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  • US में बड़ी आतंकी साजिश नाकाम…. FBI चीफ बोले- ISIS के निशाने पर था न्यूयॉर्क स्टेट कैपिटल

    US में बड़ी आतंकी साजिश नाकाम…. FBI चीफ बोले- ISIS के निशाने पर था न्यूयॉर्क स्टेट कैपिटल


    वाशिंगटन।
    एफबीआई निदेशक काश पटेल (FBI Director Kash Patel) ने शनिवार को कहा कि संघीय कानून प्रवर्तन एजेंसियों (Federal Law Enforcement Agencies) ने एक आतंकी साजिश (Terrorist plot) नाकाम की है। उन्होंने कहा कि यह न्यूयॉर्क स्टेट कैपिटल को निशाना बनाने की साजिश थी। पटेल के मुताबिक, यह साजिश आईएसआईएस (ISIS) से प्रेरित थी।

    काश पटेल के मुताबिक, इस साजिश में अल्बानी की 35 साल की एक महिला शामिल थी। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इसकी जानकारी दी। पटेल ने संघीय आतंकवाद रोधी अभियानों के बारे में भी बताया। उन्होंने कहा कि पिछले एक साल में 640 आतंकी हमलों की साजिशें नाकाम की गईं।


    काश पटेल ने सोशल मीडिया पोस्ट में क्या लिखा?

    उन्होंने एक्स पर लिखा, अमेरिकी जमीन पर एक और संभावित आतंकी हमला नाकाम किया गया। 35 साल की अल्बानी की एक महिला पर न्यूयॉर्क स्टेट कैपिटल को निशाना बनाने का आरोप है। उसने आईएसआईएस से प्रेरित हमले की साजिश रची थी। यह उन खतरों में से सिर्फ एक है, जिनका संघीय कानून प्रवर्तन सामना कर रहा है। पिछले साल 640 आतंकी हमलों की योजनाएं नाकाम की गईं।

    पटेल ने मौजूदा सुरक्षा चुनौतियों पर भी बात की। उन्होंने कहा कि खतरे कई तरह के हैं। अधिकारी अमेरिका में लोगों को निशाना बनाने वाले खतरों से निपट रहे हैं। इसके साथ ही विदेश में तैनात अमेरिकी सैनिक भी निशाने पर हैं। उन्होंने कहा कि इन खतरों से भी अधिकारी निपट रहे हैं। अल्बानी की साजिश नाकाम होने पर पटेल ने कहा कि निर्दोष लोगों की जान जाने से पहले एक और कथित आतंकी साजिश रोक दी गई। उन्होंने कहा कि कुछ अभियानों के बारे में लोगों को जानकारी मिलती है। कई अभियानों के बारे में कभी पता नहीं चलता। उन्होंने कहा, यही हमारा मिशन है।


    साजिश को नाकाम करने में शामिल टीमों की सराहना की

    पटेल ने हमले को नाकाम करने में शामिल टीमों की तारीफ की। उन्होंने संघीय जांच ब्यूरो (एफबीआई) की कार्रवाई को भी सराहा। उन्होंने कहा, हमारी एफबीआई अल्बानी टीम ने शानदार काम किया। न्याय विभाग में हमारे सहयोगियों ने भी अच्छा काम किया। अटॉर्नी जनरल टॉड ब्लांशे ने भी सहयोग किया। यह एफबीआई खतरों का पता लगाती रहेगी। उन्हें नाकाम करती रहेगी। अमेरिकियों को सुरक्षित रखेगी।


    आईएसआईएस के खिलाफ पहले भी चला था अभियान

    इससे पहले मई में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बड़ी कार्रवाई की जानकारी दी थी। उन्होंने बताया था कि अमेरिकी सेना ने नाइजीरिया के सशस्त्र बलों के साथ मिलकर अभियान चलाया। इस अभियान में आईएसआईएस के दूसरे नंबर के कमांडर को मार गिराया गया था। ट्रंप ने इसे ‘जटिल और सटीक’ सैन्य अभियान बताया था। ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर इसकी जानकारी दी थी। उन्होंने कहा था कि अबू-बिलाल अल-मिनुकी को संयुक्त अभियान में मार गिराया गया।

  • J&K: सुरक्षा बलों ने LoC पर घुसपैठ की कोशिश को किया नाकाम… आतंकियों को खदेड़ा

    J&K: सुरक्षा बलों ने LoC पर घुसपैठ की कोशिश को किया नाकाम… आतंकियों को खदेड़ा


    श्रीनगर।
    जम्मू-कश्मीर (Jammu and Kashmir) के राजौरी जिले (Rajouri district) में नियंत्रण रेखा (LoC) पर शनिवार को सुरक्षा बलों ने मुस्तैदी दिखाते हुए घुसपैठ (Infiltration) की एक संभावित कोशिश को नाकाम कर दिया। अधिकारियों से मिली जानकारी के मुताबिक, सीमा पर तैनात सेना के जवानों ने एक संदिग्ध गतिविधि देखने के बाद फायरिंग शुरू कर दी। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार यह घटना शुक्रवार रात करीब 10 बजे राजौरी के तारकुंडी फॉरवर्ड एरिया में हुई।

    सीमा की रखवाली कर रहे सतर्क जवानों ने कुछ संदिग्ध आतंकवादियों को भारतीय सीमा में घुसने की कोशिश करते देखा, जिसके बाद सैनिकों ने तुरंत मोर्चा संभालते हुए छोटे हथियारों से फायरिंग शुरू कर दी। भारतीय सेना की इस कार्रवाई के बाद सीमा पार पाकिस्तान की ओर से भी जवाबी फायरिंग की गई। दोनों तरफ से यह गोलाबारी करीब डेढ़ घंटे तक रुक-रुक कर चलती रही। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि इस पूरी घटना में भारतीय पक्ष की ओर से किसी भी तरह के जान-माल के नुकसान की कोई खबर नहीं है।


    इलाके में हाई अलर्ट, तलाशी अभियान शुरू

    शनिवार सुबह होते ही सेना ने पूरे तारकुंडी और उसके आस-पास के इलाकों की घेराबंदी कर एक बड़ा सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया है। इस अभियान का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि रात के अंधेरे और गोलीबारी का फायदा उठाकर कोई घुसपैठिए भारतीय क्षेत्र में छिपने में कामयाब तो नहीं रहा। फिलहाल पूरे इलाके को कड़े पहरे में रखा गया है और आधुनिक उपकरणों के जरिए निगरानी को काफी बढ़ा दिया गया है।

    आपको बता दें कि जैसलमेर जिला प्रशासन ने भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा से सटे इलाकों में सरकारी जमीन पर बनी छह कथित अवैध मस्जिदों और मदरसों की इमारतों को अतिक्रमण रोधी अभियान के तहत हटा दिया। यह कार्रवाई बीते गुरुवार को प्रशासन के ‘ऑपरेशन क्लीन’ के तहत नाचना, तनोट और शाहगढ़ इलाकों में की गई। अधिकारियों ने बताया कि यह अभियान मीरपुर, हिंदोलों की ढाणी, अहमदपुरा और धानाना जैसे गांवों में चलाया गया। राजस्व, पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में जेसीबी का इस्तेमाल कर इन ढांचों को हटा दिया गया।

    प्रशासन के अनुसार, जिन निर्माण या ढांचों को ढहाया गया वे सरकारी जमीन पर बनाए गए थे, जिसमें पोंग बांध परियोजना से विस्थापित परिवारों के लिए आरक्षित जमीन भी शामिल है। इसने कहा कि जिन गांवों या ढाणियों में अभियान चला गया वे अंतरराष्ट्रीय सीमा के लगभग 50 किलोमीटर के दायरे में आते हैं। सीमावर्ती क्षेत्र की संवेदनशीलता को देखते हुए ‘ऑपरेशन’ के दौरान पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों की भारी तैनाती रही।