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  • भोपाल में 27 क्विंटल मावा जब्त: टोल प्लाजा पर खाद्य सुरक्षा टीम की बड़ी कार्रवाई, मिलावट की आशंका

    भोपाल में 27 क्विंटल मावा जब्त: टोल प्लाजा पर खाद्य सुरक्षा टीम की बड़ी कार्रवाई, मिलावट की आशंका



    भोपाल। भोपाल के खजूरी सड़क स्थित टोल प्लाजा के पास खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने शुक्रवार को एक वाहन से लगभग 27 क्विंटल मावा जब्त किया। इस कार्रवाई के दौरान विभाग ने मावा के साथ 45 किलो पनीर भी बरामद किया। खाद्य सुरक्षा अधिकारियों का कहना है कि मावा और पनीर में मिलावट की आशंका है, इसलिए इसे आगे की जांच के लिए राज्य खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला भेजा गया है। इसकी बाजार कीमत लगभग 6 लाख रुपये आंकी गई है।

    खाद्य सुरक्षा विभाग की यह कार्रवाई होली के त्योहार से पहले की गई है। त्योहार के चलते मिठाई और डेयरी उत्पादों की मांग बढ़ जाती है। ऐसे में विभाग ने होटलों, रेस्टोरेंट और डेयरी संचालकों पर विशेष निगरानी रखी हुई है। विभाग के अमले ने लगातार दुकानों, वाहनों और गोदामों में छापेमारी कर नमूने इकट्ठा किए हैं।

    इस दौरान मावा और पनीर के पांच-पांच नमूने राज्य खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला भेजे गए हैं। अधिकारियों का कहना है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद मिलावट पाए जाने पर संबंधित के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत इस तरह की कार्रवाई का उद्देश्य आम जनता को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराना है।

    अधिकारियों के अनुसार पिछले एक महीने में विभाग की टीम ने भोपाल के विभिन्न इलाकों में नमकीन, मिठाई, पनीर, तेल, मैदा, बेसन सहित अन्य खाद्य पदार्थों के कुल 234 नमूने लिए हैं। इन नमूनों की जांच पूरी होने के बाद दोषियों के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाएगी।

    खाद्य सुरक्षा विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि वे संदिग्ध या मिलावटयुक्त खाद्य पदार्थों की सूचना तुरंत अधिकारियों को दें। विभाग ने कहा कि त्योहारों के दौरान गुणवत्ता और सुरक्षा बनाए रखना उनकी प्राथमिकता है। मावा और पनीर जैसे डेयरी उत्पादों में मिलावट होने से स्वास्थ्य पर गंभीर प्रभाव पड़ सकता है।

    भोपाल में यह कार्रवाई विभाग की सतर्कता और त्योहारों से पहले सार्वजनिक स्वास्थ्य की सुरक्षा के प्रति जागरूकता को दर्शाती है। अधिकारियों का कहना है कि ऐसे समय पर मिलावट रोकने के लिए नियमित जांच और वाहन चेकिंग जरूरी है। साथ ही, टोल प्लाजा जैसी संवेदनशील जगहों पर कार्रवाई से अवैध व्यापारियों पर भी नियंत्रण रखा जा सकता है।

    इस बड़ी बरामदगी के साथ ही विभाग ने चेतावनी दी है कि मिलावट और स्वास्थ्य के लिए हानिकारक पदार्थों का व्यापार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जनता से आग्रह किया गया है कि वे अपने बच्चों और परिवार की सुरक्षा के लिए केवल प्रमाणित और भरोसेमंद उत्पाद ही खरीदें।

  • मंदसौर में 'जहरीले' घी की फैक्ट्री सील: केमिकल डालकर बना रहे थे नकली घी, अहमदाबाद के दो जालसाज गिरफ्तार

    मंदसौर में 'जहरीले' घी की फैक्ट्री सील: केमिकल डालकर बना रहे थे नकली घी, अहमदाबाद के दो जालसाज गिरफ्तार


    मंदसौर । जनता की सेहत से खिलवाड़ कर अपनी जेबें भरने वाले मिलावटखोरों के खिलाफ मंदसौर पुलिस ने एक बड़ी सर्जिकल स्ट्राइक की है। सीतामऊ फाटक क्षेत्र के एक घर में पुलिस और खाद्य सुरक्षा विभाग की संयुक्त टीम ने देर रात दबिश देकर नकली घी बनाने के एक बड़े कारखाने का भंडाफोड़ किया है। इस मामले में पुलिस ने गुजरात के अहमदाबाद निवासी दो शातिर आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जो केमिकल और सोयाबीन तेल के मिश्रण से ‘मौत का घी’ तैयार कर रहे थे।

    केमिकल से आती थी असली घी जैसी खुशबू पुलिस ने जब मौके पर छापा मारा, तो वहां का नजारा देखकर अधिकारी भी दंग रह गए। घर के भीतर बड़े-बड़े बर्तनों में सोयाबीन तेल को उबालकर उसमें घातक केमिकल मिलाया जा रहा था। इस विशेष केमिकल का उपयोग घी में असली खुशबू और दानेदार बनावट लाने के लिए किया जाता था, ताकि आम आदमी असली और नकली में फर्क न कर सके। पुलिस ने मौके से करीब 150 लीटर तैयार नकली घी, भारी मात्रा में सोयाबीन तेल, गैस चूल्हे, बड़े बर्तन और खुशबू फैलाने वाला केमिकल जब्त किया है।

    अहमदाबाद से सीखा ‘मिलावट का हुनर’ गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान गोपाल और संजय के रूप में हुई है। दोनों मूल रूप से अहमदाबाद के रहने वाले हैं और वहीं से नकली घी बनाने का यह काला हुनर सीखकर आए थे। आरोपी लंबे समय से मंदसौर में किराए का घर लेकर इस गोरखधंधे को अंजाम दे रहे थे। पूछताछ में सामने आया है कि वे इस नकली घी को सस्ते दामों पर ग्रामीण क्षेत्रों के बाजारों और छोटे दुकानदारों को सप्लाई करते थे, जहाँ लोग कम कीमत के चक्कर में इसे खरीद लेते थे।

    सख्त धाराओं में केस दर्ज, सैंपल लैब भेजे राजस्व पुलिस और खाद्य विभाग की टीम ने बरामद घी के सैंपल लेकर उन्हें प्रयोगशाला के लिए भेज दिया है। फूड सेफ्टी ऑफिसर का कहना है कि रिपोर्ट आने के बाद इसमें और भी गंभीर धाराएं जोड़ी जा सकती हैं। फिलहाल, पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी और खाद्य अपमिश्रण अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर उन्हें जेल भेज दिया है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इन आरोपियों के तार और कहां-कहां जुड़े हैं और इन्होंने अब तक कितने क्विंटल नकली घी बाजार में खपाया है।