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  • पाम ऑयल संकट से हिल सकता है FMCG सेक्टर, साबुन-शैंपू की कीमतों पर बढ़ा दबाव..

    पाम ऑयल संकट से हिल सकता है FMCG सेक्टर, साबुन-शैंपू की कीमतों पर बढ़ा दबाव..

    नई दिल्ली। रोजमर्रा में इस्तेमाल होने वाले साबुन, शैंपू और अन्य FMCG उत्पादों की कीमतों पर आने वाले समय में असर देखने को मिल सकता है। वजह है पाम ऑयल की बढ़ती कीमतें और सप्लाई में आई दिक्कतें, जो अब भारतीय बाजार तक पहुंच चुकी हैं। यह वही कच्चा माल है जिसका इस्तेमाल न सिर्फ खाने के तेल में बल्कि साबुन, शैंपू, डिटर्जेंट, बिस्किट और कई पर्सनल केयर प्रोडक्ट्स में बड़े पैमाने पर किया जाता है।

    भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा पाम ऑयल का आयात इंडोनेशिया और मलेशिया से करता है। लेकिन वैश्विक स्तर पर सप्लाई में बाधा, बायोडीजल की बढ़ती मांग और भू-राजनीतिक तनाव के कारण इसकी कीमतें लगातार ऊंची बनी हुई हैं। इसका सीधा असर उन कंपनियों पर पड़ रहा है जो बड़े पैमाने पर FMCG उत्पाद बनाती हैं।

    विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में कंपनियां सीधे तौर पर कीमतें बढ़ाने से बच सकती हैं, लेकिन इसका असर प्रोडक्ट के साइज या पैकेजिंग पर दिख सकता है। यानी साबुन का साइज छोटा हो सकता है या शैंपू की मात्रा पहले से कम हो सकती है, जिससे उपभोक्ताओं पर अप्रत्यक्ष रूप से बोझ बढ़ेगा।

    HUL और गोदरेज जैसी बड़ी FMCG कंपनियों पर इसका असर सबसे ज्यादा देखने की आशंका जताई जा रही है क्योंकि इनका प्रोडक्शन काफी हद तक पाम ऑयल पर निर्भर करता है। कच्चे माल की बढ़ती लागत से इन कंपनियों के मार्जिन पर दबाव बन सकता है, जिससे उनकी मुनाफे की स्थिति प्रभावित हो सकती है।

    पाम ऑयल का इस्तेमाल सिर्फ खाने के तेल तक सीमित नहीं है, बल्कि यह दैनिक उपयोग के कई उत्पादों का अहम हिस्सा है। ऐसे में इसकी कीमतों में किसी भी तरह का उतार-चढ़ाव सीधे आम उपभोक्ता की जेब पर असर डालता है।

    फिलहाल कंपनियां स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं और रणनीति के तहत धीरे-धीरे बदलाव करने की योजना बना सकती हैं ताकि अचानक कीमत बढ़ाने से बचा जा सके। लेकिन अगर पाम ऑयल की कीमतें लंबे समय तक ऊंची बनी रहती हैं, तो इसका असर बाजार में साफ तौर पर दिखाई दे सकता है।

  • शेयर बाजार में जोरदार तेजी: सेंसेक्स 300 अंक उछलकर 85,350 पार, निफ्टी में 100 अंकों की बढ़त

    शेयर बाजार में जोरदार तेजी: सेंसेक्स 300 अंक उछलकर 85,350 पार, निफ्टी में 100 अंकों की बढ़त


    नई दिल्ली । साल 2026 के दूसरे कारोबारी दिन शुक्रवार 2 जनवरी को भारतीय शेयर बाजार में मजबूत तेजी देखने को मिली। शुरुआती कारोबार से ही खरीदारी का दबाव बना रहा और बीएसई सेंसेक्स 300 अंकों से अधिक चढ़कर 85350 के पार कारोबार करता नजर आया। वहीं निफ्टी 50 भी करीब 100 अंकों की बढ़त के साथ 26250 के स्तर पर पहुंच गया। आज के कारोबार में बैंकिंग ऑटो और मेटल शेयरों ने बाजार को सहारा दिया। बीएसई सेंसेक्स के 30 शेयरों में से 24 शेयर हरे निशान में रहे जबकि केवल 6 शेयर लाल निशान में थे। निफ्टी 50 के अधिकांश शेयरों में भी मजबूती देखने को मिली।

    सेक्टोरल प्रदर्शन

    बैंकिंग शेयरों में सबसे ज्यादा तेजी रही। निजी और सरकारी दोनों बैंकों के शेयरों में लगातार खरीदारी हुई जिससे सेक्टर मजबूती के साथ बंद हुआ। ऑटो सेक्टर में भी मांग मजबूत रही जिससे प्रमुख ऑटो कंपनियों के शेयर चढ़े। मेटल सेक्टर में भी सकारात्मक रुख देखा गया।इसके विपरीत FMCG सेक्टर में मुनाफावसूली का दबाव रहा और यह सेक्टर लाल निशान में बंद हुआ। विशेषज्ञों का कहना है कि चुनिंदा सेक्टर्स में वैल्यू बाइंग और घरेलू संस्थागत निवेशकोंDII की खरीद ने बाजार को मजबूती प्रदान की।

    वैश्विक बाजारों से मिले-जुले संकेत
    वैश्विक बाजारों में आज मिले-जुले संकेत मिले। एशियाई बाजारों में दक्षिण कोरिया का कोस्पी इंडेक्स 1.29 प्रतिशत बढ़कर 4268 पर पहुंचा। जापान का निक्केई इंडेक्स 0.37 प्रतिशत गिरकर 50339 पर रहा। हांगकांग का हैंगसेंग इंडेक्स 2.25 प्रतिशत की तेजी के साथ 26205 पर बंद हुआ जबकि चीन का शंघाई कंपोजिट मामूली बढ़त के साथ 3968 पर कारोबार कर रहा था।अमेरिकी बाजारों में 1 जनवरी को डाउ जोंस 0.63 प्रतिशत गिरकर 48063 पर बंद हुआ। नैस्डेक कंपोजिट और S&P 500 में क्रमशः 0.76 और 0.74 प्रतिशत की कमजोरी रही।

    निवेशकों की गतिविधि

    आंकड़ों के अनुसार 31 दिसंबर को विदेशी संस्थागत निवेशकोंFII ने लगभग 3268 करोड़ रुपये के शेयर बेचे। इसके विपरीत घरेलू संस्थागत निवेशकोंDII ने 1525 करोड़ रुपये की खरीदारी की। दिसंबर 2025 में FIIs ने कुल 34349 करोड़ रुपये के शेयर बेचे जबकि DIIs ने लगभग 79620 करोड़ रुपये की खरीदारी की। नवंबर 2025 में भी घरेलू निवेशकों की खरीद ने बाजार को मजबूती दी थी।

    पिछले कारोबारी दिन का हाल

    साल के पहले कारोबारी दिन 1 जनवरी 2026 को बाजार लगभग सपाट बंद हुआ था। सेंसेक्स 32 अंक गिरकर 85189 पर और निफ्टी 17 अंकों की बढ़त के साथ 26147 पर बंद हुआ था।कुल मिलाकर आज के कारोबार में घरेलू निवेशकों के भरोसे और सेक्टोरल खरीदारी के दम पर बाजार में मजबूती देखी गई। आगे की चाल वैश्विक संकेतों विदेशी निवेशकों की गतिविधियों और घरेलू आर्थिक डेटा पर निर्भर करेगी। निवेशक बैंकिंग और मेटल जैसे प्रमुख सेक्टर्स पर नजर बनाए रख सकते हैं जबकि FMCG में मुनाफावसूली का दबाव जारी रह सकता है।