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  • मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अरुणाचल प्रदेश और मिजोरम के स्थापना दिवस पर प्रदेशवासियों को दी बधाई

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अरुणाचल प्रदेश और मिजोरम के स्थापना दिवस पर प्रदेशवासियों को दी बधाई

    भोपाल। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने आज अरुणाचल प्रदेश और मिजोरम के 39वें स्थापना दिवस के अवसर पर दोनों राज्यों के प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में दोनों राज्यों की समृद्धि और विकास की कामना की।मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अरुणाचल प्रदेश, जो प्रकृतिक सौंदर्य, विविध संस्कृति और आध्यात्मिक परंपराओं से परिपूर्ण है, निरंतर प्रगति के पथ पर अग्रसर रहे और विकसित भारत के संकल्प को सशक्त रूप से आगे बढ़ाए। उन्होंने यह भी शुभकामना जताई कि अरुणाचल प्रदेश की युवा शक्ति और सांस्कृतिक विरासत राज्य को नई ऊँचाइयों तक ले जाए।

    साथ ही मुख्यमंत्री ने मिजोरम की बात करते हुए कहा कि यह राज्य अपने समृद्ध सांस्कृतिक विविधता और प्राकृतिक सुंदरता के लिए जाना जाता है। उन्होंने उम्मीद जताई कि मिजोरम हमेशा के लिए शांति, खुशहाली और विकास के नए आयाम स्थापित करता रहे। 20 फरवरी 1987 को, दोनों ही पूर्वोत्तर के राज्य अरुणाचल प्रदेश और मिजोरम को पूर्ण राज्य का दर्जा मिला था। इससे पहले ये दोनों इलाके केंद्र शासित प्रदेश के रूप में शासनाधीन थे। इस बदलाव के साथ ही दोनों राज्यों ने भारतीय संघ के 23वें और 24वें राज्य के रूप में अपनी पहचान बनाई।

    अरुणाचल प्रदेश को उगते सूरज की भूमि के रूप में भी जाना जाता है और इसका नाम अरुणाचल सूर्य की किरणों से आलोकित पहाड़ियों के कारण पड़ा है। यह राज्य भारतीय संविधान के 55वें संशोधन के बाद 20 फरवरी 1987 को आधिकारिक तौर पर 24वें राज्य के रूप में स्थापित हुआ।  मिजोरम का इतिहास भी इसी दिन से जुड़ा हुआ है। पहले यह लुशाई हिल्स के नाम से असम का हिस्सा था और 1972 में इसे एक केंद्र शासित प्रदेश बनाया गया। अगले दशक में बातचीत औरसंविधान संशोधन के माध्यम से इसे 20 फरवरी 1987 को 23वें राज्य का दर्जा प्राप्त हुआ। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के बधाई संदेश ने एकता, सद्भाव और राष्ट्र के प्रति समर्पण की भावना को भी उजागर किया। उन्होंने आशा व्यक्त की कि दोनों राज्यों की संस्कृतियां और परंपराएँ समृद्ध होती रहें और ये राष्ट्र के उन्नयन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते रहें।
     
    स्थापना दिवस का समारोह प्रत्येक वर्ष बड़ी धूमधाम से मनाया जाता है, जिसमें सांस्कृतिक कार्यक्रम, ध्वजारोहण, और स्थानीय जनमानस के बीच उत्सव की भावना देखने को मिलती है। यह दिन राज्य की पहचान, उपलब्धियों और सामाजिक-आर्थिक विकास का प्रतीक है।  मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने आज अरुणाचल प्रदेश और मिजोरम के 39वें स्थापना दिवस के अवसर पर दोनों राज्यों के प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में दोनों राज्यों की समृद्धि और विकास की कामना की।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अरुणाचल प्रदेश, जो प्रकृतिक सौंदर्य, विविध संस्कृति और आध्यात्मिक परंपराओं से परिपूर्ण है, निरंतर प्रगति के पथ पर अग्रसर रहे और विकसित भारत के संकल्प को सशक्त रूप से आगे बढ़ाए। उन्होंने यह भी शुभकामना जताई कि अरुणाचल प्रदेश की युवा शक्ति और सांस्कृतिक विरासत राज्य को नई ऊँचाइयों तक ले जाए। साथ ही मुख्यमंत्री ने मिजोरम की बात करते हुए कहा कि यह राज्य अपने समृद्ध सांस्कृतिक विविधता और प्राकृतिक सुंदरता के लिए जाना जाता है। उन्होंने उम्मीद जताई कि मिजोरम हमेशा के लिए शांति, खुशहाली और विकास के नए आयाम स्थापित करता रहे।

    20 फरवरी 1987 को, दोनों ही पूर्वोत्तर के राज्य अरुणाचल प्रदेश और मिजोरम को पूर्ण राज्य का दर्जा मिला था। इससे पहले ये दोनों इलाके केंद्र शासित प्रदेश के रूप में शासनाधीन थे। इस बदलाव के साथ ही दोनों राज्यों ने भारतीय संघ के 23वें और 24वें राज्य के रूप में अपनी पहचान बनाई। अरुणाचल प्रदेश को उगते सूरज की भूमि के रूप में भी जाना जाता है और इसका नाम अरुणाचल सूर्य की किरणों से आलोकित पहाड़ियों के कारण पड़ा है। यह राज्य भारतीय संविधान के 55वें संशोधन के बाद 20 फरवरी 1987 को आधिकारिक तौर पर 24वें राज्य के रूप में स्थापित हुआ।

    मिजोरम का इतिहास भी इसी दिन से जुड़ा हुआ है। पहले यह लुशाई हिल्स के नाम से असम का हिस्सा था और 1972 में इसे एक केंद्र शासित प्रदेश बनाया गया। अगले दशक में बातचीत और संविधान संशोधन के माध्यम से इसे 20 फरवरी 1987 को 23वें राज्य का दर्जा प्राप्त हुआ। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के बधाई संदेश ने एकता, सद्भाव और राष्ट्र के प्रति समर्पण की भावना को भी उजागर किया। उन्होंने आशा व्यक्त की कि दोनों राज्यों की संस्कृतियां और परंपराएँ समृद्ध होती रहें और ये राष्ट्र के उन्नयन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते रहें।

    स्थापना दिवस का समारोह प्रत्येक वर्ष बड़ी धूमधाम से मनाया जाता है, जिसमें सांस्कृतिक कार्यक्रम, ध्वजारोहण, और स्थानीय जनमानस के बीच उत्सव की भावना देखने को मिलती है। यह दिन राज्य की पहचान, उपलब्धियों और सामाजिक-आर्थिक विकास का प्रतीक है।

  • मेघालय, मणिपुर और त्रिपुरा के स्थापना दिवस पर मुख्यमंत्री मोहन यादव की शुभकामनाएं, देश की ताकत बताया पूर्वोत्तर का विकास

    मेघालय, मणिपुर और त्रिपुरा के स्थापना दिवस पर मुख्यमंत्री मोहन यादव की शुभकामनाएं, देश की ताकत बताया पूर्वोत्तर का विकास


    मध्य प्रदेश। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मेघालय, मणिपुर और त्रिपुरा के स्थापना दिवस के अवसर पर इन राज्यों के नागरिकों को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। अपने संदेश में उन्होंने कहा कि पूर्वोत्तर भारत के ये राज्य न केवल प्राकृतिक सौंदर्य और सांस्कृतिक विरासत से समृद्ध हैं, बल्कि देश की एकता और विविधता का भी सशक्त प्रतीक हैं। उन्होंने कामना की कि आने वाले वर्षों में ये राज्य विकास के नए आयाम स्थापित करें और यहां के नागरिकों के जीवन में सुख, समृद्धि और उल्लास बना रहे।

    मेघालय का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह राज्य भारत का गौरव है। पर्वतमालाओं से घिरा, हरियाली और प्राकृतिक संसाधनों से भरपूर मेघालय अपनी समृद्ध जनजातीय संस्कृति और परंपराओं के लिए जाना जाता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि मेघालय की सांस्कृतिक विविधता और पर्यावरण के प्रति जागरूक जीवनशैली देश के अन्य हिस्सों के लिए प्रेरणास्रोत है।मणिपुर को लेकर उन्होंने कहा कि यह राज्य भारत के गहने के रूप में प्रसिद्ध है। मणिपुर की कला, नृत्य और सांस्कृतिक विरासत ने इसे अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाई है। मुख्यमंत्री ने बताया कि मणिपुर की पहचान उसकी अद्वितीय संस्कृति, खेल प्रतिभा और सामाजिक समरसता से जुड़ी हुई है। उन्होंने उम्मीद जताई कि राज्य शांति, विकास और सांस्कृतिक संरक्षण के मार्ग पर निरंतर आगे बढ़ता रहेगा।

    त्रिपुरा के संदर्भ में डॉ. मोहन यादव ने कहा कि यह राज्य माँ त्रिपुरसुंदरी की कृपा से अभिसिंचित है और अपने नैसर्गिक सौंदर्य के लिए सुविख्यात है। उन्होंने त्रिपुरा की सांस्कृतिक परंपराओं ऐतिहासिक धरोहरों और जनजीवन की सरलता को सराहा। मुख्यमंत्री के अनुसार, त्रिपुरा ने सीमित संसाधनों के बावजूद विकास और सामाजिक संतुलन का उदाहरण प्रस्तुत किया है।मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में धार्मिक और सांस्कृतिक आस्था का भी उल्लेख किया और कहा कि बाबा महाकाल से यही मंगलकामना है कि प्रकृति की गोद में बसे ये तीनों राज्य निरंतर प्रगति करें। उन्होंने यह भी कहा कि केंद्र और राज्यों के समन्वय से पूर्वोत्तर भारत विकास की नई ऊंचाइयों को छू रहा है और आने वाला समय इन राज्यों के लिए और अधिक अवसर लेकर आएगा।

    राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में मुख्यमंत्री के इस संदेश को राष्ट्रीय एकता और सांस्कृतिक सम्मान का प्रतीक माना जा रहा है। यह संदेश ऐसे समय में आया है, जब देश के अलग-अलग हिस्सों में क्षेत्रीय पहचान के साथ-साथ राष्ट्रीय चेतना को मजबूत करने पर जोर दिया जा रहा है।स्थापना दिवस के अवसर पर मेघालय, मणिपुर और त्रिपुरा में सांस्कृतिक कार्यक्रमों, सरकारी आयोजनों और जनउत्सव की तैयारियां की गई हैं। इन आयोजनों के माध्यम से राज्यों की विकास यात्रा, सांस्कृतिक धरोहर और भविष्य की योजनाओं को जनता के सामने रखा जा रहा है।