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  • भारत की मदद से कंबोडिया का गांव हुआ बारूदी सुरंगों से मुक्त, 134 परिवारों को मिली सुरक्षित जमीन

    भारत की मदद से कंबोडिया का गांव हुआ बारूदी सुरंगों से मुक्त, 134 परिवारों को मिली सुरक्षित जमीन

    नोम पेन्ह। भारत ने कंबोडिया में मानवीय सहायता और पुनर्वास की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की है। भारत सरकार की क्विक इम्पैक्ट प्रोजेक्ट (क्यूआईपी) योजना के तहत बारूदी सुरंगों और बिना फटे गोला-बारूद से मुक्त कराई गई जमीन को कंबोडिया के कोह कोंग प्रांत के काओ पाओ गांव के लोगों को सौंप दिया गया है। सुरक्षित की गई इस जमीन से करीब 134 परिवारों को सीधा लाभ मिलेगा।

    जमीन समुदाय को सौंपने के लिए आयोजित विशेष कार्यक्रम में कंबोडिया में भारतीय दूतावास की डिप्टी चीफ ऑफ मिशन तनु प्रिया, कोह कोंग प्रांत के डिप्टी गवर्नर वाई. नियरिनेट और कंबोडिया माइन एक्शन एंड विक्टिम असिस्टेंस अथॉरिटी (सीएमएए) के डिप्टी सेक्रेटरी जनरल टेप कल्याण मौजूद रहे।

    भारतीय दूतावास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि डिप्टी चीफ ऑफ मिशन डॉ. तनु प्रिया ने सीएमएए के डिप्टी सेक्रेटरी जनरल टेप कल्याण और कोह कोंग प्रांत के डिप्टी गवर्नर के साथ मेकांग-गंगा सहयोग की क्विक इम्पैक्ट प्रोजेक्ट योजना के तहत साफ की गई जमीन को समुदाय को सौंपने के कार्यक्रम में हिस्सा लिया।

    करीब 1.98 लाख वर्ग मीटर जमीन सुरक्षित

    कंबोडिया के अखबार द नोम पेन्ह पोस्ट के मुताबिक, कार्यक्रम के दौरान गांववालों को करीब 1,97,810 वर्ग मीटर जमीन सौंपी गई। बारूदी सुरंगों और बिना फटे गोला-बारूद से मुक्त कराई गई इस जमीन का अब ग्रामीण खेती, आवास निर्माण और रोजगार से जुड़ी गतिविधियों के लिए इस्तेमाल कर सकेंगे।

    भारतीय दूतावास ने कहा कि जमीन को समुदाय को वापस सौंपे जाने से स्थानीय लोगों को आजीविका, कृषि, आवास और अन्य सामाजिक-आर्थिक गतिविधियों के लिए सुरक्षित पहुंच उपलब्ध होगी।

    1990 के दशक से कंबोडिया की मदद कर रहा भारत

    भारत का कंबोडिया के मानवीय बारूदी सुरंग हटाने के प्रयासों में लंबे समय से सहयोग रहा है। भारतीय दूतावास के अनुसार, 1990 के दशक की शुरुआत से भारत कंबोडिया को क्षमता निर्माण और प्रशिक्षण के साथ-साथ तकनीकी सहायता, बारूदी सुरंग हटाने के उपकरण और माइन डिटेक्शन डॉग उपलब्ध कराता रहा है। इसके अलावा भारत बारूदी सुरंगों से प्रभावित लोगों को भी सहायता देता रहा है।

    भारत की यह मदद ऐसे समय में महत्वपूर्ण है, जब कंबोडिया में लंबे समय से मौजूद बारूदी सुरंगों की समस्या ग्रामीण आबादी की जमीन, खेती और आजीविका के लिए चुनौती बनी हुई है। जमीन को साफ कर स्थानीय समुदाय को लौटाने से न केवल सुरक्षा बढ़ी है, बल्कि लोगों के लिए आर्थिक गतिविधियों के नए रास्ते भी खुले हैं।

    व्यापार बढ़ाने पर भी दोनों देशों में सहमति

    भारत और कंबोडिया के बीच सहयोग का दायरा केवल मानवीय सहायता तक सीमित नहीं है। इससे पहले 24 अगस्त को दोनों देशों ने आपसी व्यापार बढ़ाने पर भी सहमति जताई थी।

    नोम पेन्ह में ट्रेड एंड इन्वेस्टमेंट पर जॉइंट वर्किंग ग्रुप की तीसरी बैठक के दौरान दोनों देशों ने पारंपरिक चिकित्सा, ई-गवर्नेंस, भारतीय फार्माकोपिया को मान्यता देने और डिजिटल पेमेंट सिस्टम को मजबूत करने जैसे मुद्दों पर चर्चा की थी।

    दोनों देशों के बीच व्यापार में भी 36 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि दर्ज की गई है और यह वित्त वर्ष 2025-26 में बढ़कर 406.78 मिलियन डॉलर तक पहुंच गया।

  • भारतीय खिलौनों की दुनिया में बढ़ी धाक, सात साल में 89 फीसदी बढ़ा निर्यात

    भारतीय खिलौनों की दुनिया में बढ़ी धाक, सात साल में 89 फीसदी बढ़ा निर्यात


    नई दिल्ली।
    वैश्विक बाजार में भारतीय खिलौनों का दबदबा तेजी से बढ़ रहा है। पिछले 7 साल में घरेलू विनिर्माण और सरकार की प्रोत्साहन नीतियों के बल पर भारत के खिलौना उद्योग का परिदृश्य पूरी तरह बदल गया है। भारत के खिलौना निर्यात में 89.1 फीसदी की भारी बढ़ोत्तरी हुई है।

    केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग राज्य मंत्री जितिन प्रसाद ने मंगलवार को लोकसभा में एक सवाल के लिखित जवाब में यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि भारत खिलौने आयात करने वाले देश से उभरकर एक शुद्ध निर्यातक बन चुका है। अमेरिका, ब्रिटेन, नीदरलैंड्स तथा जर्मनी जैसे विकसित देशों को भारतीय खिलौने निर्यात किए जा रहे हैं।

    ट्रेडस्टैट आंकड़ों के मुताबिक भारत में खिलौनों का आयात 37.5 फीसदी कम हुआ है, जबकि खिलौनों के निर्यात में 89.1 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज हुई है। वित्त वर्ष 2018-19 की तुलना में वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान भारत से खिलौनों के निर्यात में 89.1 फीसदी का बड़ा उछाल दर्ज किया गया है। विदेशी खिलौनों पर निर्भरता भी कम हुई है और आयात में 37.5 फीसदी की भारी कमी देखने को मिली है।

    मंत्रालय ने बताया कि टॉय एसोसिएशन ऑफ इंडिया ने 17वीं टॉय बिज इंटरनेशनल बी2बी प्रदर्शनी का आयोजन नई दिल्ली स्थित भारत मंडपम में 4 से 7 जुलाई तक किया। इस प्रदर्शनी में 400 भारतीय खिलौना ब्रांडों, 40 देशों के 100 अंतरराष्ट्रीय खरीदारों और लगभग 30,000 व्यावसायिक आगंतुकों ने भाग लिया। इस प्रदर्शनी ने निर्माताओं को थोक विक्रेताओं, खुदरा विक्रेताओं, वितरकों, संस्थागत खरीदारों और ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म से जोड़ने का मंच प्रदान किया।