इस मुकाबले में मेसी ने अपना नौवां विश्व कप असिस्ट दर्ज किया। इससे पहले यह रिकॉर्ड डिएगो माराडोना के नाम था जिन्होंने अपने विश्व कप करियर में आठ असिस्ट किए थे। मेसी अब नौ असिस्ट के साथ इस सूची में शीर्ष स्थान पर पहुंच गए हैं और एक बार फिर साबित कर दिया कि वह सिर्फ गोल करने वाले खिलाड़ी ही नहीं बल्कि अपनी टीम के लिए मौके तैयार करने में भी सबसे आगे हैं।
मेसी ने काबो वर्डे के खिलाफ मुकाबले में शानदार प्रदर्शन करते हुए 29वें मिनट में अर्जेंटीना के लिए पहला गोल भी दागा। लिसेंड्रो मार्टिनेज के बेहतरीन पास को उन्होंने शानदार तरीके से गोल में बदलकर अपनी टीम को शुरुआती बढ़त दिलाई। यह विश्व कप में उनके करियर का 20वां गोल भी रहा। इस उपलब्धि के साथ वह पहले ही विश्व कप इतिहास में सबसे ज्यादा गोल करने वाले खिलाड़ी के रूप में अपना नाम दर्ज करा चुके हैं।
मेसी ने इस टूर्नामेंट में एक और खास उपलब्धि भी हासिल की। वह फीफा विश्व कप इतिहास के पहले खिलाड़ी बन गए जिन्होंने लगातार आठ मुकाबलों में गोल करने का रिकॉर्ड बनाया। इसके अलावा वह दो अलग अलग विश्व कप संस्करणों में सात सात गोल करने वाले पहले फुटबॉलर भी बन चुके हैं। विश्व कप 2026 में भी वह सबसे ज्यादा गोल करने वाले खिलाड़ियों की सूची में शीर्ष पर बने हुए हैं जबकि फ्रांस के स्टार स्ट्राइकर किलियन एम्बाप्पे छह गोल के साथ उनके सबसे करीबी प्रतिद्वंद्वी हैं।
काबो वर्डे के खिलाफ मुकाबला अर्जेंटीना के लिए आसान नहीं रहा। निर्धारित 90 मिनट तक दोनों टीमें 2-2 की बराबरी पर थीं और मैच अतिरिक्त समय में पहुंच गया। अतिरिक्त समय में मेसी के एक आक्रमण को रोकने की कोशिश में काबो वर्डे के खिलाड़ी डिने बोर्गस से आत्मघाती गोल हो गया जिसने मुकाबले का रुख बदल दिया। इसी गोल की बदौलत अर्जेंटीना ने रोमांचक मुकाबला 3-2 से जीतकर अगले दौर में जगह बनाई।
विश्व फुटबॉल में लियोनेल मेसी का यह शानदार प्रदर्शन एक बार फिर उनकी महानता की पुष्टि करता है। लगातार रिकॉर्ड तोड़ते हुए वह न केवल अर्जेंटीना बल्कि विश्व फुटबॉल के इतिहास में अपने नाम को और अधिक सुनहरे अक्षरों में दर्ज करा रहे हैं।

