Tag: Food Department Action

  • राशन के चावल की गड़बड़ी का खुलासा, लोडिंग वाहन से 30 बोरी जब्त, खाद्य विभाग की कार्रवाई तेज

    राशन के चावल की गड़बड़ी का खुलासा, लोडिंग वाहन से 30 बोरी जब्त, खाद्य विभाग की कार्रवाई तेज


    ग्वालियर । ग्वालियर के मुरार थाना क्षेत्र में सरकारी उचित मूल्य दुकान से चावल की बोरियां लोडिंग वाहन में भरे जाने का मामला सामने आया है। सूचना मिलने के बाद खाद्य विभाग की टीम ने रात के समय मौके पर पहुंचकर कार्रवाई की। टीम ने चावल से भरे लोडिंग वाहन को जब्त कर लिया है। वाहन में करीब 30 बोरी चावल मिला है। मामले में वाहन चालक को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। फिलहाल खाद्य विभाग पूरे मामले की जांच कर यह पता लगाने में जुटा है कि चावल दुकान से किस उद्देश्य से बाहर ले जाया जा रहा था।

    जानकारी के मुताबिक यह मामला बंसीपुर कैंटोनमेंट क्षेत्र में स्थित वार्ड 16 की सरकारी उचित मूल्य दुकान से जुड़ा है। इस दुकान का संचालन नीरज शर्मा द्वारा किया जाता है। बताया गया है कि दुकान से चावल के कट्टे एक लोडिंग वाहन में भरे जा रहे थे। इसी दौरान किसी व्यक्ति ने इसकी जानकारी संबंधित विभाग को दी। सूचना मिलने के बाद खाद्य विभाग के फूड इंस्पेक्टर अरविंद सिंह भदौरिया अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे।

    खाद्य विभाग की टीम ने वहां पहुंचकर लोडिंग वाहन की जांच की। प्राथमिक जांच के दौरान वाहन में सरकारी चावल की करीब 30 बोरियां मिलीं। इसके बाद अधिकारियों ने वाहन को अपने कब्जे में ले लिया। चावल की बोरियों को लेकर दस्तावेज और परिवहन से संबंधित जानकारी भी जुटाई जा रही है। चालक से यह जानने की कोशिश की जा रही है कि उसे चावल कहां ले जाने के लिए कहा गया था और वाहन में सरकारी राशन लोड करने की अनुमति किस आधार पर दी गई थी।

    इस मामले में मुरार थाना पुलिस की भूमिका को लेकर भी सवाल सामने आए हैं। उपलब्ध जानकारी के अनुसार घटना के बाद पुलिस ने वाहन को पकड़ा था लेकिन बाद में वाहन को छोड़ दिए जाने की बात सामने आई। मामला वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के संज्ञान में आने के बाद कार्रवाई के निर्देश दिए गए। इसके बाद खाद्य विभाग और पुलिस की टीम ने दोबारा कार्रवाई करते हुए वाहन को जब्त किया और चालक को हिरासत में लिया।

    अब जांच का मुख्य बिंदु यह है कि उचित मूल्य दुकान से निकाला जा रहा चावल आखिर कहां ले जाया जा रहा था। खाद्य विभाग दुकान संचालक और वाहन चालक से पूछताछ कर रहा है। अधिकारियों द्वारा यह भी जांच की जा रही है कि चावल का परिवहन किसी वैध प्रक्रिया के तहत किया जा रहा था या फिर इसमें सरकारी राशन की अनियमितता अथवा कालाबाजारी से जुड़ा कोई मामला है।

    फूड इंस्पेक्टर अरविंद सिंह भदौरिया के अनुसार सूचना मिलने पर विभाग की टीम ने लोडिंग वाहन को जब्त किया है। वाहन में करीब 30 बोरी चावल मिला है और चालक से पूछताछ की जा रही है। अधिकारी के अनुसार जांच पूरी होने के बाद ही पूरे मामले की स्थिति स्पष्ट होगी। यदि जांच में किसी तरह की अनियमितता सामने आती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

    फिलहाल वाहन जब्त होने और चालक के हिरासत में लिए जाने के बाद मामले की जांच आगे बढ़ रही है। खाद्य विभाग चावल के रिकॉर्ड और उसके परिवहन से जुड़ी जानकारी की जांच कर रहा है। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि सरकारी राशन का चावल नियमों के तहत भेजा जा रहा था या फिर इस मामले में किसी तरह की गड़बड़ी हुई है।

  • सेहत से खिलवाड़ नहीं होगा बर्दाश्त इंदौर में खाद्य विभाग की बड़ी कार्रवाई कई डेयरियों पर छापा

    सेहत से खिलवाड़ नहीं होगा बर्दाश्त इंदौर में खाद्य विभाग की बड़ी कार्रवाई कई डेयरियों पर छापा


    इंदौर । मध्य प्रदेश के इंदौर में मिलावटी दूध के खिलाफ प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए बड़ा अभियान शुरू कर दिया है। लोगों की सेहत से जुड़े इस गंभीर मुद्दे पर अब लगातार कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में कलेक्टर शिवम वर्मा के निर्देश पर खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने सोमवार को कनाडिया क्षेत्र में छापेमारी कर कई डेयरियों की जांच की।

    खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने कनाडिया रोड और आसपास के इलाकों में सघन अभियान चलाते हुए जोशी दूध दही भंडार ओसवाल डेरी गणेश दूध दही भंडार और पूजा डेयरी सहित कई प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया। इस दौरान टीम ने अलग अलग डेयरियों से दूध और दुग्ध उत्पादों के नमूने एकत्र किए ताकि उनकी गुणवत्ता की जांच की जा सके।

    कार्रवाई के दौरान जोशी दूध दही भंडार से 4 ओसवाल डेरी से 3 गणेश दूध दही भंडार से 3 और पूजा डेयरी से दूध व मावा के 2 नमूने लिए गए। इस तरह कुल 12 सैंपल जब्त किए गए हैं जिन्हें जांच के लिए भेजा जा रहा है। अधिकारियों ने मौके पर ही डेयरी संचालकों को साफ सफाई बनाए रखने और मिलावट से दूर रहने के सख्त निर्देश दिए।

    निरीक्षण के दौरान टीम ने यह भी स्पष्ट किया कि खाद्य पदार्थों में किसी भी तरह की मिलावट बर्दाश्त नहीं की जाएगी। आम लोगों की सेहत के साथ खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने डेयरी संचालकों को चेतावनी दी कि अगर नियमों का उल्लंघन पाया गया तो कानूनी कार्रवाई तय है।

    खाद्य विभाग के अनुसार सभी नमूनों को जांच के लिए भोपाल स्थित राज्य खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला भेजा जा रहा है। रिपोर्ट आने के बाद खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम, 2006 के तहत दोषी पाए जाने वालों पर सख्त कदम उठाए जाएंगे जिसमें जुर्माना से लेकर लाइसेंस रद्द करने तक की कार्रवाई शामिल हो सकती है।

    प्रशासन का कहना है कि यह अभियान केवल एक दिन की कार्रवाई नहीं है बल्कि इसे लगातार जारी रखा जाएगा। शहर के अन्य इलाकों में भी इसी तरह की छापेमारी कर मिलावटी दूध और नकली दुग्ध उत्पाद बेचने वालों पर शिकंजा कसा जाएगा।

    कुल मिलाकर इंदौर प्रशासन का यह कदम साफ संकेत देता है कि अब खाद्य सुरक्षा को लेकर किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और लोगों की सेहत से समझौता करने वालों के खिलाफ सख्ती लगातार बढ़ती रहेगी।

  • जबलपुर के भेड़ाघाट में ‘जहरीला प्रसाद’ बना काल, पिस्ता बर्फी खाने से एक की मौत, 18 अब भी अस्पताल में

    जबलपुर के भेड़ाघाट में ‘जहरीला प्रसाद’ बना काल, पिस्ता बर्फी खाने से एक की मौत, 18 अब भी अस्पताल में


    जबलपुर। मध्य प्रदेश की संस्कार धानी जबलपुर के प्रसिद्ध पर्यटन और धार्मिक स्थल भेड़ाघाट से एक हृदयविदारक घटना सामने आई है जिसने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया है। यहां आयोजित एक धार्मिक कार्यक्रम में वितरित किए गए प्रसाद को खाने के बाद 19 लोग गंभीर रूप से बीमार पड़ गए। इनमें से एक पीड़ित भेड़ाघाट निवासी इंद्रपाल पटेल ने सोमवार को उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। बाकी 18 लोगों का विभिन्न अस्पतालों में इलाज जारी है जिनमें से कुछ की हालत अब भी नाजुक बताई जा रही है।

    जानकारी के अनुसार घटना दो दिन पहले की है जब भेड़ाघाट क्षेत्र में एक धार्मिक अनुष्ठान का आयोजन किया गया था। बड़ी संख्या में श्रद्धालु कार्यक्रम में शामिल हुए थे। आयोजन के समापन पर प्रसाद के रूप में पिस्ता बर्फी बांटी गई जिसे भेड़ाघाट चौराहे स्थित मिठाई की दुकानों से मंगाया गया था। प्रसाद ग्रहण करने के कुछ ही देर बाद लोगों को घबराहट उल्टी दस्त और तेज पेट दर्द जैसी शिकायतें होने लगीं। देखते ही देखते एक दर्जन से अधिक श्रद्धालुओं की तबीयत बिगड़ गई और मौके पर अफरा-तफरी मच गई।

    स्थिति गंभीर होते देख सभी बीमार लोगों को तत्काल नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया। डॉक्टरों ने प्रारंभिक जांच में इसे गंभीर फूड पॉइजनिंग का मामला बताया। चिकित्सकों के अनुसार दूषित खाद्य पदार्थ के सेवन से शरीर में तेजी से संक्रमण फैल सकता है जिससे जान का खतरा भी उत्पन्न हो जाता है। इंद्रपाल पटेल की हालत लगातार बिगड़ती चली गई और तमाम प्रयासों के बावजूद उन्हें बचाया नहीं जा सका।

    घटना की सूचना मिलते ही प्रशासन स्वास्थ्य विभाग और पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए भेड़ाघाट चौराहे पर स्थित मिठाई दुकानों बीकानेर स्वीट्स और राजस्थान स्वीट्स पर दबिश दी। टीम ने संदिग्ध पिस्ता बर्फी और अन्य मिठाइयों के सैंपल जब्त कर लिए हैं। इन नमूनों को विस्तृत जांच के लिए भोपाल स्थित राज्य स्तरीय प्रयोगशाला भेजा गया है। अधिकारियों का कहना है कि लैब रिपोर्ट आने के बाद यदि लापरवाही या मिलावट की पुष्टि होती है तो संबंधित संचालकों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

    पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है। यह भी पता लगाया जा रहा है कि मिठाई बनाने में इस्तेमाल की गई सामग्री खराब थी या भंडारण और स्वच्छता में किसी प्रकार की अनदेखी की गई। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि किसी भी सामूहिक आयोजन में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और स्रोत की जांच अवश्य सुनिश्चित करें। इस दर्दनाक घटना ने धार्मिक आयोजनों में खाद्य सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। एक श्रद्धालु की मौत और कई लोगों की जिंदगी अस्पताल में जूझती हालत में होना पूरे समाज के लिए चेतावनी है कि लापरवाही की छोटी सी चूक भी बड़ी त्रासदी में बदल सकती है।