Tag: forest crime

  • सतना में वन्यजीव शिकार का खुलासा, डॉग स्क्वॉड की निशानदेही पर घर से खून लगे हथियार बरामद

    सतना में वन्यजीव शिकार का खुलासा, डॉग स्क्वॉड की निशानदेही पर घर से खून लगे हथियार बरामद


    सतना । सतना जिले के सगमनिया क्षेत्र में वन विभाग ने वन्यजीव शिकार से जुड़े एक संदिग्ध मामले का बड़ा खुलासा किया है। बीट खम्हरिया के अंतर्गत ग्राम पंचायत नैना सगमनिया में पानी की टंकी के पास किसी वन्य प्राणी के शिकार की सूचना मिलने के बाद वन अमला सक्रिय हो गया और मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की गई।

    प्रारंभिक निरीक्षण के दौरान घटनास्थल पर खून के नमूने मिलने से मामले की गंभीरता और बढ़ गई। इसके बाद वन विभाग ने डॉग स्क्वॉड की मदद ली। प्रशिक्षित डॉग “स्पार्टन” को मौके पर सर्चिंग के लिए लगाया गया, जिसने जांच के दौरान पास में स्थित रामाधार बंसल के घर की ओर स्पष्ट संकेत दिया।

    घर पर ताला लगा होने के कारण अधिकारियों को आशंका हुई कि अंदर वन्यजीव शिकार से जुड़े महत्वपूर्ण साक्ष्य हो सकते हैं। इस पर वन परिक्षेत्राधिकारी शुभम दुबे की अनुशंसा पर उप वन मंडल अधिकारी बहादुर सिंह द्वारा सर्च वारंट जारी किया गया। वारंट मिलने के बाद टीम ने घर की तलाशी ली।

    तलाशी के दौरान घर के भीतर से खून से सने हथियार, एक तराजू और वन्य प्राणी के बाल बरामद किए गए। वन विभाग ने सभी सामान को जब्त कर लिया है और मामले की जांच तेज कर दी है।

    वन विभाग ने इस मामले में वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 के तहत प्रकरण दर्ज किया है। अधिकारियों का कहना है कि अभी यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि शिकार किस वन्य प्राणी का किया गया था। घटनास्थल से मिले साक्ष्यों को सुरक्षित रख लिया गया है।

    बरामद किए गए बाल और खून के नमूनों को डीएनए जांच के लिए जबलपुर स्थित फोरेंसिक प्रयोगशाला भेजा जाएगा। रिपोर्ट आने के बाद यह स्पष्ट हो सकेगा कि किस वन्यजीव का शिकार किया गया था और मामले में किन लोगों की संलिप्तता है।

    वन विभाग ने कहा है कि जांच के आधार पर आगे की सख्त कार्रवाई की जाएगी और दोषियों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा।

  • खैर-सागौन तस्करी पर वन विभाग का मास्टर स्ट्रोक: देशभर में तस्करी के नेटवर्क का खुलासा, लाखों की लकड़ी जब्त

    खैर-सागौन तस्करी पर वन विभाग का मास्टर स्ट्रोक: देशभर में तस्करी के नेटवर्क का खुलासा, लाखों की लकड़ी जब्त


    शहडोल । देशभर में खैर लकड़ी की बढ़ती मांग ने इसे तस्करी का नया हॉटस्पॉट बना दिया है, और इस स्थिति का लाभ उठाते हुए तस्कर दिन-ब-दिन अपनी गतिविधियों को बढ़ा रहे हैं। लेकिन शहडोल वन विभाग ने अब एक जबरदस्त कार्रवाई की है, जिससे तस्करी के इस गहरे नेटवर्क का पर्दाफाश हुआ है और वन संपदा की लूट में संलिप्त तत्वों को कड़ा संदेश दिया गया है। शहडोल जिले के विभिन्न क्षेत्रों में किए गए छापे में खैर और सागौन की लाखों रुपये मूल्य की लकड़ी जब्त की गई है।

    वन विभाग की यह कार्रवाई बुढ़ार वन परिक्षेत्र के ग्राम बुगरा में शुरू हुई, जहां एक घर से 104 नग सागौन लकड़ी 3.109 घनमीटर बरामद हुई। पूछताछ में यह जानकारी सामने आई कि यह लकड़ी रात के समय पिकअप वाहन से लाई गई थी। वन अपराध के तहत मामला दर्ज कर लिया गया। इसके बाद, ब्यौहारी वन परिक्षेत्र के कोलमी वार्ड में अशोक कुमार अवस्थी के घर से सागौन लकड़ी के छिलके, बोरे और लकड़ी के टुकड़े, साथ ही 13 चेन-सॉ मशीनें और एक बैटरी चालित चेन-सॉ मशीन बरामद की गई।

    इसके साथ ही, ग्राम पटदई में एक ढाबे से 130 नग सागौन लकड़ी 2.079 घनमीटर भी जब्त की गई। इन कार्रवाईयों के दौरान, लगभग 5 से 6 घन मीटर लकड़ी की तस्करी के प्रमाण मिले, जिससे तस्करों की गतिविधियों का जाल साफ तौर पर उजागर हुआ।खैर और सागौन लकड़ी की बढ़ती तस्करी की वजह से इनकी मांग बढ़ गई है, और यही कारण है कि अब इनकी जड़ें और छिलके भी तस्करी के शिकार हो रहे हैं। इस पर वन विभाग की डीएफओ श्रद्धा पेंद्रे ने बताया कि तस्करी की इस समस्या को लेकर विभाग ने एक सख्त रणनीति अपनाई है।
    जिसमें लगातार निगरानी रखी जा रही है और तस्करों के खिलाफ त्वरित कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जंगल की संपदा की लूट किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी, और तस्करी के नेटवर्क के खिलाफ और भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी। वन विभाग की इस तरह की कार्रवाई से यह स्पष्ट हो गया है कि किसी भी कीमत पर अवैध तस्करी और जंगल की लूट को बढ़ावा नहीं दिया जाएगा। विभाग अब आने वाले दिनों में इस नेटवर्क को पूरी तरह से खत्म करने के लिए और भी प्रभावी कदम उठाएगा।