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  • फ्यूल प्राइस हाई, गोल्ड डिमांड क्रैश: जानिए अपने शहर में पेट्रोल-डीजल और सोने का रेट

    फ्यूल प्राइस हाई, गोल्ड डिमांड क्रैश: जानिए अपने शहर में पेट्रोल-डीजल और सोने का रेट


    नई दिल्ली । देशभर में पेट्रोल और डीजल की कीमतें एक बार फिर आम लोगों की जेब पर भारी पड़ रही हैं। 30 मई 2026 को तेल कंपनियों ने ईंधन के दामों में कोई बदलाव नहीं किया है, लेकिन पिछले दिनों हुई बढ़ोतरी के बाद कई शहरों में पेट्रोल की कीमत 102 रुपये प्रति लीटर के पार पहुंच चुकी है। दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, चेन्नई सहित कई प्रमुख महानगरों में ईंधन के दाम रिकॉर्ड स्तर पर बने हुए हैं।

    तेल कंपनियों के अनुसार, 25 मई को पेट्रोल और डीजल की कीमतों में 2.50 रुपये प्रति लीटर से अधिक की बढ़ोतरी की गई थी, जिसके बाद से बाजार स्थिर जरूर है, लेकिन कीमतें ऊंचे स्तर पर बनी हुई हैं। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और ईरान-अमेरिका तनाव के चलते स्थिति अनिश्चित बनी हुई है, जिसका असर भारत में भी देखने को मिल रहा है।

    सरकारी आंकड़ों के अनुसार देश में ईंधन की कोई कमी नहीं है। तेल मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि भारत की 22 रिफाइनरियां घरेलू जरूरतों को पूरा करने के साथ-साथ निर्यात भी कर रही हैं। सरकार ने नागरिकों से अपील की है कि ईंधन का उपयोग जिम्मेदारी से किया जाए और अनावश्यक खपत से बचा जाए।

    देश के प्रमुख शहरों में पेट्रोल-डीजल के दाम (प्रति लीटर)
    दिल्ली में पेट्रोल 102.12 रुपये और डीजल 95.20 रुपये पर स्थिर है। मुंबई में पेट्रोल 111.18 रुपये और डीजल 97.83 रुपये तक पहुंच गया है। कोलकाता में पेट्रोल 113.47 रुपये और डीजल 99.82 रुपये दर्ज किया गया है। चेन्नई में पेट्रोल 107.77 रुपये और डीजल 99.55 रुपये, जबकि बेंगलुरु में पेट्रोल 110.93 रुपये और डीजल 98.80 रुपये पर बना हुआ है। पटना और जयपुर जैसे शहरों में भी कीमतें 110 रुपये के ऊपर बनी हुई हैं। वहीं पोर्ट ब्लेयर में ईंधन सबसे सस्ता दर्ज किया गया है।

    इधर, सोने के बाजार में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। सरकार द्वारा सोने पर आयात शुल्क 6 फीसदी से बढ़ाकर 15 फीसदी किए जाने के बाद बाजार में मांग तेजी से घट गई है। इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन (IBJA) के अनुसार, सोने की मांग पिछले दो हफ्तों में लगभग 70 प्रतिशत तक गिरकर 7.5 टन रह गई है, जबकि पिछले वर्ष इसी अवधि में यह करीब 25 टन थी।

    सोने पर बढ़े टैक्स का असर ग्राहकों की खरीदारी पर साफ दिखाई दे रहा है। अब सोने पर कुल प्रभावी टैक्स 18.45 फीसदी तक पहुंच गया है, जिससे इसकी कीमतें और बढ़ गई हैं। मुंबई के स्पॉट मार्केट में 999 शुद्धता वाला सोना लगभग 1.57 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के आसपास कारोबार कर रहा है।

    विशेषज्ञों का कहना है कि सोने की मांग में गिरावट केवल टैक्स बढ़ने से नहीं, बल्कि मौसमी कारणों और खरीदारी पर आई गिरावट से भी जुड़ी है। महंगाई, ईंधन की ऊंची कीमतें और त्योहारों से पहले की सुस्ती भी बाजार को प्रभावित कर रही है।

  • आम आदमी की जेब पर बढ़ा बोझ, CNG के दामों में फिर 2 रुपये प्रति किलो की बढ़ोतरी

    आम आदमी की जेब पर बढ़ा बोझ, CNG के दामों में फिर 2 रुपये प्रति किलो की बढ़ोतरी

    नई दिल्ली । महंगाई के लगातार बढ़ते दौर के बीच आम लोगों को एक और झटका लगा है। सीएनजी की कीमतों में फिर बढ़ोतरी की गई है, जिसके बाद राजधानी दिल्ली में अब सीएनजी की नई दर 83 रुपये 9 पैसे प्रति किलो हो गई है। ताजा संशोधन के अनुसार प्रति किलो 2 रुपये का इजाफा किया गया है। लगातार बढ़ती कीमतों ने निजी वाहन चालकों से लेकर सार्वजनिक परिवहन और व्यावसायिक वाहनों पर निर्भर लोगों की चिंता बढ़ा दी है। खास बात यह है कि बीते 12 दिनों के भीतर यह तीसरी बड़ी वृद्धि मानी जा रही है और इस दौरान कुल 6 रुपये प्रति किलो की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।

    लगातार बढ़ती कीमतों से बढ़ी चिंता

    सीएनजी को लंबे समय से पेट्रोल और डीजल के मुकाबले सस्ता और बेहतर विकल्प माना जाता रहा है। यही कारण है कि बड़ी संख्या में लोग निजी कारों, टैक्सी सेवाओं और सार्वजनिक वाहनों में सीएनजी का इस्तेमाल कर रहे हैं। हालांकि हाल के दिनों में इसकी कीमतों में लगातार वृद्धि ने इस विकल्प की आर्थिक उपयोगिता पर सवाल खड़े करने शुरू कर दिए हैं। आम उपभोक्ताओं का मानना है कि बार-बार बढ़ रही कीमतें सीधे उनके मासिक खर्च को प्रभावित कर रही हैं।

    दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों में बड़ी संख्या में ऑटो, टैक्सी और सार्वजनिक वाहन सीएनजी आधारित हैं। ऐसे में दाम बढ़ने का असर केवल निजी वाहन उपयोगकर्ताओं तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि परिवहन सेवाओं की लागत भी बढ़ सकती है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि कीमतों में इसी तरह वृद्धि जारी रही तो इसका असर किराया दरों पर भी दिखाई दे सकता है।

    परिवहन क्षेत्र पर बढ़ सकता है असर

    सीएनजी दरों में वृद्धि का सीधा प्रभाव माल ढुलाई और दैनिक परिवहन व्यवस्था पर पड़ सकता है। परिवहन से जुड़े कारोबारियों का मानना है कि परिचालन लागत बढ़ने से भविष्य में किराये और सेवाओं के खर्च में बदलाव संभव है। सार्वजनिक परिवहन से जुड़े छोटे ऑपरेटरों के लिए लगातार बढ़ती ईंधन कीमतें चिंता का विषय बनती जा रही हैं।

    शहरी इलाकों में बड़ी संख्या में लोग रोजमर्रा के सफर के लिए सीएनजी वाहनों पर निर्भर रहते हैं। ऐसे में बढ़ती कीमतें उनके मासिक बजट पर भी असर डाल सकती हैं। बीते कुछ वर्षों में सीएनजी को अपेक्षाकृत किफायती विकल्प माना गया था, लेकिन लगातार मूल्य वृद्धि से उपभोक्ताओं की उम्मीदों को झटका लगा है।

    आम आदमी के बजट पर बढ़ेगा दबाव

    विशेषज्ञों का कहना है कि ईंधन की कीमतों में बदलाव का असर केवल वाहन चालकों तक सीमित नहीं रहता बल्कि इसका प्रभाव कई अन्य क्षेत्रों तक पहुंचता है। परिवहन लागत बढ़ने से वस्तुओं की आपूर्ति और सेवा क्षेत्र पर भी दबाव बन सकता है। ऐसे में लगातार बढ़ती कीमतें महंगाई के व्यापक प्रभाव को और तेज कर सकती हैं। फिलहाल लोगों की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि आने वाले दिनों में कीमतों में स्थिरता आती है या फिर बढ़ोतरी का सिलसिला जारी रहता है।

  • प्रीमियम पेट्रोल 2 रुपए प्रति प्रीमियम पेट्रोल 2 रुपए प्रति लीटर हुआ महंगा, सामान्य ईंधन की कीमतों में कोई बदलाव नहीं लीटर हुआ महंगा, सामान्य ईंधन की कीमतों में कोई बदलाव नहीं

    प्रीमियम पेट्रोल 2 रुपए प्रति प्रीमियम पेट्रोल 2 रुपए प्रति लीटर हुआ महंगा, सामान्य ईंधन की कीमतों में कोई बदलाव नहीं लीटर हुआ महंगा, सामान्य ईंधन की कीमतों में कोई बदलाव नहीं


    नई दिल्ली। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और वैश्विक कच्चे तेल की कीमतों में उछाल के बीच तेल विपणन कंपनियों ने शुक्रवार को प्रीमियम पेट्रोल की कीमतों में 2.09 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी कर दी है। यह नई कीमत 20 मार्च से ही लागू हो गई है।

    सरकारी तेल कंपनियों ने बढ़ाई प्रीमियम पेट्रोल की कीमत

    हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड और इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड सहित सभी सरकारी तेल विपणन कंपनियों ने अपने प्रीमियम पेट्रोल की कीमतों में लगभग 2.09 से 2.35 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की है। इस बदलाव के साथ पावर पेट्रोल और एक्सपी95 जैसे किफायती ईंधन की कीमत 111.68 रुपये से बढ़कर लगभग 113.77 रुपये प्रति लीटर हो गई है।

    सामान्य पेट्रोल और डीजल पर कोई असर नहीं

    हालांकि, सामान्य पेट्रोल और डीजल की कीमतें स्थिर रह रही हैं, जिससे आम वाहन चालकों को तुरंत राहत मिली है। इस फैसले का सबसे ज्यादा असर उन फायदों पर पड़ेगा जो हाई-ऑक्टेन या प्रीमियम पेट्रोल का इस्तेमाल करते हैं।

    प्रीमियम पेट्रोल की लोकप्रियता और असर

    प्रीमियम पेट्रोल आमतौर पर बेहतर इंजन चलाने, लोडिंग ड्राइविंग और हाई माइलेज के लिए जाना जाता है। कीमत बढ़ने से कार और बाइक मालिक की जेब पर अतिरिक्त बोझ पड़ सकता है। खासकर मेट्रो शहरों और हाई-परफॉर्मेंस वालों का इस्तेमाल करने वाले लोग इसका ज्यादा असर महसूस करेंगे।

    अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार और कीमतों में उछाल

    सरकार या तेल कंपनियों ने अभी तक इस बढ़ोतरी की आधिकारिक वजह नहीं बताई है। बेंचमार्क का रुख है कि अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें और लॉजिस्टिक्स लागत इसके मुख्य कारण हैं। 19 मार्च को वैश्विक तेल बाजार में 4 प्रतिशत से ज्यादा की तेजी से दर्ज की गई थी। ब्रेंट क्रूड का भाव 111.78 डॉलर प्रति बैरल और अमेरिकी WTI क्रूड लगभग 99.57 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया।

    पश्चिम एशिया में तनाव और ऊर्जा सुरक्षा

    विशेषज्ञों के अनुसार, यह उछाल इजरायल द्वारा ईरान के साउथ पार्स गैस फील्ड पर हमले और इसके जवाब में ईरान द्वारा कतर के रास लाफान औद्योगिक शहर पर हमले के बाद आया। यह क्षेत्र वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए महत्वपूर्ण है, जिससे पूरी दुनिया में ऊर्जा सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ रही है।

    भारत जैसे देश, जो अपनी करीब 90 प्रतिशत कच्चे तेल की ज़रूरत आयात से पूरी करते हैं, ऐसे वैश्विक घटनाओं से सीधे प्रभावित होते हैं। बची हुई कंपनियों ने आम पेट्रोल और डीजल की कीमतें स्थिर रखी हैं, लेकिन प्रीमियम पेट्रोल में यह बढ़ोतरी अंतरराष्ट्रीय बाजार के दबाव को दर्शाती है।

    भविष्य में संभावित बदलाव

    उद्योग विश्लेषक का कहना है कि अगर पश्चिम एशिया में तनाव जारी रहता है और कच्चे तेल की कीमतें ऊंची बनी रहती हैं, तो आने वाले समय में घरेलू ईंधन कीमतों में और बदलाव देखने को मिल सकता है।