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  • सनी देओल के 69वें जन्मदिन पर जानिए अनसुने किस्से, शाहरुख से नाराजगी में फाड़ी जींस, बॉबी को लेकर निर्देशक से हुआ विवाद

    सनी देओल के 69वें जन्मदिन पर जानिए अनसुने किस्से, शाहरुख से नाराजगी में फाड़ी जींस, बॉबी को लेकर निर्देशक से हुआ विवाद

    नई दिल्ली । हिंदी सिनेमा के दमदार अभिनेताओं में शामिल सनी देओल 19 अक्टूबर को अपना 69वां जन्मदिन मना रहे हैं। अभिनेता धर्मेंद्र के बेटे होने के बावजूद उन्होंने अपनी मेहनत, अभिनय और दमदार संवाद अदायगी के दम पर फिल्म इंडस्ट्री में अलग पहचान बनाई। रोमांटिक फिल्म से करियर शुरू करने वाले सनी आगे चलकर एक्शन हीरो के रूप में लोकप्रिय हुए। उनके करियर में कई बड़ी सफलताएं आईं, तो कुछ दौर ऐसे भी रहे, जब उन्हें लगातार असफल फिल्मों का सामना करना पड़ा। उनके जन्मदिन पर उनके करियर, निजी जीवन और फिल्मी दुनिया से जुड़े कुछ चर्चित किस्से फिर चर्चा में हैं।

    सनी देओल का असली नाम अजय सिंह देओल है। उनका जन्म पंजाब के साहनेवाल में हुआ था। परिवार में उन्हें सनी नाम से पुकारा जाता था और फिल्मों में आने के बाद उन्होंने इसी नाम को अपना लिया। अभिनय की दुनिया में कदम रखने से पहले उन्होंने ब्रिटेन के बर्मिंघम स्थित ओल्ड रिप थिएटर में प्रशिक्षण लिया। एक बातचीत में उन्होंने बताया था कि विदेश जाकर सीखने का एक उद्देश्य यह भी था कि लोग उन्हें धर्मेंद्र के बेटे के बजाय एक सामान्य विद्यार्थी के रूप में देखें। वह स्वभाव से संकोची थे और अभिनय की बुनियादी बातें सीखना चाहते थे। शशि कपूर की मदद से उन्हें वहां दाखिला मिला था।

    1983 में फिल्म ‘बेताब’ से सनी देओल ने अपने अभिनय करियर की शुरुआत की। इस फिल्म का निर्माण उनके पिता धर्मेंद्र ने किया था और निर्देशन राहुल रवैल ने किया था। फिल्म में अमृता सिंह उनके साथ मुख्य भूमिका में थीं। युवा प्रेम, पारिवारिक बंदिशों और भावनात्मक टकराव पर आधारित इस रोमांटिक ड्रामा को दर्शकों का अच्छा समर्थन मिला। हालांकि, सनी की पहचान बाद में एक्शन फिल्मों से अधिक मजबूत हुई। ‘अर्जुन’, ‘डकैत’, ‘पाप की दुनिया’, ‘यतीम’, ‘वर्दी’, ‘त्रिदेव’ और ‘चालबाज’ जैसी फिल्मों ने उन्हें एक्शन हीरो के रूप में स्थापित करने में भूमिका निभाई।

    सनी देओल के करियर में 1990 में आई ‘घायल’ महत्वपूर्ण साबित हुई। राजकुमार संतोषी के निर्देशन में बनी इस फिल्म में उन्होंने बॉक्सर अजय मेहरा का किरदार निभाया था। सनी ने बताया था कि उस समय कई लोग फिल्म के निर्माण के लिए तैयार नहीं थे, क्योंकि बाजार में रोमांटिक फिल्मों का बोलबाला था और कुछ लोगों को इसमें जरूरत से ज्यादा एक्शन दिखाई देता था। आखिरकार फिल्म के निर्माण की जिम्मेदारी उनके परिवार ने संभाली और धर्मेंद्र निर्माता बने। इसके बाद ‘दामिनी’, ‘घातक’, ‘जिद्दी’ और ‘बॉर्डर’ जैसी फिल्मों ने उनकी लोकप्रियता को और मजबूत किया।

    हालांकि, 2000 के शुरुआती वर्षों में सनी देओल को करियर में चुनौतियों का सामना करना पड़ा। ‘फर्ज’, ‘चैंपियन’ और ‘इंडियन’ जैसी फिल्मों के बावजूद वह लगातार बड़ी सफलताएं हासिल नहीं कर सके। वर्ष 2001 में आई ‘गदर’ ने उनकी लोकप्रियता को नई ऊंचाई दी, लेकिन इसके बाद भी उनकी सभी फिल्में सफल नहीं रहीं। फिर लगभग 22 साल बाद ‘गदर 2’ रिलीज हुई और ब्लॉकबस्टर साबित हुई। इस सफलता ने उनके करियर की दूसरी पारी को नई मजबूती दी। इसके बाद वह ‘जाट’, ‘बॉर्डर 2’ और ‘बंटवारा 1947’ जैसी परियोजनाओं से जुड़े। उन्होंने ओटीटी पर ‘इक्का’ के जरिए भी कदम रखा। आने वाली फिल्म ‘रामायण’ में वह हनुमान की भूमिका निभाते नजर आएंगे।

    सनी देओल की निजी जिंदगी से जुड़े कई किस्से भी चर्चित रहे हैं। उन्होंने 1984 में लिंडा से शादी की थी, जिन्होंने बाद में पूजा देओल नाम अपनाया। ‘बेताब’ की शूटिंग के दौरान अमृता सिंह उन्हें पसंद करने लगी थीं, लेकिन सनी के शादीशुदा होने की जानकारी मिलने के बाद उन्होंने दूरी बना ली। सनी यश चोपड़ा की फिल्म ‘मशाल’ में काम करने वाले थे, लेकिन धर्मेंद्र की सलाह पर उन्होंने यह फिल्म नहीं की। डिंपल कपाड़िया के साथ उनकी नजदीकियों को लेकर भी लंबे समय तक चर्चाएं होती रहीं।

    1993 में फिल्म ‘डर’ की शूटिंग के दौरान सनी देओल और शाहरुख खान के बीच मतभेद की खबरें सामने आई थीं। सनी अपने किरदार को कमजोर दिखाए जाने और शाहरुख को अधिक महत्व दिए जाने से नाराज बताए गए। एक चर्चित किस्से के अनुसार, सेट पर गुस्से में उन्होंने अपनी जींस तक फाड़ दी थी। दोनों के बीच लंबे समय तक दूरी बनी रही, हालांकि ‘गदर 2’ की रिलीज के बाद रिश्तों में सुधार की चर्चा हुई।

    निर्देशक राजकुमार संतोषी के साथ भी सनी के मतभेद हुए थे। भगत सिंह पर फिल्म बनाने और बॉबी देओल को भूमिका नहीं दिए जाने को लेकर दोनों के बीच विवाद बताया गया। इसके बाद संतोषी ने अजय देवगन के साथ ‘द लीजेंड ऑफ भगत सिंह’ बनाई, जबकि सनी देओल ने अपने भाई बॉबी के साथ ‘23 मार्च 1931: शहीद’ बनाई। दोनों फिल्में एक ही दिन रिलीज हुई थीं। बाद में सनी और संतोषी ने मतभेद भुलाकर ‘बंटवारा 1947’ में साथ काम किया।

    सनी देओल ने राजनीति में भी अपनी किस्मत आजमाई। अप्रैल 2019 में वह भारतीय जनता पार्टी में शामिल हुए और गुरदासपुर लोकसभा सीट से चुनाव जीतकर सांसद बने। उन्होंने कांग्रेस उम्मीदवार सुनील जाखड़ को हराया था। हालांकि, 2024 के लोकसभा चुनाव से पहले उन्होंने दोबारा चुनाव नहीं लड़ने की इच्छा जताई और राजनीति को अपने लिए उपयुक्त क्षेत्र नहीं बताया। इसके बाद उनका ध्यान फिर फिल्मों पर केंद्रित हो गया।

  • ‘गदर और गदर 2 धुरंधर से भी बड़ी ब्लॉकबस्टर’, 25 साल पूरे होने पर अमीषा पटेल का बड़ा दावा

    ‘गदर और गदर 2 धुरंधर से भी बड़ी ब्लॉकबस्टर’, 25 साल पूरे होने पर अमीषा पटेल का बड़ा दावा


    नई दिल्ली । बॉलीवुड की चर्चित अभिनेत्री Ameesha Patel इन दिनों एक बार फिर अपनी सुपरहिट फिल्म Gadar: Ek Prem Katha को लेकर चर्चा में हैं। 15 जून को इस ऐतिहासिक फिल्म की रिलीज के 25 साल पूरे होने जा रहे हैं। इस खास मौके पर अमीषा ने फिल्म से जुड़ी यादों को साझा करते हुए इसकी सफलता और लोकप्रियता पर खुलकर बात की। उन्होंने दावा किया कि गदर और गदर 2 की सफलता किसी भी अन्य फ्रेंचाइजी से कहीं अधिक रही है।

    एक इंटरव्यू में अमीषा पटेल ने बताया कि गदर ने उन्हें सिर्फ भारत में ही नहीं बल्कि पाकिस्तान में भी बड़ी पहचान दिलाई। उन्होंने कहा कि फिल्म रिलीज होने के बाद पाकिस्तान से लगातार फोन कॉल्स आते थे। कई महिलाओं ने उनसे संपर्क कर बताया कि फिल्म देखकर वे भावुक हो गई थीं। इतना ही नहीं, कई परिवारों ने अपनी बेटियों का नाम फिल्म में उनके किरदार ‘सकीना’ के नाम पर रख दिया था।

    अमीषा ने एक भावुक घटना का जिक्र करते हुए बताया कि एक बुजुर्ग महिला का फोन आया था, जिसने कहा था कि “सकीना ने पूरे पाकिस्तान को रुला दिया।” अभिनेत्री के अनुसार, यह उनके करियर के सबसे यादगार अनुभवों में से एक है।

    फिल्म की सफलता को याद करते हुए अमीषा ने कहा कि गदर को रिलीज के पहले दिन से ही जबरदस्त प्रतिक्रिया मिली थी। उस दौर में सिंगल स्क्रीन थिएटरों में फिल्म ने रिकॉर्डतोड़ प्रदर्शन किया था। दर्शकों ने फिल्म को इतना प्यार दिया कि यह भारतीय सिनेमा की सबसे बड़ी ब्लॉकबस्टर फिल्मों में शामिल हो गई।

    हालांकि, अभिनेत्री का कहना है कि उस समय वह अपने करियर में इतनी व्यस्त थीं कि फिल्म की सफलता का भरपूर आनंद नहीं ले सकीं। शुरुआती दौर में वह लगातार कई फिल्मों की शूटिंग कर रही थीं और एक सेट से दूसरे सेट तक भागदौड़ में लगी रहती थीं। इसी वजह से गदर की सफलता का जश्न मनाने का पर्याप्त अवसर नहीं मिला।

    अमीषा पटेल ने आगे दावा किया कि गदर और गदर 2 मिलकर भारतीय सिनेमा की सबसे सफल फ्रेंचाइजी फिल्मों में से एक हैं। उन्होंने कहा कि 25 साल बाद भी लोग फिल्म के किरदारों और संवादों को याद करते हैं। अभिनेत्री के मुताबिक, गदर की लोकप्रियता समय के साथ और बढ़ी है और इसका दूसरा भाग भी बॉक्स ऑफिस पर सुनामी साबित हुआ था।

    बॉक्स ऑफिस आंकड़ों की बात करें तो 2001 में रिलीज हुई Gadar: Ek Prem Katha ने दुनियाभर में लगभग 132 करोड़ रुपये से अधिक का कारोबार किया था। वहीं 2023 में रिलीज हुई Gadar 2 ने करीब 686 करोड़ रुपये का वैश्विक कलेक्शन कर कई रिकॉर्ड अपने नाम किए थे।

    वर्क फ्रंट की बात करें तो अमीषा पटेल आखिरी बार Tauba Tera Jalwa में नजर आई थीं। हालांकि यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर कोई खास कमाल नहीं दिखा सकी। फिलहाल उनके प्रशंसक गदर फ्रेंचाइजी के अगले भाग और अभिनेत्री की नई परियोजनाओं का इंतजार कर रहे हैं।