Tag: Food Poisoning

  • ऑनलाइन खाने की गुणवत्ता पर फिर सवाल सागर के रेस्टोरेंट में छापा बासी पनीर और खराब सूप मिलने से मचा हड़कंप

    ऑनलाइन खाने की गुणवत्ता पर फिर सवाल सागर के रेस्टोरेंट में छापा बासी पनीर और खराब सूप मिलने से मचा हड़कंप


    मध्य प्रदेश के सागर शहर में ऑनलाइन मंगाए गए खाने की गुणवत्ता को लेकर एक गंभीर मामला सामने आया है जहां एक परिवार द्वारा ऑर्डर किए गए छोले कुलचे खाने के बाद बच्चों की तबीयत बिगड़ गई। घटना के बाद परिजनों ने भोजन की गुणवत्ता पर संदेह जताते हुए खाद्य विभाग से शिकायत की जिसके बाद विभाग की टीम ने संबंधित रेस्टोरेंट पर छापेमारी कर जांच की। जांच के दौरान किचन में कई तरह की अनियमितताएं सामने आईं और कुछ खाद्य सामग्री संदिग्ध अवस्था में पाई गई जिससे ऑनलाइन फूड डिलीवरी की सुरक्षा और गुणवत्ता पर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं।

    जानकारी के अनुसार सागर निवासी अभिषेक अग्रवाल ने एक प्रसिद्ध रेस्टोरेंट से ऑनलाइन ऐप के माध्यम से छोले कुलचे का ऑर्डर दिया था। खाना घर पहुंचने के बाद बच्चों ने उसे खाया लेकिन कुछ ही समय बाद बच्चों को पेट दर्द और बेचैनी की शिकायत होने लगी। बच्चों की तबीयत अचानक बिगड़ने पर परिजनों को भोजन की गुणवत्ता पर शक हुआ। जब खाने की स्थिति को ध्यान से देखा गया तो उन्हें लगा कि खाना बासी हो सकता है। इसके बाद अभिषेक अग्रवाल ने बिना देर किए पूरे मामले की शिकायत खाद्य विभाग से की ताकि मामले की जांच हो सके और यदि किसी प्रकार की लापरवाही सामने आए तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जा सके।

    शिकायत मिलने के बाद खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम तुरंत सक्रिय हुई और सागर के सिविल लाइन क्षेत्र में स्थित सागर गैरे नामक रेस्टोरेंट पहुंचकर निरीक्षण किया। टीम ने किचन और स्टोर रूम की जांच की तो वहां कई गंभीर खामियां सामने आईं। अधिकारियों को किचन में साफ सफाई की स्थिति संतोषजनक नहीं लगी और खाद्य सामग्री को सुरक्षित रखने के मानकों का भी पालन नहीं किया जा रहा था। जांच के दौरान टीम को बासी पनीर खराब गुणवत्ता का हॉट एंड सॉर सूप और कुछ अन्य खाद्य पदार्थ संदिग्ध हालत में मिले। इसके अलावा किचन की स्वच्छता व्यवस्था भी मानकों के अनुरूप नहीं पाई गई जिस पर अधिकारियों ने कड़ी नाराजगी जताई।

    खाद्य विभाग की टीम ने मौके से पनीर सूप और अन्य खाद्य सामग्री के सैंपल लिए हैं जिन्हें जांच के लिए भोपाल स्थित राज्य खाद्य प्रयोगशाला भेजा गया है। अधिकारियों का कहना है कि प्रयोगशाला की रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि संबंधित खाद्य सामग्री मानकों के अनुरूप थी या नहीं। यदि जांच में खाद्य पदार्थ अमानक या असुरक्षित पाए जाते हैं तो संबंधित रेस्टोरेंट के खिलाफ खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी।

    इस पूरे मामले में शिकायतकर्ता अभिषेक अग्रवाल का कहना है कि उन्होंने बच्चों के लिए छोले कुलचे मंगवाए थे लेकिन खाना खाने के तुरंत बाद बच्चों की तबीयत खराब हो गई। उन्हें भोजन की स्थिति संदिग्ध लगी इसलिए उन्होंने तुरंत विभाग में शिकायत दर्ज कराई ताकि अन्य लोगों की सेहत को खतरा न हो और इस तरह की लापरवाही करने वालों पर कार्रवाई हो सके।

    खाद्य विभाग ने इस घटना के बाद आम नागरिकों से सतर्क रहने की अपील की है। विभाग का कहना है कि यदि किसी भी रेस्टोरेंट ढाबे या ऑनलाइन फूड डिलीवरी से मिलने वाले भोजन में बासीपन मिलावट या खराब गुणवत्ता का संदेह हो तो तुरंत इसकी जानकारी विभाग को दें ताकि समय रहते जांच कर कार्रवाई की जा सके और लोगों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ करने वालों पर प्रभावी रोक लगाई जा सके।

  • जबलपुर के भेड़ाघाट में ‘जहरीला प्रसाद’ बना काल, पिस्ता बर्फी खाने से एक की मौत, 18 अब भी अस्पताल में

    जबलपुर के भेड़ाघाट में ‘जहरीला प्रसाद’ बना काल, पिस्ता बर्फी खाने से एक की मौत, 18 अब भी अस्पताल में


    जबलपुर। मध्य प्रदेश की संस्कार धानी जबलपुर के प्रसिद्ध पर्यटन और धार्मिक स्थल भेड़ाघाट से एक हृदयविदारक घटना सामने आई है जिसने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया है। यहां आयोजित एक धार्मिक कार्यक्रम में वितरित किए गए प्रसाद को खाने के बाद 19 लोग गंभीर रूप से बीमार पड़ गए। इनमें से एक पीड़ित भेड़ाघाट निवासी इंद्रपाल पटेल ने सोमवार को उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। बाकी 18 लोगों का विभिन्न अस्पतालों में इलाज जारी है जिनमें से कुछ की हालत अब भी नाजुक बताई जा रही है।

    जानकारी के अनुसार घटना दो दिन पहले की है जब भेड़ाघाट क्षेत्र में एक धार्मिक अनुष्ठान का आयोजन किया गया था। बड़ी संख्या में श्रद्धालु कार्यक्रम में शामिल हुए थे। आयोजन के समापन पर प्रसाद के रूप में पिस्ता बर्फी बांटी गई जिसे भेड़ाघाट चौराहे स्थित मिठाई की दुकानों से मंगाया गया था। प्रसाद ग्रहण करने के कुछ ही देर बाद लोगों को घबराहट उल्टी दस्त और तेज पेट दर्द जैसी शिकायतें होने लगीं। देखते ही देखते एक दर्जन से अधिक श्रद्धालुओं की तबीयत बिगड़ गई और मौके पर अफरा-तफरी मच गई।

    स्थिति गंभीर होते देख सभी बीमार लोगों को तत्काल नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया। डॉक्टरों ने प्रारंभिक जांच में इसे गंभीर फूड पॉइजनिंग का मामला बताया। चिकित्सकों के अनुसार दूषित खाद्य पदार्थ के सेवन से शरीर में तेजी से संक्रमण फैल सकता है जिससे जान का खतरा भी उत्पन्न हो जाता है। इंद्रपाल पटेल की हालत लगातार बिगड़ती चली गई और तमाम प्रयासों के बावजूद उन्हें बचाया नहीं जा सका।

    घटना की सूचना मिलते ही प्रशासन स्वास्थ्य विभाग और पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए भेड़ाघाट चौराहे पर स्थित मिठाई दुकानों बीकानेर स्वीट्स और राजस्थान स्वीट्स पर दबिश दी। टीम ने संदिग्ध पिस्ता बर्फी और अन्य मिठाइयों के सैंपल जब्त कर लिए हैं। इन नमूनों को विस्तृत जांच के लिए भोपाल स्थित राज्य स्तरीय प्रयोगशाला भेजा गया है। अधिकारियों का कहना है कि लैब रिपोर्ट आने के बाद यदि लापरवाही या मिलावट की पुष्टि होती है तो संबंधित संचालकों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

    पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है। यह भी पता लगाया जा रहा है कि मिठाई बनाने में इस्तेमाल की गई सामग्री खराब थी या भंडारण और स्वच्छता में किसी प्रकार की अनदेखी की गई। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि किसी भी सामूहिक आयोजन में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और स्रोत की जांच अवश्य सुनिश्चित करें। इस दर्दनाक घटना ने धार्मिक आयोजनों में खाद्य सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। एक श्रद्धालु की मौत और कई लोगों की जिंदगी अस्पताल में जूझती हालत में होना पूरे समाज के लिए चेतावनी है कि लापरवाही की छोटी सी चूक भी बड़ी त्रासदी में बदल सकती है।

  • शराब के लिए युवक ने कुत्ते को मारकर खिलाया, 'खरगोश' बताकर ग्रामीणों को बेचा मांस..

    शराब के लिए युवक ने कुत्ते को मारकर खिलाया, 'खरगोश' बताकर ग्रामीणों को बेचा मांस..


    नई दिल्ली। बिहार के मोतिहारी जिले के मधुबन प्रखंड से एक रूह कंपा देने वाली घटना सामने आई है। यहाँ शराब की लत पूरी करने के लिए एक युवक ने अमानवीयता की सारी हदें पार करते हुए एक कुत्ते की हत्या कर दी और उसका मांस ग्रामीणों को ‘खरगोश का मांस’ बताकर बेच दिया। इस जहरीले और अखाद्य मांस के सेवन से गांव के करीब 15 लोगों की तबीयत बिगड़ गई है।

    शराब के लिए रची खौफनाक साजिश मामला गरहिया बाजार थाना क्षेत्र के गरहिया गांव का है। आरोपी की पहचान मंगरु सहनी के रूप में हुई है, जो शराब का आदी बताया जा रहा है। स्थानीय सूत्रों के अनुसार, शराब खरीदने के लिए पैसे न होने पर मंगरु ने एक कुत्ते को मारा और उसके मांस को टुकड़ों में काटकर गांव में बेचने निकला। कड़ाके की ठंड के बीच उसने ग्रामीणों को झांसा दिया कि यह खरगोश का मांस है और इसे 1000 रुपये प्रति किलो की दर से बेच दिया।

    अगली सुबह खुद ही किया खुलासा घटना का खुलासा तब हुआ जब मांस खाने के कुछ घंटों बाद ग्रामीणों को उल्टी, दस्त और पेट में तेज दर्द की शिकायत होने लगी। इनमें बच्चे और महिलाएं भी शामिल थीं। हद तो तब हो गई जब अगली सुबह आरोपी मंगरु ने नशे की हालत में खुद ही गांव में घूम-घूमकर यह ऐलान करना शुरू कर दिया कि उसने सबको खरगोश नहीं बल्कि कुत्ते का मांस खिलाया है।

    पुलिस की कार्रवाई और फरार आरोपी आरोपी की बात सुनकर गांव में हड़कंप मच गया। जब ग्रामीणों ने पास के एक बाग की तलाशी ली, तो वहां कुत्ते का कटा हुआ सिर और पैर बरामद हुए, जिससे सच्चाई की पुष्टि हो गई। ग्रामीणों के विरोध करने पर आरोपी जान से मारने की धमकी देते हुए फरार हो गया।

    पीड़ित परिवारों ने स्थानीय थाने में लिखित आवेदन देकर कड़ी कार्रवाई की मांग की है। गरहिया थानाध्यक्ष आदित्य कुमार ने बताया कि मामला अत्यंत गंभीर और संदिग्ध है। पुलिस ने घटनास्थल का मुआयना किया है और आरोपी की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है। स्वास्थ्य विभाग को भी इसकी सूचना दी गई है ताकि बीमार ग्रामीणों का उचित उपचार हो सके।