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  • फीफा विश्व कप 2026: सैबारी की चोट ने मोरक्को को दिया झटका, फ्रांस के खिलाफ नहीं उतरेंगे मैदान में

    फीफा विश्व कप 2026: सैबारी की चोट ने मोरक्को को दिया झटका, फ्रांस के खिलाफ नहीं उतरेंगे मैदान में


    नई दिल्ली । फीफा विश्व कप 2026 के क्वार्टर फाइनल मुकाबले से पहले मोरक्को की टीम को बड़ा झटका लगा है। टीम के प्रमुख फॉरवर्ड इस्माइल सैबारी हैमस्ट्रिंग चोट के कारण फ्रांस के खिलाफ होने वाले अहम मुकाबले में नहीं खेल पाएंगे। उनकी गैरमौजूदगी मोरक्को के लिए बड़ा नुकसान मानी जा रही है, क्योंकि मौजूदा टूर्नामेंट में उन्होंने लगातार शानदार प्रदर्शन करते हुए टीम की सफलता में अहम भूमिका निभाई है।

    मोरक्को के मुख्य कोच मोहम्मद ओआबी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में सैबारी के बाहर होने की पुष्टि की। उन्होंने बताया कि कनाडा के खिलाफ राउंड ऑफ-16 मुकाबले के दौरान सैबारी की हैमस्ट्रिंग में चोट लगी थी। मेडिकल टीम की कोशिशों के बावजूद वह समय पर पूरी तरह फिट नहीं हो सके। हालांकि कोच ने उम्मीद जताई कि यदि मोरक्को सेमीफाइनल में जगह बनाता है तो 25 वर्षीय खिलाड़ी वापसी कर सकते हैं।

    ओआबी ने कहा कि सैबारी फिलहाल खेलने के लिए तैयार नहीं हैं, लेकिन उन्हें विश्वास है कि उनका विश्व कप अभियान यहीं खत्म नहीं होगा और वह आगे टीम के लिए उपलब्ध हो सकते हैं।

    सैबारी इस विश्व कप में मोरक्को के सबसे प्रभावशाली खिलाड़ियों में शामिल रहे हैं। उन्होंने ग्रुप चरण के तीनों मुकाबलों में गोल दागे, जबकि नॉकआउट दौर में नीदरलैंड के खिलाफ पेनल्टी शूटआउट में निर्णायक गोल कर टीम को क्वार्टर फाइनल तक पहुंचाने में अहम योगदान दिया। ऐसे में उनके बाहर होने से फ्रांस के खिलाफ मोरक्को के आक्रमण की धार कमजोर पड़ सकती है और टीम को अधिक रक्षात्मक रणनीति अपनानी पड़ सकती है।

    इस मुकाबले से पहले रेफरी नियुक्ति को लेकर भी चर्चा तेज है। फीफा ने फ्रांस और मोरक्को के क्वार्टर फाइनल के लिए पूरी तरह अर्जेंटीना के अधिकारियों की टीम नियुक्त की है। मौजूदा विश्व कप में यह पहला मौका है जब किसी मैच का संचालन एक ही देश के रेफरी पैनल द्वारा किया जाएगा। हालांकि मोरक्को के कोच ने इस पर किसी तरह की चिंता जताने से इनकार किया।

    उन्होंने कहा कि अनुभवी रेफरी बड़े मुकाबलों को संभालना जानते हैं और उनकी टीम पूरी तरह अपने प्रदर्शन पर ध्यान दे रही है। ओआबी ने कहा कि रेफरी का काम निष्पक्ष फैसले लेना है और उन्हें भरोसा है कि मैच का संचालन भी उसी स्तर पर होगा।

    फ्रांस और मोरक्को के बीच अब तक छह अंतरराष्ट्रीय मुकाबले खेले गए हैं। इनमें फ्रांस ने चार मैच जीते हैं, एक मुकाबला ड्रॉ रहा है, जबकि मोरक्को को सिर्फ एक जीत मिली है। दोनों टीमें 2022 फीफा विश्व कप के सेमीफाइनल में भी आमने-सामने थीं, जहां फ्रांस ने 2-0 से जीत दर्ज कर फाइनल में प्रवेश किया था। ऐसे में इस बार मोरक्को के पास पुरानी हार का हिसाब चुकता करने का मौका होगा, हालांकि सैबारी की अनुपस्थिति उसके लिए बड़ी चुनौती साबित हो सकती है।

  • विश्व कप के बाद बड़ा बदलाव, मेक्सिको ने राफेल मार्केज को बनाया हेड कोच, 2030 तक रहेगा नया मिशन

    विश्व कप के बाद बड़ा बदलाव, मेक्सिको ने राफेल मार्केज को बनाया हेड कोच, 2030 तक रहेगा नया मिशन


    नई दिल्ली । फीफा विश्व कप 2026 में निराशाजनक प्रदर्शन के बाद मेक्सिको फुटबॉल टीम ने भविष्य की तैयारियों को ध्यान में रखते हुए बड़ा फैसला लिया है। मैक्सिकन फुटबॉल फेडरेशन ने टीम के पूर्व कप्तान और दिग्गज डिफेंडर राफेल मार्केज को राष्ट्रीय फुटबॉल टीम का नया हेड कोच नियुक्त किया है। 47 वर्षीय मार्केज अब वर्ष 2030 तक टीम की कमान संभालेंगे और आने वाले चार वर्षों में मेक्सिको को अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल में नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने की जिम्मेदारी निभाएंगे।

    राफेल मार्केज की नियुक्ति ऐसे समय हुई है जब मेक्सिको को फीफा विश्व कप 2026 के राउंड ऑफ 16 में इंग्लैंड के हाथों 3-2 से हार का सामना करना पड़ा था। इस हार के बाद तत्कालीन मुख्य कोच जेवियर एगुइरे ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। फेडरेशन ने स्पष्ट किया है कि मार्केज की नियुक्ति कोई तात्कालिक फैसला नहीं बल्कि पहले से तैयार की गई दीर्घकालिक रणनीति का हिस्सा है। इसका उद्देश्य पिछले वर्षों में तैयार की गई टीम को आगे बढ़ाना और 2030 विश्व कप सहित अन्य बड़े अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंटों के लिए मजबूत आधार तैयार करना है।

    राफेल मार्केज मेक्सिको फुटबॉल इतिहास के सबसे सफल खिलाड़ियों में गिने जाते हैं। उन्होंने अपने अंतरराष्ट्रीय करियर में 148 मुकाबले खेलते हुए कई वर्षों तक टीम का नेतृत्व किया और अपनी मजबूत रक्षात्मक शैली तथा नेतृत्व क्षमता से अलग पहचान बनाई। खिलाड़ी के रूप में उन्होंने विश्व फुटबॉल में मेक्सिको का सम्मान बढ़ाया और अब वही अनुभव बतौर मुख्य कोच टीम के काम आएगा।

    कोचिंग की बात करें तो जुलाई 2024 से वह जेवियर एगुइरे के सहयोगी के रूप में राष्ट्रीय टीम के कोचिंग स्टाफ का हिस्सा थे। इस दौरान उन्होंने खिलाड़ियों के साथ नजदीक से काम किया और टीम की रणनीतियों को समझा। अब पहली बार उन्हें पूरी टीम की जिम्मेदारी सौंपी गई है। फुटबॉल विशेषज्ञों का मानना है कि खिलाड़ी और सहायक कोच के रूप में उनके अनुभव का लाभ मेक्सिको को आने वाले वर्षों में मिल सकता है।

    पूर्व कोच जेवियर एगुइरे का तीसरा कार्यकाल लगभग दो वर्षों तक चला और इस दौरान उन्होंने टीम को कई महत्वपूर्ण सफलताएं दिलाईं। उनके नेतृत्व में मेक्सिको ने 2025 में कॉनकाकाफ गोल्ड कप और नेशंस लीग का खिताब अपने नाम किया। उनके कार्यकाल में टीम ने कुल 50 मुकाबले खेले जिनमें 33 जीत दर्ज कीं जबकि 9 मैच ड्रॉ रहे और केवल 8 में हार मिली। इस प्रदर्शन को मेक्सिको फुटबॉल के हालिया वर्षों के सबसे सफल दौरों में माना जाता है।

    मैक्सिकन फुटबॉल फेडरेशन ने एगुइरे के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने टीम को नई दिशा दी और ऐसी मजबूत नींव तैयार की जिस पर भविष्य की सफल टीम बनाई जा सकती है। स्वयं एगुइरे ने भी पद छोड़ते समय संकेत दिया था कि राफेल मार्केज इस जिम्मेदारी के लिए सबसे उपयुक्त विकल्प हैं। उन्होंने कहा था कि टीम का भविष्य सुरक्षित हाथों में है और आने वाले चार वर्षों में मार्केज मेक्सिको फुटबॉल को नई पहचान दिलाने की क्षमता रखते हैं।

    अब सभी की नजर इस बात पर रहेगी कि महान खिलाड़ी के रूप में अपनी छाप छोड़ने वाले राफेल मार्केज क्या कोच के रूप में भी वही सफलता दोहरा पाते हैं। मेक्सिको के प्रशंसकों को उम्मीद है कि उनके नेतृत्व में टीम 2030 विश्व कप तक दुनिया की मजबूत फुटबॉल टीमों में अपनी जगह और मजबूत करेगी।