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  • तमिलनाडु में मूसलाधार बारिश से बाढ़ जैसे हालात, सड़कें क्षतिग्रस्त, कई इलाकों में बिजली गुल

    तमिलनाडु में मूसलाधार बारिश से बाढ़ जैसे हालात, सड़कें क्षतिग्रस्त, कई इलाकों में बिजली गुल

    नई दिल्ली । तमिलनाडु के कई जिलों में भारी बारिश ने जनजीवन को प्रभावित कर दिया है। जगह-जगह सड़कों और घरों में पानी भरने से आवागमन बाधित हुआ है, जबकि कुछ इलाकों में सड़कें क्षतिग्रस्त होने और लंबे समय तक बिजली आपूर्ति ठप रहने की समस्या सामने आई है। लगातार बारिश के कारण लोगों को दैनिक गतिविधियों में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इस बीच मौसम विभाग ने राज्य के पश्चिमी घाट से लगे जिलों और दक्षिणी हिस्सों में अगले दो दिनों के दौरान कुछ स्थानों पर बारिश होने का अनुमान जताया है।

    तिरुपत्तुर जिले के वायमपट्टू इलाके में भारी बारिश के कारण सड़कें पानी में डूब गईं। जलभराव के बीच वाहन चालकों को आवाजाही करने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। पानी से भरे रास्तों के कारण यातायात प्रभावित हुआ और स्थानीय लोगों को अपने गंतव्य तक पहुंचने में परेशानी हुई।

    शिवगंगा के शहरी क्षेत्रों में भी तेज बारिश दर्ज की गई। यहां बिजली आपूर्ति 10 घंटे से अधिक समय तक बाधित रही। लंबे समय तक बिजली नहीं रहने से लोगों की मुश्किलें बढ़ गईं। बारिश के कारण पहले से प्रभावित जनजीवन के बीच बिजली गुल रहने से सामान्य कामकाज भी प्रभावित हुआ।

    कोयंबटूर जिले के पुलियामारथुपलायम, सुलूर और वरपट्टी में मूसलाधार बारिश हुई। पुलियामारथुपलायम में बारिश के चलते डामर से बनी एक सड़क क्षतिग्रस्त हो गई। इससे सड़क पर आवागमन प्रभावित हुआ और वहां से गुजरने वाले लोगों को परेशानी झेलनी पड़ी।

    मयिलादुथुराई जिले के तरंगमबाडी इलाके में भी बारिश का असर देखने को मिला। बारिश के बीच छात्र स्कूल पहुंचे, जिनमें कई बच्चे पूरी तरह भीग गए थे। सुबह के समय खराब मौसम के कारण बच्चों और उनके साथ जाने वाले लोगों को सफर करने में दिक्कतों का सामना करना पड़ा।

    कोडैकनाल में भारी बारिश से सिल्वर कैस्केड झरने में पानी का बहाव काफी बढ़ गया। वहीं, थोप्पिकनल इलाके में पानी घरों के भीतर तक पहुंच गया। घरों में जलभराव होने से लोगों की रोजमर्रा की गतिविधियां प्रभावित हुईं। पहाड़ी क्षेत्रों में बारिश से पैदा हुई चुनौतियों के बीच उदगमंडलम जाने वाली सड़क के भूस्खलन प्रभावित हिस्से को साफ करने और उसकी मरम्मत का काम भी जारी रहा। इस कार्य में सेना के जवान जुटे रहे, ताकि बाधित मार्ग को दोबारा चालू किया जा सके।

    इस बीच मौसम विभाग ने पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी की ओर बढ़ रहे चक्रवात के और तीव्र होकर बहुत गंभीर चक्रवाती तूफान में बदलने की आशंका जताई है। विभाग के बुलेटिन के अनुसार, इसके आंध्र प्रदेश के तट पर बापटला और विशाखापत्तनम के बीच यानम के पास पहुंचने और तट से टकराने की संभावना है।

    मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, मंगलवार को तमिलनाडु के पश्चिमी घाट वाले जिलों और दक्षिणी हिस्सों में एक-दो स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। राज्य के बाकी क्षेत्रों में मौसम मुख्य रूप से शुष्क रहने की उम्मीद है। बुधवार को पश्चिमी घाट के जिलों में कुछ जगहों पर हल्की से मध्यम बारिश और दक्षिणी तमिलनाडु के कुछ हिस्सों में हल्की बारिश होने का अनुमान है।

    राजधानी चेन्नई में मंगलवार को आसमान में आंशिक रूप से बादल छाए रहने और कुछ इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार, अगले दो दिनों में राज्य में बारिश का दायरा काफी सीमित रह सकता है। हालांकि, अलग-अलग जिलों में बारिश की तीव्रता और स्थानीय परिस्थितियों के कारण लोगों को सतर्क रहने की जरूरत होगी।

  • एमपी में मानसून ने पकड़ी रफ्तार, सात जिलों में भारी से अति भारी बारिश का अलर्ट; सड़कों पर बही बाइकें, कई इलाकों में बाढ़ जैसे हालात

    एमपी में मानसून ने पकड़ी रफ्तार, सात जिलों में भारी से अति भारी बारिश का अलर्ट; सड़कों पर बही बाइकें, कई इलाकों में बाढ़ जैसे हालात


    मध्य प्रदेश :
    में मानसून ने रफ्तार पकड़ ली है और इसके साथ ही कई जिलों में भारी बारिश ने जनजीवन को प्रभावित करना शुरू कर दिया है। मौसम विभाग ने बालाघाट और डिंडौरी में अति भारी वर्षा तथा देवास, हरदा, बैतूल, पांढुर्णा और छिंदवाड़ा सहित कई जिलों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। लगातार हो रही वर्षा के कारण कई स्थानों पर जलभराव, तेज बहाव और यातायात बाधित होने जैसी स्थितियां सामने आई हैं।

    प्रदेश में मानसून अब जबलपुर, भोपाल, रीवा, शहडोल, नर्मदापुरम, सागर और इंदौर संभाग के अधिकांश हिस्सों तक पहुंच चुका है। मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले एक-दो दिनों में मानसून उज्जैन, ग्वालियर और चंबल संभाग के शेष क्षेत्रों को भी पूरी तरह कवर कर लेगा। इसके साथ ही प्रदेशभर में बारिश की गतिविधियां और तेज होने की संभावना जताई गई है।

    सीहोर जिले के आष्टा में मंगलवार को हुई तेज बारिश के बाद सड़कें नदी जैसी दिखाई देने लगीं। कई इलाकों में घुटनों तक पानी भर गया और तेज बहाव के कारण सड़क किनारे खड़ी मोटरसाइकिलें बहने लगीं। स्थानीय लोगों ने वाहनों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाने का प्रयास किया, जबकि कई स्थानों पर आवागमन कुछ समय के लिए प्रभावित रहा। इस घटना के वीडियो भी व्यापक रूप से सामने आए, जिनमें बारिश की तीव्रता स्पष्ट दिखाई दे रही है।

    बालाघाट में बुधवार तड़के से लगातार हो रही बारिश ने किसानों के लिए राहत लेकर आई है। लंबे इंतजार के बाद अच्छी वर्षा मिलने से अब खेतों में बोनी का कार्य तेज होने की उम्मीद है। हालांकि प्रशासन ने लोगों को आकाशीय बिजली, तेज हवाओं और भारी वर्षा के दौरान सतर्क रहने की सलाह दी है। लगातार बारिश को देखते हुए कुछ सरकारी सेवाओं के संचालन समय में भी बदलाव किया गया है।

    मौसम विभाग ने भोपाल, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, विदिशा, इंदौर, धार, झाबुआ, खंडवा, खरगोन, जबलपुर, सागर, रीवा, शहडोल, सतना, सिवनी, मंडला, सीधी, सिंगरौली और कई अन्य जिलों में तेज बारिश के साथ आंधी चलने की संभावना व्यक्त की है। वहीं प्रदेश के पश्चिमी हिस्सों के कुछ जिलों में हल्की से मध्यम बारिश का अनुमान लगाया गया है।

    लगातार वर्षा के कारण कई स्थानों पर जोखिम भरी घटनाएं भी सामने आई हैं। खरगोन जिले में तेज बहाव के बावजूद यात्रियों से भरी एक निजी बस को पुलिया पार कराए जाने का मामला चर्चा में रहा। दूसरी ओर प्रदेश के विभिन्न जिलों में आकाशीय बिजली गिरने और तेज बहाव की घटनाओं में जनहानि की भी सूचना मिली है। प्रशासन ने लोगों से नदी, नालों और पुल-पुलियों को पार करने में विशेष सावधानी बरतने की अपील की है।

    मौसम विभाग के अनुसार जून महीने में प्रदेश में सामान्य से कम वर्षा दर्ज की गई थी, लेकिन जुलाई में मानसून पूरी तरह सक्रिय रहने के संकेत हैं। प्रदेश की वार्षिक औसत वर्षा का बड़ा हिस्सा जुलाई में ही दर्ज होता है और इसी अवधि में खेती-किसानी के लिए सबसे महत्वपूर्ण बारिश होती है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि आगामी दिनों में वर्षा का यह क्रम बना रहता है तो कृषि गतिविधियों को गति मिलेगी, हालांकि अत्यधिक वर्षा वाले क्षेत्रों में जलभराव और बाढ़ जैसी स्थितियों पर लगातार निगरानी बनाए रखना आवश्यक होगा।