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  • श्रद्धा और आस्था के साथ बरेली में मनाया गया वट सावित्री पर्व, सुहागिन महिलाओं ने की पूजा-अर्चना

    श्रद्धा और आस्था के साथ बरेली में मनाया गया वट सावित्री पर्व, सुहागिन महिलाओं ने की पूजा-अर्चना




    बरेली । बरेली में शनिवार को वट सावित्री व्रत पूरे श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया। सुहागिन महिलाओं ने अपने पति की दीर्घायु और सुख-समृद्धि की कामना करते हुए व्रत रखा और पारंपरिक विधि-विधान से वट वृक्ष की पूजा की। सुबह से ही शहर के मंदिरों और बरगद के पेड़ों के पास महिलाओं की भीड़ देखने को मिली।

    शहर के अलखनाथ मंदिर, त्रिवटीनाथ मंदिर, धोपेश्वरनाथ मंदिर और तपेश्वरनाथ मंदिर सहित कई धार्मिक स्थलों पर महिलाओं ने वट वृक्ष की पूजा की। इसके अलावा बन्नूवाल नगर, मॉडल टाउन और अन्य कॉलोनियों में भी सामूहिक रूप से वट सावित्री पूजन किया गया। 16 श्रृंगार में सजी महिलाओं ने वट वृक्ष की परिक्रमा कर परंपराओं का पालन किया और अपने वैवाहिक जीवन की खुशहाली की कामना की।

  • मालवा उत्सव 2026 की धूम: इंदौर में 21 राज्यों की लोक परंपराओं का शानदार प्रदर्शन

    मालवा उत्सव 2026 की धूम: इंदौर में 21 राज्यों की लोक परंपराओं का शानदार प्रदर्शन


    नई दिल्ली।  इंदौर के दशहरा मैदान में मालवा उत्सव 2026 का रंगारंग शुभारंभ हुआ। देशभर के 21 राज्यों के 400 कलाकारों और 450 शिल्पकारों ने अपनी लोक संस्कृति, नृत्य और कला से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। सात दिवसीय यह सांस्कृतिक महाकुंभ 12 मई तक चलेगा।

    दीप प्रज्वलन के साथ हुआ उत्सव का आगाज

    इंदौर के दशहरा मैदान में आयोजित इस भव्य आयोजन का उद्घाटन सांसद शंकर लालवानी ने दीप प्रज्वलित कर किया। सात दिनों तक चलने वाले इस उत्सव में देश की विविध सांस्कृतिक परंपराओं का अनोखा संगम देखने को मिलेगा।

    मालवी मटकी नृत्य ने जीता दिल

    कार्यक्रम की शुरुआत मालवा की पहचान मानी जाने वाली पारंपरिक मालवी मटकी नृत्य से हुई। रंग-बिरंगी पोशाकों में कलाकारों ने सिर पर मटकी और हाथों में छतरियां लेकर ऐसी प्रस्तुति दी कि दर्शक तालियां बजाने पर मजबूर हो गए।

    21 राज्यों की लोक संस्कृति का अद्भुत संगम

    इस उत्सव में गुजरात, गोवा, तेलंगाना, छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र सहित 21 राज्यों के कलाकार शामिल हैं। हर राज्य ने अपनी अनूठी परंपरा और लोक कला से मंच को जीवंत कर दिया।

    सिद्धि धमाल और गरबा ने बांधा समां

    गुजरात के सिद्धि धमाल कलाकारों ने सिर से नारियल फोड़कर साहसिक प्रस्तुति दी, जिसने दर्शकों को रोमांचित कर दिया। वहीं पारंपरिक गरबा रास और झाला वारी रास में भगवान कृष्ण की भक्ति और संस्कृति का सुंदर संगम देखने को मिला।

    आदिवासी और लोक नृत्यों की झलक
    भील समुदाय का भगोरिया नृत्य आदिवासी जीवन की झलक दिखा गया
    तेलंगाना का गुस्साडी नृत्य मोरपंखों से सजे कलाकारों के साथ आकर्षण का केंद्र बना
    गोवा का कुनबी नृत्य मछुआरा समुदाय की जीवनशैली को दर्शाता नजर आया
    छत्तीसगढ़ के कलाकारों ने गेडी नृत्य से संतुलन और कौशल का प्रदर्शन किया
    महाराष्ट्र के धनगरी गाजा नृत्य ने धार्मिक परंपरा को मंच पर जीवंत किया
    शास्त्रीय और धार्मिक प्रस्तुतियों ने मोहा मन

    स्थानीय कलाकारों ने राम स्तुति, कालिया मर्दन और हनुमान चालीसा पर आधारित प्रस्तुतियों से वातावरण को भक्ति भाव से भर दिया। वहीं ओडिसी नृत्य ने शास्त्रीय कला की गरिमा को खूबसूरती से दर्शाया।

    शिल्प बाजार बना आकर्षण का केंद्र

    उत्सव परिसर में सजे शिल्प बाजार में देशभर के हस्तशिल्प और पारंपरिक कलाकृतियां प्रदर्शित की गई हैं। यह बाजार प्रतिदिन शाम 4 बजे से आम जनता के लिए खुला रहेगा।

    जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी

    उद्घाटन समारोह में विधायक महेंद्र हार्डिया सहित कई जनप्रतिनिधि और गणमान्य नागरिक मौजूद रहे। पूरे आयोजन में सांस्कृतिक एकता और भारतीय परंपराओं की झलक स्पष्ट दिखाई दी।