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  • यूनाइटेड एयरलाइंस की फ्लाइट में मजाक में भेजे मैसेज से मचा हड़कंप, लिखा- ‘प्लेन हाईजैक कर क्रैश कर दूंगा’

    यूनाइटेड एयरलाइंस की फ्लाइट में मजाक में भेजे मैसेज से मचा हड़कंप, लिखा- ‘प्लेन हाईजैक कर क्रैश कर दूंगा’


    नई दिल्ली। अमेरिका में एक यात्री के कथित मजाक ने विमान में सुरक्षा को लेकर हड़कंप मचा दिया। लास वेगास से न्यू जर्सी के नेवार्क जा रही यूनाइटेड एयरलाइंस की फ्लाइट में एक यात्री ने टेक्स्ट मैसेज में विमान को हाईजैक करने और क्रैश करने की बात लिख दी। मैसेज पर संदेह होने के बाद फ्लाइट अटेंडेंट ने इसकी सूचना पायलट को दी। इसके बाद विमान को वापस लास वेगास लौटाने का फैसला किया गया। वहां पहुंचने पर 25 वर्षीय यात्री डांटे मिल्न को हिरासत में ले लिया गया। आरोपी का कहना है कि वह अपने सहकर्मी के साथ मजाक कर रहा था और उसका किसी को नुकसान पहुंचाने का इरादा नहीं था।

    फ्लाइट अटेंडेंट ने देखा हाईजैक की धमकी वाला मैसेज
    मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, विमान में सवार होने के दौरान एक फ्लाइट अटेंडेंट ने दो यात्रियों को टेक्स्ट मैसेज के जरिए बातचीत करते देखा था। उनकी बातचीत में अन्य यात्रियों और फ्लाइट अटेंडेंट को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणियां भी शामिल थीं।

    बाद में फ्लाइट अटेंडेंट की नजर एक ऐसे मैसेज पर पड़ी, जिसकी शुरुआत ‘I’m gonna hijack’ यानी ‘मैं हाईजैक करने जा रहा हूं’ शब्दों से हुई थी। मैसेज में विमान को हाईजैक करने और आगे की सीटों की कतार से टकराकर उसे क्रैश करने जैसी बात लिखी गई थी। फ्लाइट अटेंडेंट ने तुरंत इसकी जानकारी लीड फ्लाइट अटेंडेंट को दी। बाद में मैसेज भेजने वाले की पहचान डांटे मिल्न के रूप में हुई।

    10 हजार फीट की ऊंचाई पार करने के बाद पायलट को मिली सूचना
    पुलिस रिपोर्ट के अनुसार, विमान के करीब 10,000 फीट यानी लगभग 3,050 मीटर की ऊंचाई पार करने के बाद कैप्टन को धमकी वाले मैसेज की जानकारी दी गई। इसके बाद पायलट ने विमान को वापस लास वेगास ले जाने का फैसला किया।

    एयर ट्रैफिक कंट्रोल के रिकॉर्ड किए गए संदेश में पायलट को यह बताते सुना गया कि फ्लाइट अटेंडेंट ने हाईजैक की धमकी वाले मैसेज की सूचना दी थी। सुरक्षा संबंधी आशंका को देखते हुए विमान को वापस लौटाया गया। लास वेगास पहुंचने के बाद पुलिस ने मिल्न को हिरासत में ले लिया।

    आरोपी बोला- सहकर्मी के साथ कर रहा था मजाक
    पुलिस के मुताबिक, डांटे मिल्न न्यू जर्सी के वुडरिज का रहने वाला है। वह काम से जुड़े तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में शामिल होने के लिए लास वेगास आया था और अंडरवॉटर वेल्डिंग का काम करता है।

    मिल्न ने अधिकारियों को बताया कि उसने एयरपोर्ट के एक बार में बीयर और शराब पी थी। विमान में बैठने के बाद वह सोने वाला था। उसकी नींद खुली तो उसे पता चला कि फ्लाइट वापस लास वेगास लौट रही है।

    उसने दूसरे यात्री के साथ टेक्स्ट मैसेज पर बातचीत करने की बात स्वीकार की। पुलिस के अनुसार, दोनों की मुलाकात प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान हुई थी। हाईजैक वाले मैसेज के बारे में पूछे जाने पर मिल्न ने कथित तौर पर कहा कि बातचीत में शब्दों का इस्तेमाल सही तरीके से नहीं हुआ और यह सहकर्मियों के बीच मजाक का हिस्सा था। उसने विमान को हाईजैक करने, क्रैश करने या किसी को नुकसान पहुंचाने का इरादा होने से इनकार किया।

    धमकी देने या गलत सूचना फैलाने का आरोप
    मिल्न पर आतंकवादी घटना से जुड़ी धमकी देने या गलत सूचना देने का आरोप लगाया गया है। हालांकि, आरोप लगना अपराध साबित होने के बराबर नहीं है। मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया के दौरान तथ्यों की जांच होगी। आरोपी के वकील जेम्स गैलो ने बताया कि वह मामले की समीक्षा कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि मिल्न अदालत में खुद को दोषी नहीं मानेगा।

    पहले भी मजाक में दी गई धमकियों से लौटे विमान
    विमान में बम या हाईजैक से जुड़ी धमकी को सुरक्षा एजेंसियां गंभीरता से लेती हैं। ऐसे संदेशों के कारण यात्रियों को हिरासत में लेने और उड़ानों का मार्ग बदलने जैसी कार्रवाई पहले भी हो चुकी है।

    2022, शिकागो: एक यात्री ने अपना बैग चेक कराते समय उसमें बम होने की बात कही थी।

    2017, तुर्किश एयरलाइंस: एक विमान को उस समय वापस लौटाना पड़ा था, जब किसी ने अपने वाई-फाई हॉटस्पॉट का नाम ‘बम ऑन बोर्ड’ रख दिया था।

    पिछले साल, Allegiant Air: एक उड़ान को इमरजेंसी लैंडिंग करनी पड़ी थी। बताया गया कि एक यात्री ने दूसरे व्यक्ति से उसके लैपटॉप में बम होने की बात कही थी।

  • दुबई से लंदन के लिए उड़ा विमान… मिला इमरजेंसी अलर्ट, रास्ता बदलकर भेजा फ्रैंकफर्ट

    दुबई से लंदन के लिए उड़ा विमान… मिला इमरजेंसी अलर्ट, रास्ता बदलकर भेजा फ्रैंकफर्ट


    दुबई।
    दुबई (Dubai) से तेल अवीव (Tel Aviv) जाने वाली फ्लाइट में हुई घटना को लेकर दुनिया भर में चर्चा जारी है। इसी बीच दुबई से लंदन (London) के लिए उड़ान भरने वाली एक फ्लाइट ने भी हवा में ही इमरजेंसी अलर्ट (Emergency Alert) जारी किया। इसके बाद उसका रास्ता बदलकर उसे फ्रैंकफर्ट भेज दिया गया है।

    रिपोर्ट्स के मुताबिक एमिरेट्स की फ्लाइल नंबर EK31 (UAE4PY) दुबई से 11.25 सुबह रवाना हुई थी। उसने शुरुआत में इमरजेंसी अलर्ट भेजा। इसके बाद फ्रैंकफर्ट के पास नीचे उतरना शुरू किया। एयरलाइंस की तरफ से बताया गया कि यह इमरजेंसी अलर्ट फ्लाइट में मौजूद एक यात्री की मेडीकल कंडीशन को देखते हुए दिया गया था।

    एक रिपोर्ट के मुताबिक वर्तमान में यह विमान फ्रैंकफर्ट में ही मौजूद है। यहां से यह हीथ्रो एयरपोर्ट के लिए रवाना होगा।


    पायलट ने भेजा था स्क्वॉक कोड 7700

    रिपोर्ट्स के मुताबिक इमिरेट्स फ्लाइट ने स्क्वॉक कोड 770 का इस्तेमाल किया था। यह एक इंटरनेशनल यूनिवर्सल ट्रांसपोंडर सिग्नल है, जिसका इस्तेमाल पायलट अपनी इमरजेंसी की स्थिति को बताने के लिए करते हैं। इससे एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) के रडार पर तुरंत विमान की पहचान हो जाती है। इसके बाद कंट्रोलर्स को बिना किसी रेडियो कॉल के असामान्य स्थिति के बारे में जानकारी मिल जाती है। इसके बाद फ्लाइट को प्राथमिकता वाला रूट, आस-पास के ट्रैफिक से क्लीयरेंस और सबसे पास की सही लैंडिंग साइट तक तेजी से पहुँचने के लिए निर्देश मिलते हैं।

  • सिलहट-लंदन फ्लाइट में यात्रियों के बीच मारपीट, हवा में चले मुक्के; वीडियो वायरल

    सिलहट-लंदन फ्लाइट में यात्रियों के बीच मारपीट, हवा में चले मुक्के; वीडियो वायरल


    ढाका।
    बांग्लादेश की बिमान बांग्लादेश एयरलाइंस की सिलहट से लंदन जा रही उड़ान में दो यात्रियों के बीच हुई कहासुनी देखते ही देखते मारपीट में बदल गई। दोनों यात्रियों ने एक-दूसरे पर मुक्के बरसाए। इस दौरान एक यात्री की टी-शर्ट तक फट गई। केबिन क्रू और आसपास मौजूद यात्रियों ने हस्तक्षेप कर दोनों को अलग किया। घटना का वीडियो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।

    घटना 16 सितंबर की बताई जा रही है। बिमान बांग्लादेश एयरलाइंस के जनरल मैनेजर फॉर पब्लिक रिलेशंस मोहिउद्दीन अहमद ने बताया कि उड़ान के दौरान दो यात्री आपस में भिड़ गए थे। स्थिति बिगड़ने पर क्रू ने हस्तक्षेप किया और दोनों को अलग कर मामला शांत कराया।

    पहले हुई कहासुनी, फिर शुरू हुई हाथापाई

    घटना के वीडियो में दोनों यात्रियों को पहले बहस करते और उसके बाद एक-दूसरे पर हाथ उठाते देखा जा सकता है। कुछ ही देर में विवाद मारपीट में बदल गया। आसपास बैठे यात्रियों में हलचल मच गई और कुछ लोग दोनों को अलग करने के लिए आगे आए।

    मारपीट के दौरान एक यात्री की टी-शर्ट फट गई। हालांकि, दोनों के बीच विवाद की शुरुआत किस बात को लेकर हुई, इसकी आधिकारिक वजह सामने नहीं आई है। कुछ स्थानीय रिपोर्टों में सीट को लेकर विवाद का उल्लेख किया गया है, लेकिन एयरलाइन ने इसकी पुष्टि नहीं की है।

    विमान में उपद्रव पर हो सकती है कानूनी कार्रवाई

    उड़ान के दौरान यात्रियों का हिंसक व्यवहार केवल आपसी विवाद तक सीमित नहीं माना जाता। विमान में किसी यात्री का आक्रामक आचरण दूसरे यात्रियों और चालक दल की सुरक्षा को प्रभावित कर सकता है। ऐसे मामलों में संबंधित देश के कानूनों के तहत कार्रवाई की जा सकती है।

    ब्रिटेन की सिविल एविएशन अथॉरिटी के अनुसार, गंभीर रूप से बाधा डालने वाले यात्रियों को गिरफ्तार किया जा सकता है। परिस्थितियों के आधार पर उन पर आपराधिक कार्रवाई, जुर्माना या जेल की सजा हो सकती है। एयरलाइन भविष्य की उड़ानों के लिए ऐसे यात्री पर प्रतिबंध भी लगा सकती है। कुछ मामलों में यात्री के उपद्रव के कारण विमान का मार्ग बदलने पर होने वाला खर्च भी उससे वसूला जा सकता है।

    भारत में भी हैं उपद्रवी यात्रियों के खिलाफ नियम

    भारत में भी अनियंत्रित या उपद्रवी यात्रियों से निपटने के लिए नागरिक उड्डयन नियमों के तहत नो-फ्लाई प्रतिबंध का प्रावधान है। वर्ष 2023 में सरकार ने बताया था कि 2020 से उस समय तक 149 यात्रियों को अलग-अलग अवधि के लिए नो-फ्लाई सूची में रखा गया था।

    नियमों के तहत एयरलाइन की आंतरिक समिति घटना की जांच कर प्रतिबंध की अवधि तय कर सकती है। गंभीर मामलों में मामला कानून प्रवर्तन एजेंसियों को भी सौंपा जा सकता है।

    फिलहाल सिलहट-लंदन उड़ान में हुई इस घटना में संबंधित यात्रियों के खिलाफ आगे क्या कार्रवाई की गई, इसकी जानकारी सामने नहीं आई है।

  • मिग-21 की आखिरी उड़ान की कहानी दिखाएगा Netflix, ‘द लास्ट सैल्यूट’ 26 अगस्त को होगी रिलीज

    मिग-21 की आखिरी उड़ान की कहानी दिखाएगा Netflix, ‘द लास्ट सैल्यूट’ 26 अगस्त को होगी रिलीज


    नई दिल्ली।
    कारगिल युद्ध के दौरान भारतीय वायुसेना के अभियानों और ‘ऑपरेशन सफेद सागर’ को दर्शकों की मिल रही शानदार प्रतिक्रिया के बीच नेटफ्लिक्स ने अब भारतीय वायुसेना के सबसे चर्चित लड़ाकू विमानों में शामिल मिग-21 पर नई डॉक्यूमेंट्री का ऐलान किया है। इसका नाम ‘द लास्ट सैल्यूट: ए लव लेटर टू मिग-21’ रखा गया है। डॉक्यूमेंट्री में मिग-21 के साथ भारतीय वायुसेना के छह दशकों से ज्यादा लंबे सफर और इसे उड़ाने वाले पायलटों की अनकही कहानियां दिखाई जाएंगी।

    26 अगस्त को Netflix पर आएगी डॉक्यूमेंट्री

    नेटफ्लिक्स इंडिया ने डॉक्यूमेंट्री का पहला टीजर जारी करते हुए इसकी रिलीज डेट का ऐलान किया है। ‘द लास्ट सैल्यूट’ 26 अगस्त 2026 से नेटफ्लिक्स पर स्ट्रीम होगी। टीजर के साथ प्लेटफॉर्म ने मिग-21 की छह दशक लंबी यात्रा को इसकी कहानी का केंद्र बताया है।

    62 साल तक भारतीय वायुसेना का हिस्सा रहा मिग-21

    यह डॉक्यूमेंट्री भारतीय वायुसेना के साथ मिग-21 के करीब 62 वर्षों के जुड़ाव पर केंद्रित है। इसमें उन पायलटों के अनुभव और यादें भी शामिल होंगी, जिन्होंने अलग-अलग दौर में इस लड़ाकू विमान को उड़ाया।

    डॉक्यूमेंट्री में वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल एपी सिंह के अलावा मिग-21 उड़ाने वाले कई पूर्व और वर्तमान पायलटों की बातचीत देखने को मिलेगी। उनके अनुभवों के जरिए विमान की तकनीकी क्षमता के साथ-साथ उससे जुड़ी भावनात्मक यादों और चुनौतियों को सामने लाने की कोशिश की गई है।

    ‘ऑपरेशन सफेद सागर’ की टीम ने बनाई

    ‘द लास्ट सैल्यूट’ का निर्माण मैचबॉक्स शॉट्स ने किया है, जबकि इसका निर्देशन कुशल श्रीवास्तव ने किया है। यही प्रोडक्शन टीम ‘ऑपरेशन सफेद सागर’ से भी जुड़ी रही है।

    मिग-21 का भारतीय वायुसेना के इतिहास में खास स्थान रहा है। यह विमान दशकों तक भारतीय लड़ाकू बेड़े की अहम ताकत रहा और कई महत्वपूर्ण सैन्य अभियानों में इसका इस्तेमाल हुआ।

    ‘ऑपरेशन सफेद सागर’ को मिल रही सफलता

    नेटफ्लिक्स की ‘ऑपरेशन सफेद सागर’ इस समय लगातार दर्शकों का ध्यान खींच रही है। छह एपिसोड वाली यह सीरीज वैश्विक टॉप-10 नॉन-इंग्लिश टीवी लिस्ट में लगातार बनी हुई है और मौजूदा सप्ताह में दूसरे स्थान पर है।

    सीरीज में कारगिल युद्ध के दौरान भारतीय वायुसेना के गोल्डन एरो स्क्वाड्रन की भूमिका और उसके अभियानों को कहानी के केंद्र में रखा गया है। सीरीज में सिद्धार्थ, जिमी शेरगिल, अभय वर्मा, दीया मिर्जा, प्राजक्ता कोली, आदिल हुसैन और अन्य कलाकार नजर आते हैं।

    मिग-21 की विरासत को समेटेगी ‘द लास्ट सैल्यूट’

    नई डॉक्यूमेंट्री सिर्फ एक लड़ाकू विमान की कहानी नहीं, बल्कि भारतीय वायुसेना की कई पीढ़ियों के अनुभवों को दर्ज करने की कोशिश है। मिग-21 ने भारतीय सैन्य इतिहास में लंबा सफर तय किया है और अब ‘द लास्ट सैल्यूट’ के जरिए इसके साथ जुड़े पायलटों की यादों और इसकी विरासत को दर्शकों तक पहुंचाया जाएगा।

    ‘द लास्ट सैल्यूट: ए लव लेटर टू मिग-21’ 26 अगस्त 2026 को सिर्फ नेटफ्लिक्स पर रिलीज होगी।

  • एयर इंडिया फुकेट-दिल्ली उड़ान टर्बुलेंस मामले में बड़ा खुलासा, पायलट के अनिद्रा और नशीली दवा लेने की बात आई सामने।

    एयर इंडिया फुकेट-दिल्ली उड़ान टर्बुलेंस मामले में बड़ा खुलासा, पायलट के अनिद्रा और नशीली दवा लेने की बात आई सामने।

    नई दिल्ली । थाईलैंड के फुकेट से राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली आ रहे एयर इंडिया के एक यात्री विमान में हुई गंभीर टर्बुलेंस की घटना के बाद जारी जांच में कई चौंकाने वाले तथ्य उजागर हुए हैं। हाल ही में सामने आई आंतरिक सुरक्षा रिपोर्टों के अनुसार, संबंधित उड़ान के मुख्य पायलट लंबे समय से अनिद्रा की समस्या से ग्रस्त थे और इसके निवारण के लिए नींद की गोलियों का सेवन करते थे। इस घटना के दौरान विमान हवा में अचानक लगभग 300 फीट नीचे गिर गया था, जिससे कई यात्री और क्रू सदस्य घायल हो गए थे।

    उड्डयन दुर्घटना जांच ब्यूरो अर्थात एएआईबी द्वारा इस पूरे मामले की गहनता से जांच की जा रही है। प्रारंभिक पड़ताल में यह बात भी सामने आई है कि उड़ान भरने से पूर्व और उड़ान के दौरान सुरक्षा मानकों का उल्लंघन किया गया था। जांच एजेंसियों द्वारा पायलट के शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य की स्थिति का परीक्षण किया जा रहा है, जिसमें नशीले पदार्थों के सेवन से जुड़े पहलुओं की भी जांच शामिल है। घटना के समय विमान में 137 यात्री और चालक दल के सदस्य सवार थे।

    जांच अधिकारियों के समक्ष अपना पक्ष रखते हुए संबंधित पायलट ने स्वीकार किया है कि वह पारिवारिक चिकित्सक की सलाह पर दवाइयों का सेवन कर रहा था। पायलट का तर्क था कि उड़ानों के अनिश्चित समय और अंतरराष्ट्रीय यात्राओं के कारण उसकी नींद का चक्र प्रभावित हुआ था। हालांकि, उड्डयन नियमों के तहत किसी भी वाणिज्यिक उड़ान को संचालित करने से पहले पायलट का पूर्ण रूप से शारीरिक और मानसिक रूप से स्वस्थ होना अनिवार्य है।

    रिपोर्ट में यह गंभीर तथ्य भी सामने आया है कि जिस समय विमान टर्बुलेंस की चपेट में आया, उस दौरान मुख्य पायलट कॉकपिट में अपनी निर्धारित सीट पर मौजूद नहीं था। विमान का नियंत्रण सह-पायलट के हाथों में था। इसके अतिरिक्त, उड़ान भरने से पूर्व फुकेट में चालक दल के सदस्यों के साथ हुई गतिविधियों और बैठकों को लेकर भी प्रशासनिक स्तर पर समीक्षा की जा रही है।

    अंतरराष्ट्रीय नागरिक उड्डयन संगठन के निर्धारित मानकों के तहत इस घटना की जांच की जा रही है। विमान निर्माता कंपनी एयरबस और फ्रांस का नागरिक उड्डयन सुरक्षा ब्यूरो भी तकनीकी सहायता प्रदान कर रहे हैं। एएआईबी ने आश्वासन दिया है कि निर्धारित समय सीमा के भीतर विस्तृत जांच रिपोर्ट सार्वजनिक की जाएगी। मध्य प्रदेश सहित देश भर के विमान यात्रियों के बीच इस घटना के बाद उड्डयन सुरक्षा को लेकर चिंताएं व्यक्त की जा रही हैं।

    विमानन विशेषज्ञों का मानना है कि उड़ानों की सुरक्षा से किसी भी प्रकार का समझौता यात्रियों की जान जोखिम में डाल सकता है। इस जांच के निष्कर्षों के आधार पर नागरिक उड्डयन महानिदेशालय द्वारा एयरलाइंस कंपनियों और उनके क्रू मेंबर्स के लिए कड़े दिशानिर्देश जारी किए जाने की संभावना है। फिलहाल मामले से जुड़ी सभी तकनीकी और मेडिकल जांच रिपोर्टों की अंतिम समीक्षा की जा रही है।

  • फुकेत-दिल्ली उड़ान में अचानक तेज झटके, सुरक्षित उतरा विमान, मामूली रूप से घायल यात्रियों का हुआ इलाज

    फुकेत-दिल्ली उड़ान में अचानक तेज झटके, सुरक्षित उतरा विमान, मामूली रूप से घायल यात्रियों का हुआ इलाज

    नई दिल्ली । थाईलैंड के फुकेत से दिल्ली आ रही एअर इंडिया की एक अंतरराष्ट्रीय उड़ान मंगलवार को अचानक आए तेज टर्बुलेंस की चपेट में आ गई। उड़ान के दौरान मौसम में आए अचानक बदलाव के कारण विमान को कुछ समय के लिए तेज झटकों का सामना करना पड़ा, जिससे विमान की ऊंचाई में भी क्षणिक बदलाव दर्ज किया गया। इस घटना में कई यात्रियों और कुछ क्रू सदस्यों को मामूली चोटें आईं। हालांकि राहत की बात यह रही कि विमान सुरक्षित रूप से दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर उतर गया और सभी यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।

    एअर इंडिया की ओर से जारी आधिकारिक जानकारी के अनुसार फुकेत से दिल्ली आने वाली फ्लाइट एआई2379 उड़ान के दौरान अप्रत्याशित टर्बुलेंस से प्रभावित हुई। विमान में आए तेज झटकों के कारण कुछ यात्रियों को हल्की चोटें लगीं। एयरलाइन ने बताया कि किसी भी यात्री या क्रू सदस्य को गंभीर चोट नहीं आई है। एहतियात के तौर पर जिन लोगों को चिकित्सकीय जांच की आवश्यकता महसूस हुई, उन्हें एयरपोर्ट पर मौजूद मेडिकल सुविधा केंद्र ले जाकर स्वास्थ्य परीक्षण कराया गया।

    एयरलाइन ने कहा कि यात्रियों और चालक दल की सुरक्षा उसकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। कंपनी की एयरपोर्ट टीम और मेडिकल स्टाफ ने प्रभावित यात्रियों को तत्काल सहायता उपलब्ध कराई। साथ ही संबंधित विमानन अधिकारियों के साथ मिलकर घटना की आवश्यक औपचारिकताओं और जांच प्रक्रिया में भी सहयोग किया जा रहा है। एयर इंडिया ने भरोसा दिलाया कि प्रभावित यात्रियों को हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।

    विमानन विशेषज्ञों के अनुसार टर्बुलेंस उड़ान के दौरान मौसम में अचानक बदलाव, तेज हवाओं या वायुमंडलीय दबाव में परिवर्तन के कारण उत्पन्न हो सकता है। अधिकांश मामलों में आधुनिक विमान ऐसे हालात से सुरक्षित तरीके से निपटने के लिए डिजाइन किए जाते हैं। हालांकि सुरक्षा के मद्देनजर यात्रियों को सीट बेल्ट बांधकर रखने की सलाह लगातार दी जाती है, ताकि अचानक झटकों की स्थिति में चोट लगने का खतरा कम हो सके।

    हाल के महीनों में एअर इंडिया की उड़ानों से जुड़ी कुछ अन्य घटनाएं भी सामने आई हैं। जून में दिल्ली से रायपुर जा रही एक उड़ान लैंडिंग के दौरान बर्ड हिट की घटना का शिकार हुई थी। उस समय भी विमान सुरक्षित उतरा था और किसी यात्री या चालक दल के सदस्य को नुकसान नहीं पहुंचा था। घटना के बाद विमान की विस्तृत तकनीकी जांच की गई और सभी सुरक्षा मानकों को पूरा करने के बाद उसे दोबारा परिचालन के लिए मंजूरी दी गई थी।

    ताजा घटना के बाद भी विमान की सुरक्षित लैंडिंग ने यात्रियों और उनके परिजनों को बड़ी राहत दी है। एयरलाइन और विमानन अधिकारियों की ओर से पूरी घटना की समीक्षा की जा रही है ताकि भविष्य में ऐसी परिस्थितियों से और अधिक प्रभावी ढंग से निपटा जा सके। फिलहाल सभी प्रभावित यात्रियों की स्थिति सामान्य बताई गई है और आवश्यक चिकित्सकीय देखभाल उपलब्ध कराई जा रही है।

  • दक्षिण सूडान: उड़ान भरने के कुछ ही देर बाद क्रैश हुआ विमान…. 14 यात्रियों की मौत

    दक्षिण सूडान: उड़ान भरने के कुछ ही देर बाद क्रैश हुआ विमान…. 14 यात्रियों की मौत


    जुबा।
    दक्षिण सूडान (South Sudan) में यात्री विमान दुर्घटनाग्रस्त (Airplane Crash) हो गया, जिसमें सवार सभी 14 लोगों की मौत हो गई। देश के नागरिक उड्डयन प्राधिकरण (SSCAA) ने इस हादसे की पुष्टि की है। अधिकारियों ने जांच के लिए एक टीम दुर्घटनास्थल पर भेजी है। रिपोर्ट के अनुसार, विमान के दुर्घटनाग्रस्त होने का कारण खराब मौसम माना जा रहा है। SSCAA ने अपने बयान में यह जानकारी दी।

    विमान स्थानीय समयानुसार सुबह 7:15 बजे जुबा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (Juba International Airport) से उड़ा था और राजधानी से करीब 20 किलोमीटर दूर दुर्घटना का शिकार हो गया। दक्षिण सूडान के सिविल एविएशन अथॉरिटी ने बयान जारी कर बताया कि दुर्घटना में कोई भी बचा नहीं। दुर्घटना स्थल पर पहुंची यूएन बचाव टीम के एक सदस्य ने बताया कि शव इतने जल गए थे कि उन्हें पहचानना असंभव हो गया था। इस दुर्घटना में 12 दक्षिण सूडानी और 2 केन्याई नागरिक शामिल थे।

    दक्षिण सूडान पहले से ही अस्थिरता, संघर्ष और गरीबी की मार झेल रहा है, जहां परिवहन बुनियादी ढांचा बेहद कमजोर है। यहां अक्सर विमान अधिक वजन होने या मौसम की वजह से दुर्घटनाओं का शिकार होते हैं। यह घटना देश की उड़ान सुरक्षा पर सवाल खड़े करती है। विशेषज्ञों का कहना है कि बेहतर रखरखाव, प्रशिक्षण और मौसम संबंधी चेतावनियों की कमी से ऐसी घटनाएं बार-बार हो रही हैं।

    पिछले कुछ वर्षों में दक्षिण सूडान में कई बड़ी विमान दुर्घटनाएं हो चुकी हैं। जनवरी 2025 में उत्तरी सूडान में एक क्रैश में 20 लोग मारे गए थे। 2021 में विश्व खाद्य कार्यक्रम के ईंधन ले जा रहे कार्गो प्लेन दुर्घटना में 5 लोगों की जान गई। 2015 में जुबा में एक एंटोनोव विमान दुर्घटना में 36 लोग मारे गए थे, जबकि 2017 में एक और घटना में विमान रनवे से फिसल गया था, लेकिन चमत्कारिक रूप से सभी 37 यात्री बच गए। इस बार की दुर्घटना ने एक बार फिर देश की एयर सेफ्टी व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए हैं।

  • यूरोप पर मंडरा रहा ‘फ्यूल संकट’ का खतरा: सिर्फ 6 हफ्तों का जेट ईंधन, उड़ानें रद्द होने की आशंका

    यूरोप पर मंडरा रहा ‘फ्यूल संकट’ का खतरा: सिर्फ 6 हफ्तों का जेट ईंधन, उड़ानें रद्द होने की आशंका

    वाशिंगटन। मिडल ईस्ट में जारी तनाव अब वैश्विक ऊर्जा संकट का रूप लेता दिख रहा है।
    अंतर्राष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी (IEA) के प्रमुख फातिह बिरोल ने चेतावनी दी है कि यूरोप के पास जेट ईंधन का भंडार बेहद सीमित रह गया है—सिर्फ करीब छह सप्ताह या उससे थोड़ा अधिक। अगर हालात नहीं सुधरे, तो आने वाले समय में फ्लाइट्स कैंसल होने की नौबत आ सकती है।

    होर्मुज बना संकट का ‘गला दबाने वाला पॉइंट’

    बिरोल ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को इस पूरे संकट का सबसे बड़ा कारण बताया। यह वही समुद्री रास्ता है, जहां से दुनिया के कुल तेल व्यापार का लगभग 20% गुजरता है। मौजूदा युद्ध के चलते यहां आपूर्ति बाधित है, जिससे तेल, गैस और अन्य जरूरी संसाधनों की वैश्विक सप्लाई पर असर पड़ रहा है।

    उन्होंने साफ कहा—अगर यह मार्ग जल्द नहीं खुला, तो यह “अब तक का सबसे बड़ा ऊर्जा संकट” साबित हो सकता है।

    यूरोप में ईंधन की किल्लत, दुनिया पर असर

    IEA प्रमुख के मुताबिक, यूरोप में जेट ईंधन की कमी सबसे पहले नजर आएगी।

    फ्लाइट्स रद्द होने लगेंगी
    पेट्रोल, गैस और बिजली महंगी होगी
    सप्लाई चेन प्रभावित होगी

    इसका सीधा असर वैश्विक अर्थव्यवस्था पर पड़ेगा—महंगाई बढ़ेगी और विकास दर धीमी पड़ सकती है।

    गरीब देशों पर सबसे ज्यादा मार

    बिरोल ने चेताया कि इस संकट का असर सभी देशों पर पड़ेगा, लेकिन सबसे ज्यादा नुकसान एशिया, अफ्रीका और लैटिन अमेरिका के विकासशील देशों को झेलना पड़ेगा।

    उनके मुताबिक,

    आर्थिक नुकसान असमान होगा
    कमजोर अर्थव्यवस्थाएं ज्यादा प्रभावित होंगी
    कुछ देशों में मंदी तक की स्थिति बन सकती है
    ‘टोल बूथ’ सिस्टम पर आपत्ति

    ईरान द्वारा होर्मुज से गुजरने वाले जहाजों पर शुल्क (टोल) लगाने की कोशिश पर भी बिरोल ने कड़ी आपत्ति जताई।

    उन्होंने कहा कि अगर यह व्यवस्था स्थायी हो गई, तो भविष्य में अन्य अहम समुद्री रास्तों—जैसे मलक्का स्ट्रेट—पर भी ऐसा हो सकता है, जो वैश्विक व्यापार के लिए खतरनाक संकेत है।

    टैंकर फंसे, उत्पादन ठप
    फारस की खाड़ी में 110+ तेल टैंकर और 15+ LNG जहाज फंसे हुए हैं
    युद्ध में 80 से ज्यादा ऊर्जा इंफ्रास्ट्रक्चर प्रभावित
    उत्पादन सामान्य होने में कई महीने, पूरी रिकवरी में 2 साल तक लग सकते हैं
    आगे क्या?

    बिरोल के अनुसार, अगर मई के अंत तक हालात नहीं सुधरे, तो दुनिया को

    ऊंची महंगाई
    धीमी आर्थिक वृद्धि
    और संभावित मंदी
    का सामना करना पड़ सकता है।

    उन्होंने यह भी संकेत दिया कि यह संकट भविष्य में परमाणु ऊर्जा और वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों की ओर दुनिया को तेजी से मोड़ सकता है।

    ऊर्जा और भू-राजनीति का यह टकराव अब पूरी दुनिया को अपनी चपेट में लेता दिख रहा है। अगर होर्मुज स्ट्रेट जल्द नहीं खुला, तो आने वाले हफ्तों में इसका असर सीधे लोगों की जेब और यात्रा दोनों पर दिखेगा।

  • न्यूयॉर्क से दिल्ली आ रही एयर इंडिया की फ्लाइट में आई तकनीकी खराबी…

    न्यूयॉर्क से दिल्ली आ रही एयर इंडिया की फ्लाइट में आई तकनीकी खराबी…


    नई दिल्ली।
    न्यूयॉर्क से दिल्ली (New York to Delhi) की तरफ आ रही एयर इंडिया (Air India flight) की फ्लाइट संख्या ए350 को तकनीकी खराबी (Technical fault) की वजह से आयरलैंड की तरफ मोड़ दिया गया है। यहां शैनन शहर में विमान की इमरजैंसी लैंडिग (Emergency Landing) की जाएगी। तकनीकि जांच के बाद फ्लाइट फिर से उड़ान भर पाने में सक्षम होगी। सूत्रों के अनुसार विमान में करीब 300 लोग सवार हैं। शैनन शहर की ओर मोड़े जाने से पहले यह 6 घंटे की यात्रा पूरी कर चुका था।

    एअरलाइन ने शाम को जारी एक बयान में इस घटना की जानकारी दी। एयरलाइन की तरफ से कहा गया, “15 मार्च को न्यूयॉर्क (जेएफके) से दिल्ली जा रहे विमान एआई102 को तकनीकी खराबी की आशंका के चलते एहतियाती तौर पर आयरलैंड के शैनन की ओर मोड़ दिया गया। एयर इंडिया के उच्च सुरक्षा मानकों के अनुरूप विमान का वर्तमान में व्यापक तकनीकी मूल्यांकन किया जा रहा है, जिसमें अतिरिक्त समय लगेगा।”सूत्रों ने बताया कि विमान में कंपन और शोर उत्पन्न हुआ, जिसके बाद उसे शैनन की ओर मोड़ दिया गया।

    इस विमान को अप्रैल 2024 में एअर इंडिया के बेड़े में शामिल किया गया था। यात्रियों को हुई असुविधा के लिए खेद व्यक्त करते हुए एअर इंडिया ने कहा कि वह यह सुनिश्चित करने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है कि यात्री जल्द से जल्द अपनी दिल्ली की यात्रा जारी रख सकें। इससे पहले दिन में एअरलाइन ने कहा कि विमान स्थानीय समयानुसार सुबह 4:30 बजे शैनन हवाई अड्डे पर सुरक्षित रूप से उतर गया और सभी यात्री और चालक दल सुरक्षित हैं। प्रवक्ता ने कहा, “तय सुरक्षा प्रोटोकॉल के अनुसार विमान की विस्तृत तकनीकी जांच की जा रही है।” फ्लाइट ट्रैकिंग वेबसाइट पर उपलब्ध जानकारी के अनुसार, विमान शैनन की ओर मोड़े जाने से पहले लगभग छह घंटे तक हवा में रहा।