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  • उज्जैन में प्रतिष्ठानों पर खाद्य विभाग का छापा:35 से अधिक गैस सिलेंडर जब्त, दो टीमों ने की कार्रवाई, प्रशासन हुआ सख्त

    उज्जैन में प्रतिष्ठानों पर खाद्य विभाग का छापा:35 से अधिक गैस सिलेंडर जब्त, दो टीमों ने की कार्रवाई, प्रशासन हुआ सख्त



    नई दिल्ली। गैस सिलेंडर की कालाबाजारी की शिकायतों के बीच उज्जैन कलेक्टर के निर्देश पर खाद्य विभाग की टीम ने शहर के कई रेस्टोरेंट और भोजनालयों पर गुरुवार को छापेमारी की। कार्रवाई के दौरान 35 से अधिक घरेलू और कमर्शियल गैस सिलेंडर जब्त किए गए हैं।

    पिछले दो दिनों से शहर में गैस सिलेंडर की जमाखोरी और घरेलू सिलेंडर के व्यावसायिक उपयोग की शिकायतें मिल रही थीं। इसके बाद खाद्य आपूर्ति विभाग ने आठ अधिकारियों की दो टीमें बनाकर अलग-अलग क्षेत्रों में छापेमारी की।पिछले दो दिनों से शहर में गैस सिलेंडर की जमाखोरी और घरेलू सिलेंडर के व्यावसायिक उपयोग की शिकायतें मिल रही थीं। इसके बाद खाद्य आपूर्ति विभाग ने आठ अधिकारियों की दो टीमें बनाकर अलग-अलग क्षेत्रों में छापेमारी की।

    रेलिस फ्रायड अंडे वाले से 9 सिलेंडर जब्त

    पहली टीम में सहायक खाद्य नियंत्रक संतोष सिमोलिया, फूड इंस्पेक्टर अंकिता जोशी, नागेश दाहिमा और भूषण गुज्जर शामिल थे। टीम ने आरटीओ कार्यालय के पास रंगीला कैफे से एक घरेलू सिलेंडर, फ्रीगंज में रेलिस फ्रायड अंडे वाले से 9, महाकाल भोजनालय से 1, जैन कचोरी फ्रीगंज से 2, नवरतन फ्यूजन से 2, ऋषि नगर के एक रेस्टोरेंट से 1 और फ्रीगंज के फाफड़ा विक्रेता से 8 सिलेंडर जब्त किए।

    रश्मि खामबेटे शामिल थे। इस टीम ने हरी फाटक क्षेत्र में स्थित अन्नपूर्णा श्याम पवित्र भोजनालय सहित अन्य प्रतिष्ठानों से कुल 7 सिलेंडर जब्त किए।

    घरेलू सिलेंडर का उपयोग न करने की हिदायत

    खाद्य विभाग की टीम ने संबंधित संचालकों को सख्त हिदायत देते हुए समझाइश दी कि वे व्यावसायिक कार्यों में घरेलू गैस सिलेंडर का उपयोग न करें। इसके स्थान पर इलेक्ट्रिक इंडक्शन, पीएनजी या डीजल भट्टी का उपयोग करने की सलाह दी गई है। विभाग ने चेतावनी दी है कि नियमों का उल्लंघन करने पर आगे भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।

    ईरान अमेरिका युद्ध से देश भर में गैस सिलेंडर को लेकर मचे हाहाकार के बीच उज्जैन में काला बाजारी पर लगाम लगाने के लिए उज्जैन कलेक्टर के आदेश पर खाद्य विभाग की टीम ने शहर के कई रेस्टोरेंट पर छापा मार कर 35 से अधिक गैस सिलेंडर जब्त किये है। इनमे कई घरेलु और कमर्शियल सिलेंडर शामिल है।

    दो दिन से शहर में ग़ज़ल सिलेंडर को लेकर जामखोरी की मिल रही शिकायतों को लेकर खाद्य आपूर्ति विभाग के 8 अधिकारियों की टीम ने दो अलग अलग टीम बनाकर छापा मारकर कार्रवाई को अंजाम दिया। जिसमें संतोष सिमोलिया एसटीटेंट फ़ूड कंट्रोलर,अंकिता जोशी फ़ूड इंस्पेकटर,नागेश दाहिमा और भूषण गुज्जर की टीम ने आरटीओ कार्यालय के रंगीला कैफे से एक घरेलू टंकी,रेलिस फ्रायड अंडे वाले फ्रीगंज से 9,महाकाल भोजनालय से 1,जैन कचोरी फ्रीगंज से 2,नवरतन फ्यूजन से 2,ऋषि नगर रेस्टोरेंट से 1,फ्रीगंज में फाफड़े वाले से 8 सिलेंडर जब्त किये है। इसी तरह दूसरी टीम में शामिल चन्द्र शेखर बारोड़ एसिस्टेंट फ़ूड कंट्रोलर,

    समद खान फ़ूड इंस्पेकटर,रश्मि खामबेटे की टीम ने हरी फाटक क्षेत्र के रेस्टोरेंट अन्नपूर्णा श्याम पवित्र भोजनालय सहित एक अन्य से कुल 7 सिलेंडर जब्त किये है। टीम ने बताया कि सभी को हिदायत देकर समझाईश दी है कि घरेलु गैस सिलेंडर का उपयोग ना करे। वे इलेक्ट्रिक इंडेक्शन पीएनजी या डीजल भट्टी का भी उपयोग कर सकते है।

  • सरकारी राशन दुकान से 70 क्विंटल चावल गायब, 3 साल बाद भी नहीं हुई कोई कार्रवाई

    सरकारी राशन दुकान से 70 क्विंटल चावल गायब, 3 साल बाद भी नहीं हुई कोई कार्रवाई


    कांकेर । कांकेर जिले के ग्राम मूंगवाल में स्थित सरकारी राशन दुकान से 70 क्विंटल चावल गायब हो गया है। यह चावल स्थानीय राशन कार्ड धारकों को वितरण के लिए निर्धारित किया गया था, लेकिन चावल के गायब होने की जानकारी के बावजूद अब तक किसी भी अधिकारी ने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की है। मामले की जांच के आदेश तो दिए गए हैं, लेकिन तीन साल का समय गुजरने के बावजूद अब तक जांच में कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं।

    सेल्समैन का बयान

    दुकान के सेल्समैन, परमेश्वर तेता, ने कहा कि वह पिछले तीन साल से दुकान का संचालन कर रहे हैं और जब उन्हें यह दुकान सौंपी गई थी, तब से ही स्टॉक में कमी थी। उनका कहना है कि उन्होंने अधिकारियों को पहले ही इसकी जानकारी दे दी थी, लेकिन अब तक कोई हल नहीं निकला है। सेल्समैन का दावा है कि उन्होंने किसी भी तरह के घोटाले या अनियमितताओं में शामिल होने की बात से इनकार किया और कहा कि स्टॉक की कमी का कारण दुकान की शुरुआत में ही था।

    कलेक्टर का आश्वासन

    कलेक्टर निलेश महादेव क्षीरसागर ने इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “हमें इस मामले में शिकायत मिली है और हम इसकी जांच कर रहे हैं। निष्पक्ष जांच के बाद दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।” कलेक्टर ने यह भी बताया कि वे इस मामले की गंभीरता से जांच कर रहे हैं और जांच के परिणाम के आधार पर जिम्मेदार व्यक्तियों को दंडित किया जाएगा।

    सरपंच की शिकायत

    ग्राम पंचायत के सरपंच, जैसारो कोर्राम ने भी इस मामले में खाद्य विभाग से शिकायत की है। उनका कहना है कि यह मामला ग्रामवासियों के अधिकारों से जुड़ा हुआ है और अगर अधिकारियों की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया तो वे उच्च अधिकारियों से इस मुद्दे को उठाएंगे यह मामला सरकारी राशन वितरण प्रणाली में बड़े पैमाने पर घोटाले की ओर इशारा कर रहा है, जहां राशन कार्ड धारकों को निर्धारित चावल वितरित नहीं किया जा सका। इस मामले की तीन साल बाद भी सही से जांच नहीं हो पाई है, जिससे यह सवाल उठता है कि क्या सरकारी सिस्टम में यह तरह की अनियमितताएं सामान्य हो गई हैं। अब तक जांच की प्रक्रिया लंबी खींची गई है, लेकिन कलेक्टर के द्वारा जांच और कार्रवाई का आश्वासन दिया गया है, जिससे यह उम्मीद जताई जा रही है कि जल्द ही इस मामले में कोई ठोस कदम उठाए जाएंगे।