Tag: Gambling Raid

  • भोपाल में जुआ फड़ पर पुलिस की छापेमारी: कई जुआरी गिरफ्तार, TI समेत 3 पर गिरी गाज

    भोपाल में जुआ फड़ पर पुलिस की छापेमारी: कई जुआरी गिरफ्तार, TI समेत 3 पर गिरी गाज


    भोपाल । भोपाल के चौक बाजार इलाके में जुए के अड्डे पर हुई पुलिस कार्रवाई के बाद कोतवाली थाना प्रभारी समेत तीन पुलिसकर्मियों पर बड़ी कार्रवाई की गई है। एसीपी कोतवाली संतोष पटेल की टीम ने क्षेत्र में दबिश देकर दर्जनभर से ज्यादा जुआरियों को पकड़ा था। मौके से करीब सवा दो लाख रुपए भी जब्त किए गए थे। कार्रवाई के बाद जब अधिकारियों ने जुए के अड्डे के संचालन और स्थानीय पुलिस की भूमिका को लेकर जानकारी जुटाई तो थाना स्तर पर लापरवाही का मामला सामने आया। इसके बाद कोतवाली थाना प्रभारी प्रभात गौड़ को निलंबित कर दिया गया।

    थाना प्रभारी के साथ बीट प्रभारी एएसआई राकेश गुर्जर और माइक्रो बीट प्रभारी आरक्षक नरेंद्र रावत पर भी कार्रवाई की गई है। तीनों पुलिसकर्मियों को लाइन अटैच करने के साथ निलंबित किया गया है। यह कार्रवाई डीसीपी जोन तीन आयुष गुप्ता के स्तर से की गई है। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक चौक बाजार क्षेत्र में जुआ चलने की जानकारी सामने आने के बावजूद उसे रोकने के लिए थाना स्तर पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं की गई थी।

    दरअसल गत दिवस एसीपी कोतवाली संतोष पटेल अपनी टीम के साथ चौक बाजार क्षेत्र में पहुंचे थे। टीम ने जुए के अड्डे पर अचानक दबिश दी। पुलिस की कार्रवाई से वहां मौजूद जुआरियों में अफरा तफरी मच गई। टीम ने दर्जनभर से ज्यादा लोगों को पकड़ा और मौके से करीब 2.25 लाख रुपए बरामद किए। इस कार्रवाई के बाद वरिष्ठ अधिकारियों का ध्यान इस बात पर गया कि जिस इलाके में जुआ चल रहा था वहां स्थानीय पुलिस की ओर से पहले क्या कार्रवाई की गई थी।

    जांच के दौरान यह भी सामने आया कि जुआ बंद कराने को लेकर वरिष्ठ अधिकारियों की ओर से पहले निर्देश दिए जा चुके थे। इसके बावजूद गतिविधियां पूरी तरह नहीं रुक सकीं। थाना स्तर पर कार्रवाई नहीं होने को लेकर पुलिस अधिकारियों ने जिम्मेदारी तय करने की प्रक्रिया शुरू की। इसी जांच के दौरान थाना प्रभारी प्रभात गौड़ पर जुआरियों को संरक्षण देने से जुड़े आरोपों की भी पड़ताल की गई। हालांकि इन आरोपों पर अंतिम निष्कर्ष जांच और विभागीय कार्रवाई के आधार पर ही तय होगा।

    बीट और माइक्रो बीट स्तर के पुलिसकर्मियों की भूमिका को भी जांच के दायरे में रखा गया। अधिकारियों का मानना है कि किसी क्षेत्र में लगातार अवैध गतिविधि चलने की जानकारी होने के बावजूद प्रभावी कार्रवाई नहीं होना पुलिस की निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है। इसी आधार पर थाना प्रभारी के साथ बीट प्रभारी और माइक्रो बीट प्रभारी के खिलाफ भी कार्रवाई की गई।

    भोपाल में जुए से जुड़े मामलों में थाना स्तर के अधिकारियों पर कार्रवाई का यह दूसरा बड़ा मामला बताया जा रहा है। इससे पहले बजरिया थाना प्रभारी शिल्पा कौरव को भी निलंबित किया गया था। उनके खिलाफ भी जुआरियों को संरक्षण देने से जुड़े आरोप सामने आए थे। अब कोतवाली क्षेत्र की कार्रवाई के बाद तीन पुलिसकर्मियों के निलंबन से पुलिस विभाग में जिम्मेदारी और निगरानी को लेकर सख्ती का संकेत मिला है।

    एसीपी कोतवाली संतोष पटेल ने कोतवाली थाना प्रभारी और अन्य पुलिसकर्मियों के खिलाफ हुई कार्रवाई की पुष्टि की है। पुलिस अब चौक बाजार में जुए के अड्डे से जुड़े अन्य लोगों की जानकारी जुटा रही है। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि वहां जुए की गतिविधियां कितने समय से चल रही थीं और इसमें कौन कौन लोग शामिल थे। आगे की कार्रवाई जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर की जाएगी।

  • डेढ़ बजे राऊ में पुलिस की दबिश से मची भगदड़, जुआरी बाइक छोड़कर भागे; अड्डा संचालक की तलाश शॉर्ट डिस्क्रिप्शन

    डेढ़ बजे राऊ में पुलिस की दबिश से मची भगदड़, जुआरी बाइक छोड़कर भागे; अड्डा संचालक की तलाश शॉर्ट डिस्क्रिप्शन


    इंदौर । इंदौर के राऊ इलाके में शनिवार देर रात पुलिस की कार्रवाई से जुआरियों में भगदड़ मच गई। पुलिस टीम ने पेट्रोल पंप के पास कथित रूप से संचालित जुए के अड्डे पर करीब रात डेढ़ बजे दबिश दी। पुलिस की गाड़ियां देखते ही वहां मौजूद जुआरी अपनी बाइक और ताश के पत्ते मौके पर छोड़कर खेतों की ओर भाग गए। अंधेरा होने के कारण कई संदिग्ध पुलिस की पकड़ में नहीं आ सके। पुलिस टीम ने मौके पर खड़ी आधा दर्जन से ज्यादा बाइक जब्त की हैं और उन्हें थाने ले जाया गया है। पुलिस अब वाहनों के आधार पर फरार जुआरियों की पहचान करने का प्रयास कर रही है।

    जानकारी के मुताबिक इंदौर जोन-1 के डीसीपी नरेंद्र रावत को राऊ इलाके में बड़े स्तर पर जुआ संचालित होने की सूचना मिली थी। सूचना के आधार पर पुलिस अधिकारियों ने स्थानीय टीम को कार्रवाई के निर्देश दिए। इसके बाद अलग अलग पुलिस टीमों को तैयार कर देर रात संदिग्ध स्थान पर भेजा गया। पुलिस को पेट्रोल पंप के आसपास जुआ चलाए जाने की जानकारी मिली थी। इसी सूचना के आधार पर टीम ने रात करीब डेढ़ बजे मौके पर पहुंचकर घेराबंदी शुरू की।

    पुलिस के पहुंचते ही वहां मौजूद लोगों को कार्रवाई की भनक लग गई। पुलिस की गाड़ियां देखकर जुआ खेल रहे लोग मौके से भागने लगे। कई जुआरी खेतों की तरफ दौड़ गए। रात का अंधेरा होने के कारण पुलिस के लिए खेतों में भागे लोगों का पीछा करना मुश्किल रहा। भागने के दौरान जुआरी अपनी बाइक तक मौके पर छोड़ गए। पुलिस को वहां ताश के पत्ते भी मिले हैं। इसके बाद पुलिस ने मौके पर मौजूद वाहनों को जब्त कर लिया।

    पुलिस अब जब्त की गई बाइकों के नंबर और दस्तावेजों के आधार पर उनके मालिकों की जानकारी जुटा रही है। इसके जरिए यह पता लगाने की कोशिश की जाएगी कि मौके पर कौन कौन लोग मौजूद थे। पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि जब्त वाहन वास्तव में जुआ खेलने आए लोगों के थे या किसी अन्य व्यक्ति के नाम पर पंजीकृत हैं। जांच के दौरान सामने आने वाली जानकारी के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

    पुलिस सूत्रों के मुताबिक राऊ क्षेत्र में जिस स्थान पर कार्रवाई की गई वहां पिछले कुछ दिनों से जुआ संचालित होने की जानकारी मिल रही थी। बताया जा रहा है कि करीब एक सप्ताह से यहां लोगों की आवाजाही बढ़ी हुई थी। पुलिस अब यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि इस गतिविधि के पीछे कौन लोग थे और कथित जुए का अड्डा किसके इशारे पर चल रहा था।

    इस कार्रवाई को हाल में इंदौर के दूसरे इलाकों में जुए के खिलाफ हुई पुलिस कार्रवाई से भी जोड़कर देखा जा रहा है। सूत्रों के मुताबिक कुछ दिन पहले क्राइम ब्रांच ने लसूड़िया थाना क्षेत्र के महालक्ष्मी नगर में कार्रवाई करते हुए बड़ी संख्या में जुआरियों को पकड़ा था। उस कार्रवाई में करीब दो दर्जन लोगों के पकड़े जाने और बड़ी रकम बरामद होने की जानकारी सामने आई थी। इसके बाद कथित तौर पर जुए से जुड़े कुछ लोगों ने राऊ इलाके में अपना नया ठिकाना बना लिया था। हालांकि इस कड़ी की आधिकारिक पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही होगी।

    राऊ पुलिस की देर रात हुई कार्रवाई के बाद इलाके में जुआ संचालकों और जुआ खेलने वालों के बीच हड़कंप की स्थिति है। पुलिस अब जब्त बाइकों के जरिए फरार आरोपियों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है। इसके अलावा आसपास के इलाकों में लगे सीसीटीवी कैमरों की मदद से भी संदिग्धों की पहचान की जा सकती है।

    फिलहाल पुलिस ने मौके से मिले वाहनों और ताश के पत्तों को जांच में शामिल किया है। पुलिस का कहना है कि फरार लोगों की पहचान और भूमिका सामने आने के बाद संबंधित कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इस कार्रवाई से एक बात साफ है कि पुलिस को यदि किसी क्षेत्र में लंबे समय से जुआ संचालित होने की सूचना मिलती है तो वह देर रात भी कार्रवाई करने से पीछे नहीं हट रही है।