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  • 172 लोगों की जान बचाने वाले भारतीय पायलट स्मित मच्छार को इजरायल का सर्वोच्च नागरिक वीरता सम्मान, अमेरिका भी करेगा सम्मानित

    172 लोगों की जान बचाने वाले भारतीय पायलट स्मित मच्छार को इजरायल का सर्वोच्च नागरिक वीरता सम्मान, अमेरिका भी करेगा सम्मानित

    नई दिल्ली ।फ्लाईदुबई की उड़ान में गंभीर संकट के दौरान 172 यात्रियों और चालक दल की सुरक्षा के लिए साहस दिखाने वाले भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छार को इजरायल के सर्वोच्च नागरिक वीरता सम्मान से सम्मानित किया जाएगा। इजरायल के राष्ट्रपति इसहाक हर्जोग ने उन्हें ‘प्रेसिडेंशियल अवॉर्ड फॉर सिविलियन हीरोइज्म’ देने की घोषणा की है। इसके अलावा, अमेरिका में भी कैप्टन मच्छार के साहस को सम्मान दिया जाएगा। भारतीय मूल के अमेरिकी सांसद राजा कृष्णमूर्ति उनके योगदान की सराहना करते हुए अमेरिकी प्रतिनिधि सभा के आधिकारिक रिकॉर्ड में बयान दर्ज कराएंगे।

    इजरायल के राष्ट्रपति की ओर से सम्मान देने की घोषणा कैप्टन मच्छार के स्वस्थ होने के बाद की जाएगी। भारत में इजरायली दूतावास ने इस फैसले की जानकारी साझा करते हुए कहा कि कैप्टन की बहादुरी और साहस ने एक बड़ी त्रासदी को टालने में मदद की। उनके पूरी तरह स्वस्थ होने की कामना करते हुए इजरायल ने उनके योगदान के लिए आभार जताया है। यह सम्मान विमान में पैदा हुए गंभीर संकट के दौरान यात्रियों और चालक दल की सुरक्षा के लिए उठाए गए कदमों के मद्देनजर दिया जा रहा है।

    यह घटना 30 सितंबर को दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की उड़ान एफजेड 1073 में हुई थी। आरोप है कि उड़ान के दौरान सह-पायलट ने कैप्टन स्मित मच्छार पर कुल्हाड़ी से हमला कर दिया और विमान का नियंत्रण अपने हाथ में लेने की कोशिश की। इस दौरान विमान की स्थिति बेहद गंभीर हो गई थी। राजा कृष्णमूर्ति के बयान के मुताबिक, विमान महज 30 सेकंड में लगभग 16,000 फीट नीचे आ गया था। ऐसे हालात में कैप्टन मच्छार गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद विमान और उसमें सवार लोगों की सुरक्षा के लिए प्रयास करते रहे।

    गंभीर चोटों के बावजूद कैप्टन मच्छार किसी तरह कॉकपिट के दरवाजे तक पहुंचे और उसे खोलने में सफल रहे। इससे विमान में मौजूद यात्रियों और चालक दल के अन्य सदस्यों को कॉकपिट के भीतर पहुंचने तथा कथित हमलावर को काबू करने का अवसर मिला। इस कार्रवाई ने संकट के दौरान स्थिति संभालने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। कैप्टन की कोशिशों के बाद विमान में मौजूद फ्लाईदुबई के दो रिजर्व पायलटों ने नियंत्रण संभाला और उड़ान को सुरक्षित रूप से सऊदी अरब के तबूक में उतारा।

    विमान में कुल 172 यात्री सवार थे। इनमें चार अमेरिकी नागरिक और 27 बच्चे भी शामिल थे। घटना के दौरान यात्रियों की सुरक्षा को लेकर गंभीर खतरा पैदा हो गया था। इसके बावजूद विमान को सुरक्षित उतारने में सफलता मिली। कैप्टन मच्छार के साहस और संकट के समय लिए गए फैसलों को इसी वजह से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इस घटना में उनकी भूमिका को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित किए जाने की घोषणा की गई है।

    भारतीय नागरिक कैप्टन स्मित मच्छार के पास विमान संचालन का 17 वर्षों का अनुभव है। इसमें 11 वर्ष कप्तान के रूप में काम करने का अनुभव शामिल है। राजा कृष्णमूर्ति ने कहा कि जानलेवा हमले का सामना करने के बावजूद कैप्टन ने विमान में सवार लोगों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी। उनके मुताबिक, गंभीर रूप से घायल होने की स्थिति में भी कैप्टन को यह अहसास था कि विमान में मौजूद लोगों की जिंदगी उनके अगले कदम पर निर्भर हो सकती है। अपने अनुभव के आधार पर उन्होंने खतरे को समझा और कॉकपिट के दरवाजे तक पहुंचने का साहसिक फैसला किया।

    कृष्णमूर्ति ने अमेरिकी कांग्रेस के आधिकारिक रिकॉर्ड में कैप्टन मच्छार के साहस की सराहना दर्ज कराने की घोषणा की है। उन्होंने अन्य सांसदों से भी इस बहादुरी को सम्मानित करने की अपील की। उनका कहना है कि कैप्टन की सूझबूझ, दृढ़ निश्चय और साहस ने यात्रियों तथा चालक दल को हमले को रोकने और संभावित बड़े हादसे से बचने का अवसर दिया। उन्होंने यह भी कहा कि विमान में मौजूद प्रत्येक व्यक्ति के पीछे एक परिवार है और कैप्टन के प्रयासों से अनेक परिवारों को अपूरणीय दुख से बचने का अवसर मिला।

  • फ्लाईदुबई विमान में को-पायलट के हमले से कैप्टन स्मित की खोपड़ी में धंसी हड्डी, सऊदी अरब में हुई सर्जरी

    फ्लाईदुबई विमान में को-पायलट के हमले से कैप्टन स्मित की खोपड़ी में धंसी हड्डी, सऊदी अरब में हुई सर्जरी

    नई दिल्ली: दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की उड़ान में को-पायलट के हमले से घायल कैप्टन स्मित की चोटों को लेकर गंभीर जानकारी सामने आई है। हमले में उनकी खोपड़ी की हड्डी टूट गई थी और उन्हें ‘डिप्रेस्ड फ्रैक्चर’ हुआ। इस स्थिति में खोपड़ी की टूटी हुई हड्डी का एक हिस्सा अंदर की ओर मस्तिष्क की तरफ धंस जाता है, जिससे मस्तिष्क पर दबाव पड़ सकता है और गंभीर खतरा पैदा हो सकता है। हमले के दौरान कैप्टन स्मित को अत्यधिक रक्तस्राव और दर्द का सामना करना पड़ा। इसके अलावा उनके अंगों, छाती और ऊपरी पेट के हिस्से में भी गहरे घाव और चोटें आईं। हालांकि, अब उनकी स्थिति में सुधार होने की जानकारी है।

    घटना के तुरंत बाद विमान को सऊदी अरब के ताबुक स्थित प्रिंस सुल्तान बिन अब्दुलअजीज अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर आपातकालीन लैंडिंग करानी पड़ी। इसके बाद कैप्टन स्मित को तत्काल चिकित्सा उपचार दिया गया। सऊदी अरब के अस्पताल में डॉक्टरों की टीम ने उनकी खोपड़ी की इमरजेंसी सर्जरी की। गंभीर चोट के बावजूद समय पर किए गए उपचार के बाद उनकी हालत में सुधार बताया जा रहा है। सर्जरी के बाद उन्हें आगे की चिकित्सा देखभाल के लिए अबू धाबी ले जाया गया।

    पिछले सप्ताह कैप्टन स्मित को हवाई मार्ग से अबू धाबी लाया गया, जहां उन्हें एक सैन्य अस्पताल में भर्ती कराया गया है। वहां विशेष डॉक्टरों की टीम लगातार उनके स्वास्थ्य पर नजर रख रही है। परिवार को भी उनसे मिलने की अनुमति दे दी गई है। हमले के कारण उन्हें सिर के अलावा शरीर के अन्य हिस्सों में भी चोटें आई थीं, लेकिन फिलहाल उनके स्वास्थ्य में सुधार की जानकारी सामने आई है। उनकी खोपड़ी में हुआ डिप्रेस्ड फ्रैक्चर इस घटना में सामने आई सबसे गंभीर चोटों में शामिल है।

    यह घटना उस समय हुई जब 38 वर्षीय कैप्टन स्मित कॉकपिट में मौजूद थे। ओमान के को-पायलट हम्मामी द्वारा किए गए हमले के दौरान कैप्टन गंभीर रूप से घायल हो गए। तेजी से हो रहे रक्तस्राव और तेज दर्द के बावजूद उन्होंने कॉकपिट का दरवाजा खोलने में सफलता हासिल की। इसके बाद अन्य क्रू मेंबर और यात्री कॉकपिट के अंदर पहुंच सके। यात्रियों और चालक दल के सदस्यों ने स्थिति को संभालते हुए हमलावर सह-पायलट को काबू में किया।

    हमले के बाद विमान की सुरक्षित लैंडिंग और यात्रियों को बचाने में कैप्टन स्मित की भूमिका महत्वपूर्ण रही। गंभीर चोटों के बावजूद उन्होंने कॉकपिट में संघर्ष जारी रखा और विमान को सुरक्षित रखने की कोशिश की। घटना के बाद उन्हें पहले सऊदी अरब में चिकित्सा सहायता मिली और खोपड़ी की सर्जरी की गई। इसके बाद बेहतर चिकित्सा देखभाल के लिए उन्हें अबू धाबी के सैन्य अस्पताल में स्थानांतरित किया गया, जहां उनका उपचार जारी है।

  • स्मित मच्छार पर हमले के बाद फ्लाईदुबई विमान को गिराने की तैयारी में था इजरायल, 150 यात्रियों की थी जान

    स्मित मच्छार पर हमले के बाद फ्लाईदुबई विमान को गिराने की तैयारी में था इजरायल, 150 यात्रियों की थी जान


    नई दिल्ली: दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की उड़ान में भारतीय कैप्टन स्मित मच्छार पर सह-पायलट के हमले और विमान को कथित तौर पर अपने नियंत्रण में लेने की कोशिश के बाद एक बड़ा खुलासा सामने आया है। रिपोर्ट के मुताबिक, कॉकपिट में हुए हमले की जानकारी मिलने के बाद इजरायल ने विमान को निशाना बनाने की तैयारी कर ली थी। इजरायल को आशंका थी कि यदि विमान को हाइजैक कर लिया जाता है तो उसका इस्तेमाल 11 सितंबर 2001 जैसी घटना को अंजाम देने के लिए किया जा सकता है। विमान में करीब 150 इजरायली यात्री सवार थे। ऐसे में इजरायल के सामने विमान को गिराने और संभावित रूप से किसी बड़े हादसे को रोकने के बीच फैसला लेने की स्थिति बन गई थी।

    घटना के दौरान ओमानी सह-पायलट ने कॉकपिट में कैप्टन स्मित मच्छार पर कुल्हाड़ी से हमला किया। हमले में मच्छार गंभीर रूप से घायल हो गए। शुरुआत में विमान में मौजूद अन्य लोगों को कॉकपिट के भीतर हुई घटना की जानकारी नहीं हो सकी। इसके बाद कैप्टन मच्छार ने किसी तरह कॉकपिट का दरवाजा खोल दिया। इससे कुछ क्रू सदस्य और यात्री अंदर पहुंच सके और उन्होंने सह-पायलट को काबू में कर लिया। घटना के बाद विमान में मौजूद दो ऑफ-ड्यूटी पायलटों ने नियंत्रण संभाला और विमान को सऊदी अरब के तबूक एयरपोर्ट पर सुरक्षित उतार लिया।

    विमान के सुरक्षित उतरने से उसमें सवार करीब 180 लोगों की जान बच गई। रिपोर्ट के अनुसार, इजरायल की चिंता इस बात को लेकर थी कि अगर विमान अपना रास्ता बदलकर किसी बड़े शहर या ऊंची इमारत की ओर जाता है तो इससे बड़ी संख्या में लोगों की जान जा सकती है। इसी आशंका के कारण विमान के रास्ते में बदलाव नहीं होने की स्थिति में उसे निशाना बनाने की तैयारी की गई थी। हालांकि विमान को सुरक्षित उतार लिया गया और इजरायल को उस योजना को लागू करने की जरूरत नहीं पड़ी। घटना के बाद मामले की जांच कई स्तरों पर की जा रही है।

    इस मामले में ओमानी सह-पायलट की पुरानी गतिविधियां भी जांच के दायरे में आ गई हैं। ऑस्ट्रेलियाई सुरक्षा एजेंसियां करीब एक दशक पहले उसके ऑस्ट्रेलिया में रहने के दौरान की गतिविधियों की जांच कर रही हैं। ऑस्ट्रेलियाई संघीय पुलिस के मुताबिक, संघीय और राज्य पुलिस तथा देश की घरेलू खुफिया एजेंसी की संयुक्त आतंकवाद रोधी टीम उसके ऑस्ट्रेलिया से संबंधों की जांच कर रही है। सह-पायलट फिलहाल संयुक्त अरब अमीरात में हिरासत में है। उस पर इजरायल जा रहे विमान को अपने नियंत्रण में लेने की कथित कोशिश का आरोप है।

    न्यूजीलैंड की पुलिस ने भी कहा है कि सह-पायलट कुछ समय न्यूजीलैंड में रहा था और अधिकारी वहां उसके रहने से जुड़े पहलुओं की जांच करेंगे। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, उसे 2014 में ऑस्ट्रेलिया का छात्र वीजा मिला था और वह 2015 में एक विश्वविद्यालय के पाठ्यक्रम में शामिल होने के लिए ऑस्ट्रेलिया पहुंचा था। बताया गया है कि वह 2017 में ऑस्ट्रेलिया से चला गया। इसके बाद अधिकारियों ने पुष्टि की कि वह संबंधित पाठ्यक्रम में पंजीकृत नहीं था, जिसके बाद 2019 में उसका वीजा रद्द कर दिया गया था। इस पूरे घटनाक्रम में विमान पर हमला, उसके सुरक्षित उतरने और सह-पायलट की पृष्ठभूमि की जांच प्रमुख पहलू बने हुए हैं।

  • को-पायलट हमाम अल-हम्मामी ने जुलाई में ही इजरायल में विमान क्रैश करने की योजना बनाई थी, आखिरी वक्त पर किया रद्द

    को-पायलट हमाम अल-हम्मामी ने जुलाई में ही इजरायल में विमान क्रैश करने की योजना बनाई थी, आखिरी वक्त पर किया रद्द

    नई दिल्ली ।फ्लाईदुबई से इजरायल जा रहे विमान में हमला करने के आरोपी को-पायलट हमाम अल-हम्मामी को लेकर जांच में एक और अहम जानकारी सामने आई है। जानकारी के मुताबिक, हम्मामी ने जुलाई में ही इजरायल के बेन गुरियन एयरपोर्ट पर एक विमान को क्रैश करने की योजना बनाई थी। हालांकि, उसने आखिरी समय में अपनी इस योजना को रद्द कर दिया था। मौजूदा मामले में पूछताछ के दौरान सामने आई जानकारी के अनुसार, हम्मामी पहले से ही इजरायल में विमान के जरिए हमला करने की योजना पर काम कर रहा था।

    बताया गया है कि हम्मामी ने जून में ही बेन गुरियन एयरपोर्ट से जुड़ी जानकारी जुटाना शुरू कर दी थी। इसके बाद जुलाई में उसने विमान को क्रैश करने की पूरी योजना तैयार की। हालांकि, जिस विमान को वह निशाना बनाने की योजना बना रहा था, उसके क्रू में उसका एक दोस्त भी शामिल था। इसी वजह से उसने कथित तौर पर आखिरी वक्त पर अपनी योजना बदल दी और हमले को रद्द कर दिया। इस जानकारी से पता चलता है कि जुलाई में ही उसने इजरायल में विमान के जरिए हमला करने की तैयारी शुरू कर दी थी।

    इसके बाद फ्लाईदुबई की इजरायल जाने वाली उड़ान को लेकर भी हम्मामी की कथित योजना सामने आई है। जानकारी के मुताबिक, उसने जानबूझकर तेल अवीव जाने वाली उड़ान को चुना था। उसकी योजना कॉकपिट का नियंत्रण अपने हाथ में लेने की थी। इसके बाद वह विमान को सामान्य तरीके से उड़ाता रहता और लैंडिंग के समय आखिरी पल में विमान को किसी इमारत या दूसरे विमान से टकराने की कोशिश करता। इस तरह विमान को दुर्घटनाग्रस्त करने की योजना बनाई गई थी।

    उड़ान के दौरान हम्मामी ने को-पायलट स्मित मछार पर हमला किया और विमान में आपात स्थिति के लिए रखी गई कुल्हाड़ी से उन पर वार किया। इसके बाद विमान के कैप्टन कॉकपिट का दरवाजा खोलने में कामयाब रहे। विमान में मौजूद कई यात्रियों ने हम्मामी को काबू में कर लिया। इसके बाद विमान में मौजूद ड्यूटी से बाहर के पायलटों ने विमान का नियंत्रण संभाला और उसे सुरक्षित रूप से उतार लिया। इस घटना के बाद हम्मामी से पूछताछ की जा रही है और उसके पहले से तैयार किए गए कथित हमले के बारे में भी जानकारी जुटाई जा रही है।

    जांच से जुड़ी जानकारी के अनुसार, इजरायली जांचकर्ताओं ने अब तक हम्मामी से सीधे पूछताछ नहीं की है। उसके बारे में सामने आई जानकारी संयुक्त अरब अमीरात और सऊदी अरब में हुई जांच के दौरान सामने आने की बात कही गई है। मामले में अब यह भी जांच की जा रही है कि हम्मामी ने इजरायल जाने वाली उड़ान को क्यों चुना और उसके हमले की योजना कितनी पहले से तैयार थी। वहीं, संयुक्त अरब अमीरात में उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की जा रही है। उसे मौत की सजा दिए जाने की संभावना की बात सामने आई है, लेकिन अभी तक उसके खिलाफ कोई औपचारिक सजा सुनाई नहीं गई है। मामले की जांच जारी है।

  • फ्लाईदुबई फ्लाइट घटना पर अल कायदा की यमन शाखा का समर्थन, 9/11 का जिक्र कर को-पायलट की कथित कोशिश को सराहा

    फ्लाईदुबई फ्लाइट घटना पर अल कायदा की यमन शाखा का समर्थन, 9/11 का जिक्र कर को-पायलट की कथित कोशिश को सराहा


    नई दिल्ली ।
    फ्लाईदुबई की फ्लाइट 1073 से जुड़ी कथित हाईजैकिंग कोशिश के मामले में अल कायदा की यमन शाखा AQAP से जुड़े एक अनौपचारिक मुखपत्र ने घटना पर संपादकीय प्रकाशित किया है। इसमें फ्लाइट के ओमानी को-पायलट की कथित कार्रवाई का समर्थन किया गया और 9/11 हमले का भी उल्लेख किया गया। हालांकि, AQAP ने इस घटना की सीधे तौर पर जिम्मेदारी स्वीकार नहीं की है। सुरक्षा एजेंसियां इस बात पर ध्यान दे रही हैं कि संगठन ने जिम्मेदारी लेने के बजाय घटना को वैचारिक समर्थन देने का रास्ता अपनाया है।

    संपादकीय में फ्लाईदुबई की फ्लाइट की घटना को 9/11 से जोड़कर पेश किया गया है। इसका शीर्षक ‘Between September 11 and September 30’ रखा गया है। लेख में फ्लाइट को ‘यहूदी-यूएई विमान’ के रूप में संबोधित किया गया और ओमानी को-पायलट की कथित कोशिश की प्रशंसा की गई। संपादकीय में यह दावा भी किया गया कि अगर हाईजैकिंग की कोशिश सफल हो जाती तो क्षेत्र में ताकत का संतुलन बदल सकता था। इसके साथ फ्लाईदुबई के विमान की तस्वीरें भी प्रकाशित की गईं।

    घटना के बाद फ्लाइट में सवार को-पायलट से जुड़े सोशल मीडिया अकाउंट भी जांच के दायरे में आए हैं। बताया गया है कि घटना के कुछ घंटे बाद उसके एक सोशल मीडिया अकाउंट से दो पोस्ट साझा की गई थीं। इस घटनाक्रम के बीच जांच एजेंसियां आरोपी को-पायलट से संबंधित उपलब्ध जानकारियों और उसके कथित ऑनलाइन गतिविधियों की जांच कर रही हैं।

    मुखपत्र में यह भी कहा गया कि अमेरिका और इजराइल को गैर-मुस्लिम लोग भी निशाना बना सकते हैं और ऐसे हमलों को मुसलमानों के फायदे के रूप में पेश किया गया। संपादकीय में फ्लाइट 1073 का उल्लेख करते हुए दावा किया गया कि विमान सऊदी अरब में उतरा था। साथ ही ओमानी को-पायलट की कथित कार्रवाई को समर्थन देने के लिए 9/11 हमले का संदर्भ इस्तेमाल किया गया। संगठन की ओर से घटना की प्रत्यक्ष जिम्मेदारी नहीं ली गई है।

    जांच से जुड़ी जानकारी के अनुसार, फ्लाईदुबई की फ्लाइट 1073 इजराइल जा रही थी। आरोप है कि विमान के कॉकपिट में ओमान के को-पायलट ने क्रैश एक्स से कप्तान पर हमला किया था। घटना के बाद इस मामले में को-पायलट की पृष्ठभूमि भी जांच का विषय बनी। बताया गया है कि हमाम अल-हमामी को पहले ही कट्टरपंथी विचारों के कारण ओमान में उड़ान भरने से प्रतिबंधित किया गया था।

    इस पूरे घटनाक्रम के बीच AQAP से जुड़े मुखपत्र का संपादकीय सुरक्षा एजेंसियों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि इसमें कथित विमान घटना को वैचारिक समर्थन दिया गया है। हालांकि संगठन ने हमले की जिम्मेदारी स्वीकार नहीं की। जांच में फ्लाइट की घटना, को-पायलट की कथित गतिविधियों, उसके सोशल मीडिया अकाउंट और AQAP की प्रतिक्रिया से जुड़े पहलुओं पर ध्यान दिया जा रहा है।

  • Flydubai को-पायलट पर विमान क्रैश कराने की साजिश का आरोप, UAE ने आतंकी हमले के प्रयास के तौर पर शुरू की जांच

    Flydubai को-पायलट पर विमान क्रैश कराने की साजिश का आरोप, UAE ने आतंकी हमले के प्रयास के तौर पर शुरू की जांच

    नई दिल्ली: दुबई से तेल अवीव जा रही Flydubai की फ्लाइट FZ1073 में भारतीय मूल के कैप्टन Smit Machchhar पर हमला करने वाले ओमानी को-पायलट हमाम-अल-हम्मामी की पहचान सामने आई है। UAE के अटॉर्नी जनरल ने इस मामले को कथित तौर पर आतंकवादी हमले के प्रयास के तौर पर जांच के दायरे में रखा है। जांच से जुड़ी जानकारी के अनुसार, पूछताछ के दौरान हमाम-अल-हम्मामी ने कथित रूप से स्वीकार किया कि वह विमान को क्रैश करना चाहता था। मामले में को-पायलट द्वारा कैप्टन पर किए गए हमले और विमान को दुर्घटनाग्रस्त कराने की कथित साजिश की जांच जारी है।

    फ्लाइट जब हवा में थी, उसी दौरान ओमानी को-पायलट ने कैप्टन Smit Machchhar पर अचानक चाकू या किसी अन्य धारदार हथियार से हमला कर दिया। हमले के बाद विमान की स्थिति अचानक गंभीर हो गई और वह हजारों फीट नीचे की ओर जाने लगा। इस घटना के बाद विमान को सुरक्षित रखने और स्थिति को नियंत्रित करने की कार्रवाई की गई। जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि हमाम-अल-हम्मामी ने कथित तौर पर विमान को क्रैश कराने की कोशिश क्यों की और इस घटना के पीछे उसकी क्या मंशा थी। UAE के प्रॉसिक्यूटर जनरल के अनुसार, पूछताछ में को-पायलट ने इस घटना को आतंकवादी हमले के तौर पर अंजाम देने की कोशिश किए जाने की बात स्वीकार की है।

    जांच के दौरान हमाम-अल-हम्मामी के पुराने रिकॉर्ड और गतिविधियों की भी पड़ताल की जा रही है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, पिछले साल ओमान की राष्ट्रीय एयरलाइन Oman Air ने कथित तौर पर उसके कट्टरपंथी विचारों के कारण उसे प्रशिक्षण से जुड़ी भूमिका से हटा दिया था। जांच अधिकारियों को उसके निजी सामान से ‘फ्री फिलिस्तीन’ से जुड़े पर्चे और फिलिस्तीन समर्थक दस्तावेज मिलने की बात भी सामने आई है। बताया गया है कि वह सार्वजनिक और निजी तौर पर लगातार फिलिस्तीन के समर्थन तथा इजरायल के विरोध में बातें करता रहा था। इन तथ्यों की जांच मौजूदा मामले के संदर्भ में की जा रही है।

    रिपोर्टों के अनुसार, हमाम-अल-हम्मामी के पुराने सोशल मीडिया अकाउंट्स की भी जांच की गई है। इनमें अल-कायदा से जुड़े लोगों की तस्वीरें और अन्य संदिग्ध सामग्री मिलने की बात कही गई है। जांच एजेंसियां इस सामग्री और उसके कथित विचारों के बीच संबंधों की पड़ताल कर रही हैं। साथ ही यह भी पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि विमान को नुकसान पहुंचाने की कथित कोशिश केवल उसकी व्यक्तिगत कार्रवाई थी या इसके पीछे किसी अन्य व्यक्ति, संगठन या नेटवर्क की भूमिका थी। मामले में संभावित संपर्कों और निर्देशों की भी जांच जारी है।

    इस घटना को लेकर UAE में जांच का दायरा अब को-पायलट की कार्रवाई से आगे बढ़कर कथित साजिश और संभावित नेटवर्क तक पहुंच गया है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि क्या हमाम-अल-हम्मामी को किसी अन्य व्यक्ति से निर्देश मिले थे या किसी बड़े नेटवर्क से उसका संबंध था। फिलहाल जांच में सामने आए उसके कथित कबूलनामे, निजी सामान, पुराने सोशल मीडिया अकाउंट्स और पूर्व गतिविधियों को अलग-अलग पहलुओं से देखा जा रहा है। विमान में कैप्टन Smit Machchhar पर हमला और फ्लाइट को कथित तौर पर क्रैश कराने की कोशिश इस जांच का मुख्य केंद्र बनी हुई है।

  • फ्लाईदुबई के को-पायलट पर पहले भी उठे थे सवाल, ट्रेनिंग के दौरान कट्टरपंथी दस्तावेज मिलने का दावा

    फ्लाईदुबई के को-पायलट पर पहले भी उठे थे सवाल, ट्रेनिंग के दौरान कट्टरपंथी दस्तावेज मिलने का दावा


    दुबई।
    दुबई से इजरायल जा रही फ्लाईदुबई की उड़ान FZ1073 के कॉकपिट में भारतीय कैप्टन स्मित मच्छार पर हमले के मामले में आरोपी ओमानी सह-पायलट को लेकर नए खुलासे सामने आए हैं। एबीसी न्यूज की रिपोर्ट के मुताबिक, आरोपी ओमान एयर में काम करने के दौरान भी सवालों के घेरे में आया था। वर्ष 2024 में ट्रेनी को-पायलट रहते हुए उसके पास कथित तौर पर कट्टरपंथी और जिहादी गतिविधियों से जुड़े दस्तावेज मिले थे। इसके बाद उसे उड़ान संबंधी जिम्मेदारियों से हटाकर प्रशासनिक कार्यों में लगाया गया था।

    अब जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि पहले सवालों के घेरे में आ चुका व्यक्ति फ्लाईदुबई में सह-पायलट कैसे बना। साथ ही, इजरायल जाने वाली उड़ान में उसे जिम्मेदारी दिए जाने की परिस्थितियों की भी जांच की जा रही है। रिपोर्ट के अनुसार, आरोपी को सऊदी अरब में इलाज के बाद आगे की जांच के लिए संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) को सौंप दिया गया है।

    बताया गया है कि सह-पायलट ने पहले कई मौकों पर फलस्तीनियों के समर्थन और इजरायल के विरोध में विचार व्यक्त किए थे। हालांकि, इन दावों और हमले के पीछे उसके कथित मकसद की पुष्टि जांच के निष्कर्षों से होनी बाकी है।

    यूएई के राष्ट्रपति के सलाहकार ने की भारतीय पायलट की तारीफ

    घटना के बाद यूएई के राष्ट्रपति मोहम्मद बिन जायद के सलाहकार अनवर गर्गाश ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर भारतीय कैप्टन स्मित मच्छार की बहादुरी की सराहना की। उन्होंने कहा कि स्मित ने सूझबूझ और साहस का परिचय देकर एक बड़ी संभावित त्रासदी को टालने में मदद की।

    यह घटना बुधवार को फ्लाईदुबई की उड़ान FZ1073 में हुई थी। आरोप है कि सह-पायलट ने कॉकपिट में कैप्टन स्मित मच्छार पर हमला किया, जिससे वह घायल हो गए। गर्गाश ने घटना को बेहद गंभीर बताते हुए कहा कि संकट के समय कैप्टन ने जिम्मेदारी और पेशेवर दक्षता का परिचय दिया। उन्होंने पायलट के व्यवहार को सराहनीय बताया।

    घटना में किसी देश की भूमिका मिली तो होगी कार्रवाई: नेतन्याहू

    इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने शुक्रवार को चेतावनी दी कि यदि फ्लाईदुबई की घटना के पीछे किसी देश की भूमिका सामने आती है, तो उसे इसकी भारी कीमत चुकानी पड़ेगी। हालांकि, उन्होंने अपने बयान में किसी देश की संलिप्तता के समर्थन में कोई सबूत पेश नहीं किया।

    नेतन्याहू के मुताबिक, जांच आगे बढ़ने के साथ घटना की तस्वीर स्पष्ट हो रही है। उन्होंने दावा किया कि हमलावर कट्टरपंथी विचारधारा से प्रभावित था और उसका इरादा विमान में सवार यात्रियों सहित विमान को दुर्घटनाग्रस्त करने का था। ये आरोप जांच के अंतिम निष्कर्षों से स्वतंत्र रूप से पुष्ट होना बाकी हैं।

    शुरुआती जांच में को-पायलट के हमले की बात

    अल जजीरा की रिपोर्ट के अनुसार, सऊदी अरब के गृह मंत्रालय ने बताया कि फ्लाईदुबई की उड़ान की आपात लैंडिंग से जुड़े मामले की शुरुआती जांच में सामने आया कि सह-पायलट ने कैप्टन पर हमला किया था। घटना में दोनों को चोटें आईं। शुरुआती जांच में यूएई की सुरक्षा टीम ने भी सहयोग किया था।

    इस घटना पर तुर्किये और पाकिस्तान की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं आने की बात भी रिपोर्ट में कही गई है। मामले को विमानन सुरक्षा से जुड़ा गंभीर विषय माना जा रहा है।

    इजरायली अधिकारी भी करेंगे पूछताछ

    मामले की जांच में इजरायली अधिकारी भी शामिल होंगे। वे यूएई के अधिकारियों के साथ समन्वय कर घटना के क्रम और संदिग्ध के कथित मकसद की पड़ताल करेंगे। आरोपी सह-पायलट को यूएई भेजे जाने के बाद जांच आगे बढ़ाई जा रही है।

    फिलहाल जांच का प्रमुख उद्देश्य यह पता लगाना है कि कॉकपिट में हमला किन परिस्थितियों में हुआ, आरोपी की पृष्ठभूमि से जुड़े दावों में कितनी सच्चाई है और क्या इस घटना के पीछे किसी अन्य व्यक्ति या संगठन की भूमिका थी।

  • फ्लाईदुबई के कैप्टन स्मित मच्छार को लेकर बढ़ी जिज्ञासा, 24 घंटे में इंटरनेट सर्च में 5000% से ज्यादा उछाल

    फ्लाईदुबई के कैप्टन स्मित मच्छार को लेकर बढ़ी जिज्ञासा, 24 घंटे में इंटरनेट सर्च में 5000% से ज्यादा उछाल

    नई दिल्ली: फ्लाईदुबई के कैप्टन स्मित मच्छार की बहादुरी की चर्चा घटना के बाद दुनिया भर में हो रही है। 30 सितंबर को दुबई से तेल अवीव जा रही उड़ान में दूसरे पायलट ने कथित तौर पर उन पर हमला कर विमान को क्रैश करने की कोशिश की। इस दौरान कैप्टन स्मित मच्छार घायल हो गए, लेकिन उन्होंने हिम्मत नहीं छोड़ी और आरोपी पायलट से संघर्ष किया। इस कार्रवाई के चलते विमान में सवार 174 यात्रियों की जान बच सकी। घटना के बाद लोग उनकी बहादुरी के साथ-साथ उनके व्यक्तिगत परिचय के बारे में भी जानकारी हासिल करने में जुट गए हैं। इसका असर इंटरनेट पर होने वाली खोजों में भी दिखाई दिया।

    भारत में स्मित मच्छार का नाम तेजी से ट्रेंड करने लगा। उपलब्ध गूगल ट्रेंड्स के आंकड़ों के अनुसार, 24 घंटे के भीतर मच्छार के नाम से जुड़े सर्च शब्दों में 5000 प्रतिशत से अधिक की बढ़ोतरी दर्ज की गई। विदेशों में लोगों की रुचि उनके धर्म से जुड़ी जानकारी जानने में दिखाई दी, जहां इससे संबंधित इंटरनेट सर्च में 3000 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि बताई गई। वहीं भारत में उनके नाम के साथ जाति से जुड़ी जानकारी जानने की कोशिश ज्यादा दिखाई दी। इस तरह विमान में हुई घटना के बाद कैप्टन की बहादुरी के साथ उनकी व्यक्तिगत पहचान को लेकर भी इंटरनेट पर लोगों की उत्सुकता बढ़ गई।

    स्मित मच्छार शादीशुदा हैं या सिंगल, इसे लेकर भी इंटरनेट पर काफी खोज की जा रही है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार वह मूल रूप से गुजरात के रहने वाले हैं। सोशल मीडिया पर किए गए दावों के अनुसार उनका जन्म गुजरात के सुरेंद्रनगर जिले के वधवान में हुआ बताया गया है। उनके परिवार का संबंध राजकोट और कच्छ-सौराष्ट्र क्षेत्र से भी बताया जाता है। इसी तरह उनके सरनेम को लेकर भी जानकारी सामने आती रही है। गुजरात में मच्छार सरनेम के लोहाना और नागर ब्राह्मण समुदायों में इस्तेमाल किए जाने की बात कही गई है। हालांकि, इस तरह की व्यक्तिगत पहचान से जुड़ी जानकारी को लेकर इंटरनेट पर मौजूद दावों को उसी रूप में देखा जा रहा है।

    घटना के बाद कैप्टन स्मित मच्छार की बहादुरी को लेकर सम्मान भी सामने आया है। मुंबई में इस्राइल के महावाणिज्य दूतावास ने उनके सम्मान में एक विशेष बिलबोर्ड लगाया। मुंबई स्थित इस्राइल के महावाणिज्य दूत यानिब रेवाच ने सोशल मीडिया पर बिलबोर्ड की तस्वीर साझा की और कैप्टन की बहादुरी की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि भारत को एक नया हीरो मिला है और इस्राइल कैप्टन स्मित मच्छार का नाम कभी नहीं भूलेगा। इस घटना के बाद स्मित मच्छार की पहचान और उनके साहस से जुड़ी जानकारी को लेकर इंटरनेट पर लगातार बढ़ती दिलचस्पी दिखाई दे रही है।

  • फ्लाईदुबई हमला… 6 वर्षीय बच्ची की वजह से टला विमान हादसा, टॉयलेट जाने की जिद ने बचाईं 180 जानें!

    फ्लाईदुबई हमला… 6 वर्षीय बच्ची की वजह से टला विमान हादसा, टॉयलेट जाने की जिद ने बचाईं 180 जानें!


    दुबई।
    दुबई (Dubai) से तेल अवीव (तेल अवीव) जा रही फ्लाईदुबाई (Flydubai) की फ्लाइट FZ1073 में कॉकपिट के भीतर ओमानी को-पायलट (Omani co-pilot) के खौफनाक हमले और विमान को क्रैश करने की साजिश के मामले में कई बेहद हैरान कर देने वाले और साहसिक खुलासे हुए हैं। हवा में 30,000 फीट की ऊंचाई पर एक 6 साल की मासूम बच्ची की छोटी सी जिद ने पूरे विमान को एक भीषण तबाही से बचा लिया।

    इस बीच, चाकूबाजी में गंभीर रूप से घायल हुए विमान के भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मछार (Capt Smit Machchhar) की जान बचाने और हमलावर आतंकी को दबोचने वाले इजरायली नागरिकों को राष्ट्रपति पदक दिए जाने का ऐलान किया गया है।


    ‘मम्मी टॉयलेट जाना है’- 6 साल की नीना की जिद ने बचाई 180 जानें

    इजरायली न्यूज चैनल से बातचीत करते हुए ताली मानेस (Tali Manes) ने उस खौफनाक मंजर को याद किया। ताली ने बताया कि उनकी 6 साल की बेटी नीना मानेस ने अचानक टॉयलेट जाने की जिद की। जैसे ही ताली अपनी बेटी को लेकर कॉकपिट के पास बने टॉयलेट की ओर बढ़ीं, उसी वक्त कॉकपिट का दरवाजा थोड़ा सा खुला और अंदर ओमानी को-पायलट ने भारतीय कैप्टन स्मित मछार पर चाकू से दनादन वार करने शुरू कर दिए।

    ताली ने कॉकपिट के भीतर खून से लथपथ कैप्टन को देखा और चीखना शुरू कर दिया, “वह पायलट को गोद रहा है! वह पायलट को चाकू मार रहा है! बचाओ!” चीख-पुकार और विमान के अचानक नीचे गिरने के बीच ताली के पति ज्विका मानेस और अन्य यात्री कॉकपिट की तरफ भागे। ज्विका ने बताया, “मेरी बेटियों की चीखें आज भी मेरे कानों में गूंज रही हैं जब विमान तेजी से नीचे गिर रहा था और वे कह रही थीं ‘पापा, हम मरना नहीं चाहते।’ इसी ने मुझे कॉकपिट के भीतर कूदने पर मजबूर किया।”


    खून से लथपथ भारतीय कैप्टन स्मित मछार ने खोला कॉकपिट के गेट

    हमले में गंभीर रूप से घायल और फर्श पर पड़े भारतीय कैप्टन स्मित मछार ने अदम्य साहस का परिचय दिया। चाकू के वार से लहूलुहान होने के बावजूद उन्होंने किसी तरह कॉकपिट डोर का ‘इमर्जेंसी रिलीज लॉक’ दबा दिया, जिससे बाहर मौजूद यात्री और क्रू मेंबर्स अंदर दाखिल हो सके।

    विमान में सफर कर रहे प्लंबर यानिव हयून ने हमलावर ओमानी पायलट को गर्दन से दबोचकर ‘चोकहोल्ड’ में ले लिया, जबकि एक डेंटिस्ट यात्री ने कैप्टन स्मित मछार का बहता खून रोककर उनकी जान बचाई। इस अफरा-तफरी के दौरान चेहरे पर खून से सने एक यात्री का वीडियो भी सामने आया, जिसने सोशल मीडिया पर मदद मांगते हुए कहा, “हम हाईजैक के बीच में हैं, हमने आतंकियों को काबू कर लिया है और लैंडिंग के करीब हैं। जो भी सुन रहा है, मदद भेजो!”


    नेतन्याहू ने कहा- ‘जिहादी कट्टरपंथ’ का मामला

    इजरायल के राष्ट्रपति इसाक हर्जोग ने अदम्य साहस दिखाने वाले नागरिकों- यानिव हयून, ज्विका मानेस और असाफ राजुआन को देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘प्रेसिडेंशियल अवॉर्ड फॉर सिविलियन हिरोइज्म’ से सम्मानित करने की सिफारिश की है। वहीं, इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने बयान जारी कर कहा है कि शुरुआती जांच से संकेत मिलते हैं कि ओमानी को-पायलट ‘जिहादी कट्टरपंथ’ का शिकार था और उसने एक सोची-समझी साजिश के तहत विमान को क्रैश करने की कोशिश की थी। सऊदी अरब के तबुक एयरपोर्ट पर इमरजेंसी लैंडिंग के बाद घायल भारतीय कैप्टन का इलाज जारी है और सभी 180 यात्रियों को सुरक्षित बचा लिया गया है।

  • फ्लाईदुबई फ्लाइट में 174 यात्रियों को बचाने वाले घायल पायलट स्मित मच्छार से पीएम मोदी ने की बात

    फ्लाईदुबई फ्लाइट में 174 यात्रियों को बचाने वाले घायल पायलट स्मित मच्छार से पीएम मोदी ने की बात

    नई दिल्ली। फ्लाईदुबई की फ्लाइट में 174 यात्रियों की जान बचाने वाले भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छार की बहादुरी की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सराहना की है। प्रधानमंत्री ने कैप्टन स्मित से बातचीत कर मुश्किल समय में उनके साहस की तारीफ की और उन्हें हीरो बताया। पीएम मोदी ने कहा कि गंभीर परिस्थिति में स्मित ने जिस तरह हिम्मत दिखाई, वह काबिले-तारीफ है। प्रधानमंत्री ने घायल भारतीय पायलट के परिवार से भी बातचीत की। फ्लाइट में हुई इस घटना के दौरान स्मित ने घायल होने के बावजूद हालात संभालने की कोशिश की और कॉकपिट का दरवाजा खोलकर मदद का रास्ता बनाया।

    इजरायल जा रही फ्लाईदुबई की फ्लाइट में उस समय हड़कंप मच गया, जब एक पायलट ने अपने ही साथी भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छार पर चाकू से हमला कर दिया। हमला गंभीर था और इसके बाद विमान के हालात बिगड़ने लगे। फ्लाइट अचानक नीचे जाने लगी। घायल होने के बावजूद स्मित ने स्थिति को संभालने की कोशिश जारी रखी। उन्होंने कॉकपिट का दरवाजा खोलकर मदद मांगी। इसके बाद एक यात्री कॉकपिट के अंदर पहुंचा और स्थिति को संभालने में मदद की। वहीं, दूसरे यात्रियों और क्रू मेंबर ने आरोपी पायलट को काबू करने की कोशिश की।

    हमले के बाद विमान को संभालने में यात्रियों और क्रू की भूमिका सामने आई। कॉकपिट का दरवाजा खुलने के बाद इजरायली यात्री यानिव हयून अंदर पहुंचे। हयून पेशे से प्लंबर हैं। उन्होंने कॉकपिट में पहुंचकर देखा कि आरोपी पायलट विमान के कंट्रोल से छेड़छाड़ कर रहा था। इसके बाद हयून ने तुरंत विमान के कंट्रोल को पीछे की तरफ खींचा। इसी दौरान एक अन्य यात्री और क्रू मेंबर ने आरोपी पायलट को काबू कर लिया। स्थिति को नियंत्रित करने के बाद रिजर्व पायलट कॉकपिट में पहुंचे और विमान का कंट्रोल संभाल लिया।

    यानिव हयून की भूमिका भी इस घटनाक्रम में सामने आई। घटना के बाद एयरपोर्ट पर उनकी मुलाकात हुई। बताया गया कि हयून के कपड़ों पर घायल भारतीय पायलट का काफी खून लगा हुआ था। उन्होंने कॉकपिट में पहुंचने के बाद आरोपी पायलट को विमान के कंट्रोल से छेड़छाड़ करते देखा था और तत्काल कंट्रोल को पीछे की ओर खींचा था। इसके बाद दूसरे यात्री और क्रू मेंबर ने आरोपी पायलट को काबू किया, जबकि रिजर्व पायलट ने विमान को स्थिर करने की जिम्मेदारी संभाली। इस पूरे घटनाक्रम में घायल कैप्टन स्मित मच्छार ने भी कॉकपिट का दरवाजा खोलकर मदद का रास्ता बनाया था।

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कैप्टन स्मित मच्छार से बातचीत के दौरान उनकी हिम्मत की सराहना की। उन्होंने मुश्किल हालात में दिखाई गई बहादुरी के लिए भारतीय पायलट को हीरो बताया। पीएम मोदी ने स्मित के परिवार से भी बातचीत की। फ्लाइट में मौजूद 174 यात्रियों की जान बचाने की कोशिश के दौरान कैप्टन स्मित घायल हुए थे। घटना के दौरान यात्रियों और क्रू ने आरोपी पायलट को काबू करने में मदद की, जबकि रिजर्व पायलट ने बाद में विमान का नियंत्रण संभाला। इस तरह घायल भारतीय पायलट द्वारा मदद का रास्ता खोलने और यात्रियों तथा क्रू की मदद से विमान को संभालने का घटनाक्रम सामने आया।