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  • MP में मौसम में आया बदलाव: हल्की बारिश और कोहरे के साथ ठंड से मिली राहत, 26 से फिर बदलेगा करवट

    MP में मौसम में आया बदलाव: हल्की बारिश और कोहरे के साथ ठंड से मिली राहत, 26 से फिर बदलेगा करवट


    भोपाल। मध्य प्रदेश में जनवरी के अंतिम दिनों में मौसम ने एक बार फिर नया रूप दिखाया है। 26 जनवरी के बाद प्रदेश में ठंड का नया चरण शुरू होने की संभावना है। उत्तर भारत में सक्रिय मजबूत पश्चिमी विक्षोभ का असर अब मध्य प्रदेश तक पहुँच रहा है।

    प्रदेश के कई हिस्सों में रात की सर्दी से राहत मिली है। दिन में बादल छाए रहे और कुछ जगहों पर हल्की बूंदाबांदी भी दर्ज की गई। शुक्रवार को ग्वालियर-चंबल क्षेत्र में बादलों और बारिश के संकेत देखे गए, जबकि शनिवार की सुबह कई जिलों में हल्का कोहरा रहा।

    मौसम विभाग ने बताया कि अगले दो दिन तक तेज ठंड की संभावना नहीं है।

    मौसम विभाग के अनुसार, उत्तर पाकिस्तान के ऊपर सक्रिय निम्न दाब क्षेत्र और उससे जुड़ी ट्रफ के कारण प्रदेश में मौसम में बदलाव आया है। ग्वालियर, मुरैना, भिंड, श्योपुर, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना और सतना में शुक्रवार को बादल छाए रहे और कुछ स्थानों पर हल्की बूंदाबांदी हुई। भोपाल में दोपहर के समय बादलों की मौजूदगी के कारण तापमान में 2-3 डिग्री की गिरावट दर्ज की गई।

    शनिवार को प्रदेश के कई हिस्सों में कोहरा छाया रहा। ग्वालियर, मुरैना, भिंड, श्योपुर, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर और पन्ना में हल्का से मध्यम कोहरा रहा।

    भोपाल, इंदौर और उज्जैन में भी हल्का कोहरा देखा गया।

    मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि 26 जनवरी से उत्तर-पश्चिम भारत में सक्रिय एक और पश्चिमी विक्षोभ मध्य प्रदेश को प्रभावित कर सकता है। इसके प्रभाव से ग्वालियर, मुरैना, भिंड, दतिया, शिवपुरी, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, अशोकनगर, गुना, राजगढ़, आगर-मालवा, नीमच और मंदसौर में हल्की बारिश होने की संभावना है। तेज ठंड की संभावना नहीं है, लेकिन सुबह के समय कोहरा बना रह सकता है।

    शुक्रवार की रात न्यूनतम तापमान में वृद्धि दर्ज की गई। भोपाल और इंदौर में तापमान 17 डिग्री सेल्सियस पार कर गया, जो जनवरी में पहली बार हुआ। भोपाल में 17.4, इंदौर में 17.3, ग्वालियर में 13.5, उज्जैन में 15 और जबलपुर में 14.8 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड हुआ। वहीं, शहडोल का कल्याणपुर सबसे ठंडा रहा, जहां न्यूनतम तापमान 5.3 डिग्री सेल्सियस था। शिवपुरी 8, चित्रकूट 8.4, कटनी के करौंदी 8.6, रीवा 8.4, खजुराहो 9.4 और मंडला 9.7 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया।

  • मध्य प्रदेश में सर्द हवाओं का सितम जारी, लेकिन कोहरे से मिली राहत, 15 से बदलेगा मौसम

    मध्य प्रदेश में सर्द हवाओं का सितम जारी, लेकिन कोहरे से मिली राहत, 15 से बदलेगा मौसम


    भोपाल। मध्य प्रदेश में ठंड का दौर लगातार जारी है, हालांकि पिछले कुछ दिनों की तुलना में कोहरे से लोगों को कुछ राहत मिली है। ज्यादातर इलाकों में आसमान साफ रहा और दिन में धूप निकलने से हल्की राहत महसूस की गई। भिंड, मुरैना, श्योपुर, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना और सतना में सुबह हल्का से मध्यम कोहरा देखने को मिला। उत्तर भारत से आ रही ठंडी हवाओं का असर प्रदेश के उत्तरी जिलों में ज्यादा दिखाई दे रहा है।
    मौसम विभाग के मुताबिक बुधवार को राज्य के अधिकांश हिस्सों में मौसम शुष्क रहेगा और धूप खिलने की संभावना है। भोपाल, इंदौर और उज्जैन जैसे बड़े शहरों में दिन के समय तापमान में थोड़ी बढ़ोतरी होगी, लेकिन रात की ठंड बरकरार रहेगी। ग्वालियर-चंबल अंचल के साथ सागर और रीवा संभाग में सर्दी का असर अभी कम होने के आसार नहीं हैं।

    बुधवार सुबह ग्वालियर, भिंड, मुरैना, श्योपुर, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना और सतना में कोहरे के कारण दृश्यता प्रभावित रही। वहीं भोपाल, इंदौर, उज्जैन, जबलपुर, सीहोर, शाजापुर, देवास समेत 15 से अधिक जिलों में विजिबिलिटी 2 से 4 किलोमीटर के बीच दर्ज की गई। मौसम विभाग ने स्पष्ट किया है कि अगले चार दिनों तक प्रदेश में मौसम शुष्क बना रहेगा। फिलहाल कहीं भी शीतलहर या कोल्ड डे का अलर्ट जारी नहीं किया गया है।

    उत्तरी हिस्सों में कड़ाके की ठंड, ग्वालियर–कटनी रहे सबसे ठंडे
    प्रदेश के उत्तरी जिलों में बर्फीली हवाओं के कारण न्यूनतम तापमान काफी नीचे चला गया है। मंगलवार रात ग्वालियर, छतरपुर का नौगांव और कटनी का करौंदी प्रदेश के सबसे ठंडे स्थान रहे। ग्वालियर में न्यूनतम तापमान 6.5 डिग्री, कटनी के करौंदी में 4.7 डिग्री, सतना के चित्रकूट में 5.3 डिग्री और नौगांव में 5.5 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। कोहरे की वजह से रेल यातायात पर भी असर पड़ा और कई ट्रेनें देरी से चलीं। प्रदेश के एकमात्र हिल स्टेशन पचमढ़ी में तापमान 5.8 डिग्री दर्ज किया गया। खजुराहो में 6 डिग्री, दतिया में 6.2 डिग्री, मंडला और राजगढ़ में 6.4 डिग्री तथा रीवा में 6.5 डिग्री सेल्सियस तापमान रहा। राजधानी भोपाल में न्यूनतम तापमान 10.2 डिग्री, इंदौर में 9.5 डिग्री, उज्जैन में 11 डिग्री और जबलपुर में 9.5 डिग्री दर्ज हुआ।

    दिन में भी ठंड का असर
    मंगलवार को दिन के तापमान में भी खास बढ़ोतरी नहीं हो सकी। ग्वालियर में अधिकतम तापमान 24.3 डिग्री, दतिया में 23.4 डिग्री और श्योपुर में 23.2 डिग्री रहा। पचमढ़ी में 21.8 डिग्री, खजुराहो में 23.4 डिग्री, नौगांव में 23.5 डिग्री, रीवा में 22.4 डिग्री, सीधी में 23 डिग्री, टीकमगढ़ और उमरिया में 24 डिग्री तथा मलाजखंड में 23 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया।

    15 जनवरी से बदलेगा मौसम का मिजाज
    मौसम विभाग ने बताया कि 15 जनवरी से पश्चिमी हिमालय क्षेत्र में एक मजबूत पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो रहा है। इसके प्रभाव से दो से तीन दिन बाद मध्य प्रदेश के मौसम में बदलाव देखने को मिल सकता है। खास तौर पर उत्तरी जिलों में मावठा गिरने की संभावना जताई गई है।

  • MP में शीतलहर का कहर जारी, नए पश्चिमी विक्षोभ के कारण 7 जिलों में अलर्ट

    MP में शीतलहर का कहर जारी, नए पश्चिमी विक्षोभ के कारण 7 जिलों में अलर्ट


    भोपाल । मध्य प्रदेश में ठंड का असर लगातार बढ़ता जा रहा है, और अब सर्दी का सितम और ज्यादा बढ़ने वाला है। मौसम विभाग के अनुसार, प्रदेश में पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो गया है, जिसके कारण अगले दो दिनों तक कड़ाके की ठंड बनी रहेगी। सुबह के समय घने कोहरे के कारण विजिबलिटी में कमी आ रही है, जिससे यात्रा करना और भी कठिन हो रहा है। कई जिलों में धूप भी अब बेअसर हो गई है, और ठंड का प्रकोप और ज्यादा महसूस किया जा रहा है।

    मौसम विभाग ने 7 जिलों ग्वालियर, चंबल, रीवा समेत अन्य इलाकों में शीतलहर का अलर्ट जारी किया है। इसके अलावा, 20 से अधिक जिलों में घना कोहरा रहने की संभावना है। शनिवार को खजुराहो सबसे ठंडा शहर रहा, जहां न्यूनतम तापमान 3.6°C दर्ज किया गया। वहीं दतिया में 4.6°C, राजगढ़ में 4.4°C, शिवपुरी में 4°C, नौगांव में 5°C और रीवा में 5.5°C तापमान रहा।

    मौसम का हाल

    प्रदेश के प्रमुख शहरों में भी ठंड का असर देखने को मिला है। इंदौर का तापमान 6.9°C, भोपाल का 7°C और ग्वालियर का 5.9°C दर्ज किया गया। जबलपुर में हालांकि थोड़ा राहत का मौसम रहा, जहां तापमान 9.4°C था। प्रदेश के 25 शहरों में रात का तापमान 10°C से नीचे रहा।पश्चिमी विक्षोभ के कारण अगले दो दिन ठंड का कहर और बढ़ने की संभावना जताई जा रही है। जनवरी में हो रही यह रिकॉर्ड ठंड ने नवंबर और दिसंबर के तापमान के रिकॉर्ड भी तोड़ दिए हैं, और लोग ठंड से राहत पाने के लिए परेशान हो गए हैं।
  • कड़ाके की ठंड और घना कोहरा, मध्य प्रदेश के कई इलाके प्रभावित, ग्वालियर-चंबल सबसे अधिक

    कड़ाके की ठंड और घना कोहरा, मध्य प्रदेश के कई इलाके प्रभावित, ग्वालियर-चंबल सबसे अधिक


    भोपाल। उत्तर भारत से आ रही ठंडी हवाओं के चलते मध्य प्रदेश में ठंड का प्रकोप तेज हो गया है। विशेषकर ग्वालियर, चंबल और सागर संभाग में तापमान लगातार घट रहा है। मौसम विभाग के अनुसार कई जिलों में न्यूनतम तापमान 5 डिग्री सेल्सियस से नीचे दर्ज किया गया है। वहीं, 15 से अधिक जिलों में घना कोहरा छाया हुआ है, जिससे सड़क और रेल यातायात प्रभावित हो रहा है।

    शुक्रवार को ग्वालियर, मुरैना, भिंड, दतिया, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना और सतना में कोल्ड डे जैसी स्थिति बनी रही। मौसम विभाग ने बताया कि शनिवार को भी ठंड की स्थिति समान रहने की संभावना है। दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़ और छतरपुर में दिनभर तापमान सामान्य से कम रहने के कारण कोल्ड डे अलर्ट जारी किया गया है। उत्तर से आ रही सर्द हवाओं के कारण प्रदेश के उत्तरी हिस्सों में ठंड और बढ़ गई है।

    राज्य के प्रमुख शहरों में तापमान में गिरावट

    राजधानी भोपाल के साथ ही इंदौर, उज्जैन और जबलपुर में रातें बेहद ठंडी रही। ग्वालियर-चंबल अंचल में दिन का तापमान भी सामान्य से कम रहा। गुरुवार-शुक्रवार की रात प्रदेश में सबसे ठंडा खजुराहो (छतरपुर) रहा, जहां न्यूनतम तापमान 3.4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। दतिया में 3.9, शिवपुरी में 4, राजगढ़ में 5, पचमढ़ी में 5.8, मंडला में 5.9, रीवा में 6, उमरिया में 6.4 और सीधी व टीकमगढ़ में 6.8 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया। बड़े शहरों में ग्वालियर सबसे ठंडा रहा, जहां न्यूनतम तापमान 5 डिग्री था।

    भोपाल में पारा 8, इंदौर में 9.4, उज्जैन में 8.3 और जबलपुर में 8.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि अगले दो दिन तक ठंड और कोहरे की स्थिति बनी रह सकती है, इसलिए लोग आवश्यक सावधानी बरतें।

    घना कोहरा और यातायात में परेशानी

    घने कोहरे के कारण रेल यातायात भी प्रभावित हुआ है। मालवा एक्सप्रेस सहित दिल्ली से भोपाल, इंदौर और उज्जैन आने-जाने वाली दर्जनभर ट्रेनें देरी से चल रही हैं। पंजाब मेल, जनशताब्दी और सचखंड एक्सप्रेस जैसी प्रमुख ट्रेनों में भी समय की अनियमितता देखी जा रही है।

    सड़क मार्ग पर भी घना कोहरा ड्राइवरों के लिए चुनौती बना हुआ है। अधिकारियों ने लोगों से वाहन सावधानीपूर्वक चलाने और समय निकालकर यात्रा करने की सलाह दी है।

    मध्य प्रदेश में कड़ाके की ठंड और घने कोहरे के बीच ग्वालियर-चंबल अंचल सबसे अधिक प्रभावित हैं। तापमान में गिरावट और कोहरे से सड़क और रेल यातायात बाधित है। अगले दो दिन मौसम की यह स्थिति बनी रहने की संभावना है।

  • भोपाल एयरपोर्ट पर नया आईएलएस सिस्टम: उड़ानें अब समय पर, यात्रियों को मिली राहत

    भोपाल एयरपोर्ट पर नया आईएलएस सिस्टम: उड़ानें अब समय पर, यात्रियों को मिली राहत


    भोपाल । भोपाल राजा भोज एयरपोर्ट पर अब यात्रियों को मौसम के खराब होने और कोहरे के कारण होने वाली उड़ान देरी से राहत मिल गई है। एयरपोर्ट पर अत्याधुनिक कैटेगरी-2 इंस्टूमेंट लैंडिंग सिस्टम आईएलएस की स्थापना के साथ अब उड़ानों की टाइमिंग पर ब्रेक लग गया है। पहले जहां मौसम खराब होने और घने कोहरे के कारण उड़ानों को डायवर्ट करना पड़ता था, वहीं अब इस नए सिस्टम की मदद से ऐसी घटनाओं में काफी कमी आई है। पिछले दिसंबर-जनवरी के महीने में भोपाल एयरपोर्ट पर उड़ानें लेट होने और डायवर्ट होने की समस्या आम थी, लेकिन अब नए सिस्टम के चलते एक भी उड़ान डायवर्ट नहीं हुई है।
    आईएलएस सिस्टम की स्थापना का काम तीन साल से चल रहा था, जिसमें मौसम उपकरणों के अपग्रेडेशन के लिए कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। रनवे से लगी कुछ ज़मीन सेना की थी, जिसके कारण इस उपकरण की स्थापना में रुकावट आ रही थी। हालांकि, इस समस्या का समाधान होते ही एयरपोर्ट अथॉरिटी ने इस अत्याधुनिक सिस्टम की स्थापना पूरी की। अब जब दृश्यता 350 मीटर तक घट जाती है, तब भी विमान इस सिस्टम की मदद से सुरक्षित लैंड कर सकते हैं।
    नए सिस्टम की स्थापना से न केवल उड़ान की देरी में कमी आई है, बल्कि यात्रियों को भी राहत मिली है। इस अपग्रेडेशन को नागर विमानन महानिदेशालय डीजीसीए से औपचारिक अनुमति मिलने के बाद पूरी तरह से लागू किया गया है। अब यह सिस्टम अपनी पूरी क्षमता से काम कर रहा है और यह सुनिश्चित कर रहा है कि कोहरे और खराब मौसम के बावजूद उड़ानें समय पर चल सकें।
    एयरपोर्ट अथॉरिटी के मुताबिक, इस अपग्रेडेशन से यात्रा की सुरक्षा और सुविधा दोनों बढ़ी हैं। पिछले कुछ समय से एयरपोर्ट पर यात्रियों की संख्या में भी वृद्धि हो रही है, और यह नया सिस्टम उनके लिए एक बड़ी राहत साबित हो रहा है। अब भोपाल एयरपोर्ट देश के उन चुनिंदा एयरपोर्ट्स में शामिल हो गया है, जहां अत्याधुनिक कैटेगरी-2 आईएलएस सिस्टम की स्थापना की गई है। यह एयरपोर्ट इस प्रणाली के साथ प्रदेश का पहला और देश का तीसरा एयरपोर्ट बन चुका है, जिसने अपने उड़ान संचालन को और भी सुरक्षित और प्रभावी बना लिया है।

  • कड़ाके की ठंड ने मचाई परेशानी, ग्वालियर-चंबल अंचल में अगले दो दिन और सर्दी का असर रहेगा

    कड़ाके की ठंड ने मचाई परेशानी, ग्वालियर-चंबल अंचल में अगले दो दिन और सर्दी का असर रहेगा


    भोपाल । मध्य प्रदेश में इस समय कड़ाके की सर्दी का दौर जारी है, और गुरुवार को कई इलाकों में कोल्ड डे की स्थिति रही। मौसम विभाग के अनुसार, अगले दो दिनों तक मौसम का मिजाज इसी तरह सर्द और शीतल रहेगा। ग्वालियर, चंबल, सागर और रीवा संभाग के जिलों में घना कोहरा और शीतल दिन बने रहने की संभावना है। इस ठंड का असर फसलों पर भी पड़ सकता है, जिससे पाला पड़ने का खतरा बढ़ गया है।
    गुरुवार को प्रदेश में खजुराहो में सबसे कम तापमान 3.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इसके अलावा, शहडोल में भी शीतलहर का प्रभाव देखा गया। ग्वालियर और दतिया में अति घना कोहरा था, जिससे तापमान में गिरावट आई। ग्वालियर में अधिकतम तापमान 10.4 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया, जो उसके न्यूनतम तापमान 7.1 डिग्री सेल्सियस से महज 3.3 डिग्री अधिक था, और यह अब तक का सबसे कम दिन का तापमान था। प्रदेश के अन्य इलाकों में भी सर्दी का असर बना हुआ है। मुरैना, भिंड, श्यौपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी, छतरपुर जैसे जिलों में शीतल दिन की स्थिति बनी रही।
    इन इलाकों में सुबह से ही घना कोहरा और सर्द हवाएं चल रही हैं, जिससे दिन के तापमान में अधिक वृद्धि नहीं हो पा रही है। मौसम विज्ञानियों का कहना है कि इस कड़ाके की ठंड के कारण अगले दो दिनों तक प्रदेश में मौसम का यही हाल रहेगा। खासकर ग्वालियर, चंबल, रीवा, और सागर जैसे इलाकों में घना कोहरा और शीतल दिन का असर बने रहने की संभावना है। इसके अलावा, शीतलहर के चलते किसानों के लिए चिंता बढ़ गई है। ठंड के कारण फसलों पर पाले का असर पड़ सकता है, जिससे उत्पादकों को नुकसान होने का खतरा है।
    इस दौरान गेहूं, सरसों और अन्य ठंडी फसलों पर पाले का प्रभाव हो सकता है। इस सर्दी के कारण जनजीवन भी प्रभावित हो रहा है। लोग ठंड से बचने के लिए घरों में कैद हो गए हैं, और सड़कों पर भी कम लोग नजर आ रहे हैं। खासकर सुबह और शाम के समय सर्दी का असर ज्यादा महसूस हो रहा है। ठंड के बढ़ते असर को देखते हुए सरकार और प्रशासन ने भी सतर्कता बरतने की अपील की है और लोगों से घनी धुंध में गाड़ी चलाते समय सावधानी बरतने की चेतावनी दी है।

  • मध्यप्रदेश में घने कोहरे और शीतलहर का असर ट्रेनें 14 घंटे लेट 24 जिलों में स्कूल बंद

    मध्यप्रदेश में घने कोहरे और शीतलहर का असर ट्रेनें 14 घंटे लेट 24 जिलों में स्कूल बंद


    मध्यप्रदेश । मध्यप्रदेश में इस समय कड़ाके की ठंड और घने कोहरे का प्रभाव देखने को मिल रहा है जिससे जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। मंगलवार सुबह राज्य के कई हिस्सों में विजिबिलिटी सिर्फ 20 मीटर तक सिमट गई जिससे यातायात और रेल यात्रा पर बुरा असर पड़ा। मौसम विभाग ने अगले तीन दिनों तक घने कोहरे का अलर्ट जारी किया है।

    भोपाल ग्वालियर इंदौर जबलपुर उज्जैन और शहडोल सहित 30 से अधिक जिलों में घना कोहरा छाया रहा। इस वजह से सड़क पर वाहन रेंगते नजर आए और तापमान भी काफी नीचे गिर गया। शहडोल में न्यूनतम तापमान 3.8 डिग्री सेल्सियस दतिया में 4.4 डिग्री और राजगढ़-खजुराहो में 5.4 डिग्री दर्ज किया गया। भोपाल का तापमान 6.8 डिग्री ग्वालियर का 6.4 डिग्री और इंदौर का 8.6 डिग्री सेल्सियस रहा।

    इस घने कोहरे का सबसे बड़ा असर रेल यातायात पर पड़ा है। उत्तर भारत से आने वाली कई ट्रेनें 10 से 14 घंटे तक लेट रही हैं। श्रीधाम एक्सप्रेस इटारसी 13.5 घंटे की देरी से पहुंची जबकि अगरतला-रानी कमलापति स्पेशल ट्रेन लगभग 14 घंटे लेट रही। कई अन्य ट्रेनें जैसे मालवा सचखंड कर्नाटक और तमिलनाडु एक्सप्रेस भी 2 से 5 घंटे तक विलंब से चलीं। इस वजह से स्टेशन पर यात्रियों को ठंड में लंबा इंतजार करना पड़ा।

    बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए इंदौर उज्जैन ग्वालियर जबलपुर रतलाम नीमच मंदसौर शाजापुर सहित 24 जिलों में नर्सरी से आठवीं तक के स्कूल बंद कर दिए गए हैं। वहीं भोपाल धार सीहोर बड़वानी मुरैना खरगोन और अनूपपुर में स्कूलों की टाइमिंग में बदलाव किया गया है और अब स्कूल सुबह 930 या 10 बजे के बाद शुरू होंगे।

    मौसम विशेषज्ञों के अनुसार उत्तर भारत से आ रही ठंडी हवाएं और नमी के कारण कोहरा और बढ़ा है। पश्चिमी विक्षोभ के असर से जनवरी में ठंड का यह दौर और तेज हुआ है। नवंबर और दिसंबर में रिकॉर्ड ठंड के बाद जनवरी में भी राहत की उम्मीद कम है। मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे सावधानी बरतें अनावश्यक यात्रा से बचें और विशेषकर बच्चों और बुजुर्गों का ध्यान रखें। प्रशासन हालात पर लगातार नजर बनाए हुए है और आवश्यकता पड़ने पर स्कूलों के बारे में और निर्णय लिया जा सकता है।

  • कड़ाके की सर्दी और शीतलहर का असर4 राज्यों में ऑरेंज अलर्ट17 राज्यों में येलो अलर्ट

    कड़ाके की सर्दी और शीतलहर का असर4 राज्यों में ऑरेंज अलर्ट17 राज्यों में येलो अलर्ट


    नई दिल्ली । भारत के कई हिस्सों में इस समय कड़ाके की सर्दी और शीतलहर का सामना हो रहा है। मौसम विभाग ने देश के 4 राज्यों में शीतलहर के कारण ऑरेंज अलर्ट जारी किया हैजबकि 17 राज्यों में येलो अलर्ट लागू किया गया है। इस कड़ी सर्दी और घने कोहरे ने सामान्य जनजीवन को प्रभावित किया हैखासकर उत्तर-पश्चिममध्यपूर्वी और उत्तर-पूर्वी भारत में।

    ऑरेंज और येलो अलर्ट

    मौसम विभाग ने बताया कि अगले 4-5 दिनों तक देश के कई हिस्सों में शीतलहर और घने से बहुत घने कोहरे की स्थिति बनी रह सकती है। उत्तर-पश्चिम भारतमध्य भारत और पूर्वी भारत के कई राज्य शीतलहर और घने कोहरे की चपेट में आ सकते हैं। जिन चार राज्यों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया हैवहां तापमान और कोहरे की स्थिति बेहद खतरनाक हो सकती है। इसके अलावा17 अन्य राज्यों में येलो अलर्ट जारी किया गया हैजो घने कोहरे और शीतलहर की चेतावनी देता हैजिससे दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ सकता है।

    प्रयागराज में श्रद्धालुओं की भीड़

    इस बीचउत्तर भारत में शीतलहर और कोहरे के बीच लाखों श्रद्धालु माघ मेले में शामिल होने के लिए प्रयागराज पहुंच रहे हैं। रेलवे और पुलिस विभाग ने इस भीड़-भाड़ को देखते हुए उच्च सुरक्षा और अलर्ट जारी कर दिया है। घने कोहरे के कारण रेलवे ट्रेनों के समय में बदलाव आ सकता हैऔर यात्रियों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

    सर्दी से बचाव के उपाय

    मौसम विभाग ने सभी नागरिकों को कड़ाके की सर्दी से बचने के लिए उचित गर्म कपड़े पहन नेधू प में रहने और शरीर को गर्म रखने के उपायों की सलाह दी है। खासकर उन इलाकों में जहां घना कोहरा हैवहां विजिबिलिटी बहुत कम हो सकती हैजिससे सड़क और रेलवे दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ सकता है।

    अधिकारियों की तैयारी

    रेलवे और पुलिस विभाग ने शीतलहर और कोहरे के प्रभाव को कम करने के लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। खासकर ट्रेनों की निगरानी और ट्रैफिक मैनेजमेंट में विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इसके अलावास्थानीय प्रशासन ने नागरिकों से आग्रह किया है कि वे मौसम की स्थिति को देखते हुए सुरक्षित यात्रा करें और जरूरत न होने पर घरों से बाहर न निकलें। देश के विभिन्न हिस्सों में सर्दी और कोहरे के कारण मुश्किलें बढ़ रही हैंऔर सरकार और स्थानीय प्रशासन की तरफ से यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि नागरिकों को हर संभव सहायता मिल सके।

  • इंदौर में सर्द हवाओं से ठिठुरन अगले हफ्ते तक कोहरे और कड़ाके की ठंड का सामना करेंगे शहरवासी

    इंदौर में सर्द हवाओं से ठिठुरन अगले हफ्ते तक कोहरे और कड़ाके की ठंड का सामना करेंगे शहरवासी


    इंदौर । इंदौर में इन दिनों सर्द हवाओं और घने कोहरे ने शहरवासियों को ठिठुरन का अहसास करा दिया है। रविवार की सुबह भी कोहरे ने इंदौर को अपनी चपेट में लिया और शनिवार को भी कोहरा छाया हुआ था जिसके कारण दृश्यता 100 मीटर तक सिमट गई थी। इस घने कोहरे के कारण इंदौर एयरपोर्ट से दो दर्जन उड़ानें प्रभावित हुईं।

    उत्तर भारत से आ रही सर्द हवाओं के कारण शहरवासियों को दिन और रात दोनों समय ठंडक का अहसास हो रहा है। मौसम विभाग के अनुसार इंदौर में अगले एक हफ्ते तक कोहरे और शीतलहर की स्थिति बनी रहेगी। 4 से 6 जनवरी के बीच न्यूनतम तापमान में और गिरावट की संभावना जताई गई है।

    वर्तमान में पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से इंदौर में नमी आ रही है और उत्तरी हवाओं की वजह से ठंडक का असर दिन में भी महसूस हो रहा है। हालांकि तीन दिन बाद हवाओं का रुख पश्चिमी होने से तापमान में ज्यादा गिरावट देखने को नहीं मिलेगी। 10 जनवरी के आसपास एक नया पश्चिमी विक्षोभ उत्तर भारत में बनेगा जिसके प्रभाव से इंदौर का तापमान बढ़ सकता है।

    शुक्रवार रात तीन बजे से शनिवार सुबह 4.30 बजे तक घना कोहरा छाया रहा और इस दौरान दृश्यता 100 मीटर तक सिमट गई। दिन में धूप भी बहुत कम समय के लिए निकली और अधिकांश समय बादल छाए रहे। शनिवार को इंदौर का अधिकतम तापमान 21.9 डिग्री सेल्सियस रहा जो सामान्य से तीन डिग्री कम था जबकि न्यूनतम तापमान 12.6 डिग्री सेल्सियस रहा जो सामान्य से तीन डिग्री अधिक था।भोपाल स्थित मौसम केंद्र के वैज्ञानिकों के अनुसार अगले तीन दिनों तक इंदौर में शीतलता बरकरार रहेगी। रविवार तक कोहरे का असर जारी रहेगा और न्यूनतम तापमान 10 डिग्री के आसपास रहने की संभावना है।

  • कोहरे के कारण सड़क हादसा बाइक से पिकअप में टकरा कर युवक की मौत, पिता घायल

    कोहरे के कारण सड़क हादसा बाइक से पिकअप में टकरा कर युवक की मौत, पिता घायल


    मंडला । मंडला जिले के चौकी पिंडरई क्षेत्र में शुक्रवार सुबह घने कोहरे के कारण एक दर्दनाक सड़क हादसा हुआ जिसमें 21 वर्षीय युवक करण यादव की मौत हो गई। हादसा सुबह करीब 6 बजे हुआ जब वह परीक्षा देने जबलपुर जाने के लिए बाइक से पिंडरई जा रहा था।

    घटना के अनुसार करण यादव बाइक पर अपने पिता बसंत यादव के साथ जा रहा था। जैसे ही वह तुमेगांव मंदिर के पास पहुंचे घने कोहरे के कारण उन्हें सड़क किनारे खड़ी पिकअप वाहन दिखाई नहीं दी। नतीजा यह हुआ कि बाइक सीधे पिकअप वाहन से टकरा गई। हादसे के समय पिकअप वाहन पूरी तरह से खड़ा था और कोहरे के कारण करण को उसे देखने का मौका नहीं मिला।

    इस गंभीर हादसे में करण को बहुत गंभीर चोटें आईं जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। वहीं उसके पिता बसंत यादव को मामूली चोटें आईं और उन्हें इलाज के लिए सिविल अस्पताल नैनपुर में भर्ती कराया गया।
    घटना के बाद क्षेत्र में शोक का माहौल बना हुआ है।

    प्रशासन ने हादसे के कारणों की जांच शुरू कर दी है लेकिन घना कोहरा और सड़क पर खड़ी गाड़ी को हादसे का प्रमुख कारण माना जा रहा है।
    अधिकारियों का कहना है कि इस तरह के हादसों से बचने के लिए सड़क सुरक्षा को और मजबूत करने की आवश्यकता है खासकर कोहरे जैसे मौसम में।