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  • गणपति विसर्जन को लेकर MP में हाई अलर्ट, इंदौर में रात तक चलेंगी झांकियां, घाटों पर तैनात रहेगा भारी फोर्स

    गणपति विसर्जन को लेकर MP में हाई अलर्ट, इंदौर में रात तक चलेंगी झांकियां, घाटों पर तैनात रहेगा भारी फोर्स


    इंदौर । अनंत चतुर्दशी के मौके पर शुक्रवार को मध्यप्रदेश के प्रमुख शहरों में गणेश प्रतिमाओं के विसर्जन के साथ भव्य झांकियों और चल समारोह की रौनक देखने को मिलेगी। इंदौर में 103 साल पुरानी झांकी परंपरा के तहत शाम 6 बजे से 9 किलोमीटर से ज्यादा लंबे मार्ग पर झांकियां निकलेंगी। इसके साथ ही अखाड़ों के उस्ताद और खलीफा पारंपरिक खेलों तथा युद्ध कलाओं के करतब दिखाएंगे। प्रदेश के अन्य बड़े शहरों में भी विसर्जन को लेकर घाटों और कृत्रिम कुंडों पर विशेष इंतजाम किए गए हैं।

    इंदौर में चल समारोह मिल क्षेत्र से शुरू होकर मजदूर मैदान एमजी रोड कृष्णपुरा नंदलालपुरा जवाहर मार्ग नृसिंह बाजार गोराकुंड खजूरी बाजार होते हुए राजवाड़ा तक पहुंचेगा। शाम 6 बजे खजराना गणेश की झांकी के साथ समारोह की शुरुआत होगी और देर रात तक झांकियां तथा अखाड़े निकलते रहेंगे। सुरक्षा को देखते हुए झांकियों में धारदार हथियार और नशे पर रोक रहेगी। डीजे के इस्तेमाल को भी नियंत्रित किया गया है। झांकी पर अधिकतम दो स्पीकर लगाने की अनुमति होगी। हाथी और ऊंट को भी समारोह में शामिल करने पर रोक रहेगी। दोपहर 3 बजे से झांकी मार्ग और आसपास के इलाकों में यातायात डायवर्ट किया जाएगा।

    इंदौर में इस बार कई धार्मिक और सामाजिक संदेश देने वाली झांकियां आकर्षण का केंद्र रहेंगी। देशी मिल की झांकियों में दुर्गा माता और महिषासुर वध के साथ भगवान शंकर और माता सती से जुड़ा प्रसंग दिखाया जाएगा। एक झांकी में नशामुक्ति का संदेश भी दिया जाएगा। कल्याण मिल की झांकी में भगवान जगन्नाथ की पहली रथ यात्रा का प्रसंग और दूसरी झांकी में नारी शक्ति को प्रमुखता दी जाएगी। होप टेक्सटाइल मिल की झांकियों में गणेशजी की आराधना और भगवान शिव की बारात को धार्मिक प्रसंगों के आधार पर प्रस्तुत किया जाएगा।

    भोपाल में भी गणेश विसर्जन को लेकर व्यापक तैयारी की गई है। प्रेमपुरा रानी कमलापति बैरागढ़ खटलापुरा हथाईखेड़ा और शाहपुरा प्रमुख विसर्जन स्थलों में शामिल हैं। छोटी प्रतिमाओं के लिए वार्ड और जोन स्तर पर कृत्रिम कुंड बनाए गए हैं जबकि बड़ी प्रतिमाओं के लिए क्रेन की व्यवस्था की गई है। घाटों पर पुलिस गोताखोर फायर ब्रिगेड और सीसीटीवी के जरिए निगरानी की जाएगी। प्रमुख मार्गों पर यातायात डायवर्जन लागू रहेगा।

    उज्जैन में चल समारोह रात 10 बजे से शुरू होगा। इसके बाद प्रतिमाओं को रामघाट और सुनहरी घाट समेत निर्धारित स्थानों तक ले जाया जाएगा। शाम से ही कई मार्गों पर यातायात प्रतिबंध और डायवर्जन लागू रहेगा। ग्वालियर में सागरताल पर बनाए गए अस्थायी कुंड में गणेश प्रतिमाओं का विसर्जन कराया जाएगा। पुलिस प्रशासन के साथ नगर निगम की टीम मौजूद रहेगी और ड्रोन से निगरानी की जाएगी।

    जबलपुर में भी विसर्जन के लिए विशेष व्यवस्था की गई है। बड़ी प्रतिमाओं के लिए नर्मदा जल से भरा कृत्रिम कुंड बनाया गया है जहां क्रेन की मदद से विसर्जन कराया जाएगा। गौरीघाट तिलवारा घाट अधारताल खमरिया रांझी और गोकलपुर समेत कई स्थानों पर व्यवस्थाएं की गई हैं। तीन पत्ती चौक से गौरीघाट जाने वाले मार्ग पर पुलिस बल तैनात रहेगा और जरूरत के अनुसार यातायात डायवर्ट किया जाएगा।

    अनंत चतुर्दशी पर प्रदेशभर में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया गया है। प्रमुख घाटों और चल समारोह वाले मार्गों पर पुलिस बल के साथ फायर ब्रिगेड गोताखोर और अन्य आपात सेवाओं की तैनाती रहेगी। कई स्थानों पर ड्रोन और सीसीटीवी से निगरानी की जाएगी। प्रशासन का फोकस भीड़ नियंत्रण सुरक्षित विसर्जन और यातायात व्यवस्था बनाए रखने पर रहेगा।

  • गणपति विसर्जन के बाद पसरा मातम, तालाब में गिरा युवक रातभर रहा लापता, सुबह बेलों में फंसा मिला शव

    गणपति विसर्जन के बाद पसरा मातम, तालाब में गिरा युवक रातभर रहा लापता, सुबह बेलों में फंसा मिला शव


    शिवपुरी । शिवपुरी जिले के पोहरी नगर परिषद क्षेत्र के नानोरा गांव में गणेश विसर्जन के दौरान एक दर्दनाक हादसा सामने आया। बुधवार रात तालाब में गिरे 25 वर्षीय मूकबधिर युवक का शव गुरुवार सुबह बरामद किया गया। रात में अंधेरा अधिक होने के कारण पुलिस और स्थानीय लोगों ने काफी तलाश की लेकिन युवक का कोई सुराग नहीं मिल सका। सुबह दोबारा सर्चिंग अभियान शुरू किया गया तो कुछ दूरी पर पानी में फैली बेलों के बीच युवक का शव फंसा मिला। घटना की जानकारी मिलते ही परिवार में मातम पसर गया।

    मृतक की पहचान हरगोविंद जाटव उम्र 25 वर्ष पुत्र अंतु जाटव के रूप में हुई है। परिजनों के मुताबिक हरगोविंद मूकबधिर था। बताया गया कि बुधवार रात वह शौच के लिए तालाब के दूसरे हिस्से की ओर गया था। इसी दौरान उसका पैर फिसल गया और वह पानी में जा गिरा। तालाब में गिरने के बाद आसपास मौजूद लोगों को घटना की जानकारी हुई।

    हादसे के वक्त तालाब के दूसरे छोर पर गणेश प्रतिमा का विसर्जन चल रहा था। वहां मौजूद लोगों ने युवक को तालाब में गिरते हुए देखा। इसके बाद तत्काल पुलिस को सूचना दी गई। सूचना मिलने पर पोहरी थाना पुलिस मौके पर पहुंची और स्थानीय लोगों की मदद से युवक की तलाश शुरू की गई।

    रात में तालाब में काफी देर तक सर्चिंग अभियान चलाया गया। पुलिस और स्थानीय लोग पानी में युवक को तलाशते रहे लेकिन अंधेरा होने के कारण अभियान में परेशानी आई। काफी कोशिश के बाद भी युवक का पता नहीं चल सका। इसके बाद रात में तलाश रोकनी पड़ी और सुबह दोबारा सर्चिंग शुरू करने का फैसला किया गया।

    गुरुवार सुबह पुलिस ने एक बार फिर तालाब में तलाश शुरू की। इस दौरान पानी के भीतर कुछ दूरी पर फैली बेलों के बीच हरगोविंद का शव फंसा हुआ दिखाई दिया। पुलिस ने शव को बाहर निकलवाया और आवश्यक कार्रवाई शुरू की। हादसे की खबर मिलते ही परिजन भी मौके पर पहुंच गए।

    पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। पोहरी थाना पुलिस ने मामले में मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस हादसे से जुड़े घटनाक्रम की जानकारी जुटा रही है।

    गणेश विसर्जन के दौरान हुई इस घटना से नानोरा गांव में शोक का माहौल है। जिस समय गांव में गणेश प्रतिमा के विसर्जन को लेकर लोग जुटे थे उसी दौरान एक परिवार ने अपना सदस्य खो दिया। रात के अंधेरे में शुरू हुई तलाश सुबह तालाब में पानी की बेलों के बीच शव मिलने के साथ खत्म हुई। घटना ने गांव के लोगों को भी गमगीन कर दिया है।

  • विसर्जन जुलूस में DJ बना विवाद की वजह दतिया में पहले चाचा-भतीजे को पीटा फिर पैरों में मारी गोली

    विसर्जन जुलूस में DJ बना विवाद की वजह दतिया में पहले चाचा-भतीजे को पीटा फिर पैरों में मारी गोली


    दतिया । दतिया के इंदरगढ़ थाना क्षेत्र के मैथाना पाली गांव में गणेश विसर्जन के दौरान दो पक्षों के बीच विवाद के बाद फायरिंग की घटना सामने आई है। बुधवार शाम गणेश प्रतिमा विसर्जन के लिए जा रहे लोगों और गांव के दो लोगों के बीच DJ बजाने को लेकर कहासुनी हुई। देखते ही देखते विवाद बढ़ गया और दोनों पक्षों के बीच लाठी डंडों से मारपीट शुरू हो गई। इसके बाद फायरिंग होने की बात सामने आई जिसमें चाचा और भतीजे के पैर में गोली लगी।

    घटना में घायल चाचा भतीजे की पहचान अजय यादव उम्र 28 वर्ष और उनके चाचा वकील यादव उम्र 43 वर्ष के रूप में हुई है। दोनों को पहले इंदरगढ़ अस्पताल ले जाया गया। यहां प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें दतिया जिला अस्पताल रेफर किया गया। हालत और बेहतर इलाज की जरूरत को देखते हुए दोनों को ग्वालियर रेफर कर दिया गया। फिलहाल दोनों का इलाज जारी है।

    परिजनों के मुताबिक अजय यादव और वकील यादव गांव से नदी की ओर भैंस चराने गए थे। इसी दौरान चौकपुरा गांव के लोग गणेश प्रतिमा लेकर विसर्जन के लिए नदी की ओर जा रहे थे। जुलूस में DJ बजाया जा रहा था। बताया गया है कि भैंस लेकर वापस घर की ओर लौट रहे चाचा भतीजे ने DJ बजाने से मना किया। इसी बात को लेकर दोनों पक्षों में कहासुनी शुरू हो गई।

    कहासुनी के बाद विवाद ने तेजी से गंभीर रूप ले लिया। घायल पक्ष के परिजनों का आरोप है कि पहले चाचा भतीजे के साथ लाठी डंडों से मारपीट की गई और इसके बाद फायरिंग कर दी गई। परिजनों ने मानवेंद्र उर्फ छुट्टी रोहित गजराज यादव श्रीकांत यादव हाकिम यादव ऋषभ यादव और रघुराज यादव समेत अन्य लोगों पर फायरिंग करने का आरोप लगाया है। परिवार का कहना है कि इन्हीं लोगों की ओर से गोली चलाई गई।

    ग्रामीणों के अनुसार चौकपुरा के लोगों ने गांव के खेरा पति मंदिर के पास गणेश प्रतिमा स्थापित की थी। बुधवार को प्रतिमा को विसर्जन के लिए नदी की ओर ले जाया जा रहा था। इसी दौरान मैथाना पाली गांव के पास विवाद हो गया। घटना के बाद इलाके में तनाव की स्थिति बन गई।

    इस विवाद में दूसरे पक्ष के लोगों के घायल होने की जानकारी भी सामने आई है। हाकिम सिंह उम्र 50 वर्ष गजराज सिंह यादव उम्र 52 वर्ष और पंजाब सिंह यादव के घायल होने की सूचना है। इसके अलावा तीन से चार अन्य लोगों के घायल होने की भी जानकारी है। सभी घायलों का इलाज इंदरगढ़ अस्पताल में कराया जा रहा है।

    घटना की सूचना मिलते ही इंदरगढ़ थाना पुलिस मौके पर पहुंची। थाना प्रभारी गौरव शर्मा के मुताबिक पुलिस ने घटनास्थल की जानकारी जुटाई है और दोनों पक्षों से जुड़े लोगों तथा घायलों से पूछताछ की जा रही है। पुलिस फायरिंग की परिस्थितियों और विवाद की वास्तविक वजह का पता लगाने में जुटी है।

    फिलहाल पुलिस की जांच जारी है। दोनों पक्षों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि विवाद किस तरह बढ़ा और फायरिंग की घटना किन परिस्थितियों में हुई। पुलिस घायलों के उपचार के साथ मामले से जुड़े लोगों की जानकारी भी जुटा रही है।

  • भोपाल में गणेश विसर्जन के लिए प्रशासन तैयार 13 क्रेन 12 पोकलेन और 184 गोताखोर तैनात घाटों पर भक्तों की सुरक्षा का खास प्लान

    भोपाल में गणेश विसर्जन के लिए प्रशासन तैयार 13 क्रेन 12 पोकलेन और 184 गोताखोर तैनात घाटों पर भक्तों की सुरक्षा का खास प्लान


    भोपाल। भोपाल में गणेश उत्सव के बाद अब प्रथम पूज्य भगवान गणेश की विदाई का सिलसिला शुरू हो गया है। डोल ग्यारस से गणेश प्रतिमाओं के विसर्जन का क्रम शुरू हो चुका है जो अनंत चतुर्दशी तक जारी रहेगा। शहर के अलग अलग इलाकों से गणेश प्रतिमाओं के विसर्जन जुलूस निकलेंगे और बड़ी संख्या में श्रद्धालु प्रमुख घाटों तक पहुंचेंगे। इसे देखते हुए जिला प्रशासन पुलिस और नगर निगम ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर व्यापक तैयारियां की हैं। खासतौर पर विसर्जन घाटों पर श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए कई स्तरों पर इंतजाम किए गए हैं।

    भोपाल के प्रमुख सात विसर्जन घाटों पर 13 क्रेन और 12 पोकलेन मशीनें तैनात की गई हैं। इनके जरिए गणेश प्रतिमाओं को सुरक्षित तरीके से पानी में विसर्जित करने की व्यवस्था की गई है। इसके साथ ही 184 गोताखोरों की तैनाती की गई है ताकि किसी भी आपात स्थिति में तत्काल मदद पहुंचाई जा सके। घाटों पर श्रद्धालुओं के पानी में उतरने पर रोक रहेगी। नगर निगम के कर्मचारी लोगों को सुरक्षित दूरी पर रखने के साथ विसर्जन प्रक्रिया में सहयोग करेंगे।

    विसर्जन के दौरान सुरक्षा के लिए घाटों पर लाइफ जैकेट लाइफ बॉय ट्यूब रस्सी बंडल और पीए सिस्टम जैसे संसाधन उपलब्ध रहेंगे। तैराकों की भी ड्यूटी लगाई गई है। पुलिस और प्रशासन की टीमें घाटों पर लगातार निगरानी रखेंगी। इसके अलावा पुलिस कंट्रोल रूम से भी प्रमुख घाटों की स्थिति पर नजर रखी जाएगी। खटलापुरा प्रेमपुरा संत हिरदाराम नगर बैरागढ़ हथाईखेड़ा डैम शाहपुरा और आर्च ब्रिज क्षेत्र के घाटों पर विशेष सुरक्षा व्यवस्था की गई है। इन घाटों पर पिछले दो दिनों में ही डेढ़ हजार से ज्यादा गणेश प्रतिमाओं का विसर्जन हो चुका है।

    नगर निगम ने प्रतिमाओं के विसर्जन के लिए शहर के अलग अलग इलाकों में दो दर्जन से ज्यादा स्टॉल भी लगाए हैं। लालघाटी चौराहा गांधी नगर करोंद चौराहा कोलार रायसेन रोड और अवधपुरी समेत कई स्थानों पर श्रद्धालु पूजा के बाद गणेश प्रतिमाएं इन स्टॉल पर जमा कर सकेंगे। इसके बाद नगर निगम की टीम इन प्रतिमाओं का सामूहिक रूप से विसर्जन करेगी। इससे घाटों पर भीड़ और प्रत्यक्ष रूप से पानी में उतरने वाले लोगों की संख्या कम करने में मदद मिलेगी।

    विसर्जन जुलूस और चल समारोह को देखते हुए शहर के रास्तों पर प्रकाश व्यवस्था को भी मजबूत किया गया है। नगर निगम के अनुसार प्रेमपुरा रानी कमलापति शाहपुरा खटलापुरा हथाईखेड़ा मालीखेड़ी और बैरागढ़ विसर्जन घाटों पर 1090 एलईडी फ्लड लाइट लगाई गई हैं। इसके अलावा चल समारोह वाले मार्गों पर 575 अतिरिक्त फ्लड लाइट लगाई गई हैं। इस तरह घाटों और विसर्जन मार्गों पर कुल 1665 लाइटों की व्यवस्था की गई है।

    गणेश विसर्जन के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के सड़कों पर उतरने की संभावना है। ऐसे में प्रशासन के सामने भीड़ नियंत्रण यातायात व्यवस्था और घाटों पर सुरक्षा बनाए रखने की चुनौती रहेगी। नगर निगम पुलिस और जिला प्रशासन की टीमें मिलकर व्यवस्थाओं को संभालेंगी। प्रशासन का प्रयास है कि श्रद्धालु भगवान गणेश की प्रतिमाओं को श्रद्धा के साथ विदाई दें और विसर्जन प्रक्रिया सुरक्षित तरीके से पूरी हो।

  • गणेश विसर्जन पर पंचक का साया: जाने कब तक रहेगा पंचक, ऐसे करें बप्पा की विदाई

    गणेश विसर्जन पर पंचक का साया: जाने कब तक रहेगा पंचक, ऐसे करें बप्पा की विदाई


    नई दिल्ली। गणेश उत्सव के समापन और बप्पा की विदाई के बीच इस बार पंचक का संयोग बन रहा है। 23 सितंबर की रात से पंचक शुरू होंगे और 25 सितंबर को अनंत चतुर्दशी के दिन गणेश विसर्जन होगा। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार पंचक के दौरान कुछ कार्यों को करने की मनाही होती है, हालांकि पूजा-पाठ, धार्मिक अनुष्ठान और गणेश विसर्जन पर इसका कोई प्रतिबंध नहीं माना गया है।

    23 सितंबर की रात से शुरू होगा पंचक

    द्रिक पंचांग के अनुसार सितंबर 2026 में पंचक की शुरुआत 23 सितंबर, बुधवार रात 9:57 बजे से होगी। पंचक का समापन 28 सितंबर, सोमवार सुबह 10:16 बजे होगा। इस दौरान चंद्रमा 23 सितंबर की रात 9:56 बजे से 26 सितंबर की सुबह 5:32 बजे तक कुंभ राशि में और इसके बाद 28 सितंबर की सुबह 10:15 बजे तक मीन राशि में रहेगा।

    ज्योतिषीय मान्यता के अनुसार जब चंद्रमा कुंभ और मीन राशि में रहते हुए धनिष्ठा, शतभिषा, पूर्वा भाद्रपद, उत्तरा भाद्रपद और रेवती नक्षत्रों से गुजरता है, तब पंचक का निर्माण होता है। यह अवधि करीब पांच दिन की होती है। हिंदू धर्म और ज्योतिष में पंचक के दौरान कुछ शुभ और सामान्य कार्यों को करने से बचने की सलाह दी जाती है।

    पंचक के बीच गणेश विसर्जन और पितृ पक्ष

    इस बार पंचक के दौरान कई महत्वपूर्ण धार्मिक अवसर भी पड़ रहे हैं। 24 सितंबर को गुरु प्रदोष व्रत, 25 सितंबर को अनंत चतुर्दशी और इसी दिन गणेश प्रतिमाओं का विसर्जन किया जाएगा। अनंत चतुर्दशी पर भगवान विष्णु के अनंत स्वरूप की पूजा का भी विधान है। इसके अगले दिन यानी 26 सितंबर से पितृ पक्ष शुरू होगा।

    ऐसे में गणेश भक्तों के सामने यह सवाल है कि पंचक के दौरान बप्पा का विसर्जन किया जा सकता है या नहीं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार पंचक में गणेश विसर्जन करने में कोई बाधा नहीं मानी जाती। पंचक के दौरान पूजा-पाठ और धार्मिक अनुष्ठान किए जा सकते हैं। गणपति को विघ्नहर्ता माना जाता है, इसलिए पंचक के बीच भी श्रद्धा और विधि-विधान से गणेश प्रतिमा का विसर्जन किया जा सकता है।

    इसी तरह 26 सितंबर से शुरू होने वाले पितृ पक्ष में श्राद्ध, तर्पण और पिंडदान जैसे कर्म करने पर भी पंचक की कोई बाधा नहीं मानी गई है। श्रद्धालु पितरों की आत्मा की शांति के लिए पहले दिन से ही विधिवत श्राद्ध कर्म कर सकते हैं।

    इन कामों से पंचक में बचने की मान्यता

    सितंबर में पड़ने वाला यह पंचक बुधवार से शुरू हो रहा है। ज्योतिषीय मान्यताओं में शुक्रवार से शुरू होने वाले पंचक को चोर पंचक, शनिवार से शुरू होने वाले पंचक को मृत्यु पंचक और मंगलवार से शुरू होने वाले पंचक को अग्नि पंचक कहा जाता है। बुधवार से शुरू होने वाले पंचक को इनकी तरह विशेष रूप से अशुभ नहीं माना जाता। फिर भी पंचक के दौरान सामान्य तौर पर जिन कार्यों को करने से बचने की सलाह दी जाती है, उन्हें टालना उचित माना जाता है।

    लकड़ी या लकड़ी से बनी वस्तुएं खरीदने से बचें।
    पलंग या बिस्तर खरीदने से बचने की मान्यता है।
    नए घर का निर्माण शुरू करना, छत डलवाना या पहली चौखट लगाना टालना चाहिए।
    दक्षिण दिशा की यात्रा करने से भी बचने की सलाह दी जाती है।

    धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है जानकारी
    पंचक, गणेश विसर्जन और श्राद्ध से जुड़े नियम धार्मिक मान्यताओं और पंचांग की गणना पर आधारित हैं। अलग-अलग क्षेत्रों और पंचांगों में तिथि, मुहूर्त और नियमों में अंतर हो सकता है। इसलिए किसी विशेष पूजा, विसर्जन या धार्मिक कर्म के लिए स्थानीय पंचांग और विद्वान या पुरोहित की सलाह लेना उचित माना जाता है।

  • डोल ग्यारस पर शिवपुरी में रहेगी कड़ी सुरक्षा भीड़ और यातायात संभालने के लिए पुलिस ने तैयार किया प्लान

    डोल ग्यारस पर शिवपुरी में रहेगी कड़ी सुरक्षा भीड़ और यातायात संभालने के लिए पुलिस ने तैयार किया प्लान


    शिवपुरी। शिवपुरी में डोल ग्यारस और आगामी गणेश विसर्जन को देखते हुए पुलिस ने सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को लेकर तैयारियां तेज कर दी हैं। त्योहारों के दौरान बाजारों और प्रमुख मार्गों पर बढ़ने वाली भीड़ को देखते हुए पुलिस अधिकारियों ने शहर की व्यवस्थाओं का जायजा लेना शुरू कर दिया है। सोमवार शाम पुलिस अधीक्षक यांगचेन डोलकर भूटिया पुलिस बल के साथ शहर के प्रमुख बाजारों और भीड़ वाले इलाकों में पैदल गश्त पर निकलीं। इस दौरान उन्होंने अलग अलग स्थानों पर सुरक्षा व्यवस्था और यातायात की स्थिति को देखा तथा संबंधित अधिकारियों को जरूरी निर्देश दिए।

    एसपी ने हॉस्पिटल चौराहा कोर्ट रोड सब्जी मंडी माधव चौक गुरुद्वारा चौराहा राजेश्वरी रोड और पोलो ग्राउंड क्षेत्र का भ्रमण किया। पैदल गश्त के दौरान पुलिस अधिकारियों ने बाजारों में लोगों की आवाजाही और वाहनों की स्थिति का जायजा लिया। माधव चौक पर दुकानों के सामने बेतरतीब तरीके से खड़े वाहनों को देखकर एसपी ने यातायात प्रभारी रणवीर यादव को पार्किंग व्यवस्था सुधारने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि त्योहारों के दौरान बाजारों में लोगों की संख्या बढ़ने के कारण यातायात व्यवस्था को पहले से व्यवस्थित रखा जाए ताकि आम लोगों को परेशानी न हो।

    पैदल भ्रमण के दौरान एसपी ने दुकानदारों और आम लोगों से भी बातचीत की। उन्होंने त्योहारों को शांतिपूर्ण तरीके से मनाने और कानून व्यवस्था बनाए रखने में पुलिस का सहयोग करने की अपील की। पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि भीड़ वाले क्षेत्रों में लगातार निगरानी रखी जाए और किसी भी तरह की संदिग्ध गतिविधि सामने आने पर तत्काल कार्रवाई की जाए।

    एसपी ने सभी थाना प्रभारियों को अपने अपने क्षेत्रों में नियमित पैदल गश्त करने के साथ वाहन चेकिंग अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं। बाजारों और अन्य संवेदनशील तथा भीड़ वाले स्थानों पर पर्याप्त पुलिस बल तैनात करने को भी कहा गया है। त्योहारों के दौरान देर रात तक लोगों की आवाजाही को देखते हुए पुलिस की मौजूदगी बढ़ाने की तैयारी की जा रही है।

    शिवपुरी में गणेश विसर्जन का आयोजन बड़े स्तर पर होता है। गणेश प्रतिमाओं और झांकियों के साथ डीजे और बैंड के जरिए जुलूस अलग अलग मार्गों से निकलते हैं। कस्टम गेट पर आयोजकों की ओर से बड़ा मंच भी लगाया जाता है जहां विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन होता है। कार्यक्रम देर रात तक चलने के कारण यहां बड़ी संख्या में लोगों की भीड़ जुटती है। ऐसे में पुलिस के सामने भीड़ नियंत्रण के साथ यातायात व्यवस्था बनाए रखने की चुनौती रहती है।

    इसी को ध्यान में रखते हुए पुलिस ने डोल ग्यारस और गणेश विसर्जन के तय रूट तथा विसर्जन स्थलों पर पर्याप्त बल तैनात करने की तैयारी की है। पुलिस की ओर से जुलूस के दौरान यातायात को व्यवस्थित रखने और भीड़ को नियंत्रित करने के लिए जरूरी व्यवस्थाएं की जा रही हैं। संवेदनशील स्थानों पर भी पुलिस की नजर रहेगी।

    एसपी ने लोगों से अपील की है कि गणेश प्रतिमाओं का विसर्जन निर्धारित स्थानों पर ही करें। उन्होंने लोगों से विसर्जन के दौरान पानी में उतरने से बचने की अपील भी की है ताकि किसी तरह की अप्रिय घटना न हो। पुलिस प्रशासन ने त्योहारों के दौरान सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए आम लोगों से सहयोग की अपील की है।

    इस दौरान सीएसपी सचिन कुमार धुर्वे यातायात थाना प्रभारी रक्षित निरीक्षक रणवीर यादव कोतवाली थाना प्रभारी रोहित दुबे रक्षित निरीक्षक गायत्री इटोरिया और सूबेदार प्रियंका घोष सहित पुलिस बल मौजूद रहा।