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  • प्रदीप रावत ने बताया था क्यों छोड़ा सलमान खान का साथ, वर्षों बाद मुलाकात में गले लगाकर जताया अपनापन

    प्रदीप रावत ने बताया था क्यों छोड़ा सलमान खान का साथ, वर्षों बाद मुलाकात में गले लगाकर जताया अपनापन


    नई दिल्ली ।
    दिवंगत अभिनेता प्रदीप रावत के निधन के बाद उनके जीवन से जुड़े कई पुराने किस्से एक बार फिर चर्चा में हैं। इन्हीं में से एक किस्सा अभिनेता सलमान खान के साथ उनकी गहरी दोस्ती का है। प्रदीप रावत ने एक पुराने इंटरव्यू में बताया था कि संघर्ष के दिनों में वह करीब छह महीने तक सलमान खान के घर रहे थे। उस दौरान दोनों के बीच बेहद मजबूत दोस्ती थी, लेकिन बाद में उन्होंने अपने करियर पर ध्यान केंद्रित करने के लिए खुद ही सलमान से दूरी बना ली थी।

    प्रदीप रावत ने बताया था कि उनकी और सलमान खान की दोस्ती फिल्म ‘बागी’ के दौरान शुरू हुई थी। शुरुआती मुलाकातों के बाद दोनों के बीच अच्छा तालमेल बन गया। दोनों को फिटनेस का शौक था और अक्सर साथ समय बिताते थे। धीरे-धीरे स्थिति ऐसी हो गई कि सलमान खान उन्हें अपने घर से वापस जाने ही नहीं देते थे। वह वहीं रहते, खाना खाते, व्यायाम करते और कई बार साथ में सामाजिक कार्यक्रमों में भी शामिल होते थे।

    उन्होंने बताया था कि उस दौर में सलमान खान ने उनका हर तरह से साथ दिया। बड़े आयोजनों में जाने के लिए यदि उनके पास उपयुक्त कपड़े नहीं होते थे तो उनकी भी व्यवस्था कराई जाती थी। प्रदीप रावत के अनुसार, सलमान खान हमेशा अपने दोस्तों का पूरा ध्यान रखते थे और जरूरत के समय बिना किसी संकोच के मदद करते थे। उन्होंने सलमान को बड़े दिल वाला और अपने लोगों का ख्याल रखने वाला इंसान बताया था।

    हालांकि कुछ समय बाद प्रदीप रावत ने महसूस किया कि वह इस आरामदायक जीवनशैली के अभ्यस्त होते जा रहे हैं। उन्हें लगा कि यदि वह इसी माहौल में लंबे समय तक रहे तो अपने व्यक्तिगत संघर्ष और करियर की दिशा से भटक सकते हैं। इसी सोच के साथ उन्होंने खुद को सलमान के करीब रहने वाले दायरे से अलग करने का फैसला किया और अपने अभिनय करियर पर पूरा ध्यान देना शुरू किया।

    कई वर्षों तक दोनों के बीच मुलाकात नहीं हुई। बाद में एक दिन सड़क पर अचानक दोनों आमने-सामने आ गए। प्रदीप रावत ने बताया था कि सलमान खान ने उन्हें देखते ही अपनी गाड़ी रोक दी और उनसे गले मिलकर पूछा कि वह इतने वर्षों से कहां थे। इस मुलाकात ने दोनों की पुरानी दोस्ती की यादें फिर ताजा कर दीं। प्रदीप के अनुसार, सलमान उनसे नाराज जरूर थे कि उन्होंने बिना बताए दूरी बना ली थी, लेकिन उनके व्यवहार में अपनापन पहले जैसा ही था।

    प्रदीप रावत ने अपने संघर्ष के दिनों का एक और प्रसंग साझा करते हुए बताया था कि जब वह बैंक में नौकरी करते थे, तब सलमान खान उनसे मिलने वहां भी पहुंच जाते थे और उनके काम खत्म होने तक बैठकर इंतजार करते थे। उन्होंने यह भी बताया था कि बाद में एक फिल्म के हिंदी संस्करण के लिए उन्होंने निर्देशक को सलमान खान के बजाय आमिर खान का नाम सुझाया था। उनके अनुसार, यह फैसला पूरी तरह पेशेवर सोच के आधार पर लिया गया था और इसका उनकी निजी दोस्ती से कोई संबंध नहीं था। आज प्रदीप रावत के निधन के बाद उनकी और सलमान खान की यह दोस्ती तथा उससे जुड़ी यादें एक बार फिर लोगों के बीच चर्चा का विषय बनी हुई हैं।

  • आईपीएल के दौरान उड़ी अफेयर की चर्चाओं पर वर्षों बाद बोले ब्रेट ली, प्रीति जिंटा संग रिश्ते को लेकर दिया साफ जवाब

    आईपीएल के दौरान उड़ी अफेयर की चर्चाओं पर वर्षों बाद बोले ब्रेट ली, प्रीति जिंटा संग रिश्ते को लेकर दिया साफ जवाब

    नई दिल्ली । ऑस्ट्रेलिया के पूर्व तेज गेंदबाज ब्रेट ली ने वर्षों से चली आ रही उन चर्चाओं पर आखिरकार अपनी प्रतिक्रिया दी है, जिनमें उनका नाम बॉलीवुड अभिनेत्री और पंजाब किंग्स की सह-मालिक प्रीति जिंटा के साथ जोड़ा जाता रहा। इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) के शुरुआती सीजन में दोनों को लेकर कई तरह की अटकलें लगाई गई थीं, लेकिन अब ब्रेट ली ने साफ कर दिया है कि उनके और प्रीति जिंटा के बीच कभी भी प्रेम संबंध नहीं था।

    ब्रेट ली ने हालिया बातचीत में कहा कि उन्होंने कभी किसी बॉलीवुड अभिनेत्री को डेट नहीं किया। उन्होंने बताया कि प्रीति जिंटा उनके लिए हमेशा एक अच्छी दोस्त रही हैं और आज भी दोनों के बीच सम्मान और मित्रता का वही रिश्ता कायम है। उन्होंने कहा कि उस समय प्रीति टीम की मालिक थीं और उनके साथ पेशेवर और दोस्ताना संबंध थे, जिन्हें लोगों ने अलग नजरिए से देखना शुरू कर दिया।

    पूर्व ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेटर ने कहा कि अफवाहों का उन पर कभी कोई खास असर नहीं पड़ा क्योंकि उन्हें सच्चाई पता थी। उन्होंने बताया कि सार्वजनिक जीवन में रहने वाले लोगों के बारे में इस तरह की बातें अक्सर होती रहती हैं, लेकिन उन्होंने कभी इन चर्चाओं को गंभीरता से नहीं लिया। उनके अनुसार, लोगों की धारणाएं अलग हो सकती हैं, लेकिन वास्तविकता वही होती है जो संबंधित लोग जानते हैं।

    ब्रेट ली और प्रीति जिंटा का नाम सबसे अधिक वर्ष 2008 से 2011 के बीच चर्चा में रहा। उस समय ब्रेट ली आईपीएल में किंग्स इलेवन पंजाब की ओर से खेलते थे, जबकि प्रीति जिंटा फ्रेंचाइजी की सह-मालिक थीं। मैचों, टीम के कार्यक्रमों और विभिन्न प्रचार अभियानों में दोनों अक्सर एक साथ दिखाई देते थे। बाद में एक रेस्तरां में दोनों की मुलाकात की तस्वीरें सामने आने के बाद अफेयर की अटकलों ने और जोर पकड़ लिया था।

    हालांकि उस समय भी प्रीति जिंटा ने इन खबरों का सार्वजनिक रूप से खंडन किया था। उन्होंने सोशल मीडिया पर स्पष्ट किया था कि उनके और ब्रेट ली के बीच केवल दोस्ती का रिश्ता है। उन्होंने यह भी कहा था कि हर वर्ष एक ही तरह की अफवाहों को दोहराया जाना निराधार है और इसमें कोई सच्चाई नहीं है।

    ब्रेट ली की निजी जिंदगी की बात करें तो उन्होंने वर्ष 2006 में एलिजाबेथ केम्प से शादी की थी। इस विवाह से उनका एक बेटा हुआ, लेकिन बाद में दोनों अलग हो गए। इसके बाद वर्ष 2014 में उन्होंने लाना एंडरसन से विवाह किया। वर्तमान में वे अपने परिवार के साथ खुशहाल वैवाहिक जीवन व्यतीत कर रहे हैं।

    ब्रेट ली के इस बयान के बाद वर्षों से चली आ रही चर्चाओं पर विराम लग गया है। उनके स्पष्ट जवाब ने यह साफ कर दिया है कि आईपीएल के शुरुआती दौर में दोनों के बारे में जो अफवाहें फैली थीं, वे केवल अटकलें थीं और उनके बीच हमेशा दोस्ती का ही रिश्ता रहा।

  • दोस्ती निभाने के साथ करें कमाई, दो दोस्तों के लिए ये बिजनेस आइडिया बन सकते हैं शानदार शुरुआत

    दोस्ती निभाने के साथ करें कमाई, दो दोस्तों के लिए ये बिजनेस आइडिया बन सकते हैं शानदार शुरुआत

    नई दिल्ली। इंटरनेशनल फ्रेंडशिप डे 30 जुलाई को मनाया जाएगा। यह दिन सिर्फ दोस्ती का जश्न मनाने का अवसर ही नहीं, बल्कि अपने सबसे भरोसेमंद साथी के साथ नए सपनों को साकार करने की शुरुआत भी हो सकता है। आज के समय में कई ऐसे बिजनेस मॉडल मौजूद हैं जिन्हें दो दोस्त मिलकर कम लागत में शुरू कर सकते हैं। सही योजना, स्पष्ट जिम्मेदारियां और आपसी भरोसे के साथ शुरू किया गया छोटा कारोबार भी समय के साथ अच्छी आय का स्रोत बन सकता है।

    यदि दोनों दोस्तों के पास अलग-अलग कौशल हैं तो फ्रीलांसिंग एजेंसी शुरू करना एक बेहतर विकल्प हो सकता है। उदाहरण के तौर पर, एक व्यक्ति कंटेंट राइटिंग, वीडियो एडिटिंग या ग्राफिक डिजाइनिंग का काम संभाल सकता है, जबकि दूसरा क्लाइंट्स से बातचीत, मार्केटिंग और प्रोजेक्ट मैनेजमेंट की जिम्मेदारी निभा सकता है। डिजिटल सेवाओं की बढ़ती मांग के कारण इस क्षेत्र में अच्छी कमाई की संभावना बनी रहती है।

    अगर किसी दोस्त के पास कैमरा, लैपटॉप, ड्रोन, बाइक या अन्य महंगे उपकरण हैं जिनका नियमित उपयोग नहीं हो रहा, तो उन्हें किराये पर देकर भी अतिरिक्त आय अर्जित की जा सकती है। इस तरह बिना अधिक निवेश किए उपलब्ध संसाधनों का बेहतर उपयोग संभव होता है और दोनों साझेदार नियमित कमाई कर सकते हैं।

    खाने-पीने का व्यवसाय भी दो दोस्तों के लिए आकर्षक विकल्प बन सकता है। कम निवेश के साथ क्लाउड किचन शुरू कर ऑनलाइन फूड डिलीवरी प्लेटफॉर्म के माध्यम से ग्राहकों तक पहुंच बनाई जा सकती है। स्वादिष्ट भोजन, अच्छी गुणवत्ता और समय पर डिलीवरी के जरिए इस व्यवसाय को तेजी से बढ़ाया जा सकता है। हालांकि, इस कारोबार को शुरू करने से पहले आवश्यक खाद्य लाइसेंस और अन्य नियमों का पालन करना जरूरी होता है।

    डिजिटल प्लेटफॉर्म पर कंटेंट क्रिएशन भी आज युवाओं के बीच तेजी से लोकप्रिय हो रहा है। दो दोस्त मिलकर यूट्यूब चैनल, इंस्टाग्राम पेज या पॉडकास्ट शुरू कर सकते हैं। एक व्यक्ति कैमरे के सामने प्रस्तुति दे सकता है, जबकि दूसरा शूटिंग, एडिटिंग और सोशल मीडिया मैनेजमेंट संभाल सकता है। लगातार गुणवत्तापूर्ण कंटेंट तैयार करने पर विज्ञापन, ब्रांड सहयोग और स्पॉन्सरशिप के जरिए अच्छी कमाई की जा सकती है।

    यदि कम पूंजी में ऑफलाइन कारोबार शुरू करना चाहते हैं, तो चाय या स्नैक्स स्टॉल भी अच्छा विकल्प हो सकता है। भीड़भाड़ वाले स्थान, कार्यालय, कॉलेज या बाजार के आसपास शुरू किया गया छोटा फूड बिजनेस पूरे साल ग्राहकों को आकर्षित कर सकता है। अच्छी गुणवत्ता, साफ-सफाई और बेहतर सेवा इस कारोबार की सफलता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

    किसी भी साझेदारी वाले व्यवसाय में सफलता के लिए केवल अच्छा आइडिया ही पर्याप्त नहीं होता। शुरुआत से ही जिम्मेदारियों का स्पष्ट बंटवारा, निवेश और मुनाफे का पारदर्शी हिसाब तथा आपसी विश्वास बनाए रखना भी जरूरी है। सही योजना और निरंतर मेहनत के साथ दो दोस्तों की साझेदारी न केवल मजबूत दोस्ती को नई पहचान दे सकती है, बल्कि आर्थिक रूप से भी बेहतर भविष्य की राह खोल सकती है।

  • मॉनसून सत्र में अहम बिल पास कराने की तैयारी….बहुमत के लिए विपक्षी दलों से दोस्ती बढ़ा रही सरकार!

    मॉनसून सत्र में अहम बिल पास कराने की तैयारी….बहुमत के लिए विपक्षी दलों से दोस्ती बढ़ा रही सरकार!


    नई दिल्ली।
    संसद (Parliament) के मॉनसून सत्र (Monsoon Session) के पहले सरकार ने विपक्षी खेमे के कई दलों के साथ दोस्ती बढ़ा दी है। सत्र के दौरान संविधान संशोधन (Constitutional Amendment) समेत विभिन्न विधेयकों पर समर्थन की संभावना वाले इन दलों के खिलाफ भाजपा या उसके किसी घटक दल की तरफ से न तो कोई आरोप लगाया जाएगा और न ही कोई विवादित बयान दिए जाएंगे। एनडीए के सभी दलों के नेताओं को कहा गया है कि वे कांग्रेस और सपा के अलावा विपक्ष के अन्य सभी दलों के खिलाफ बयानबाजी से परहेज करें।

    सरकार को इस सत्र में महिला आरक्षण और उससे जुड़ा परिमीमन संबंधी संविधान संशोधन विधेयक लाना है। इसके लिए दो तिहाई सांसदों का समर्थन जरूरी है। सरकार ने लोकसभा और राज्यसभा दोनों सदनों में दो तिहाई बहुमत का आंकड़ा जुटा लिया है। इसके लिए उसके नेताओं ने विपक्ष के द्रमुक और एनसीपी (एसपी) जैसे दलों के नेताओं से जरूरी आश्वासन भी लिया है। सरकार ने अपने घटक दलों के सभी प्रमुख नेताओं, जिनमें केंद्रीय मंत्री भी शामिल हैं, उन्हें निर्देश दिए हैं। उन्हें कहा है कि द्रमुक और एनसीपी (एसपी) को लेकर भी कोई बयान न दें। महिला आरक्षण विधेयक पर कांग्रेस की तरह सपा से सरकार को ज्यादा उम्मीद नहीं है। सपा को लेकर सरकार के प्रबंधक अलग रणनीति को अंजाम दे सकते हैं।

    सोमवार से शुरू होने जा रहे मॉनसून सत्र के हंगामेदार होने के आसार हैं। जहां एक ओर सरकार पूर्व सत्र में पारित न हो पाए परिसीमन संबंधित संविधान संशोधन विधेयक सहित कई महत्वपूर्ण विधेयक लाने की तैयारी कर रही है, वहीं विपक्ष पेपर लीक समेत कई मुद्दों पर सरकार को घेरने की रणनीति बना रहा है। कुछ विपक्षी दलों में टूट के कारण बने नए राजनीतिक समीकरणों के बीच संसद का नया सत्र शुरू होने जा रहा है।


    सर्वदलीय बैठक आज, तृणमूल बागी गुट को न्योता

    संसद के मॉनसून सत्र से पहले सरकार ने रविवार को सर्वदलीय बैठक बुलाई है। केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने इस बैठक में शामिल होने के लिए तृणमूल कांग्रेस के बागी गुट को भी न्योता दिया है। सुदीप बंदोपाध्याय को लिखे पत्र में रिजिजू ने माना कि तृणमूल के बागी 20 सांसदों के इस समूह ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से एनसीपीआई के रूप में मान्यता देने का अनुरोध किया है।


    खरगे ने सिब्बल को विपक्ष की बैठक में आमंत्रित किया

    निर्दलीय राज्यसभा सदस्य कपिल सिब्बल ने शनिवार को नई दिल्ली में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे से मुलाकात की। खरगे ने सिब्बल को सोमवार को होने वाली संसद के विपक्षी नेताओं की रणनीति बैठक में शामिल होने का न्योता दिया है।

  • पुरानी दोस्ती और यादों में खोए असम सीएम: हिमंत बिस्वा सरमा की पोस्ट ने खींचा ध्यान

    पुरानी दोस्ती और यादों में खोए असम सीएम: हिमंत बिस्वा सरमा की पोस्ट ने खींचा ध्यान

    नई दिल्ली । असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने हाल ही में अपने जीवन के पुराने और यादगार पलों को साझा करते हुए सोशल मीडिया पर एक भावनात्मक पोस्ट डाली, जिसने व्यापक रूप से लोगों का ध्यान आकर्षित किया है। इस पोस्ट में उन्होंने अपने कॉलेज और युवा दिनों की उन यादों को ताजा किया, जब वे अपने दोस्तों के साथ बिना किसी जिम्मेदारी के जीवन को खुलकर जीते थे। मुख्यमंत्री ने एक पुरानी तस्वीर साझा करते हुए लिखा कि वह और उनके दोस्त उन पलों को पहले ही जी चुके थे, जिन्हें बाद में लोकप्रिय फिल्म ‘दिल चाहता है’ में दर्शाया गया। इस बयान ने न केवल उनके समर्थकों बल्कि आम लोगों के बीच भी चर्चा का विषय बना दिया।

    उन्होंने अपने संदेश में युवाओं को प्रेरित करते हुए कहा कि जीवन का सबसे खूबसूरत समय वह होता है जब व्यक्ति अपने दोस्तों के साथ नई जगहों को देखता है, यात्रा करता है और ऐसे अनुभव जुटाता है जो हमेशा याद रहते हैं। उनके अनुसार यह समय फिर वापस नहीं आता, इसलिए इसे पूरी तरह जीना चाहिए और यादों में संजोना चाहिए। उनकी इस टिप्पणी ने एक भावनात्मक जुड़ाव पैदा किया, क्योंकि यह संदेश आज की व्यस्त और प्रतिस्पर्धात्मक जीवनशैली में संतुलन और रिश्तों के महत्व को उजागर करता है।

    इस पोस्ट के बाद सोशल मीडिया पर प्रतिक्रियाओं की बाढ़ आ गई, जहां कई लोगों ने उनकी भावनाओं से सहमति जताई और इसे दोस्ती की सच्ची भावना का प्रतीक बताया। वहीं कुछ लोगों ने मजाकिया अंदाज में भी प्रतिक्रिया दी, जिससे यह पोस्ट और अधिक चर्चाओं में आ गई। कई यूजर्स ने यह भी कहा कि यह देखना दिलचस्प है कि एक उच्च पद पर पहुंचने के बाद भी व्यक्ति अपने पुराने दिनों और दोस्तों को इतने सम्मान और भावनात्मक जुड़ाव के साथ याद करता है।

    उनकी इस पोस्ट में जिस फिल्म ‘दिल चाहता है’ का उल्लेख किया गया, वह भारतीय सिनेमा की एक प्रतिष्ठित फिल्म मानी जाती है, जिसने युवाओं की दोस्ती और जीवनशैली को एक नए दृष्टिकोण से प्रस्तुत किया था। इस फिल्म ने दोस्ती, आजादी और जीवन के अलग-अलग पड़ावों को बेहद वास्तविक और प्रभावशाली ढंग से दर्शाया था, जिसकी वजह से यह आज भी युवाओं के बीच लोकप्रिय बनी हुई है।

    कुल मिलाकर मुख्यमंत्री की यह पोस्ट केवल एक व्यक्तिगत स्मृति नहीं रही, बल्कि इसने लोगों को अपने पुराने दिनों और रिश्तों को याद करने पर मजबूर कर दिया। यह घटना इस बात का उदाहरण बन गई कि कैसे सार्वजनिक जीवन में रहते हुए भी व्यक्तिगत यादें और भावनाएं लोगों से गहरा जुड़ाव बना सकती हैं और सोशल मीडिया पर सकारात्मक संवाद को जन्म दे सकती हैं।

  • रूस ने फिर दिखाई दोस्ती, विदेश मंत्री बोले- भारत की अध्यक्षता में BRICS का हम करेंगे समर्थन

    रूस ने फिर दिखाई दोस्ती, विदेश मंत्री बोले- भारत की अध्यक्षता में BRICS का हम करेंगे समर्थन


    मास्को।
    रूस (Russia) के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव (Foreign Minister Sergei Lavrov) ने सोमवार को कहा कि भारत (India) की अध्यक्षता में हम ब्रिक्स (BRICS) और उनके एजेंडे का पूरा समर्थन करेंगे। एक इंटरव्यू में लावरोव ने कहा कि आज के समय को देखते हुए भारत का एजेंडा बेहद प्रासंगिक, तार्किक है। वह आतंकवाद (Terrorism) और ऊर्जा सुरक्षा (Energy Security) से जुड़ा है। लावरोव ने कहा कि मेरी राय में भारत की अध्यक्षता में जो एजेंडा प्रस्तुत किया जा रहा है, वह भविष्य की तैयारी और वर्तमान चुनौतियों का समाधान करता है। हम इसका सक्रिय रूप से समर्थन करेंगे।

    रूसी विदेश मंत्री ने कहा कि भारत का जोर आतंकवाद विरोधी गतिविधियों पर है जो बेहद जरूरी भी है। क्योंकि इस समय विश्व के कई हिस्से आतंकवाद प्रभावित हैं। अफगानिस्तान सीमा, भारत-पाकिस्तान-अफगानिस्तान गलियारे के साथ-साथ अन्य जगहों पर आतंकी गतिविधियां देखी जा रही है।

    यह प्राथमिकता हमारे लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण है, खासकर जब हम संयुक्त राष्ट्र में भारत के साथ मिलकर एक वैश्विक आतंकवाद विरोधी एजेंडे को आगे बढ़ाने के लिए सक्रिय रूप से काम कर रहे हैं। इसका मसौदा पहले ही तैयार हो चुका है, हालांकि अभी तक आम सहमति नहीं बन पाई है।

    लावरोव ने कहा, भारत की अध्यक्षता खाद्य और ऊर्जा सुरक्षा के मुद्दों, सूचना प्रौद्योगिकी, को प्राथमिकता देती है। भारत आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस शिखर सम्मेलन की मेजबानी करेगा, जिसमें रूस को आमंत्रित किया गया है, और हम एजेंडे में सक्रिय रूप से योगदान दे रहे हैं।