Tag: Free Treatment

  • MP के 126 अस्पतालों की आयुष्मान मान्यता खत्म: मुफ्त इलाज पर रोक, मरीजों की परेशानी बढ़ी

    MP के 126 अस्पतालों की आयुष्मान मान्यता खत्म: मुफ्त इलाज पर रोक, मरीजों की परेशानी बढ़ी


    भोपाल। मध्यप्रदेश में आयुष्मान योजना के तहत मुफ्त इलाज कराने वाले लोगों के लिए महत्वपूर्ण खबर सामने आई है। प्रदेश के 126 अस्पतालों की आयुष्मान मान्यता खत्म हो गई है। इसमें राजधानी भोपाल के 51, इंदौर के 30, ग्वालियर के 33 और जबलपुर के 12 अस्पताल शामिल हैं। कुल मिलाकर चार प्रमुख शहरों में 398 में से 126 अस्पताल प्रभावित हुए हैं।

    जानकारी के अनुसार, NABH सर्टिफिकेट न मिलने के कारण इन अस्पतालों में अब मुफ्त इलाज उपलब्ध नहीं होगा। वहीं, फुल NABH प्रमाणित अस्पताल “डीम्ड इंपैनलमेंट” का लाभ प्राप्त करेंगे और अस्पतालों को उनकी गुणवत्ता के आधार पर भुगतान किया जाएगा। एंट्री लेवल NABH अस्पतालों को 10 प्रतिशत अतिरिक्त भुगतान मिलेगा। साथ ही मरीजों के फीडबैक से अस्पतालों की निगरानी भी की जाएगी।

    NABH सर्टिफिकेट अस्पतालों की गुणवत्ता और सुरक्षा का प्रमाण होता है। इसमें 600 से अधिक मानकों पर अस्पतालों की जांच की जाती है। ये मानक मरीजों की सुरक्षा, साफ-सफाई, दवाओं की उपलब्धता, नर्सिंग स्टाफ, इमरजेंसी सेवाएं और सर्जरी प्रक्रियाओं से जुड़े होते हैं। सरकार का मानना है कि NABH प्रमाणपत्र मरीजों को सुरक्षित और भरोसेमंद इलाज की गारंटी देता है।

    इस फैसले के बाद प्रभावित अस्पतालों के मरीजों को अब मुफ्त इलाज के विकल्प सीमित होंगे। मरीजों को अब अपने नजदीकी फुल NABH प्रमाणित अस्पतालों में इलाज कराने की आवश्यकता होगी। विशेषज्ञों का कहना है कि इस कदम से मरीजों की सुरक्षा बढ़ेगी, लेकिन अल्पकाल में लोग असुविधा और परेशानियों का सामना कर सकते हैं।

    मंत्रालय ने बताया कि आगामी दिनों में अस्पतालों को NABH मानकों के अनुरूप तैयार करने के लिए मार्गदर्शन दिया जाएगा। वहीं, मरीजों से फीडबैक लेकर अस्पतालों की सेवाओं की निगरानी की जाएगी ताकि स्वास्थ्य सुविधाओं की गुणवत्ता सुनिश्चित की जा सके।

    इस बदलाव से मध्यप्रदेश के स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र में गुणवत्ता सुधार और मरीजों की सुरक्षा पर ध्यान केंद्रित करने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है, हालांकि फिलहाल लोगों को अस्पतालों के चयन में अतिरिक्त सावधानी बरतनी होगी।

  • दिल्ली सरकार ने बढ़ाया आयुष्मान भारत योजना का दायरा, विधवा और दिव्यांग पेंशनधारियों को मिलेगा कैशलेस स्वास्थ्य कवच

    दिल्ली सरकार ने बढ़ाया आयुष्मान भारत योजना का दायरा, विधवा और दिव्यांग पेंशनधारियों को मिलेगा कैशलेस स्वास्थ्य कवच


    नई दिल्ली । दिल्ली सरकार ने आयुष्मान भारत योजना का दायरा बढ़ाने का बड़ा फैसला लिया है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की अध्यक्षता में मंगलवार को दिल्ली सचिवालय में हुई कैबिनेट बैठक में निर्णय लिया गया कि राजधानी के विधवा और दिव्यांग पेंशनधारियों को प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना से जोड़ा जाएगा। इस कदम से लगभग 3.96 लाख विधवा महिलाओं और 1.31 लाख दिव्यांग व्यक्तियों के परिवार अब स्वास्थ्य सुरक्षा का लाभ उठा सकेंगे।

    इस योजना के तहत ये लाभार्थी राजधानी के 208 सूचीबद्ध सरकारी और निजी अस्पतालों में कैशलेस उपचार करा सकेंगे। राजधानी में योजना का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर और जरूरतमंद वर्ग को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना है ताकि इलाज के खर्च का बोझ कम हो सके और गरीब नागरिक किसी बीमारी के चलते वंचित न रहें।

    रेखा गुप्ता ने बताया कि कैबिनेट के इस फैसले के बाद करीब 5.5 लाख अतिरिक्त परिवार अब आयुष्मान भारत योजना की सुरक्षा की छतरी के नीचे आ जाएंगे। ये परिवार पहले से योजना का लाभ ले रहे अंत्योदय अन्न योजना और प्राथमिकता PRS श्रेणी के परिवारों के अतिरिक्त होंगे। साथ ही 70 वर्ष से अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिक आशा कार्यकर्ता आंगनवाड़ी कार्यकर्ता और हेल्पर्स भी इस योजना के दायरे में शामिल रहेंगे।

    मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि सरकार का लक्ष्य है कि दिल्ली का कोई गरीब कमजोर या जरूरतमंद नागरिक इलाज के अभाव में वंचित न रहे। योजना लागू होने के बाद लाभार्थियों को निजी या सरकारी अस्पतालों में बिना किसी अग्रिम भुगतान के इलाज की सुविधा प्राप्त होगी।

    अब तक दिल्ली में आयुष्मान भारत योजना के तहत 7,23,707 कार्ड जारी किए जा चुके हैं। इनमें से 2,74,620 कार्ड वरिष्ठ नागरिकों को प्रदान किए गए हैं। राजधानी में योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए 208 अस्पतालों का नेटवर्क तैयार किया गया है जिसमें 156 निजी और 53 सरकारी अस्पताल शामिल हैं। दिल्ली राज्य स्वास्थ्य एजेंसी के माध्यम से अब तक 29,120 से अधिक लाभार्थियों ने मुफ्त इलाज का लाभ प्राप्त किया है।

    इस योजना के विस्तार से न केवल विधवा और दिव्यांग पेंशनधारियों को सीधे लाभ मिलेगा बल्कि यह उनके परिवारों के लिए भी आर्थिक राहत का साधन बनेगी। कैबिनेट के निर्णय से यह स्पष्ट हो गया है कि दिल्ली सरकार स्वास्थ्य सुरक्षा को उच्च प्राथमिकता देती है और जरूरतमंद वर्ग तक इलाज की सुविधा सुनिश्चित करने के लिए निरंतर कदम उठा रही है।

    इस पहल से राजधानी के गरीब और कमजोर वर्ग को मुफ्त और विश्वसनीय स्वास्थ्य सुविधा प्राप्त होगी। योजना के तहत लाभार्थी सूचीबद्ध अस्पतालों में अस्पताल में भर्ती इलाज और आपातकालीन सेवाओं के लिए कैशलेस सुविधा का लाभ उठा सकेंगे। इससे स्वास्थ्य सुरक्षा का व्यापक जाल तैयार हुआ है और दिल्ली की स्वास्थ्य प्रणाली और अधिक समावेशी और प्रभावी बन रही है।

    इस तरह दिल्ली सरकार ने आयुष्मान भारत योजना के दायरे में विधवा और दिव्यांग पेंशनधारियों को जोड़कर लगभग 5.5 लाख नए परिवारों को स्वास्थ्य सुरक्षा का कवच प्रदान किया है। यह कदम राजधानी के कमजोर और आर्थिक रूप से पिछड़े वर्ग के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।