइट की देरी के बारे में उन्हें कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई और बार-बार संपर्क करने पर भी कोई अपडेट नहीं मिला।

    उन्होंने फ्लाइट के संचालन को काफी निराशाजनक करार दिया और कहा कि यात्री जानना चाहते हैं कि इतनी देर क्यों हो रही है लेकिन एयरलाइन की ओर से कोई ठोस जवाब नहीं मिला। सिराज ने ट्वीट कर लिखा मैं सच में किसी को भी इस उड़ान से यात्रा करने की सलाह नहीं दूंगा अगर एअर इंडिया कोई ठोस कदम नहीं उठाती

    सिराज की यह प्रतिक्रिया एयर इंडिया की फ्लाइट IX 2884 के मामले में आई जो गुवाहाटी से हैदराबाद के लिए शाम 7:25 बजे उड़ान भरने वाली थी।

    हालांकि उड़ान चार घंटे की देरी से शुरू हुई और इस दौरान यात्रियों को न तो कोई उचित जानकारी दी गई न ही किसी तरह की स्थिति की स्पष्टता दी गई। सिराज ने अपनी सोशल मीडिया पोस्ट में यात्रियों की परेशानियों को साझा करते हुए यह सवाल उठाया कि इतनी लंबी देरी के बावजूद एयरलाइन क्यों कोई अपडेट नहीं दे रही है।
    एअर इंडिया का आधिकारिक जवाब
    मोहम्मद सिराज के ट्वीट के बाद एअर इंडिया ने आधिकारिक तौर पर प्रतिक्रिया दी और बताया कि फ्लाइट IX 2884 को ऑपरेशनल कारणों की वजह से रद्द कर दिया गया है। एयरलाइन ने यह भी स्पष्ट किया कि वे इस मामले पर काम कर रहे हैं और यात्रियों के साथ जल्द ही संपर्क करेंगे। हालांकि यह स्थिति सिराज और अन्य यात्रियों के लिए निराशाजनक रही क्योंकि उन्हें अपनी यात्रा को लेकर कोई ठोस जानकारी नहीं मिली थी।
    सिराज का भावनात्मक प्रतिक्रिया

    सिराज ने न केवल एयरलाइन की देरी और खराब सेवा के खिलाफ अपनी नाराजगी व्यक्त की बल्कि अपनी यात्रा के अनुभव को सार्वजनिक करते हुए अन्य यात्रियों को भी एक चेतावनी दी। उनका यह बयान एक सामान्य यात्री की स्थिति को उजागर करता है जो एयरलाइनों की देरी और खराब संचालन से परेशान हो जाता है। इसके साथ ही उन्होंने इस मामले में एअर इंडिया से ठोस कदम उठाने की मांग की।

    आगामी मैचों के लिए सिराज की तैयारी

    मोहम्मद सिराज हाल ही में समाप्त हुई टेस्ट सीरीज के बाद अब आगामी वनडे सीरीज में साउथ अफ्रीका के खिलाफ भारत की टीम का हिस्सा होंगे। यह सीरीज 30 नवंबर से शुरू होने वाली है और सिराज को इस सीरीज में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाने की उम्मीद है। हालांकि उनका यह अनुभव एक कड़ा सबक था कि यात्रा की कोई भी असुविधा क्रिकेट की मानसिक स्थिति को प्रभावित कर सकती है खासकर जब खिलाड़ी अपनी टीम के लिए एक मजबूत प्रदर्शन की तैयारी कर रहे होते हैं।
     
    इस घटनाक्रम से यह भी साफ है कि फ्लाइट की देरी या किसी अन्य यात्रा संबंधित समस्या सिर्फ खिलाड़ियों तक सीमित नहीं है बल्कि आम यात्रियों के लिए भी यह एक आम परेशानी बन चुकी है। फ्लाइट के ऑपरेशनल कारणों से रद्द या देरी होना खासकर जब यात्रियों को कोई जानकारी नहीं दी जाती तो यह उनकी यात्रा को और भी तनावपूर्ण बना देता है।

    सिराज की प्रतिक्रिया ने इस मुद्दे को एक बड़ा सार्वजनिक ध्यान दिलाया है, और अब यह देखना होगा कि एअर इंडिया इस मामले को किस तरह से हल करती है ताकि भविष्य में इस प्रकार की असुविधाओं से बचा जा सके।