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  • कंगना रनौत ने अधिकारियों को दी नसीहत, कहा जनता के पैसे का दुरुपयोग रोककर योजनाओं का लाभ व्यक्ति तक पहुंचाएं

    कंगना रनौत ने अधिकारियों को दी नसीहत, कहा जनता के पैसे का दुरुपयोग रोककर योजनाओं का लाभ व्यक्ति तक पहुंचाएं

    नई दिल्ली । हिमाचल प्रदेश के मंडी से भाजपा सांसद कंगना रनौत ने जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति यानी दिशा की बैठक में अधिकारियों के कामकाज को लेकर सख्त रुख अपनाया। केंद्र प्रायोजित योजनाओं और सांसद निधि से जुड़े विकास कार्यों की समीक्षा के दौरान उन्होंने सरकारी धन के इस्तेमाल, योजनाओं की प्रगति और प्रशासनिक जवाबदेही को लेकर अधिकारियों से स्पष्ट जवाब मांगा।

    बैठक के दौरान कंगना रनौत ने इस बात पर जोर दिया कि जनता से जुड़े विकास कार्य केवल सरकारी रिकॉर्ड और कागजों तक सीमित नहीं रहने चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि केंद्र सरकार की योजनाओं का वास्तविक लाभ पात्र और जरूरतमंद लोगों तक पहुंचना सुनिश्चित किया जाए। इसके लिए योजनाओं की नियमित निगरानी और जमीनी स्तर पर प्रगति की समीक्षा जरूरी है।

    सांसद ने सरकारी धन के उपयोग को लेकर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि जनता का पैसा गलत हाथों में नहीं जाना चाहिए और किसी भी स्तर पर धन के दुरुपयोग या अनियमितता की गुंजाइश नहीं होनी चाहिए। बैठक में उन्होंने व्यवस्था में निगरानी को मजबूत करने की जरूरत बताई और अधिकारियों से विकास योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता बनाए रखने को कहा।

    कंगना ने अधिकारियों से कहा कि सांसद निधि और केंद्र प्रायोजित योजनाओं के तहत स्वीकृत कार्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा किया जाए। उनके मुताबिक विकास कार्यों की गति के साथ उनकी गुणवत्ता पर भी बराबर ध्यान दिया जाना चाहिए। उन्होंने यह सुनिश्चित करने को कहा कि योजनाओं का लाभ वास्तविक जरूरतमंदों तक पहुंचे और किसी पात्र व्यक्ति को केवल प्रशासनिक देरी के कारण परेशानी न हो।

    बैठक में सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन की स्थिति पर चर्चा के दौरान सांसद ने जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों की साझा जिम्मेदारी पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि जनता के पैसे से होने वाले हर काम में जवाबदेही जरूरी है। यदि किसी स्तर पर लापरवाही या अनियमितता सामने आती है तो उसे नजरअंदाज करने के बजाय समय रहते सुधारात्मक कदम उठाए जाने चाहिए।

    कंगना रनौत का रुख इस बात पर केंद्रित रहा कि विकास योजनाओं की निगरानी केवल बैठकों तक सीमित न रहे। उन्होंने अधिकारियों से जमीनी स्थिति की जानकारी लेने, लंबित कार्यों की समीक्षा करने और निर्धारित समयसीमा के भीतर काम पूरा कराने पर ध्यान देने को कहा। इससे ग्रामीण क्षेत्रों और जरूरतमंद परिवारों तक सरकारी योजनाओं का प्रभावी लाभ पहुंचाने की कोशिश को गति मिल सकती है।

    सांसद ने बैठक में यह भी संकेत दिया कि प्रशासनिक स्तर पर काम में ढिलाई को लेकर जनप्रतिनिधियों की जवाबदेही बढ़ती है। उनका कहना था कि लोगों को यह भरोसा होना चाहिए कि उनके लिए स्वीकृत धन और योजनाओं का इस्तेमाल निर्धारित उद्देश्य के लिए ही किया जा रहा है। उन्होंने अधिकारियों से समन्वय बनाकर काम करने और विकास कार्यों की नियमित समीक्षा की व्यवस्था मजबूत करने पर जोर दिया।

    कंगना रनौत इससे पहले भी मंडी की दिशा बैठकों में अधिकारियों के कामकाज को लेकर अपनी नाराजगी जाहिर कर चुकी हैं। अक्टूबर 2025 में हुई बैठक के दौरान भी उन्होंने अधिकारियों को विकास कार्यों को गंभीरता से लेने और लापरवाही से बचने की नसीहत दी थी। इस बार की बैठक में भी उनका मुख्य जोर सरकारी योजनाओं की निगरानी, सांसद निधि के प्रभावी इस्तेमाल और प्रशासनिक जवाबदेही पर रहा।

  • आयुध निर्माणी खमरिया ने जबलपुर पुलिस को दिए 2 बोलेरो और 8 एक्टिवा, CSR फंड से बढ़ेगा पेट्रोलिंग बेड़ा

    आयुध निर्माणी खमरिया ने जबलपुर पुलिस को दिए 2 बोलेरो और 8 एक्टिवा, CSR फंड से बढ़ेगा पेट्रोलिंग बेड़ा


    मध्य प्रदेश। जबलपुर में कानून-व्यवस्था और पुलिस पेट्रोलिंग को मजबूत करने के लिए आयुध निर्माणी खमरिया ने बड़ा सहयोग दिया है। संस्थान ने कॉरपोरेट सोशल रिस्पांसिबिलिटी (CSR) फंड के तहत पुलिस विभाग को दो बोलेरो और आठ एक्टिवा वाहन प्रदान किए हैं। ये वाहन जिले के अलग-अलग थानों में तैनात किए जाएंगे, जिससे पेट्रोलिंग और त्वरित कार्रवाई की क्षमता बढ़ाई जा सकेगी।

    आयुध निर्माणी खमरिया के मुख्य महाप्रबंधक शैलेश वगेरवाल ने जबलपुर पुलिस अधीक्षक सम्पत उपाध्याय को इन वाहनों की चाबी औपचारिक रूप से सौंपी। इस मौके पर पुलिस और फैक्ट्री के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे।

    मुख्य महाप्रबंधक शैलेश वगेरवाल ने कहा कि आयुध निर्माणी खमरिया केवल रक्षा उत्पादन तक सीमित नहीं है, बल्कि समाजहित से जुड़े कार्यों में भी सक्रिय भूमिका निभाती है। उन्होंने बताया कि सीएसआर फंड 2025-26 के तहत म्यूनिशंस इंडिया लिमिटेड, पुणे की इकाई द्वारा यह सहयोग दिया गया है।

    उन्होंने कहा कि इस पहल का उद्देश्य पुलिस विभाग की कार्यक्षमता बढ़ाना और अपराध नियंत्रण को अधिक प्रभावी बनाना है। खासतौर पर महिलाओं की सुरक्षा और शहर में गश्त व्यवस्था को मजबूत करने में यह वाहन अहम भूमिका निभाएंगे। उन्होंने यह भी कहा कि संस्थान समाज और जनसुरक्षा से जुड़े कार्यों में निरंतर सहयोग देता रहेगा।

    पुलिस अधीक्षक सम्पत उपाध्याय ने इस सहयोग के लिए आयुध निर्माणी खमरिया का आभार जताया। उन्होंने कहा कि इन वाहनों का उपयोग मुख्य रूप से पेट्रोलिंग, महिला सुरक्षा और आपातकालीन सेवाओं में किया जाएगा। इससे पुलिस की त्वरित प्रतिक्रिया क्षमता में सुधार होगा।

    पुलिस प्रशासन के अनुसार, इन वाहनों को अलग-अलग थाना क्षेत्रों में जरूरत के अनुसार तैनात किया जाएगा, जिससे शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में गश्त व्यवस्था और मजबूत हो सके।

    इस अवसर पर आयुध निर्माणी खमरिया के जनरल मैनेजर अशोक कुमार मीना, सीनियर मैनेजर अविनाश शंकर सहित कई अधिकारी मौजूद रहे। वहीं पुलिस विभाग की ओर से अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ग्रामीण सूर्यकांत शर्मा, सीएसपी रांझी सतीश साहू, सीएसपी कैंट उदयभान बागरी, डीएसपी मुख्यालय बीएस गोठरिया, डीएसपी यातायात संतोष शुक्ला सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।