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  • सड़क किनारे दिखा 7 फीट का मगरमच्छ, वन विभाग ने किया सुरक्षित रेस्क्यू

    सड़क किनारे दिखा 7 फीट का मगरमच्छ, वन विभाग ने किया सुरक्षित रेस्क्यू


    शिवपुरी। शहर में सोमवार सुबह उस वक्त हड़कंप मच गया, जब पोहरी बस स्टैंड के पीछे स्थित तालाब के पास एक करीब 7 फीट लंबा Crocodile दिखाई दिया। सुबह लगभग 9 बजे पुलिया के पास बैठे इस विशाल मगरमच्छ को देखकर स्थानीय लोगों और राहगीरों में डर का माहौल बन गया। लोग घबराकर दूर से ही निकलने लगे और इलाके में अफरा-तफरी की स्थिति बन गई।

    स्थानीय लोगों ने दी जानकारी, हालत देखकर जताई आशंका

    स्थानीय निवासी मुकेश कुशवाह के मुताबिक, मगरमच्छ काफी बड़ा था और उसका पेट फूला हुआ नजर आ रहा था। इससे यह अंदाजा लगाया गया कि उसने हाल ही में किसी जानवर संभवतः कुत्ते या सूअर का शिकार किया होगा, जिसके कारण वह ज्यादा सक्रिय नहीं दिख रहा था। इस वजह से वह लंबे समय तक एक ही जगह पर बैठा रहा।

    वन विभाग की टीम ने संभाली स्थिति

    घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम तुरंत मौके पर पहुंची। रेस्क्यू टीम ने पूरी सावधानी और सतर्कता के साथ करीब 30 मिनट तक अभियान चलाया। भीड़ को नियंत्रित करते हुए टीम ने मगरमच्छ को सफलतापूर्वक काबू में कर लिया। इस दौरान सुरक्षा के सभी मानकों का ध्यान रखा गया, ताकि किसी तरह की जनहानि न हो।

    सुरक्षित स्थान पर छोड़ा गया मगरमच्छ

    रेस्क्यू के बाद मगरमच्छ को सुरक्षित स्थान पर ले जाया गया, जिससे क्षेत्र में सामान्य स्थिति बहाल हो सकी। इस पूरे अभियान के दौरान मौके पर बड़ी संख्या में लोग जमा हो गए थे, लेकिन वन विभाग ने स्थिति को पूरी तरह नियंत्रण में रखा।

  • शहर में तेंदुआ देखा गया वन विभाग ने सुरक्षित पकड़कर किया रेस्क्यू

    शहर में तेंदुआ देखा गया वन विभाग ने सुरक्षित पकड़कर किया रेस्क्यू


    इंदौर के देव गुराडिया इलाके के पास शनिवार सुबह रिहायशी क्षेत्र में तेंदुए की गतिविधि ने स्थानीय लोगों में दहशत फैला दी। स्थानीय लोगों ने खेत और मकानों के आसपास जंगली जानवर जैसी मूवमेंट देखी और तुरंत वन विभाग को सूचित किया। सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और इलाके की घेराबंदी कर रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया।

    कुछ देर की मशक्कत के बाद तेंदुए को सुरक्षित तरीके से पकड़ लिया गया। इस दौरान इलाके में जमा भीड़ को हटा कर स्थिति को काबू में किया गया। वन विभाग के अधिकारियों के मुताबिक यह तेंदुआ अक्सर पास के रालामंडल जंगल से भटक कर शहरी इलाके की ओर आ जाता है। पिछले वर्षों में भी देव गुराडिया और आसपास की कॉलोनियों में तेंदुए दिखाई देने की कई घटनाएं दर्ज की गई हैं।रेस्क्यू के बाद तेंदुए को जांच और मेडिकल परीक्षण के लिए कमला नेहरू प्राणी संग्रहालय लाया गया। प्रभारी डॉक्टर उत्तम यादव ने बताया कि पकड़ा गया तेंदुआ फीमेल है और फिलहाल स्वस्थ नजर आ रहा है। तेंदुए का फिजिकल एनालिसिस और मेडिकल एग्जामिनेशन किया जा रहा है ताकि किसी प्रकार की चोट या बीमारी का पता लगाया जा सके।

    वन विभाग का कहना है कि पूरी तरह फिट पाए जाने पर तेंदुए को वापस जंगल में छोड़ दिया जाएगा। विभाग के अधिकारी इसे शहरी इलाकों में सुरक्षित छोड़ने के लिए उपयुक्त समय और स्थान का इंतजार कर रहे हैं। वन विभाग का मानना है कि रिहायशी इलाकों में जंगली जानवरों की मूवमेंट में वृद्धि का कारण आसपास के जंगलों और मानव गतिविधियों का बढ़ना है।

    स्थानीय लोगों से भी अपील की गई है कि तेंदुए या अन्य जंगली जानवर दिखाई देने पर किसी भी तरह का खतरा  लें और तुरंत वन विभाग को सूचित करें। वन विभाग ने इस घटना से जुड़ी पूरी प्रक्रिया को रिकॉर्ड किया है और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सुरक्षा उपायों को और मजबूत किया जाएगा।

    विशेषज्ञों का कहना है कि शहर और जंगल के बीच बढ़ता इंटरेक्शन वन्य जीवों और लोगों दोनों के लिए जोखिम बढ़ाता है। इस मामले में रेस्क्यू टीम की तत्परता ने न केवल तेंदुए की जान बचाई बल्कि स्थानीय निवासियों को भी सुरक्षित रखा।वन विभाग इस घटना को सफल ऑपरेशन के रूप में देख रहा है और तेंदुए को जल्द ही वापस जंगल में छोड़कर उसकी प्राकृतिक स्थिति में लौटाने की तैयारी कर रहा है। इस तरह की घटनाएं यह भी दर्शाती हैं कि वन्यजीवों और शहरी क्षेत्रों के बीच तालमेल बनाए रखना कितना आवश्यक है।