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  • गाले में भारत का दबदबा कायम श्रीलंका 206 रन पर ढेर सुथार ने दूसरी पारी में झटके 6 विकेट सीरीज में 1-0 की बढ़त

    गाले में भारत का दबदबा कायम श्रीलंका 206 रन पर ढेर सुथार ने दूसरी पारी में झटके 6 विकेट सीरीज में 1-0 की बढ़त


    नई दिल्ली। गाले इंटरनेशनल स्टेडियम में टीम इंडिया ने शानदार प्रदर्शन करते हुए श्रीलंका को पहले टेस्ट में 165 रन से हरा दिया। पांचवें दिन भारतीय गेंदबाजों ने श्रीलंका की दूसरी पारी को 206 रन पर समेट दिया और इसी के साथ दो मैचों की टेस्ट सीरीज में भारत ने 1-0 की बढ़त बना ली। भारत की इस बड़ी जीत के सबसे बड़े हीरो युवा बाएं हाथ के स्पिनर मानव सुथार रहे जिन्होंने दूसरी पारी में 55 रन देकर 6 विकेट चटकाए। सुथार ने पूरे मैच में 10 विकेट अपने नाम किए और अपनी गेंदबाजी से श्रीलंकाई बल्लेबाजी की कमर तोड़ दी।

    श्रीलंका के सामने भारत ने जीत के लिए 372 रन का मुश्किल लक्ष्य रखा था। लक्ष्य का पीछा करने उतरी मेजबान टीम की शुरुआत बेहद खराब रही और उसके शीर्ष चार बल्लेबाज सिर्फ 47 रन के स्कोर पर पवेलियन लौट गए। इस शुरुआती झटके के बाद श्रीलंका की टीम लगातार दबाव में रही। हालांकि कप्तान धनंजय डी सिल्वा ने 59 रन की जुझारू पारी खेली जबकि पहली पारी में शतक लगाने वाले सोनल दिनुशा ने 84 रन बनाकर कुछ देर तक भारतीय गेंदबाजों का सामना किया। दोनों ने श्रीलंका की उम्मीदों को कुछ समय के लिए जिंदा रखा लेकिन भारत के गेंदबाजों के सामने यह साझेदारी ज्यादा देर नहीं टिक सकी।

    सोनल दिनुशा और धनंजय डी सिल्वा के आउट होते ही श्रीलंका की जीत की बची खुची उम्मीदें भी खत्म हो गईं। पूरी टीम 77.4 ओवर में 206 रन पर सिमट गई। मानव सुथार ने 23.4 ओवर में 55 रन देकर 6 विकेट लिए। उनके अलावा प्रसिद्ध कृष्णा ने 2 विकेट चटकाए जबकि मोहम्मद सिराज और रविंद्र जडेजा को एक एक सफलता मिली। सुथार की शानदार गेंदबाजी ने उन्हें मैच में 10 विकेट दिलाए और वह भारत की जीत के मुख्य सूत्रधार बनकर उभरे।

    इससे पहले भारत ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए 462 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया था। देवदत्त पडिक्कल ने शानदार 167 रन की पारी खेलकर टीम को मजबूत आधार दिया। उनके अलावा केएल राहुल ने 82 रन बनाए जबकि ध्रुव जुरेल ने 51 रनों का अहम योगदान दिया। बारिश से प्रभावित मुकाबले में भारतीय बल्लेबाजों ने परिस्थितियों के अनुरूप धैर्य और आक्रामकता का बेहतरीन संतुलन दिखाया। पडिक्कल की पारी को भारत की पहली पारी की सबसे बड़ी उपलब्धियों में गिना गया।

    भारत के 462 रन के जवाब में श्रीलंका की पहली पारी 284 रन पर समाप्त हुई। सोनल दिनुशा ने शानदार शतक लगाकर टीम को संभालने की कोशिश की जबकि निरोशन डिकवेला ने 80 रन बनाए। इसके बावजूद भारतीय गेंदबाज श्रीलंका को बड़ी साझेदारियां बनाने से रोकने में सफल रहे और भारत को पहली पारी में 178 रन की महत्वपूर्ण बढ़त हासिल हुई।

    दूसरी पारी में भारत 193 रन पर ऑलआउट हो गया। ऋषभ पंत ने तेजतर्रार 66 रन की पारी खेलकर भारत की बढ़त को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाई। भारत की कुल बढ़त के आधार पर श्रीलंका को 372 रन का लक्ष्य मिला लेकिन मेजबान टीम भारतीय गेंदबाजों के सामने टिक नहीं सकी।

    इस जीत के साथ भारत ने दो मैचों की सीरीज में 1-0 की बढ़त बना ली है। अब दोनों टीमों की नजरें दूसरे टेस्ट पर होंगी जो 23 अगस्त से कोलंबो में खेला जाएगा। गाले में मिली इस जीत ने भारत के विश्व टेस्ट चैंपियनशिप अभियान को भी मजबूती दी है। वहीं मानव सुथार के 10 विकेट ने भारतीय क्रिकेट में एक नए स्पिन सितारे के उभरने के संकेत दे दिए हैं।

  • गॉल में इतिहास रचने उतरेगी श्रीलंका की टीम! 288 रन का टारगेट, सफल हुआ रन चेज तो बनेगा बड़ा रिकॉर्ड

    गॉल में इतिहास रचने उतरेगी श्रीलंका की टीम! 288 रन का टारगेट, सफल हुआ रन चेज तो बनेगा बड़ा रिकॉर्ड


    नई दिल्ली। भारत और श्रीलंका के बीच गॉल में खेले जा रहे पहले टेस्ट का रोमांच अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच गया है। टीम इंडिया ने श्रीलंका के सामने जीत के लिए 372 रन का बड़ा लक्ष्य रखा है। चौथे दिन का खेल खत्म होने तक श्रीलंका ने 34 ओवर में 84 रन पर 4 विकेट गंवा दिए हैं। अब मेजबान टीम को टेस्ट जीतने के लिए आखिरी दिन 288 रन और बनाने होंगे। वहीं भारत को जीत के लिए सिर्फ 6 विकेट की जरूरत है। आंकड़े भारत के पक्ष में नजर आ रहे हैं लेकिन श्रीलंका का टेस्ट इतिहास बताता है कि वह 350 रन से ज्यादा के लक्ष्य का सफल पीछा करने का कारनामा पहले भी कर चुका है।

    श्रीलंका के नाम टेस्ट क्रिकेट में सबसे बड़ा सफल रन चेज 388 रन का है। जुलाई 2017 में कोलंबो के आर प्रेमदासा स्टेडियम में जिम्बाब्वे के खिलाफ श्रीलंकाई टीम ने यह ऐतिहासिक जीत दर्ज की थी। उस मुकाबले में जिम्बाब्वे ने पहली पारी में 356 रन बनाए थे जबकि श्रीलंका ने 346 रन बनाए। इसके बाद जिम्बाब्वे ने दूसरी पारी में 377 रन बनाए और श्रीलंका के सामने 388 रन का लक्ष्य रखा। मेजबान टीम ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए 391 रन बनाकर 4 विकेट से मुकाबला अपने नाम कर लिया था।

    उस ऐतिहासिक रन चेज में निरोशन डिकवेला ने 81 रन की अहम पारी खेली थी जबकि असेला गुणारत्ने 80 रन बनाकर नाबाद रहे थे। दोनों बल्लेबाजों के बीच छठे विकेट के लिए 121 रन की निर्णायक साझेदारी हुई थी। इस जीत ने श्रीलंका को टेस्ट इतिहास के सबसे यादगार रन चेज में शामिल कर दिया।

    श्रीलंका ने इससे पहले भी 350 से ज्यादा रन के लक्ष्य का सफल पीछा किया है। साल 2006 में कोलंबो में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ श्रीलंका ने 352 रन का लक्ष्य हासिल किया था। दक्षिण अफ्रीका ने चौथी पारी में जीत के लिए 352 रन का लक्ष्य रखा था और श्रीलंका ने 352 रन बनाकर मुकाबला जीत लिया था। इस मैच में महेला जयवर्धने ने 123 रन की शानदार पारी खेलकर टीम की जीत में बड़ी भूमिका निभाई थी।

    यानी श्रीलंका की टीम टेस्ट क्रिकेट में दो बार 350 या उससे ज्यादा रन के लक्ष्य को सफलतापूर्वक हासिल कर चुकी है। अब गॉल में उसके सामने 372 रन का लक्ष्य है। यह लक्ष्य उसके 352 रन वाले दूसरे सबसे बड़े सफल रन चेज से 20 रन ज्यादा है। अगर श्रीलंका आखिरी दिन 372 रन तक पहुंच जाता है तो यह उसके टेस्ट इतिहास का तीसरा सबसे बड़ा सफल रन चेज बन जाएगा।

    हालांकि भारत के खिलाफ यह चुनौती आसान नहीं होगी। चौथे दिन भारतीय गेंदबाजों ने श्रीलंका को शुरुआती झटके देकर दबाव में ला दिया। दिन का खेल खत्म होने तक श्रीलंका ने 84 रन पर 4 विकेट गंवा दिए। कप्तान धनंजय डी सिल्वा 31 रन बनाकर नाबाद हैं जबकि सोनल दिनुषा 25 रन पर खेल रहे हैं। दोनों बल्लेबाजों पर पांचवें दिन टीम की उम्मीदों का बड़ा दारोमदार रहेगा।

    गॉल में श्रीलंका के सामने सिर्फ 288 रन बनाने की चुनौती नहीं है बल्कि भारतीय गेंदबाजों के खिलाफ पूरे दिन टिके रहने की परीक्षा भी होगी। टेस्ट मैच की चौथी पारी में बड़ा लक्ष्य हासिल करना वैसे ही मुश्किल माना जाता है और यहां श्रीलंका के पास सिर्फ 6 विकेट बचे हैं। दूसरी ओर भारत के पास मैच खत्म करने का स्पष्ट मौका है।

    गॉल में विदेशी टीम द्वारा श्रीलंका के खिलाफ सबसे बड़ा सफल रन चेज पाकिस्तान के नाम है। पाकिस्तान ने 2015 में पल्लेकेले में श्रीलंका के खिलाफ 377 रन का लक्ष्य हासिल किया था। उसने 382 रन बनाकर मुकाबला जीता था। ऐसे में मौजूदा 372 रन का लक्ष्य उस रिकॉर्ड से सिर्फ 5 रन कम है।

    अब मुकाबले का पूरा दारोमदार पांचवें दिन पर है। श्रीलंका अगर 288 रन और बना लेता है तो वह न केवल भारत के खिलाफ यादगार जीत दर्ज करेगा बल्कि अपने टेस्ट इतिहास में तीसरा सबसे बड़ा सफल रन चेज भी पूरा कर लेगा। दूसरी तरफ भारत के पास छह विकेट लेकर गॉल टेस्ट अपने नाम करने का मौका है। ऐसे में 19 अगस्त का पांचवां दिन दोनों टीमों के लिए बेहद महत्वपूर्ण और रोमांचक रहने वाला है।

  • एक कैच छूटा और बदल गया पूरा मैच! डिकवेला-दिनुषा ने श्रीलंका को संकट से निकाला, भारत के सामने नई चुनौती

    एक कैच छूटा और बदल गया पूरा मैच! डिकवेला-दिनुषा ने श्रीलंका को संकट से निकाला, भारत के सामने नई चुनौती


    नई दिल्ली। भारत और श्रीलंका के बीच गॉल में खेले जा रहे टेस्ट मुकाबले में तीसरे दिन का खेल खत्म होने तक टीम इंडिया मजबूत स्थिति में जरूर नजर आई लेकिन मैदान पर हुई एक छोटी सी गलती ने मैच का समीकरण काफी हद तक बदल दिया। भारतीय टीम के पास श्रीलंका को 200 रन के भीतर समेटकर फॉलोऑन देने का शानदार मौका था। श्रीलंका ने एक समय केवल 90 रन पर अपने पांच विकेट गंवा दिए थे और ऐसा लग रहा था कि भारतीय गेंदबाज जल्द ही पूरी पारी समेट देंगे। लेकिन इसके बाद एक कैच छूटना मेजबान टीम के लिए बड़ा टर्निंग प्वाइंट साबित हुआ।

    श्रीलंका की पारी के 36वें ओवर में मानव सुथार ने निरोशन डिकवेला को अपनी गेंद से परेशान किया। फ्लाइटेड गेंद पर डिकवेला के बल्ले का बाहरी किनारा लगा और गेंद स्लिप में खड़े केएल राहुल की तरफ तेजी से गई। राहुल ने दाईं ओर डाइव लगाकर कैच पकड़ने की कोशिश की लेकिन गेंद उनके हाथों से निकल गई। उस समय डिकवेला केवल 20 रन पर बल्लेबाजी कर रहे थे। भारतीय टीम के लिए यह मौका बेहद अहम था क्योंकि श्रीलंका पहले ही दबाव में थी और एक और विकेट गिरने से उसकी पारी जल्दी खत्म हो सकती थी।

    लेकिन कैच छूटने के बाद डिकवेला ने भारतीय गेंदबाजों को जमकर परेशान किया। उन्होंने सोनल दिनुषा के साथ मिलकर श्रीलंका की पारी को संभाल लिया। दोनों बल्लेबाजों ने छठे विकेट के लिए 146 रनों की बड़ी साझेदारी की। डिकवेला ने मिले जीवनदान का पूरा फायदा उठाया और 115 गेंदों पर 80 रन की महत्वपूर्ण पारी खेली। वहीं सोनल दिनुषा ने करीब साढ़े चार घंटे तक क्रीज पर टिककर शानदार शतक जमाया और भारतीय गेंदबाजों को लंबे समय तक विकेट के लिए तरसाया।

    इस साझेदारी ने मैच का पूरा माहौल बदल दिया। जिस श्रीलंकाई टीम के पांच विकेट सिर्फ 90 रन पर गिर चुके थे वह देखते ही देखते 284 रन तक पहुंच गई। भारत को फॉलोऑन देने के लिए श्रीलंका को 263 रन के आंकड़े तक पहुंचने से रोकना जरूरी था लेकिन डिकवेला और दिनुषा की साझेदारी ने भारतीय टीम की यह उम्मीद खत्म कर दी। श्रीलंका ने 284 रन बनाकर खुद को फॉलोऑन की स्थिति से बाहर निकाल लिया।

    भारतीय गेंदबाजों की बात करें तो मानव सुथार ने शानदार गेंदबाजी करते हुए चार विकेट हासिल किए। रवींद्र जडेजा ने तीन बल्लेबाजों को पवेलियन भेजा जबकि प्रसिद्ध कृष्णा मोहम्मद सिराज और कुलदीप यादव को एक एक सफलता मिली। भारतीय गेंदबाजों ने श्रीलंका के शीर्ष क्रम को लगातार दबाव में रखा लेकिन निचले क्रम में डिकवेला और दिनुषा की साझेदारी ने टीम इंडिया की मेहनत पर पानी फेर दिया।

    श्रीलंका की पहली पारी समाप्त होने के बाद बारिश ने भी खेल में खलल डाला। बारिश शुरू होने के कारण अंपायरों ने समय से पहले तीसरे दिन के खेल को समाप्त करने का फैसला किया। हालांकि भारत के पास अब भी 178 रनों की बढ़त मौजूद है और चौथे दिन टीम इंडिया अपनी दूसरी पारी में इसी बढ़त के साथ आगे बढ़ेगी। भारत के पास मैच पर पकड़ मजबूत करने का मौका अभी भी है लेकिन श्रीलंका को फॉलोऑन से बचने का मौका देने के बाद मुकाबला पहले की तुलना में थोड़ा अधिक चुनौतीपूर्ण हो गया है।

    इस मुकाबले में केएल राहुल के कैच को लेकर भी चर्चा तेज है। अगर डिकवेला का वह कैच पकड़ लिया जाता तो श्रीलंका का स्कोर और पारी का नतीजा पूरी तरह अलग हो सकता था। हालांकि क्रिकेट में एक कैच से मैच खत्म नहीं होता और भारत के पास अभी बढ़त मौजूद है लेकिन टेस्ट क्रिकेट में ऐसे छोटे मौके अक्सर बड़े अंतर में बदल जाते हैं। अब टीम इंडिया की नजर चौथे दिन बल्लेबाजी पर होगी जहां वह बड़ी बढ़त हासिल कर श्रीलंका के सामने मजबूत लक्ष्य रखने की कोशिश करेगी।

    भारतीय टीम के नए फील्डिंग कोच सुभदीप घोष के लिए भी यह दौरा चुनौतीपूर्ण है। टीम इंडिया को आगे ऐसे मौकों को भुनाने पर ध्यान देना होगा क्योंकि लंबे टेस्ट मैचों में एक कैच या एक साझेदारी कई बार पूरे मुकाबले की दिशा बदल देती है। गॉल टेस्ट में अब भारत के सामने सबसे बड़ी चुनौती यही होगी कि तीसरे दिन की चूक से सबक लेते हुए चौथे दिन मैच पर अपनी पकड़ और मजबूत की जाए।