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  • भोपाल के बैरागढ़ में 12 वर्षीय बच्ची की हत्या, कृष्णा कॉम्प्लेक्स के पीछे खंडहर में मिला शव

    भोपाल के बैरागढ़ में 12 वर्षीय बच्ची की हत्या, कृष्णा कॉम्प्लेक्स के पीछे खंडहर में मिला शव

    मध्य प्रदेश: की राजधानी भोपाल के बैरागढ़ थाना क्षेत्र में 12 वर्षीय बच्ची की हत्या का मामला सामने आया है। गुरुवार रात से लापता बच्ची का शव शुक्रवार को कृष्णा कॉम्प्लेक्स के पीछे स्थित एक खंडहरनुमा इमारत से बरामद किया गया। घटना की जानकारी मिलने के बाद पुलिस और फॉरेंसिक साइंस लैब (एफएसएल) की टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। बच्ची की मौत की परिस्थितियों का पता लगाने के लिए घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं।

    प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, बच्ची गुरुवार रात करीब आठ बजे किसी काम से अपने घर से निकली थी। इसके बाद वह वापस नहीं लौटी। काफी समय बीतने के बावजूद जब परिजनों को बच्ची का कोई पता नहीं चला, तो उन्होंने अपने स्तर पर उसकी तलाश शुरू की। आसपास के इलाकों में खोजबीन करने के साथ रिश्तेदारों से भी संपर्क किया गया, लेकिन बच्ची के बारे में कोई जानकारी नहीं मिल सकी।

    परिजनों की ओर से तलाश किए जाने के बाद भी जब बच्ची का पता नहीं चला, तो वे देर रात बैरागढ़ थाने पहुंचे और उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने शिकायत मिलने के बाद बच्ची की तलाश शुरू की। मामले की गंभीरता को देखते हुए उसकी तलाश के साथ उससे जुड़ी परिस्थितियों की जानकारी जुटाने का प्रयास किया गया।

    शुक्रवार सुबह पुलिस को सूचना मिली कि कृष्णा कॉम्प्लेक्स के पीछे बने एक खंडहर में बच्ची का शव पड़ा हुआ है। सूचना मिलते ही बैरागढ़ थाना प्रभारी और वरिष्ठ पुलिस अधिकारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। शव मिलने की जानकारी सामने आने के बाद घटनास्थल का निरीक्षण किया गया और मामले की जांच के लिए आवश्यक कदम उठाए गए।

    घटनास्थल पर एफएसएल की विशेष टीम को भी बुलाया गया। फॉरेंसिक विशेषज्ञों ने खंडहर और उसके आसपास के क्षेत्र का बारीकी से निरीक्षण किया। टीम ने घटनास्थल से फिंगरप्रिंट समेत अन्य संभावित साक्ष्य एकत्र किए। इन साक्ष्यों की जांच से बच्ची की मौत से जुड़ी परिस्थितियों और घटना में शामिल व्यक्ति के बारे में जानकारी मिलने की उम्मीद है।

    पुलिस के सामने सबसे अहम सवाल यह है कि घर से निकलने के बाद बच्ची कहां गई और कृष्णा कॉम्प्लेक्स के पीछे स्थित खंडहर तक कैसे पहुंची। जांच में यह भी पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि बच्ची के साथ कोई अन्य व्यक्ति था या नहीं। फिलहाल घटना से जुड़े इन पहलुओं पर जांच जारी है और किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले साक्ष्यों का विश्लेषण किया जा रहा है।

    पुलिस घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाल रही है। इसके साथ ही बच्ची के परिजनों और परिचितों से पूछताछ की जा रही है, ताकि उसके घर से निकलने के बाद की गतिविधियों के बारे में जानकारी जुटाई जा सके। आसपास के क्षेत्र में उपलब्ध साक्ष्यों और लोगों से मिलने वाली जानकारी को जांच का हिस्सा बनाया जा रहा है।

    बच्ची का शव खंडहर में मिलने के बाद इलाके में चिंता का माहौल है। पुलिस का प्रयास है कि घटनाक्रम की कड़ियों को जोड़कर यह पता लगाया जाए कि बच्ची की मौत किन परिस्थितियों में हुई और इसके लिए कौन जिम्मेदार है। मामले में आगे की कार्रवाई जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों और फॉरेंसिक साक्ष्यों के आधार पर की जाएगी।

    फिलहाल पुलिस और एफएसएल की टीम मामले की जांच में जुटी हैं। बच्ची की मौत से जुड़े कारणों, घटनास्थल तक पहुंचने की परिस्थितियों और संभावित आरोपी की पहचान को लेकर आधिकारिक जांच के निष्कर्ष सामने आना बाकी हैं।

  • पानी की टंकी में मिली डिकंपोज बॉडी, फिनाइल डालने की सलाह पड़ी भारी; फॉरेंसिक एक्सपर्ट ने बताया क्यों है खतरनाक

    पानी की टंकी में मिली डिकंपोज बॉडी, फिनाइल डालने की सलाह पड़ी भारी; फॉरेंसिक एक्सपर्ट ने बताया क्यों है खतरनाक


    इंदौर । इंदौर के रावजी बाजार थाना क्षेत्र स्थित जबरन कॉलोनी में एक दर्दनाक और चौंकाने वाली घटना सामने आई, जहां एक व्यक्ति का सड़ा-गला शव उसके घर की पानी की टंकी से बरामद किया गया। कई दिनों तक लापता रहने के बाद जब घर से तेज दुर्गंध आने लगी तो पड़ोसियों ने इसकी सूचना पुलिस को दी। मौके पर पहुंची पुलिस और फॉरेंसिक टीम ने जांच के बाद टंकी से शव बाहर निकलवाया। प्रारंभिक जांच में पानी में डूबने से मौत की आशंका जताई जा रही है, हालांकि मौत के वास्तविक कारणों का पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही चल सकेगा।

    पुलिस के अनुसार मृतक की पहचान 45 वर्षीय ओमप्रकाश उर्फ पप्पू मालवीय के रूप में हुई है। वह पेशे से पुताई का काम करता था और जबरन कॉलोनी में अकेले रहता था। परिजनों ने बताया कि उसकी पत्नी और बेटी कई वर्ष पहले उसे छोड़कर चली गई थीं। स्थानीय लोगों के मुताबिक वह शराब पीने का आदी भी था।

    बताया जा रहा है कि रविवार के बाद से ओमप्रकाश किसी को दिखाई नहीं दिया। पहले लोगों ने इस पर ज्यादा ध्यान नहीं दिया, लेकिन कुछ दिनों बाद उसके घर से तेज बदबू आने लगी। जब लोगों ने घर का गेट खोलकर देखा तो पानी की टंकी से दुर्गंध आ रही थी। सूचना मिलते ही रावजी बाजार थाना पुलिस, एफएसएल टीम और अन्य अधिकारी मौके पर पहुंचे।

    करीब सात फीट गहरी और साढ़े तीन फीट चौड़ी पानी की टंकी में लगभग डेढ़ फीट पानी भरा हुआ था। उसी में ओमप्रकाश का शव डूबा मिला। लंबे समय तक पानी में रहने के कारण शव पूरी तरह डिकंपोज हो चुका था और शरीर की चमड़ी भी निकलने लगी थी। शव की स्थिति इतनी खराब थी कि पूरे इलाके में दुर्गंध फैल गई थी। संकरी टंकी से शव निकालना भी बेहद मुश्किल साबित हुआ। इसके लिए मौके पर मौजूद टीम को फर्श का हिस्सा तोड़ना पड़ा, तब जाकर शव को बाहर निकाला जा सका।

    शव निकालने के दौरान एक दिलचस्प लेकिन महत्वपूर्ण स्थिति भी सामने आई। मौके पर मौजूद कुछ लोगों ने बदबू कम करने के लिए पानी की टंकी में फिनाइल डालने की सलाह दी। यहां तक कि कुछ लोग फिनाइल की बोतल भी ले आए थे, लेकिन पुलिस ने तत्काल उन्हें रोक दिया। पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि किसी भी प्रकार का रासायनिक पदार्थ डालने से जांच प्रभावित हो सकती है और पोस्टमार्टम के दौरान भी यह गंभीर सवाल खड़े कर सकता है।

    इस पूरे मामले पर फॉरेंसिक विशेषज्ञों ने भी पुलिस के फैसले को सही बताया। एमजीएम मेडिकल कॉलेज के फॉरेंसिक विभागाध्यक्ष डॉ. बी.के. सिंह के अनुसार, डिकंपोज शव वाले पानी में फिनाइल या कोई अन्य केमिकल मिलाने से वह शव के हर हिस्से तक पहुंच जाता है। इससे पोस्टमार्टम के दौरान मिलने वाले महत्वपूर्ण वैज्ञानिक साक्ष्य और निष्कर्ष प्रभावित हो सकते हैं, जिससे मौत के कारणों का सही आकलन करना कठिन हो जाता है।

    उन्होंने बताया कि ऐसे मामलों में शव भले ही अत्यधिक सड़ चुका हो और दुर्गंध असहनीय हो, फिर भी वैज्ञानिक जांच की शुद्धता बनाए रखना सबसे बड़ी प्राथमिकता होती है। फॉरेंसिक विशेषज्ञ और डॉक्टर कई बार दो से तीन जोड़ी दस्ताने पहनकर पोस्टमार्टम करते हैं, ताकि आवश्यक साक्ष्यों को सुरक्षित रखते हुए जांच पूरी की जा सके।

    फिलहाल पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराकर मामले की जांच शुरू कर दी है। आसपास के लोगों से पूछताछ की जा रही है और यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि यह हादसा था, आत्महत्या थी या इसके पीछे कोई अन्य कारण है। पोस्टमार्टम और फॉरेंसिक जांच की रिपोर्ट आने के बाद ही मौत की असली वजह स्पष्ट हो सकेगी।