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  • भारतीय मूल की पिया डांडिया ने फ्लोरिडा के 22वें कांग्रेस क्षेत्र में डेमोक्रेटिक प्राथमिक चुनाव जीतकर नवंबर मुकाबले का रास्ता साफ किया

    भारतीय मूल की पिया डांडिया ने फ्लोरिडा के 22वें कांग्रेस क्षेत्र में डेमोक्रेटिक प्राथमिक चुनाव जीतकर नवंबर मुकाबले का रास्ता साफ किया


    नई दिल्ली ।
    भारतीय मूल की पिया डांडिया ने अमेरिकी राजनीति में महत्वपूर्ण सफलता हासिल करते हुए फ्लोरिडा के 22वें कांग्रेस क्षेत्र के लिए डेमोक्रेटिक पार्टी का प्राथमिक चुनाव जीत लिया है। पूर्व स्कूल प्रिंसिपल डांडिया ने वकील कायसिया अर्ली को हराकर नवंबर में होने वाले आम चुनाव के लिए पार्टी का उम्मीदवार बनने का रास्ता साफ कर लिया है। प्राथमिक चुनाव में डांडिया को 68.6 प्रतिशत वोट मिले, जबकि उनकी प्रतिद्वंद्वी अर्ली को 31.4 प्रतिशत मत प्राप्त हुए।

    डेमोक्रेटिक नेशनल कमेटी ने प्राथमिक चुनाव में जीत के बाद पिया डांडिया को बधाई दी। पार्टी ने उनके लंबे समय से शिक्षा और समुदाय से जुड़े नेतृत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि वह लोगों के लिए नए अवसर बढ़ाने और कामकाजी परिवारों के हितों के लिए काम करने के उद्देश्य से चुनाव मैदान में उतरी हैं।

    अब पिया डांडिया का मुकाबला नवंबर में रिपब्लिकन पार्टी के उम्मीदवार पूर्व नौसैनिक कैसी असकर से होगा। यह चुनाव फ्लोरिडा के 22वें कांग्रेस क्षेत्र में दोनों दलों के बीच सीधा मुकाबला होगा। इस सीट को चुनावी क्षेत्र के नए परिसीमन के बाद बनाया गया है और प्राथमिक चुनाव के समय यहां कोई मौजूदा सांसद चुनाव मैदान में नहीं था।

    पिया डांडिया इससे पहले फ्लोरिडा के 21वें जिले से रिपब्लिकन पार्टी के सांसद ब्रायन मास्ट को चुनौती देने की कोशिश कर चुकी हैं। ब्रायन मास्ट विदेश मामलों की समिति के अध्यक्ष हैं। बाद में डांडिया दक्षिण फ्लोरिडा के 22वें जिले में चली गईं और उन्होंने इसी क्षेत्र से डेमोक्रेटिक पार्टी के टिकट पर चुनाव लड़ने की तैयारी की।

    डांडिया की राजनीतिक पृष्ठभूमि से पहले उनका पेशेवर जीवन शिक्षा के क्षेत्र से जुड़ा रहा है। वह अमेरिका में हाई स्कूल की प्रिंसिपल रह चुकी हैं। शिक्षा क्षेत्र में काम करने के दौरान छात्रों और समुदाय से जुड़े मुद्दों पर उनका अनुभव रहा है। इसी पृष्ठभूमि को वह अपने राजनीतिक अभियान में भी प्रमुखता से सामने रख रही हैं।

    पिया डांडिया के माता-पिता भारत से अमेरिका जाकर बसे थे। भारतीय मूल की पृष्ठभूमि के कारण उनकी राजनीतिक यात्रा अमेरिकी समुदाय के साथ-साथ भारतीय मूल के लोगों के बीच भी रुचि का विषय बनी हुई है। प्राथमिक चुनाव में मिली स्पष्ट जीत ने नवंबर के आम चुनाव के लिए उनकी स्थिति मजबूत की है।

    जीत के बाद डांडिया ने अपने संदेश में अभियान पर भरोसा जताने वाले लोगों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि वह अपने छात्रों, अपने बेटे और जिले में बड़े हो रहे उन बच्चों के लिए चुनाव में उतरी हैं, जो बेहतर भविष्य के हकदार हैं। उन्होंने अपने अभियान को आम परिवारों की आर्थिक चुनौतियों से जोड़ते हुए खर्च कम करने और भ्रष्टाचार खत्म करने की बात कही।

    डांडिया ने कहा कि उनका उद्देश्य वॉशिंगटन को फिर से आम लोगों के लिए काम करने वाला बनाना है। उनके अभियान में परिवारों के लिए रोजमर्रा के खर्च, स्वास्थ्य सेवाओं और आवास की लागत जैसे मुद्दों को प्रमुखता दी गई है। डेमोक्रेटिक पार्टी ने भी इन्हीं मुद्दों को दक्षिण फ्लोरिडा के परिवारों से जोड़ते हुए डांडिया के समर्थन को आगे बढ़ाने की बात कही है।

    नवंबर में होने वाला चुनाव पिया डांडिया के राजनीतिक करियर के लिए अगली बड़ी परीक्षा होगा। प्राथमिक चुनाव में मजबूत प्रदर्शन के बाद अब उन्हें रिपब्लिकन उम्मीदवार कैसी असकर का सामना करना है। चुनाव परिणाम यह तय करेगा कि फ्लोरिडा का 22वां कांग्रेस क्षेत्र अमेरिकी प्रतिनिधि सभा में किस दल का प्रतिनिधित्व करेगा। डांडिया की जीत के साथ भारतीय मूल के उम्मीदवार के रूप में उनकी राजनीतिक यात्रा ने राष्ट्रीय स्तर पर भी ध्यान आकर्षित किया है।

  • फीफा विश्व कप के बीच अर्जेंटीना फुटबॉल महासंघ पर एफबीआई का शिकंजा, मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपों से मेसी की टीम की बढ़ी मुश्किलें

    फीफा विश्व कप के बीच अर्जेंटीना फुटबॉल महासंघ पर एफबीआई का शिकंजा, मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपों से मेसी की टीम की बढ़ी मुश्किलें

    नई दिल्ली । फीफा विश्व कप 2026 के रोमांच के बीच डिफेंडिंग चैंपियन अर्जेंटीना की मुश्किलें मैदान के बाहर काफी बढ़ती हुई नजर आ रही हैं। मिस्र के खिलाफ हुए मुकाबले में वीडियो असिस्टेंट रेफरी (वीएआर) के विवादास्पद फैसलों को लेकर चल रही बहस अभी शांत भी नहीं हुई थी कि अर्जेंटीना फुटबॉल महासंघ (एएफए) एक गंभीर कानूनी संकट में घिर गया है। अमेरिका की संघीय जांच एजेंसी एफबीआई ने महासंघ की वित्तीय गतिविधियों और संदिग्ध लेन-देन को लेकर एक व्यापक जांच शुरू कर दी है। इस जांच के सामने आने के बाद वैश्विक फुटबॉल जगत में हड़कंप मच गया है और टूर्नामेंट के बीच अर्जेंटीना की टीम पर मानसिक दबाव बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।

    जांच का मुख्य केंद्र यह पता लगाना है कि अर्जेंटीना फुटबॉल महासंघ ने अमेरिकी बैंकिंग और वित्तीय प्रणाली का उपयोग करके सैकड़ों मिलियन डॉलर की राशि को किस प्रकार स्थानांतरित किया। एफबीआई इस बात की गहराई से तफ्तीश कर रही है कि क्या इन भारी-भरकम वित्तीय लेन-देन के पीछे मनी लॉन्ड्रिंग अथवा कोई अन्य वित्तीय अपराध छिपा हुआ है। अमेरिकी कानूनों के उल्लंघन के संदेह में शुरू हुई इस कार्रवाई ने एएफए के शीर्ष नेतृत्व को पूरी तरह से बैकफुट पर धकेल दिया है। इस वित्तीय नेटवर्क के तार अमेरिका के फ्लोरिडा से लेकर अर्जेंटीना की राजधानी ब्यूनस आयर्स तक फैले हुए हैं।

    इस पूरे मामले में अमेरिका के फ्लोरिडा में स्थित एक निजी कंपनी मुख्य संदिग्ध के रूप में उभरकर सामने आई है। यह कंपनी विदेशों में अर्जेंटीना फुटबॉल महासंघ की तमाम वित्तीय जिम्मेदारियों और व्यावसायिक गतिविधियों का संचालन करती है। दस्तावेजों के विश्लेषण से पता चला है कि इस कंपनी के मालिकों ने अमेरिका के पांच प्रमुख वित्तीय संस्थानों में खाते खोल रखे थे। इन खातों के माध्यम से बीते कुछ समय में सैकड़ों मिलियन डॉलर का लेन-देन किया गया, जिसने अमेरिकी सुरक्षा और वित्तीय निगरानी एजेंसियों का ध्यान अपनी ओर खींचा।

    वित्तीय दस्तावेजों के अनुसार, इस निजी कंपनी ने महासंघ की करीब 260 मिलियन अमेरिकी डॉलर की भारी-भरकम आय का प्रबंधन किया था। हालांकि, बैंक रिकॉर्ड की प्रारंभिक समीक्षा में यह बात सामने आई है कि इस विशाल राशि का केवल एक छोटा हिस्सा ही फुटबॉल महासंघ के वास्तविक संचालन और आवश्यक खर्चों में इस्तेमाल हुआ दिखाई देता है। इसके विपरीत, लगभग 57 मिलियन डॉलर की एक बड़ी रकम विभिन्न अज्ञात कंपनियों और लाभार्थियों को स्थानांतरित कर दी गई। इस विशाल ट्रांसफर के पीछे दस्तावेजों में कोई स्पष्ट आर्थिक कारण या व्यावसायिक औचित्य नजर नहीं आ रहा है, जिससे संदेह और गहरा गया है।

    जांचकर्ताओं को शक है कि जिन कंपनियों को करोड़ों डॉलर भेजे गए, उनमें से कई कागजी थीं और उनकी तरफ से किसी भी प्रकार की वास्तविक सेवा प्रदान करने का कोई रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं है। इतना ही नहीं, कुछ संदिग्ध कंपनियों का नियंत्रण ऐसे व्यक्तियों के हाथों में पाया गया है जो ब्यूनस आयर्स और बारिलोचे जैसे क्षेत्रों में रहते हैं और सरकारी सामाजिक कल्याण योजनाओं का लाभ उठा रहे हैं। एक तरफ जहां देश की आम जनता सरकारी मदद पर निर्भर है, वहीं उनके नाम पर चल रही कंपनियों के खातों में करोड़ों डॉलर का यह संदिग्ध लेन-देन मिलना गंभीर वित्तीय धोखाधड़ी की ओर इशारा करता है।

    एएफए के अध्यक्ष क्लाउडियो टैपिया इस मेगा इवेंट से पहले ही कई तरह के विवादों के कारण लगातार आलोचनाओं का सामना कर रहे थे। उनके कार्यकाल में घरेलू लीग के ढांचे में किए गए अलोकप्रिय बदलाव और विश्व कप की तैयारियों के दौरान बेहद कमजोर टीमों के खिलाफ खेले गए मैत्री मैचों को लेकर फुटबॉल विशेषज्ञों और प्रशंसकों ने गंभीर सवाल उठाए थे। अब एफबीआई की इस ताजा कार्रवाई ने उनके नेतृत्व पर एक बार फिर बड़ा सवालिया निशान लगा दिया है। टैपिया पर पहले से ही भ्रष्टाचार से जुड़ी कुछ अन्य आंतरिक जांचों का साया मंडरा रहा था।

    इसके अलावा, 58 वर्षीय क्लाउडियो टैपिया का अर्जेंटीना के राष्ट्रपति जेवियर मिलेई के साथ भी लंबे समय से तीखा टकराव चल रहा है। दोनों के बीच अर्जेंटीना के फुटबॉल क्लबों के मालिकाना हक और उनके व्यावसायिक मॉडल को लेकर गंभीर वैचारिक मतभेद हैं। कुछ समय पहले ही सरकार की ओर से दर्ज कराई गई एक शिकायत के बाद टैपिया पर टैक्स चोरी के गंभीर आरोप भी लगे थे। इस राजनीतिक और प्रशासनिक गतिरोध के कारण घरेलू मैदानों पर भी टैपिया को भारी विरोध का सामना करना पड़ा है, जहां एक मुकाबले के दौरान दर्शकों ने सार्वजनिक रूप से उनकी हूटिंग की थी।

    मैदान के भीतर अर्जेंटीना की टीम ने क्वार्टर फाइनल में जगह बनाकर अपनी खेल क्षमता का प्रदर्शन तो किया है, लेकिन कप्तान लियोनेल मेसी और मिस्र के कोच के बीच हुई तीखी बहस और रेफरी के फैसलों पर मचे बवाल ने पहले ही टीम को विवादों में रखा था। अब इस सब के बीच एएफए की वित्तीय गड़बड़ियों पर एफबीआई की इस बड़ी जांच ने अर्जेंटीना फुटबॉल के भविष्य और उसकी प्रतिष्ठा पर एक बड़ा संकट खड़ा कर दिया है। आने वाले दिनों में यदि अमेरिकी एजेंसियां कोई सख्त कदम उठाती हैं, तो इसका सीधा असर विश्व कप में टीम के अभियान और खिलाड़ियों के मनोबल पर पड़ना तय माना जा रहा है।

  • फ्लोरिडा का विमान बीच समुद्र में हुआ क्रैश…. पायलट की सूझबूझ से बची 11 लोगों क जान

    फ्लोरिडा का विमान बीच समुद्र में हुआ क्रैश…. पायलट की सूझबूझ से बची 11 लोगों क जान


    वाशिंगटन।
    अगर प्लेन क्रैश के हादसे (Plane Crash Incidents) में किसी इंसान की जान बच जाए तो आप इसे चमत्कार का ही नाम देंगे। ऐसा ही कुछ यहां फ्लोरिडा (Florida) की एक प्लेन में सवार में 9 लोगों के साथ हुआ। अटलांटिक महासागर (Atlantic Ocean) के बीचो-बीच एक कुछ ऐसा हुआ जिसे देखकर रेस्क्यू टीम भी दंग रह गई। यहां बहामास से उड़ान भरने वाला एक छोटा विमान तकनीकी खराबी के बाद समुद्र में गिर गया। हालांकि पायलट की सूझबूझ और अमेरिकी एयरफोर्स (US Air Force) की जाबांजी की वजह से 11 लोगों की जान बच गई है। रेस्क्यू टीम ने इसे चमत्कार से कम नहीं बताया है।

    इससे पहले 25 साल के अनुभव वाले पायलट इयान निक्सन के लिए यह 20 मिनट की एक रूटीन फ्लाइट थी। लेकिन इसके बाद जो हुआ वह किसी बुरे सपने से कम नहीं। उड़ान के दौरान विमान का नेविगेशन सिस्टम फेल हो गया। फिर रेडियो ने भी काम करना बंद कर दिया और अंत में विमान के दोनों इंजन एक-एक करके ठप हो गए।


    विमान की करानी पड़ी ‘डिचिंग’

    जब पायलट के पास लैंडिंग का कोई रास्ता नहीं बचा, तो उन्होंने मियामी से करीब 175 मील दूर समंदर में विमान की ‘डिचिंग’ यानी पानी पर इमरजेंसी लैंडिंग करने का फैसला लिया। पायलट निक्सन ने एक बयान में बताया, “जैसे ही विमान पानी से टकराया, हमारी सांस अटक गई।” इसके बाद विमान पूरी तरह डूबने से पहले सभी 11 लोग लाइफ राफ्ट पर सवार होने में सफल रहे। हालांकि मदद के लिए उन्हें घंटों इंतजार करना पड़ा।

    नाव पर फंसे यात्रियों को करीब 5 घंटे इंतजार करना पड़ा। इस बीच पायलट यात्रियों का हौसला बढ़ाता रहा। उम्मीद की किरण तब जगी जब उन्होंने अमेरिकी एयरफोर्स का रेस्क्यू विंग देखा। यह विमान एक एक ट्रेनिंग मिशन पर था। कोस्ट गार्ड से सिग्नल मिलते ही प्लेन को इस तरफ लाया गया और यात्रियों को बचा लिया गया।


    आज तक नहीं देखा ऐसा…

    रेस्क्यू टीम इस घटना से हैरान रह गई। कैप्टन रोरी व्हिपल ने एक बयान में कहा, “वे करीब 5 घंटे से राफ्ट पर थे। उन्हें देखकर ही पता चल रहा था कि वे शारीरिक और मानसिक रूप से टूट चुके थे। वहीं एयरक्राफ्ट कमांडर एलिजाबेथ पियोवाटी ने कहा, “मैंने समंदर में विमान गिरने के बाद आज तक किसी को जिंदा बचते नहीं देखा। सभी का सुरक्षित होना सचमुच जादू की तरह है।”

    विमान में सवार यात्री ओलंपिया आउटेन ने अस्पताल पहुंचने के बाद कहा, “जब हमें बचाया गया, तो हर कोई खुशी से झूम उठा। हमें लग रहा था कि अब अंत करीब है, वह बिल्कुल किसी फिल्म के सीन जैसा था।” फिलहाल सभी 11 लोगों को फ्लोरिडा के अस्पताल ले जाया गया। इनमें से तीन को मामूली चोटें आई हैं।

  • फ्लोरिडा हाईवे पर क्रैश-लैंडिंग: विमान कार से टकराया, हादसे का LIVE VIDEO वायरल

    फ्लोरिडा हाईवे पर क्रैश-लैंडिंग: विमान कार से टकराया, हादसे का LIVE VIDEO वायरल


    अमेरिका, फ्लोरिडा: सोमवार शाम फ्लोरिडा के I-95 हाईवे पर एक छोटे विमान की क्रैश-लैंडिंग ने हड़कंप मचा दिया। विमान अचानक हाईवे पर उतरते हुए एक कार से टकरा गया, जिससे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। घटना का लाइव वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

    हादसे का पूरा विवरण

    विमान: Beechcraft 55 मॉडल

    पायलट: 27 वर्षीय और साथी, दोनों सुरक्षित

    कार: 2023 मॉडल Toyota Camry, चलाती 57 वर्षीय महिला

    समय: सोमवार शाम 5:45 बजे

    जगह: मेरिट आईलैंड, I-95 हाईवे

    पायलट को विमान में तकनीकी खराबी आने के कारण इमरजेंसी लैंडिंग करनी पड़ी। हाईवे पर उतरते समय विमान Toyota Camry से टकरा गया।

    नतीजा:

    कार चालक को मामूली चोटें आईं, उन्हें नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया।

    विमान हाईवे पर ही रुक गया।

    इलाके में ट्रैफिक पूरी तरह ठप हो गया और भगदड़ जैसी स्थिति बन गई।

    हाईवे बंद और राहत कार्य

    हादसे के बाद I-95 के दक्षिणी लेन को 201 माइल मार्कर के पास पूरी तरह बंद कर दिया गया। राहत और बचाव टीमों ने मौके पर पहुंचकर जांच और राहत कार्य शुरू किया। हाईवे कई घंटे बंद रहा और सुबह करीब 9 बजे फिर खोला गया।

    उसी दिन फ्लोरिडा में दूसरा विमान हादसा

    दिलचस्प बात यह है कि फ्लोरिडा में उसी दिन दूसरा विमान हादसा भी हुआ।

    स्थान: ऑरलैंडो से 46 मील दूर DeLand

    विमान: Cessna 172

    इमरजेंसी लैंडिंग के दौरान दो लोग घायल हुए, लेकिन दोनों की हालत स्थिर है।

    विशेषज्ञ टिप्पणी

    फ्लोरिडा हाइवे पेट्रोल (FHP) के अनुसार, Beechcraft 55 में दोनों इंजनों में अचानक पावर लॉस हो गया था, जिससे पायलट को तुरंत हाईवे पर इमरजेंसी लैंडिंग करनी पड़ी। पायलट की त्वरित प्रतिक्रिया ने बड़ी दुर्घटना को टाल दिया।

    फ्लोरिडा हाईवे पर विमान की क्रैश-लैंडिंग एक सुरक्षित चमत्कार के रूप में देखी जा रही है। दुर्घटना में किसी की जान नहीं गई, हालांकि वाहन चालक को मामूली चोटें आईं। घटना के लाइव वीडियो ने सोशल मीडिया पर भी बड़ी चर्चा छेड़ दी है।